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पंजाब में शीतलहर का कहर: स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाकर 7 जनवरी तक की गईं

चंडीगढ़  पंजाब में कड़ाके की ठंड और घने कोहरे को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री पंजाब सरदार भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार बच्चों और स्कूल स्टाफ की सेहत व सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य के सभी सरकारी, एडिड, मान्यता प्राप्त और निजी स्कूलों में 7 जनवरी तक अवकाश घोषित किया गया है। अब प्रदेश के सभी स्कूल 8 जनवरी से सामान्य दिनों की तरह दोबारा खुलेंगे। इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि राज्य में लगातार बढ़ रही ठंड और धुंध को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है, ताकि छोटे बच्चों और शिक्षकों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े। पिछले कई दिनों से पंजाब के अधिकांश इलाकों में घना कोहरा छाया हुआ है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई है। तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग की ओर से भी ठंड और कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिसके चलते सुबह के समय स्कूल जाने वाले बच्चों को खासा जोखिम बना हुआ था।   अभिभावकों और शिक्षकों को राहत सरकार के इस फैसले से अभिभावकों और शिक्षकों ने राहत की सांस ली है। खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों के लिए यह निर्णय अहम माना जा रहा है। शिक्षकों और विभिन्न यूनियनों की ओर से भी पहले छुट्टियां बढ़ाने की मांग की जा रही थी। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने पर 8 जनवरी से सभी स्कूल नियमित समय और व्यवस्था के अनुसार संचालित किए जाएंगे।

नववर्ष पर खुशखबरी: राज्य पुलिस सेवा के 16 अफसरों को पदोन्नति

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अनुशंसा पर और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को वर्ष के अंतिम दिन एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है. छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत पुलिस अधिकारियों के हित में यह निर्णय लिया गया है, जिसे पुलिस महकमे में उत्साहवर्धक कदम माना जा रहा है. 16 अधिकारियों को नए साल का तोहफा गृह (पुलिस) विभाग द्वारा विभागीय पदोन्नति एवं छानबीन समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान प्राप्त 16 अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक/सहायक सेनानी या समतुल्य रैंक के पद से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/उप सेनानी या समतुल्य रैंक के पद पर स्थानापन्न रूप से पदोन्नत किया गया है. पदोन्नत अधिकारियों में रितेश चौधरी, जितेन्द्र कुमार खूंटे, मती अंजली नाग (गुप्ता), कर्ण कुमार उके, मनोज कुमार ध्रुव, पुष्पेन्द्र नायक, मनोज तिर्की, मती सारिका वैद्य, सु निधि नाग, कपिल चन्द्रा, अविनाश कुमार मिश्रा, ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी, योगेश कुमार साहू, मयंक तिवारी, सु रश्मीत कौर चांवला तथा अनिल कुमार विश्वकर्मा शामिल हैं.

नगरीय विकास विभाग ने जारी की जानकारी: पीएम आवास-2.0 में हितग्राहियों को मिलेगा 2.5 लाख का लाभ, जियो टैगिंग पांच बार

भोपाल  प्रधानमंत्री आवास योजना-2.0 के तहत अब शासन की सहायता से मकान निर्माण में फर्जीवाड़े की गुंजाइश लगभग खत्म हो जाएगी। बेनीफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (बीएलसी) घटक के अंतर्गत बनने वाले आवासों की निगरानी अब भारत सरकार द्वारा विकसित जियो टैगिंग ऐप से की जाएगी। पहले जहां केवल एक बार जियो टैगिंग होती थी, अब मकान निर्माण के अलग-अलग चरणों में पांच बार जियो टैगिंग अनिवार्य कर दी गई है। इसके बाद ही अनुदान की राशि हितग्राही के खाते में जारी होगी। हितग्राही को मिलेंगे 2.5 लाख रुपए नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, पीएम आवास-2.0 में बीएलसी घटक के तहत अपनी जमीन पर मकान बनाने वाले हितग्राही को कुल 2.5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। इसमें 1.5 लाख रुपए केंद्र सरकार और 1 लाख रुपए राज्य सरकार की ओर से मिलेंगे। यह सहायता केवल नए मकान के निर्माण के लिए होगी। मकान के विस्तार या नवीनीकरण के लिए अनुदान नहीं मिलेगा। जियो टैगिंग के माध्यम से यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि वास्तव में नया मकान ही बनाया जा रहा है। यह होगा लाभ -फर्जीवाड़े पर प्रभावी रोक -अनुदान का पारदर्शी उपयोग -निर्माण की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित -हितग्राहियों को समय पर सहायता -शासन स्तर पर बेहतर निगरानी ये नए प्रावधान -मकान निर्माण के पांच चरणों में अनिवार्य जियो टैगिंग -केवल नए मकान के लिए अनुदान, विस्तार या मरम्मत पर रोक -निर्माण की प्रगति के आधार पर किश्तों में राशि जारी -12 माह में निर्माण पूरा करना अनिवार्य -तय समय सीमा में काम न होने पर नोटिस और सरेंडर की कार्रवाई हर तीन माह में होगी जियो टैगिंग अधिकारियों के अनुसार बीएलसी घटक के आवासों की हर तीन माह में जियो टैगिंग कराई जाएगी। पहली बार खाली प्लॉट की, इसके तीन माह बाद फाउंडेशन या प्लिंथ लेवल की, 6 महीने बाद लिन्टेल लेवल की, 9 माह बाद रूफ लेवल की और 12 महीने बाद मकान पूरा होने की जियो टैगिंग की जाएगी। टैगिंग की प्रगति पर पहली किश्त काम शुरू होने पर 1 लाख, उसके बाद फिर अलग-अलग चरणों पर मिलेगी। यदि हितग्राही 3 माह में निर्धारित स्तर का निर्माण पूरा नहीं कर पाता है तो निकाय नोटिस जारी करेगा। यदि 15 माह में भी निर्माण पूर्ण नहीं होने पर 3 माह की मोहलत अंतिम नोटिस के रूप में दी जाएगी। 18 महीने में भी काम पूरा नहीं होने पर आवास सरेंडर कराया जाएगा।

राजधानी चुनाव अपडेट: नो मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं के लिए नोटिस अभियान, सुनवाई होगी तहसील और वार्ड कार्यालय में

भोपाल   मध्य प्रदेश के भोपाल जिले में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान जिन लोगों के परिजन या खुद का रिकॉर्ड 2003 की मतदाता सूची में नहीं मिला है। अब उन लोगों को अपनी नागरिकता के प्रमाण पेश करने का समय आ गया है। इसके लिए निर्वाचन शाखा द्वारा जिलेभर में घर-घर नोटिस जारी कर संबंधित दस्तावेज पेश करने की बात कही जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ये जानकारी उत्तर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मतदान केंद्र क्रमांक-16 की बीएलओ उजमा इकबाल ने मंगलवार को नोटिस देते हुए मतदाताओं से कही। इसी तरह विभिन्न मतदान केंद्र के बीएलओ ने नो मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं को नोटिस देते हुए सुनवाई की तारीख देते हुए दस्तावेज समेत पेश होने को कहा जा रहा है। उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता का कहना है कि, जिले की 7 विधानसभा क्षेत्रो में कुल 1 लाख 16 हजार 925 मतदाताओं को नो मैपिंग श्रेणी में रखा गया है। इनमें से अबतक 92 हजार 16 मतदाताओं के नोटिस जारी किए जा चुके हैं, जिन्हें बीएलओ द्वारा घर-घर जाकर वितरित किया जा रहा है। संबंधित नोटिस के साथ एक तारीख भी दी जा रही है। इनकी सुनवाई विधानसभा क्षेत्र के एसडीएम, तहसील न्यायालय, नगर निगम के वार्ड कार्यालयों में करीब 90 अधिकारी की मौजूदगी में होगी। सातों विधानसभा क्षेत्रों के लिए एसडीएम को निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) नियुक्त किया गया है। सातों विधानसभाओं में एसआईआर के दौरान मतदाता सूची में संशोधन करवाने के लिए भी करीब 15 हजार 371 फार्म-8 जमा किए गए हैं। इस फार्म के तहत शिफ्टेड, संशोधन आदि का कार्य किया जा सकेगा। इनमें सबसे अधिक फार्म-8 गोविंदपुरा में 3923, नरेला में 2915, हुजूर में 2588 जमा किए गए हैं। विधानसभा क्षेत्र—–नो मैपिंग मतदाता——कुल नोटिस वितरण -बैरसिया————–2,134———————2,134 -उत्तर—————-10,080——————–4,901 -नरेला—————-23,790——————–16,767 -दक्षिण-पश्चिम—–16,596———————15,045 -मध्य—————-10,088———————9,332 -गोविंदपुरा———–30,188——————–19,788 -हुजूर—————–23,049——————–24,049 -कुल——————1,16,925—————–92,016 इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का कहना है कि, सभी विधानसभा क्षेत्रों में 70 फीसदी से अधिक नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस दिए जा चुके हैं। नए साल के पहले हफ्ते में इनकी सुनवाई की जाएगी। इस दौरान उनके द्वारा दिए गए दस्तावेजों के आधार पर ही सूची में नाम जोड़ने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके अलावा फार्म-8 और 5 पर भी सुनवाई होगी।

एमपी में 21 साल बाद सरकारी बसें, 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान का तोहफा, पेंशन नियम होंगे नए

भोपाल  मध्य प्रदेश में नए साल की शुरुआत कई बड़े बदलाव और सुविधाओं के साथ होने जा रही है। 21 साल बाद सरकारी बस सेवा फिर से शुरू होगी, 15 लाख कर्मचारियों को आयुष्मान जैसी स्वास्थ्य योजना का लाभ मिलेगा और पेंशन नियमों में बदलाव होगा। इसके अलावा, सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म होने जा रही है। अब सिलसिलेवार जानिए इन बदलाव के बारे में 1.मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना में कैश लैस इलाज     क्या है मौजूदा सिस्टम: वर्तमान में, राज्य के कर्मचारियों और पेंशनर्स को इलाज का खर्च पहले खुद उठाना पड़ता है, जिसका भुगतान सरकार बाद में केंद्रीय स्वास्थ्य योजना (CGHS) की दरों के अनुसार करती है। इस प्रणाली में अक्सर इलाज का पूरा खर्च कवर नहीं होता। उदाहरण के लिए, लिवर ट्रांसप्लांट पर लगभग 20 लाख रुपए का खर्च आता है। सरकार केवल 4 लाख रुपए की प्रतिपूर्ति करती है, वह भी कर्मचारी द्वारा बिल जमा करने के बाद।     प्रस्तावित योजना: 'मुख्यमंत्री आयुष्मान स्वास्थ्य बीमा योजना' के तहत प्रदेश के 15 लाख कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों को कैश लेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस मॉडल में कर्मचारियों के वेतन से 3,000 से 12,000 रुपए तक का वार्षिक अंशदान लिया जाएगा, जबकि शेष राशि सरकार वहन करेगी। अंशदान की अंतिम राशि अभी तय होनी है। इस योजना में सामान्य बीमारियों के लिए 5 लाख और गंभीर बीमारियों के लिए 10 लाख रुपए तक के कैश लेस इलाज का प्रावधान है। इसके अतिरिक्त, कर्मचारी इलाज के बाद अपने विभाग से चिकित्सा रिफंड के लिए भी आवेदन कर सकेगा। 2. इक्कीस साल बाद अप्रैल से चलेंगी सरकारी बसें मध्य प्रदेश की सड़कों पर 21 साल बाद एक बार फिर सरकारी बसें चलने वाली है। सरकार ने इसे 'जनबस' नाम दिया है। राज्य परिवहन निगम की जगह सरकार ने यात्री परिवहन एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी बनाई है जो 25 जिलों में बसों का संचालन करेगी। 18 नवंबर को कंपनी के संचालक मंडल की बैठक में 6 हजार से ज्यादा रूट को मंजूरी दी गई है। इन रूट पर 10 हजार 879 बसें दौड़ेंगी। इस सेंट्रलाइज्ड सिस्टम की शुरुआत अप्रैल 2026 से आर्थिक राजधानी इंदौर से की जाएगी। इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से बाकी जिलों में भी बसें चलना शुरू होंगी। अप्रैल 2027 तक सभी संभाग और जिलों में यह नई व्यवस्था लागू होगी। ये व्यवस्था न केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित रहेगी, बल्कि इसका मुख्य फोकस ग्रामीण, दूर दराज के इलाके और आदिवासी एरिया को जिला मुख्यालयों और बड़े शहरों से जोड़ना है। सरकार पूरी व्यवस्था की मॉनिटरिंग करेगी और निजी ऑपरेशन बसों का संचालन करेंगे। ई-बसों का संचालन भी कंपनियां करेंगी इस योजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा ई-बसों का संचालन है। केंद्र सरकार की नेशनल ई-बस स्कीम के तहत देश के 88 शहरों में साढ़े छह हजार से ज्यादा ई-बसें चलाई जानी हैं, जिनमें से 582 बसें मध्य प्रदेश को मिली हैं। इन बसों का संचालन भी इन्हीं क्षेत्रीय कंपनियों के अधीन होगा। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन और सागर में 472 मिडी ई-बस (26 सीटर) और 110 मिनी ई-बस (21 सीटर) चलाई जाएंगी। ई-बसों का किराया मौजूदा सिटी बसों से काफी कम होगा, जिससे आम आदमी की जेब पर बोझ घटेगा। 3.केंद्र के समान पेंशन नियम, बेटियों को मिलेगा फायदा मध्य प्रदेश सरकार पेंशन नियमों को केंद्र सरकार के नियमों के मुताबिक बना रही है। नए नियम के तहत, 25 साल से ज्यादा उम्र की अविवाहित, विधवा या परित्यक्ता बेटी भी परिवार पेंशन की पात्र होगी। वर्तमान में यह फायदा केवल 25 वर्ष तक की अविवाहित बेटी को ही मिलता है। यह प्रस्ताव केंद्र सरकार द्वारा 2011 में लागू की गई व्यवस्था पर आधारित है। कर्मचारी आयोग भी पहले इसकी अनुशंसा कर चुका है। सेवानिवृत्त आईएएस जीपी सिंघल की अध्यक्षता वाले आयोग की रिपोर्ट पर वित्त विभाग सैद्धांतिक सहमति दे चुका है और अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी की प्रक्रिया में है। 4. 48 साल बाद बदल रहे कर्मचारियों के छुट्टी नियम मध्य प्रदेश के 6.5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों के लिए 1 जनवरी 2026 से छुट्टियों का पूरा कैलेंडर बदलने जा रहा है। 48 साल पुराने मध्यप्रदेश अवकाश नियम 1977 की जगह अब मध्यप्रदेश सिविल सेवा (अवकाश) नियम 2025 लागू होंगे। नए नियम केंद्र सरकार की छुट्टियों के नियमों के लगभग समान हैं और इन्हें मौजूदा सामाजिक और प्रशासनिक जरूरतों के हिसाब से तैयार किया गया है। नए नियमों के मुताबिक अब बीमारी और मातृत्व अवकाश लेना ज्यादा सुविधाजनक होगा, वहीं इनके दुरुपयोग पर भी लगाम लगेगी। अधिकारी छुट्टी देने में मनमानी न कर सकें, इसके लिए रोस्टर बनाना अनिवार्य होगा। नए नियमों को ज्यादा जेंडर न्यूट्रल बनाया गया है, जिसमें सरोगेसी और सिंगल फादर जैसी नई परिस्थितियों के लिए भी प्रावधान जोड़े गए हैं। साल की शुरुआत में ही खाते में आ जाएगी अर्निंग लीव अभी तक अर्जित अवकाश (EL) साल भर की नौकरी पूरी होने के बाद कर्मचारी के खाते में दर्ज होता था। अब ऐसा नहीं होगा। 1 जनवरी को 15 दिन की EL खाते में क्रेडिट हो जाएगी। इसके बाद साल के मध्य में 1 जुलाई को फिर 15 दिन की EL जुड़ जाएगी। इसका फायदा नए कर्मचारियों को भी मिलेगा। ई एल की तर्ज पर अब HPL भी साल में दो बार 1 जनवरी और 1 जुलाई को 10–10 दिन के हिसाब से कर्मचारी के खाते में अग्रिम जमा हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को छुट्‌टी जमा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। साल की शुरुआत में उन्हें अवकाश की सुविधा मिल जाएगी और यह भी पता चल जाएगा कि साल भर की कुल कितनी छुटि्टयां उन्हें मिलेंगी। साथ ही शिक्षकों और प्रोफेसरों को भी 10 दिन की EL मिलेगी। 5.सरकारी नौकरी में दो बच्चों की शर्त खत्म होगी सरकार लगभग 24 साल पुराने उस नियम को खत्म करने की तैयारी में है, जिसके तहत दो से अधिक संतान वाले व्यक्ति सरकारी नौकरी के लिए अपात्र माने जाते हैं। इस संशोधन के बाद तीन संतान वाले उम्मीदवार भी नियुक्ति के पात्र होंगे। 26 जनवरी 2001 से लागू इस नियम में संशोधन का प्रस्ताव कैबिनेट में पेश किया जाएगा। मध्य प्रदेश से पहले छत्तीसगढ़ और राजस्थान भी यह शर्त हटा चुके हैं। शर्त समाप्त होने … Read more

योगी मंत्रिमंडल में जल्द हो सकते बदलाव, संगठन में भी हो सकती बड़ी छंटनी

लखनऊ नए साल पर उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार में कुछ फेरबदल देखने को मिल सकते हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री के आवास पर ही एक मीटिंग हुई, जिसमें कई सीनियर नेता मौजूद रहे। इसके अलावा नए बने प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी भी मीटिंग में शामिल थे। इस बैठक में संगठन से लेकर सरकार तक में कुछ बदलाव किए जाने पर चर्चा होने की खबरें हैं। कहा जा रहा है कि पहले कैबिनेट का विस्तार होगा और फिर संगठन में भी बड़े पैमाने पर फेरबदल होंगे। पंकज चौधरी नए प्रदेश अध्यक्ष बने हैं और वह अपने स्तर पर संगठन में कुछ बदलाव करेंगे और नई टीम तैयार करेंगे। कुछ नेताओं का समायोजन संगठन में हो सकता है तो वहीं कुछ लोगों को सरकार में हिस्सेदारी मिल सकती है। इन दोनों ही फेरबदल में जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों का भी पार्टी ख्याल रखना चाहेगी क्योंकि फिलहाल सीएम और प्रदेश अध्यक्ष दोनों ही पूर्वांचल से हो गए हैं। ऐसी स्थिति में वेस्ट यूपी, अवध और बुंदेलखंड क्षेत्र को अच्छा प्रतिनिधित्व मिल सकता है। इस मीटिंग में संगठन महामंत्री धर्मपाल भी मौजूद थे। योगी सरकार के कैबिनेट विस्तार को लेकर आखिरी फैसला दिल्ली में होना है और जनवरी के पहले सप्ताह में ही इस संबंध में ऐलान हो सकता है। हालांकि शपथ समारोह मकर संक्रांति के बाद ही होगा। फिलहाल इस बात पर चर्चा हुई कि किन नामों को दिल्ली भेजा जाए। इस मीटिंग में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। संघ से भी इस संबंध में राय ली गई है। पूरे दिन योगी आदित्यनाथ लखनऊ में ही रहे और इस मीटिंग के बाद उन्होंने अलग-अलग भी कई नेताओं से बात की। बता दें कि अब तक यूपी अध्यक्ष रहे भूपेंद्र चौधरी को भी कैबिनेट में जगह दी जा सकती है। वह जाट समुदाय से आने वाले नेता हैं और पश्चिम यूपी में इस समाज का मजबूत प्रतिनिधित्व है। ऐसी स्थिति में जाट बिरादरी के एक नेता को कैबिनेट में लेकर संदेश देने की कोशिश होगी। इसके अलावा कैबिनेट विस्तार में समाजवादी पार्टी के पीडीए वाले नैरेटिव को भी काउंटर करने की तैयारी होगी।

रायसेन को मिला नया जिला बनाने का प्रस्ताव पारित, स्थानीय लोगों की 20 साल की उम्मीद हुई पूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश के रायसेन जिले का बरेली नगर परिषद की साधारण सभा की बैठक में बरेली को जिला बनाने, टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने तथा धूमधाम से नगर गौरव दिवस एवं गणतंत्र दिवस मनाने सहित उन्नीस प्रस्ताव पारित किए गए। 6 जनवरी को मनाया जाएगा गौरव दिवस साधारण सभा की बैठक में प्रतिवर्ष के अनुसार धूमधाम से नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया। बता दें कि, 6 जनवरी 1949 को विलीनीकरण आंदोलन के तहत बड़ा बाजार में भोपाल रियासत को भारत संघ में मिलाने की मांग को लेकर हो रही शांतिपूर्ण सभा में नवाब पुलिस की लाठी चार्ज से बरेली के दो युवा जुगराज सोनी और राम प्रसाद अहिरवार ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। इनकी शहादत के सम्मान में पत्रिका की मुहिम पर बरेली नगर परिषद तीन वर्ष पूर्व 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय लिया गया था। विगत दो वर्षों की तरह 6 जनवरी को धूमधाम के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा। स्कूली बच्चो को बताया जाएगा क्षेत्र का इतिहास इस मौके पर शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और जेल गए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का पुण्य स्मरण करते हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। वहीँ, दुसरी तरफ स्कूली बच्चों को नगर के गौरवशाली इतिहास से अवगत कराया जाएगा। नगर परिषद अध्यक्ष हेमंत राजा भैया चौधरी ने कहा कि यह नगर परिषद का सौभाग्य की पत्रिका की मुहिम पर हमें 6 जनवरी को नगर गौरव दिवस मनाने का निर्णय करने अवसर प्राप्त हुआ। परिषद के निर्णय के अनुसार गत वर्ष से भी बढकर पूरे उत्साह के साथ नगर गौरव दिवस मनाया जाएगा। इसी उत्साह के साथ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। टीम पहल को भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय टीम पहल को के अनुसार नगर परिषद द्वारा भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। नगर के विभिन्न वार्डों में रट्रीट लाईट पोल लगाने, विभिन्न स्थानो पर स्वागत द्वार लगाने, सफाई व्यवस्था के लिए सेवा कार्यों के विस्तार की कार्ययोजना वाहन खरीदने, बस अड्डा शुल्क, वाहन किराया वसूली, पशु पंजीयन शुल्क वसूली वर्ष 2026-27 के संबंध मे विचार विमर्श कर निर्णय लिया गया। साथ ही नगरीय क्षेत्र बरेली में विज्ञापन शुल्क की वसूली ठेके पर देने का निर्णय लिया गया। संवरेगा शहीद स्मारक पार्क नगर परिषद के निर्णय के अनुसार शहीद स्मारक स्थल और श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के सौंदयीकरण के लिए भव्य द्वार का निर्माण कराया जाएगा। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के पास यात्री प्रतीक्षालय निर्माण पर विचार विमर्श किया गया। इसी के साथ वार्ड क्रमांक 2 में पुलिया और वार्ड क्रमांक 4 में दो सड़क निर्माण का निर्णय भी लिया गया। बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित परिषद सहित बरेली नगर एवं क्षेत्र की लोगों की मंशा और दो दसक से की जा रही मांग के अनुसार नगर परिषद द्वारा सर्व समिति से बरेली को जिला बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया। 

अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ का उत्सव, राजनाथ सिंह–योगी आदित्यनाथ ने टेका माथा

अयोध्या केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह में शामिल होने के लिए अयोध्या पहुंचे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया। उसके बाद राजनाथ सिंह सीएम योगी हनुमानगढ़ी के लिए रवाना हुए। राजनाथ सिंह करीब 1 बजे अंगद टीला पर संबोधित करेंगे। रामलला मंदिर में की पूजा अर्चना हनुमानगढ़ी में दर्शन पूजन करने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और सीएम योगी राम मंदिर पहुंचे। दोनो नेताओं ने प्रतिष्ठा द्वादशी और राम लला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर राम जन्मभूमि मंदिर में राम लला की पूजा की। सीएम और रक्षा मंत्री यज्ञशाला में चल रहे अनुष्ठान में शामिल होंगे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अन्नपूर्णा मंदिर पर ध्वजारोहण करेंगे। इधर, प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर रामलला के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। देश और दुनिया के कोने-कोने से आए श्रद्धालु लंबी कतारों में लगकर प्रभु श्रीराम के दर्शन कर रहे हैं। जिसको देखते हुए मंदिर प्रशासन ने दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा एवं स्वयंसेवकों की तैनाती की है।

नए साल से पहले भूपेश बघेल ने अमरकंटक में मां नर्मदा का लिया आशीर्वाद

गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने साल के अंतिन दिन अमरकंटक पहुंचकर मां नर्मदा की पूजा अर्चना किया. बीती शाम को वो जिला गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही के दौरे पर थे. जहां वो कांग्रेस जिलाअध्यक्ष के शपथ ग्रहण में हुए थे. बता दें कि पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए मां नर्मदा से प्रदेश की खुशहाली की कामना किया है. उन्होंने अपने पोस्ट को शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा- त्वदीय पाद पंकजम नमामि देवी नर्मदे अमरकंटक में अपने निर्मल जल से कंकर-कंकर को भी शंकर बनाने वाली जीवनदायिनी मां नर्मदा के पवित्र दर्शन कर, बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की तथा प्रदेशवासियों के सुख और समृद्धि की कामना की. इस दौरान कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, NSUI प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय, जिला कांग्रेस कमेटी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही अध्यक्ष गजमती भानु भी सीएम के साथ मौजूद थे.

भोपाल में शिवराज सिंह चौहान का बयान: MNREGA भ्रष्टाचार का पर्याय, G RAM G बिल में ऊर्जा देखी

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित निवास पर 'जी रामजी' बिल को लेकर विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। इस दौरान उन्होंने मनरेगा को भ्रष्टाचार का पर्याय कहते हुए पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। इस दौरान उन्होंने जी रामजी बिल की विषेशताएं बताते हुए कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। बता दें कि, पंजाब विधानसभा ने अभी-अभी विशेष सत्र आयोजित कर केंद्र सरकार की जी राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर दिया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिवराज सिंह चौहान ने कहा- '20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार-बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इसपर सालभर से विचार चल रहा था। ‘मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी’ शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि 20 साल पहले मनरेगा योजना आई थी। इससे पहले कई रोजगार योजनाएं थीं। फिर या तो उनका स्वरूप बदला या योजना का नाम बदला गया। मनरेगा योजना भ्रष्टाचार का पर्याय बन गई थी। मजदूरों के बजाय मशीन या कॉन्ट्रेक्टर से काम हो रहा था। ओवर स्टेटमेंट बनाना, एक ही काम बार बार करना ये सब हो रहा था। इसलिए इस पर सालभर से विचार चल रहा था।  प्रशासनिक व्यय बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि मनरेगा न विकास के लिए कारगर थी और न मजदूरों के लिए उपयोगी थी। पैसे का उपयोग गांव के सुनियोजित विकास में नहीं हो रहा था। इसलिए विकसित भारत के लिए जी राम जी योजना लाए हैं। अब मजदूर को रोजगार की गारंटी 100 से बढ़ाकर 120 दिन की गई है। इसके लिए वित्तीय प्रावधान भी किए जा रहे हैं। आगे जरूरत के हिसाब से बजट भी बढ़ेगा। सहायक स्टाफ की तनख्वाह नहीं मिलने की शिकायत मिलती थी। इसलिए प्रशासनिक व्यय 6% से बढ़ाकर 9% किया गया है।  G RAM G में रहेगी पारदर्शिता उन्होंने G RAM G के फायदे बताते हुए कहा कि इसमें पारदर्शिता रहेगी। खेती में बुवाई और कटाई के समय इस योजना के काम को राज्य स्थगित कर सकेंगे। संसद में विपक्ष ने जबरन का लल्ला किया। फिर भी दृढ़ता के साथ मैंने अपनी बात रखी। पंजाब में एक दिन का विधानसभा का सत्र हो रहा है। जिसमें इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव लाने की बात कही जा रही है। इस संवैधानिक संसद व्यवस्था के खिलाफ है। यह अमर्यादित, अंधविरोध, अमर्यादित है।  ‘पंजाब में बहुत करप्शन’  शिवराज सिंह ने पंजाब को करप्शन से ग्रसित बताया। उन्होंने कहा कि आधे से अधिक गांव का ऑडिट ही नहीं हुआ। भ्रष्टाचार करने वालों के खिलाफ कार्रवाई ही नहीं की। मजदूर कह रहे हैं उन्हें भुगतान ही नहीं मिलता।  अमित शाह और सीएम मोहन की तारीफ की शिवराज सिंह चौहान ने राहुल गांधी के बयान ‘मंत्री को ही योजना के बारे में जानकारी नहीं’ पर कहा कि स्वर्गीय पीएम हों या राहुल बाबा, कल्पना लोक में रहते हैं। देश में तो रहते ही नहीं। अमित शाह और सीएम डॉ. मोहन यादव की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि सीएम तेज गति से काम कर रहे हैं। मुझसे अधिक ऊर्जा है। इसी तेज गति से काम करते हैं। मेरी शुभकामना है। संघ को लेकर आए दिग्विजयसिंह के बयान पर उन्होंने कहा कि अपने बुद्धि और विवेक से काम करना चाहिए।