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टैरिफ पर ट्रंप का बड़ा बयान: ‘ये मेरा पांचवां पसंदीदा शब्द है’, फायदे गिनाकर किया अहम ऐलान

नॉर्थ कैरोलिना अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नॉर्थ कैरोलिना में अपने भाषण में एलान किया कि नए साल से अमेरिकी नागरिकों को इतिहास की सबसे बड़ी कर कटौती का लाभ मिलेगा। ट्रंप ने कहा कि इसमें टिप्स पर कर नहीं लगेगा, ओवरटाइम पर कर नहीं लगेगा और वरिष्ठ नागरिकों के लिए सोशल सिक्योरिटी पर कर नहीं लगेगा। अमेरिका फिर से शक्तिशाली और समृद्ध बनेगा ट्रंप ने अपने भाषण में कहा चार साल के संकट और गिरावट के दौरान पूरी दुनिया हमारी हंसी उड़ाती रही। लेकिन अब हम अमेरिका के सबसे शानदार वर्षों की शुरुआत कर रहे हैं। इसे 'अमेरिका का गोल्डन एज' कहा जाता है। पिछले 10 महीनों में हमारी सीमाएं सुरक्षित हुई हैं, महंगाई रुक गई है, मजदूरी बढ़ी है और कीमतें कम हुई हैं। हमारा राष्ट्र मजबूत है, अमेरिका वापस आ गया है। राष्ट्रपति ने आगे कहा हम लड़ेंगे, हम जीतेंगे और आपकी मदद से अमेरिका फिर से शक्तिशाली और समृद्ध बनेगा। हम अमेरिका को महान बनाएंगे। ट्रंप ने करों पर अपनी प्राथमिकता बताते हुए कहा कि पहले उनका पसंदीदा शब्द 'टैरिफ' था, लेकिन अब यह उनका पांचवां पसंदीदा शब्द बन गया है। टैरिफ से मजदूरों और उद्योगों को सुरक्षा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार ने अमेरिकी ऊर्जा के खिलाफ कट्टर वामपंथियों की मुहिम को खत्म कर दिया है। उन्होंने ‘ग्रीन न्यू स्कैम’ को रद्द किया और 'ड्रिल, बेबी, ड्रिल' का आदेश जारी किया। ट्रंप के मुताबिक, इसके बाद पेट्रोल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। अमेरिकी कामगारों की सुरक्षा के लिए सरकार ने विदेशी कारों पर 25 प्रतिशत, विदेशी स्टील पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया है। इसके अलावा नॉर्थ कैरोलिना के फर्नीचर उद्योग को बचाने के लिए 25, 30 और 50 प्रतिशत तक टैरिफ लागू किए गए हैं।

ठंड के साथ बढ़ा प्रदूषण का प्रकोप, दिल्ली में घने कोहरे से उड़ान सेवाएं प्रभावित; सरकार अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली-NCR समेत उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में आज भी घना कोहरा छाया हुआ है। कोहरे के कारण विज़िबिलिटी घटने से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह 100 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं। इस बीच, सरकार ने एयरलाइंस के लिए गाइडलाइंस जारी की हैं, जिनमें यात्रियों को उड़ान की वास्तविक स्थिति की सही जानकारी देने और देरी की स्थिति में उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के निर्देश शामिल हैं। दिल्ली एयरपोर्ट की वेबसाइट के अनुसार, अब तक प्रस्थान करने वाली 50 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं और आने वाली लगभग इतनी ही उड़ानों के रद्द होने की सूचना है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली समेत उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में इन दिनों तड़के और सुबह के समय घना कोहरा बन रहा है, जिससे उड़ान सेवाओं पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।  कोहरे और प्रदूषण से परेशान राजधानी दिल्ली अब ठंड की चपेट में भी आ गई है। शनिवार, 20 दिसंबर की सुबह मौसम ने अचानक करवट ली, जिसमें कड़ाके की ठंड, बर्फीली हवाओं और घने कोहरे ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 21 और 22 दिसंबर के लिए घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान गिरकर 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं प्रदूषण के मोर्चे पर हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं। नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स लगभग 410 तक पहुंच गया है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। मौसम और प्रदूषण दोनों के स्तर पर यह बदलाव अहम चिंता का विषय बना हुआ है। सर्द हवाएं और गिरता तापमान दिल्ली-NCR में सर्दी अब केवल रात तक सीमित नहीं रही, बल्कि दिन के समय भी ठंड का असर साफ महसूस किया जा रहा है। बीते 3-4 दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। जहां कुछ दिन पहले तक अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास था, अब यह घटकर 21 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। दिन में धूप कमजोर पड़ रही है और बादलों की आवाजाही बनी हुई है, जिससे ठंड और बढ़ रही है। हवाओं की रफ्तार भी मौसम को और सर्द बना रही है, जो बीते 24 घंटों में 11 किलोमीटर प्रति घंटे रही और अब लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे चलने की संभावना है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने शुक्रवार रात एक निर्देश जारी किया है, जिसमें विमान सेवा कंपनियों को यात्रियों को उड़ानों में देरी, समय में बदलाव या रद्द होने की जानकारी अग्रिम और सही-सही देने का निर्देश दिया गया है। मंत्रालय ने कहा है कि अंतिम समय में देरी की घोषणा होने पर यात्रियों को तुरंत सूचित करना अनिवार्य होगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि निर्धारित सीमा से अधिक देरी होने पर यात्रियों के लिए जलपान की व्यवस्था करनी होगी। इसके अलावा, रीशेड्यूलिंग की स्थिति में किसी भी अतिरिक्त शुल्क की मांग नहीं की जा सकती। यदि रात में उड़ान निर्धारित समय से अधिक विलंबित होती है, तो यात्रियों के लिए होटल में ठहरने की व्यवस्था करना अनिवार्य होगा। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा है कि यदि उड़ान रद्द होने की जानकारी तय समय सीमा के बाद दी जाती है, तो यात्रियों को पूरा रिफंड प्रदान करना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, मार्ग परिवर्तन या रीशेड्यूलिंग की स्थिति में किसी भी अतिरिक्त शुल्क की मांग नहीं की जा सकती। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया है कि यदि यात्री समय पर चेक-इन करता है, तो उसे बोर्डिंग से नहीं रोका जा सकेगा। निर्देश में यह भी कहा गया है कि पैसेंजर चार्टर के सभी नियमों का पालन अनिवार्य होगा, जिसमें डायवर्जन, रिफंड, हर्जाना और प्राथमिकता के आधार पर चेक-इन के नियम शामिल हैं। प्रदूषण ने भी किया जीना मुश्किल दिल्ली-NCR में प्रदूषण की स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई है। प्रमुख इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया है। दिल्ली का AQI 580, शाहदरा 784, दरियागंज 736 और शास्त्री नगर 643 रिकॉर्ड किया गया है। पूरे दिल्ली-NCR में AQI 700 से 800 के बीच बना हुआ है, जिससे सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। बीते 24 घंटों में कई इलाकों में दृश्यता 100 मीटर से भी कम दर्ज की गई, जो घने कोहरे और प्रदूषण के संयुक्त असर को दर्शाता है। अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है। अभी कुछ दिन छाए रहेंगे बादल मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम में ज्यादा राहत की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों पर एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पहुंच रहा है, जिससे 20 से 22 दिसंबर के बीच अच्छी बर्फबारी होगी। इसका असर मैदानी इलाकों में बादलों और कोहरे के रूप में देखने को मिलेगा। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बादल छाए रह सकते हैं, और गंगा के मैदानी क्षेत्रों में कोहरे का असर बना रहेगा।

सूटकेस का साइज भी मायने रखेगा! रेलवे ने बढ़ाई चेकिंग की शर्तें

  नई दिल्ली IRCTC ने ट्रेनों में सामान ले जाने को लेकर नए नियम बनाए हैं। इन नियमों के अनुसार, अगर कोई यात्री तय सीमा से ज्यादा सामान लेकर यात्रा करता है, तो उसे अतिरिक्त शुल्क (एक्स्ट्रा चार्ज) देना होगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में इन नियमों की जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि अब ट्रेन में भी हवाई यात्रा की तरह ज्यादा वजन के सामान पर एक्स्ट्रा चार्ज लगेगा। कितना सामान ले जा सकते हैं यात्री? रेलवे ने अलग-अलग कोच के लिए सामान की सीमा तय की है: AC थ्री-टियर और चेयर कार: 40 किलो तक सामान फ्री स्लीपर क्लास: 80 किलो तक सेकंड क्लास: 70 किलो तक फर्स्ट क्लास और AC टू-टियर: 50 किलो तक फ्री, ज्यादा से ज्यादा 100 किलो तक AC फर्स्ट क्लास: 70 किलो तक फ्री, शुल्क देकर 150 किलो तक ज्यादा सामान ले जाने पर कितना चार्ज लगेगा? अगर कोई यात्री तय सीमा से ज्यादा सामान लेकर यात्रा करता है, तो उससे बैगेज रेट का 1.5 गुना शुल्क लिया जाएगा। यह शुल्क सिर्फ उसी क्लास की तय अधिकतम सीमा तक ही लागू होगा। सामान के साइज को लेकर नियम यात्री ट्रेन में सिर्फ वही ट्रंक, सूटकेस या बॉक्स ले जा सकते हैं जिनका साइज अधिकतम 100 सेमी × 60 सेमी × 25 सेमी हो। अगर सामान इससे बड़ा है, तो उसे कोच में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसे सामान को ब्रेक वैन (SLR) या पार्सल वैन में बुक कराना होगा।

मौसम का कहर: 4 दिन तक इन राज्यों में होगी जोरदार बारिश

  हिमाचल प्रदेश  इस साल मानसून का सीजन देशभर में शानदार रहा। कई राज्यों में इतनी बारिश हुई कि पुराने रिकॉर्ड टूट गए और पानी की किल्लत भी दूर हो गई। मानसून के दौरान अच्छी बारिश और मौसम के ठंडे अंदाज़ ने लोगों को गर्मी से राहत दी। मानसून के बाद अब भी कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी है और मौसम अब नया रूप दिखाने वाला है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में मौसम हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान जोरदार बारिश हुई। मानसून के जाने के बाद कुछ समय बारिश रुकी रही, लेकिन पिछले दिनों फिर से बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों के लिए हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। उत्तराखंड में भी मानसून का मौसम शानदार रहा और अच्छी बारिश हुई। मानसून के बाद बारिश रुक गई थी, लेकिन अब राज्य में फिर से बादल बरस रहे हैं। मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों में उत्तराखंड में भारी बारिश की संभावना जताई है। अन्य राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट IMD ने कई अन्य राज्यों में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें शामिल हैं: केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, पंजाब, कराईकल, अंडमान-निकोबार, माहे, पुडुचेरी, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख। इन राज्यों में अगले 4 दिन भारी बारिश होने की संभावना है। राजस्थान में मौसम का हाल राजस्थान में ठंड का असर सुबह और रात के समय ज्यादा महसूस किया जा रहा है। राज्य में तेज शीतलहर चल रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ठंड का असर अभी बना रहेगा। 21 दिसंबर को नए मौसम सिस्टम के सक्रिय होने से कई जिलों में बारिश और सुबह के समय कोहरे का अलर्ट जारी किया गया है। IMD ने लोगों को सलाह दी है कि बारिश और कोहरे के दौरान सड़क और यातायात में सतर्क रहें और मौसम अपडेट पर नजर रखें।

PF से जुड़ी खुशखबरी: EPFO का नया फैसला नौकरी बदलते कर्मचारियों के लिए

नई दिल्ली कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) ने नया सर्कुलर जारी किया है, जिससे नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बड़ा फायदा मिलेगा। अब वीकेंड या सरकारी छुट्टियों की वजह से सर्विस में ब्रेक नहीं माना जाएगा, जिससे डेथ क्लेम से जुड़े विवाद काफी हद तक खत्म हो सकते हैं। क्यों लिया गया यह फैसला पहले कई मामलों में दो नौकरियों के बीच वीकेंड या छुट्टियों के कारण कर्मचारी की सर्विस को टूटा हुआ माना जाता था, जिससे उनके परिवार को बीमा और पेंशन से जुड़े फायदे नहीं मिल पाते थे। EPFO ने बताया कि कई ऐसे मामले सामने आए, जहां कर्मचारी की मौत के बाद EDLI क्लेम सिर्फ मामूली गैप की वजह से खारिज कर दिया गया या कम रकम दी गई। इस गड़बड़ी को खत्म करने के लिए नया सर्कुलर जारी किया गया है। लगातार सर्विस की नई परिभाषा अब यदि किसी कर्मचारी की एक नौकरी खत्म होने और दूसरी नौकरी शुरू होने के बीच केवल वीकली ऑफ, नेशनल हॉलीडे, गजटेड हॉलीडे, स्टेट हॉलीडे या रिस्ट्रिक्टेड हॉलीडे आते हैं, तो इसे लगातार सर्विस माना जाएगा। EPFO ने यह भी स्पष्ट किया कि नौकरी बदलते समय अधिकतम 60 दिनों तक का गैप होने पर भी सर्विस कंटिन्यूअल मानी जाएगी। EDLI क्लेम में परिवारों को बड़ी राहत EPFO ने EDLI स्कीम के तहत मिलने वाले न्यूनतम भुगतान को बढ़ा दिया है। अब नॉमिनी या कानूनी वारिस को कम से कम 50,000 रुपये का भुगतान किया जाएगा, भले ही कर्मचारी ने लगातार 12 महीने की सर्विस पूरी न की हो। यह लाभ तब भी मिलेगा जब कर्मचारी के पीएफ खाते में औसत बैलेंस 50,000 रुपये से कम हो। किन मामलों में मिलेगा न्यूनतम भुगतान नया नियम उन मामलों पर भी लागू होगा, जहां कर्मचारी की मौत उसके आखिरी पीएफ योगदान के छह महीने के अंदर होती है, बशर्ते वह नियोक्ता के रिकॉर्ड में दर्ज हो। इसका मतलब यह है कि अब परिवार को बीमा क्लेम के लिए लंबी कानूनी प्रक्रिया या विवाद का सामना नहीं करना पड़ेगा।

DGCA सख्त: इंडिगो की उड़ानों में खामी, जांच पूरी होने पर होगी सख्त कार्रवाई

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन में हाल ही में हुई बड़े पैमाने पर उड़ानों की गड़बड़ी को लेकर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) अब कड़े कदम उठाने की तैयारी में है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि डीजीसीए की ओर से गठित चार सदस्यीय पैनल की रिपोर्ट मिलते ही एयरलाइन के खिलाफ विस्तृत और सुधारात्मक कार्रवाई होगी। इस महीने की शुरुआत में उड़ानों में हुई गड़बड़ियों के बाद, डीजीसीए ने इंडिगो के शीतकालीन समय-सारणी में 10 प्रतिशत की कटौती की है। परिचालन संकट से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो रोजाना 2,300 फ्लाइट्स ऑपरेट करती थी। अधिकारी ने साफ किया कि इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य भविष्य में ऐसी तकनीकी और परिचालन संबंधी गड़बड़ियों को दोबारा होने से रोकना है। यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य एयरलाइंस के शेड्यूल पालन की भी निगरानी की जा रही है? इस पर जवाब देते हुए अधिकारी ने कहा 'कोहरे के मौसम और छुट्टियों के सीजन को देखते हुए एयरलाइंस को अधिक जिम्मेदारी से काम करना चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। अधिकारी ने कहा हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हो' इस बीच, इंडिगो के सीईओ पीटर एल्बर्स ने गुरुवार को भविष्य की रणनीति साझा करते हुए कहा कि कंपनी का पूरा ध्यान अब स्थिति को सुधारने पर केंद्रित है। उन्होंने गुरुवार को कहा कि एयरलाइन अब तीन प्रमुख स्तंभों लचीलापन, मूल कारण विश्लेषण और पुनर्निर्माण पर ध्यान केंद्रित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य उन कारणों को जड़ से खत्म करना है जिनकी वजह से उड़ानें बाधित हुईं।

रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए सिंगल विंडो सुविधा, मध्यप्रदेश में नए पेंशन नियम 2026 से लागू

भोपाल मध्य प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन अब नहीं अटकेगी. वित्त विभाग इसके लिए कई नए प्रयोग करने जा रहा है. रिटायर्ड होने वाले कर्मचारियों के लिए नेक्स्ट जेन परियोजना शुरू की जा री है, इसमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अलग-अलग मॉड्यूल तैयार किए जा रहे हैं. इसमें रिटायर्ड होने के बाद कर्मचारियों को पेंशन जैसी अन्य सुविधाओं के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे. वहीं, राज्य सरकार अगले साल से एक पेंशन नियम भी लागू करने जा रही है. वेतन से जीपीएफ तक सब ऑनलाइन उपमुख्यमंत्री और वित्त विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे जगदीश देवड़ा पिछले 2 साल की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना को लेकर पत्रकारों से रू-ब-रू हुए. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने बताया कि "प्रदेश के कर्मचारियों को ध्यान में रखकर कई नवाचार किए हैं, ताकि उन्हें वेतन, पेंशन आदि के लिए परेशान न होना पड़े. राज्य सरकार ने कर्मचारियों के जीपीएफ के सभी डाटा और प्रोसेस को ऑनलाइन कर दिया है, ताकि रिटायरमेंट के बाद समय सीमा में उन्हें भुगतान मिल सके. चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सुविधा के लिए विभागीय भविष्य निधि को भी पूरी तरह से ऑनलाइन किया जा रहा है, ताकि उन्हें अपने स्वत्वों का भुगतान बिना किसी परेशानी के हो सके. इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल जिले में लागू किया गया है और जल्द ही इसे प्रदेश स्तर पर लागू किया जाएगा." रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए सिंगल विंडो वित्त मंत्री बताया कि वेतन निर्धारण की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन किया गया है. इसमें 100 फीसदी ई पे निर्धारित किया गया है. इसकी वजह से 90 फीसदी से ज्यादा कर्मचारियों को हर माह की 1 तारीख को वेतन मिल जाता है. इसके अलावा क्रेन्द्रीयकृत पे-बिल जनरेट किए जाने की व्यवस्था शुरू की गई है. इसके माध्यम से प्रदेश के सभी 6 हजार डीडीओ को सेंट्रलाइज सिस्टम से जोड़ा गया है, कोई भी डीडीओ सभी श्रेणी के कर्मचारियों के पे-बिल जनरेट कर सकेगा. रिटायर्ड कर्मचारियों को सिंगल विंडो सुविधा उपलब्ध कराने के लिए नेक्स्ट जेन परियोजना के तहत नया सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है. 123 करोड़ की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना में कर्मचारियों के लिए अलग-अलग मॉड्यूल बनाए जा रहे हैं. इसमें एआई की मदद भी ली जाएगी. क्यू आर कोड से मिलेगी जानकारी पेंशनर्स के दावों और भुगतान की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए पेंशन प्रकरणों का डिजीटलीकरण किया जा रहा है. अब पेंशन भुगतान आदेश डिजिटल सिग्नेचर से जारी होंगे और इससे पेंशन आदेश खोने, फटने की समस्या खत्म हो जाएगी. पेंशन आदेश और बाकी सभी दस्तावेजों पर क्यूआर कोड होगा. इसे मोबाइल से स्कैन कर इसकी डिटेल पेंशनर्स कभी भी देख सकेंगे. इसे डिजी लॉकर से भी जोड़ा जाएगा. वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक रस्तोगी ने बताया कि "सरकार अगले साल से नए पेंशन नियम लागू करने जा रही है. अभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी मर्जी से फंड मैनेजर का चयन करने और साल में एक बार बदलने का अधिकार दिया गया है. इसके अलावा इक्विटी में निवेश बढ़ाने के अधिकार दिए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने दिया अहम निर्णय: शादी के आधार पर संपत्ति से बेदखल करने का पिता का कदम रद्द

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने संपत्ति के अधिकार को लेकर एक अहम फैसला दिया है. उसने टेस्टेटर (वसीयत करने वाले) की इच्छा को सर्वोपरि मानते हुए एक पिता की वसीयत को वैध ठहराया है, जिसमें उन्होंने अपनी बेटी शैला जोसेफ को समुदाय से बाहर के लड़के से शादी करने के कारण संपत्ति से वंचित कर दिया था. यह मामला लैंगिक समानता के कई ऐतिहासिक फैसलों के बावजूद वसीयत की स्वतंत्रता को अहमियत देता है. जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने केरल हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के फैसलों को पलट दिया, जिन्होंने वसीयत को दरकिनार करते हुए एनएस श्रीधरन की संपत्ति को नौ बच्चों में बराबर बांटने का आदेश दिया था. रिपोर्ट के मुताबिक श्रीधरन के नौ बच्चे थे, लेकिन 1988 में बनाई गई उनकी रजिस्टर्ड वसीयत में शैला को छोड़कर बाकी आठ बच्चों को संपत्ति सौंप दी गई थी. वजह थी शैला का समुदाय से बाहर शादी करना. जजमेंट लिखते हुए जस्टिस चंद्रन ने कहा कि वसीयत स्पष्ट रूप से साबित हो चुकी है, इसमें कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता. हाईकोर्ट और ट्रायल कोर्ट के फैसले रद्द किए जाते हैं. शैला जोसेफ का अपने पिता की संपत्ति पर कोई दावा नहीं है, क्योंकि वसीयत से यह संपत्ति अन्य भाई-बहनों को सौंप दी गई है. कोर्ट में शैला की ओर से सीनियर एडवोकेट पीबी कृष्णन ने तर्क दिया कि उनकी क्लाइंट को कम से कम 1/9 हिस्सा मिलना चाहिए, जो संपत्ति का नगण्य हिस्सा है. लेकिन बेंच ने स्पष्ट किया कि संपत्ति के बंटवारे में व्यक्ति की इच्छा के मामले में समानता का सवाल उठता ही नहीं. हम इक्विटी (न्यायसंगत बंटवारे) पर नहीं हैं. टेस्टेटर की इच्छा सर्वोपरि है. उसकी अंतिम वसीयत से विचलन या उसे निरस्त नहीं किया जा सकता. वसीयत लिखने वाली की इच्छा सर्वोपरि कोर्ट ने यह भी कहा कि वसीयत के कंटेंट पर सावधानी का नियम लागू नहीं होता, क्योंकि यह व्यक्ति की पूर्ण स्वतंत्रता है कि वह अपनी संपत्ति कैसे बांटे. अगर वसीयत से सभी वारिसों को वंचित किया जाता, तभी कोर्ट सावधानी बरत सकता था. लेकिन यहां केवल एक बेटी को बाहर किया गया है और इसके लिए स्पष्ट वजह बताई गई है. बेंच ने टिप्पणी की कि वंचित करने की वजह बताई गई है, लेकिन उसकी स्वीकार्यता हमारे लिए सावधानी का नियम नहीं तय करती. हम टेस्टेटर की जगह खुद को नहीं रख सकते. हम अपनी राय थोप नहीं सकते; उनकी इच्छा उनकी अपनी वजहों से प्रेरित है. फैसले में सिविल अपीलों को मंजूर करते हुए शैला की पार्टिशन सूट को खारिज कर दिया गया. मामला केरल का है, जहां श्रीधरन की मौत के बाद 1990 में भाई-बहनों ने इंजेक्शन सूट दाखिल किया था और वसीयत की कॉपी पेश की थी. शैला ने उसमें हिस्सा नहीं लिया, जिसे कोर्ट ने बाद में उनके खिलाफ माना.

भारत ने विकसित किया ब्रह्मास्त्र, 5th जेन जेट और हाई-टेक डिवाइस बनाने की तैयारी तेज

नई दिल्ली चीन जिसके दम पर दुनिया पर राज करना चाहता है और जिसपर उसकी सुपरमेसी है, अब उसका अंत होने वाला है. भारत के हाथ ऐसा ‘ब्रह्मास्‍त्र’ लगा है, जिससे ड्रैगन की मनमानी पर नकेल कसना आसान हो जाएगा. आंध्र प्रदेश की 974 किलोमीटर लंबी कोस्‍ट लाइन में रेयर अर्थ मैटिरियल्‍स का विशाल रिजर्व मिला है. एक्‍सपर्ट का कहना है कि आंध्र प्रदेश के समुद्री तटों पर जो रेयर अर्थ मैटिरियल्‍स मिले हैं, वे हाई-क्‍वालिटी के हैं. रेयर अर्थ मैटिरियल्‍स के बिना फाइटर जेट, स्‍मार्टफोन, मिसाइल, इलेक्ट्रिक व्‍हीकल आदि को बना पाना असंभव है. चीन का मौजूदा रेयर अर्थ मैटिरियल्‍स के 85 फीसद पर कब्‍जा है. अमेरिका के साथ टैरिफ वॉर को लेकर चीन ने इसके एक्‍सपोर्ट पर नकेल कस दी थी. ऐसे में भारत जैसे देशों में हाई क्‍वालिटी प्रोडक्‍ट्स के डेवलपमेंट पर बुरा असर पड़ा. मौजूदा हालात को देखते हुए भारत ने इस सेक्‍टर में आत्‍मनिर्भर बनने का फैसला किया है. इसके बाद से ही रेयर अर्थ मैटिरियल्‍स का पता लगाने के साथ ही उसके प्रोसेसिंग पर फोकस बढ़ गया है. आंध्र तट पर मिले भंडार का इस्‍तेमाल करने पर भारत 5th जेनरेशन फाइटर जेट के साथ ही iPhone जैसे कटिंग एज डिवाइस अपने दम पर बना सकेगा. साथ ही एक्‍सपोर्ट से बड़ी मात्रा में राजस्‍व भी अर्जित किया जा सकता है. आंध्र प्रदेश की 974 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा सिर्फ खूबसूरत समुद्र तटों और मछली पकड़ने के बंदरगाहों के लिए ही नहीं जानी जाती, बल्कि इसके नीचे छिपी रेत भारत के भविष्य के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है. श्रीकाकुलम से लेकर नेल्लोर तक फैले समुद्री किनारों की भारी और गहरी रेत में रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिज) का विशाल भंडार मौजूद है, जो ग्रीन एनर्जी, डिफेंस और सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की जरूरतें पूरी कर सकता है. समुद्री रेत में मोनाजाइट नामक खनिज बड़ी मात्रा में पाया जाता है. मोनाजाइट रेयर अर्थ एलिमेंट्स और थोरियम का प्रमुख स्रोत है. इसके अलावा इल्मेनाइट, रूटाइल, जिरकॉन, गार्नेट और सिलिमेनाइट जैसे मूल्यवान खनिज भी यहां मौजूद हैं. खास बात यह है कि आंध्र प्रदेश के तट से निकलने वाले मोनाजाइट में 55 से 60 प्रतिशत तक रेयर अर्थ ऑक्साइड पाया जाता है, जो वैश्विक स्तर पर हाई क्‍वालिटी का माना जाता है. इसमें 8 से 10 प्रतिशत थोरियम भी होता है, जिसे भारत के भविष्य के परमाणु रिएक्टरों के लिए संभावित ईंधन माना जा रहा है. रेयर अर्थ मिनरल्‍स का कहां-कहां इस्‍तेमाल?     फाइटर जेट     इलेक्ट्रिक व्‍हीकल     मिसाइल     स्‍मार्टफोन     टेलीविजन     पेंट     मेडिकल इक्विपमेंट्स कहां-कहां मिले हैं रेयर अर्थ मिनरल्‍स? इन खनिजों में लैंथेनम, सेरियम, नियोडिमियम, प्रसीओडिमियम, समेरियम और यूरोपियम जैसे हल्के रेयर अर्थ एलिमेंट्स शामिल हैं. ये तत्व इलेक्ट्रिक वाहनों के स्थायी मैग्नेट, पवन ऊर्जा टरबाइन, मिसाइल गाइडेंस सिस्टम, उपग्रह तकनीक, फाइबर ऑप्टिक्स और मॉडर्न मेडिकल इक्विपमेंट में अहम भूमिका निभाते हैं. जीयोलॉजिकल सर्वेक्षणों के अनुसार, आंध्र प्रदेश के तट पर भीमुनिपट्टनम, कलिंगपट्टनम, काकीनाडा, नरसापुर, मछलीपट्टनम, चिराला, वोडारेवु, रामयापट्टनम और दुगराजपट्टनम जैसे क्षेत्रों में लगातार खनिज बेल्ट फैली हुई है.  रिपोर्ट के अनुसार, अनुमान है कि भारत में कुल 30 करोड़ टन से अधिक भारी खनिज रेत भंडार है, जिसमें 1.2 से 1.5 करोड़ टन मोनाजाइट शामिल है. इसमें से 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा अकेले आंध्र प्रदेश में होने का अनुमान है. लंबे समय तक ये समुद्री तट परमाणु नियमों, सीमित प्रोसेसिंग क्षमता और नीतिगत अड़चनों के कारण पूरी तरह इस्तेमाल नहीं हो पाए. लेकिन अब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में तनाव बढ़ने और चीन पर निर्भरता कम करने की जरूरत के चलते आंध्र प्रदेश रणनीतिक रूप से केंद्र में आ गया है. फिलहाल चीन दुनिया की लगभग 85 प्रतिशत रेयर अर्थ प्रोसेसिंग क्षमता को नियंत्रित करता है. रेयर अर्थ मिनरल्‍स क्‍या होते हैं? रेयर अर्थ मिनरल्‍स कुल 17 तत्‍वों का समूह है, जिनमें नियोडिमियम, लैंथेनम, सेरियम, डिस्‍प्रोसियम और यट्रियम जैसे तत्‍व शामिल हैं. ये नाम से भले ही रेयर लगते हों, लेकिन ये धरती पर मिलते तो हैं, पर बहुत कम मात्रा में और अलग-अलग जगह बिखरे होते हैं. इन्‍हें निकालना और शुद्ध करना मुश्किल और महंगा होता है. रेयर अर्थ मिनरल्‍स को इतना अहम क्‍यों माना जा रहा है? क्‍योंकि आधुनिक तकनीक इन पर टिकी है. मोबाइल फोन, लैपटॉप, इलेक्ट्रिक वाहन, पवन चक्‍की, सोलर पैनल, मिसाइल, रडार और सेमीकंडक्‍टर चिप्‍स तक में रेयर अर्थ मिनरल्‍स का इस्‍तेमाल होता है. बिना इनके आज की हाई-टेक दुनिया की कल्‍पना करना मुश्किल है. क्‍या आम आदमी की जिंदगी में भी इनका असर है? बिलकुल…आपके हाथ में मौजूद स्‍मार्टफोन का स्‍पीकर, हेडफोन के मैग्‍नेट, टीवी की स्‍क्रीन, एसी और फ्रिज जैसे घरेलू उपकरण- इन सबमें रेयर अर्थ मिनरल्‍स इस्‍तेमाल होते हैं. यानी ये सीधे-सीधे आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं. ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रिक वाहनों में इनकी क्‍या भूमिका है? हरित ऊर्जा के लक्ष्‍य पूरे करने में रेयर अर्थ मिनरल्‍स बेहद जरूरी हैं. पवन चक्‍कियों में लगने वाले ताकतवर मैग्‍नेट और इलेक्ट्रिक कारों की मोटर में नियोडिमियम और डिस्‍प्रोसियम जैसे तत्‍व लगते हैं. अगर इनकी सप्‍लाई बाधित होती है, तो ग्रीन एनर्जी और ईवी सेक्‍टर पर सीधा असर पड़ता है. रक्षा और राष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए ये कितने अहम हैं? रक्षा उपकरणों में रेयर अर्थ मिनरल्‍स की अहम भूमिका है. मिसाइल गाइडेंस सिस्‍टम, जेट इंजन, रडार और कम्‍युनिकेशन उपकरणों में इनका उपयोग होता है. यही वजह है कि कई देश इन्‍हें रणनीतिक खनिज मानते हैं और इनकी सप्‍लाई को राष्‍ट्रीय सुरक्षा से जोड़कर देखते हैं. दुनिया में इनका सबसे बड़ा उत्‍पादक कौन है? फिलहाल चीन रेयर अर्थ मिनरल्‍स का सबसे बड़ा उत्‍पादक और प्रोसेसर है. वैश्विक सप्‍लाई का बड़ा हिस्‍सा चीन के हाथ में है. इसी कारण अमेरिका, यूरोप, जापान और भारत जैसे देश वैकल्पिक स्रोत खोजने और घरेलू उत्‍पादन बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. भारत के लिए रेयर अर्थ मिनरल्‍स क्‍यों अहम हैं? भारत साफ ऊर्जा, सेमीकंडक्‍टर और रक्षा उत्‍पादन में आत्‍मनिर्भर बनने की कोशिश कर रहा है. इसके लिए रेयर अर्थ मिनरल्‍स जरूरी हैं. देश की लंबी समुद्री तटरेखा और कुछ राज्‍यों में इनके भंडार मौजूद हैं, जिनका सही उपयोग भारत को रणनीतिक रूप से मजबूत बना सकता है. आंध्र प्रदेश ने क्‍या उठाया कदम? इस अवसर … Read more

“मैं निवेश टिप्स नहीं देती” – सुधा मूर्ति की निवेशकों को अपील

नई दिल्ली राज्यसभा की मनोनीत सांसद सुधा मूर्ति ने हाल ही में AI जनरेटेड और डीपफेक विडियोज को लेकर चिंता जताई है। इस दौरान उन्होंने इस तरह के वीडियो को बड़ा खतरा बताते हुए लोगों को इससे सावधान रहने की बात भी कही है। सुधा मूर्ति ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक डीपफेक विडियोज के प्रति लोगों को आगाह करते हुए कहा कि वे निवेश से जुड़ी सलाह नहीं देती हैं और सोशल मीडिया पर अगर लोगों को इस तरह के वीडियो नजर आए, तो उन पर भरोसा ना करें। दरअसल बीते दिनों सुधा मूर्ति के नाम पर इन्वेस्टमेंट स्कैम की खबरें सामने आईं थीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक डीपफेक वीडियो में, सुधा मूर्ति को एक इन्वेस्टमेंट स्कीम के बारे में बात करते हुए और 20-30 गुना बड़े रिटर्न का वादा करते हुए देखा गया था। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से बने वीडियो पर संज्ञान लेते हुए, मूर्ति ने लोगों को सलाह दी है कि लोग अपनी मेहनत की कमाई किसी भी स्कीम पर खर्च करने से पहले खुद उसका विश्लेषण करें। सोच-समझ कर करें निवेश- मूर्ति उन्होंने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “मेरे चेहरे और आवाज का इस्तेमाल करके 20 या 30 गुना रिटर्न का वादा करने वाले इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देने वाले नकली संदेशों को लेकर मैं चिंतित हूं। यह सब नकली है और इसके पीछे AI और कुछ धूर्त लोग हैं।” सुधा मूर्ति ने कहा है कि कि वह कहीं भी, कभी भी इन्वेस्टमेंट के बारे में बात नहीं करेंगी। उन्होंने कहा, “अगर आप मुझे या मेरी आवाज इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा देते हुए सुनते हैं, तो इस पर विश्वास ना करें। यह आपकी मेहनत की कमाई है। कृपया ध्यान से सोचें, बैंक या विश्वसनीय स्रोत से वेरिफाई करें, और उसके बाद ही फैसला करें।” स्कैम का शिकार होने से बची थीं सांसद इससे पहले बीते सितंबर महीने में सुधा मूर्ति खुद फर्जी कॉल स्कैम का शिकार होने से बची थीं। कथित तौर पर स्कैमर्स ने एक फर्जी कॉल के दौरान सुधा मूर्ति से 'संवेदनशील जानकारी' निकालने की कोशिश की थी। पुलिस शिकायत में, सुधा मूर्ति ने बताया था कि कॉल करने वाला ने खुद को दूरसंचार मंत्रालय का कर्मचारी बताते हुए दावा किया कि दुरुपयोग की वजह से उनकी मोबाइल सेवाएं डिस्कनेक्ट कर दी जाएंगी।