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वार्डबंदी की प्रक्रिया शुरू: पंजाब के इस जिले का नया नक्शा जनता के सामने

मोहाली  नगर निगम मोहाली की नए सिरे से वार्डबंदी की जा रही है। वार्डबंदी बोर्ड की बीते शनिवाल को हुई बैठक में एस.ए.एस. नगर (मोहाली) के पहले की तरह 50 वार्ड रहेंगे। इसे लोकल बॉडी विभाग पंजाब द्वारा मनजूरी दे दी गई है। इसके बाद आज विभाग द्वारा नई वॉर्डबंदी से संबंधित खाता (नक्शा) लोगों के सुझाव या एतराज लेने के लिए जनतक कर दिया गया।  नए जारी किए गए नक्शे के अनुसार मोहाली के कुल 50 वार्डों में से 20 जिनमें वार्ड नंबर 2, 4, 6, 10, 12, 14, 16, 18, 20, 22, 24, 28, 30, 32, 34, 36, 38, 42, 44, 48, 50 जनरल वर्ग के लिए आरक्षित रखे गए हैं। इसके अलावा 1, 3, 7, 9, 11, 13, 15, 19, 21, 23, 25, 27, 31, 33, 35, 37, 39, 41, 43, 45, 47, 49 महिलाओं के लिए रिजर्व घोषित किए गए हैं। इसी तरह वार्ड नंबर 4, 8 पिछड़े वर्ग के लिए 20, 40, 46 अनुसूचित जाति के लिए जबकि वार्ड 5, 17, 29 अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए रिजर्व किए गए हैं। देखना होगा कि इस नई वार्डबंदी को लेकर अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों, मौजूदा पार्षदों, चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों और आम जनता की क्या राय होगी। 

नक्सल मोर्चे पर झटका: सुकमा में सुरक्षाबलों ने हथियार, IED और विस्फोटक सामग्री पकड़ी

सुकमा सुकमा जिले के मेटागुड़ा क्षेत्र में चलाए जा रहे नक्सल विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। संयुक्त अभियान में नक्सलियों द्वारा जंगल-पहाड़ी क्षेत्र में छिपाकर रखे गए हथियार, विस्फोटक एवं अन्य नक्सली उपयोग में आने वाला सामान बरामद किया है। जानकारी के मुताबिक, मेटागुड़ा से डी/203 कोबरा, 131 बटालियन सीआरपीएफ एवं जिला बल सुकमा की संयुक्त पार्टी ग्राम पीनाचांदा, बोटेतोंग एवं आसपास के जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान के लिए रवाना हुई थी। अभियान के दौरान ग्राम बोटेतोंग के जंगलों में नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने की नीयत से छिपाकर रखी गई डंप सामग्री को बरामद किया गया। सुरक्षा बलों की सतर्कता से माओवादियों के मंसूबे विफल हो गए। जिले में लगातार संचालित एंटी नक्सल ऑपरेशन से नक्सल संगठन को निरंतर नुकसान पहुंच रहा है और आगे भी अभियान जारी रहेगा।

हाईकोर्ट का सख्त रुख: भूमि विस्थापितों के हक में फैसला, HSVP पर 3 लाख का जुर्माना

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भूमि विस्थापितों से बढ़ी हुई दरों पर प्लॉट की कीमत वसूलने के मामले में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि कोई भी सार्वजनिक प्राधिकरण अपनी ही लापरवाही और प्रशासनिक देरी का लाभ नहीं उठा सकता। अदालत ने HSVP द्वारा अपनाई गई प्रक्रिया को मनमाना, अनुचित और कानून के खिलाफ बताया है। जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल और जस्टिस दीपक मनचंदा की खंडपीठ ने 58 याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई करते हुए विवादित मूल्य निर्धारण से जुड़े प्रावधानों को रद्द कर दिया। इसके साथ ही नागरिकों को अनावश्यक रूप से मुकदमेबाजी में उलझाने के लिए HSVP पर 3 लाख रुपये का दंडात्मक जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने कहा कि जिन मामलों में प्लॉट के आवंटन में देरी पूरी तरह विकास प्राधिकरण की गलती से हुई हो, वहां विस्थापित व्यक्ति आवेदन की तारीख पर लागू दर के अनुसार ही भुगतान करने का हकदार होगा न कि वर्षों बाद बढ़ी हुई आरक्षित कीमत पर। न्यायालय ने दो टूक कहा कि प्रशासनिक देरी का बोझ नागरिकों पर नहीं डाला जा सकता। मामले में याचिकाकर्ता वे भूस्वामी थे, जिनकी जमीन शहरी विकास योजनाओं के तहत अधिग्रहित की गई थी। 2018 में जारी विज्ञापनों के अनुसार उन्होंने प्लॉट आवंटन के लिए आवेदन कर अग्रिम राशि जमा की थी, लेकिन HSVP ने छह से सात साल तक आवंटन पत्र जारी नहीं किए। जब 2025-26 में आवंटन किए गए, तो उनसे मौजूदा बढ़ी हुई दरों पर भुगतान की मांग की गई।   HSVP की इस दलील को भी कोर्ट ने खारिज कर दिया कि 2018 के विज्ञापन में कीमत का उल्लेख नहीं था। कोर्ट ने कहा कि कीमत न बताना बाद में ज्यादा राशि वसूलने का आधार नहीं बन सकता। यह निष्पक्षता, पारदर्शिता और कानून के शासन के सिद्धांतों के खिलाफ है। हाईकोर्ट ने आवंटन पत्रों के विवादित खंडों को रद्द करते हुए HSVP को निर्देश दिया कि वह 2018 की नीति और पूर्व में दिए गए फैसलों के अनुरूप नई दरें तय करे। साथ ही सरकार को नसीहत दी कि समान परिस्थितियों वाले अन्य विस्थापितों को भी बिना भेदभाव समान लाभ दिया जाए, चाहे उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया हो या नहीं।

फतेहगढ़ साहिब में शहीदी सभा को लेकर कड़ी सुरक्षा, 3400 जवानों के साथ अलर्ट मोड

जालंधर/चंडीगढ़  शहीदी सभा के मद्देनजर पुलिस के विशेष महानिदेशक (स्पैशल डी.जी.पी.) कानून एवं व्यवस्था, अर्पित शुक्ला ने फतेहगढ़ साहिब का दौरा किया और सुरक्षा प्रबंधों की समीक्षा की, ताकि जिले में आयोजन को सुचारू और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराया जा सके। दसवें सिख गुरु, श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों बाबा ज़ोरावर सिंह और बाबा फतेह सिंह की अद्वितीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु तीन दिवसीय वार्षिक शहीदी सभा 25 दिसंबर से 27 दिसंबर 2025 तक फतेहगढ़ साहिब में आयोजित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि पूरे क्षेत्र को योजनाबद्ध ढंग से 6 सैक्टरों में विभाजित किया गया है। देश-विदेश से आने वाली लाखों संगत की सुरक्षा, सुचारू आवागमन और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 6 एसपी रैंक के अधिकारियों तथा 24 डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों की निगरानी में 3400 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। इस अवसर पर स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला के साथ डीआईजी रोपड़ रेंज नानक सिंह और एस.एस.पी. फतेहगढ़ साहिब शुभम अग्रवाल भी उपस्थित थे। स्पैशल डी.जीपी ने शहीदी सभा के पुख्ता सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु तैनात सभी एसपी एवं डी.एस.पी. रैंक के अधिकारियों और पुलिस बल को पूर्ण निष्ठा से ड्यूटी निभाने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को संगत के साथ अत्यंत विनम्रता एवं सौम्यता से पेश आने तथा आयोजन को सफल बनाने के लिए श्रद्धा-भावना और दृढ़ संकल्प के साथ कार्य करने के निर्देश भी दिए। सभी सुरक्षा व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि इस वर्ष शांति एवं सुव्यवस्थित ढंग से शहीदी सभा संपन्न कराने के लिए फतेहगढ़ साहिब पुलिस द्वारा कई नई पहलें लागू की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मत्था टेकने में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। स्पैशल डी.जी.पी. ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु कुल 22 पार्किंग स्लॉट निर्धारित किए गए हैं तथा पार्किंग क्षेत्रों से गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब तक शटल बस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। निर्बाध यातायात प्रबंधन और संगत को न्यूनतम असुविधा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस द्वारा गूगल के समन्वय से पार्किंग स्थलों की रियल-टाइम जियो-टैगिंग की गई है और मार्गदर्शन हेतु साइन बोर्ड लगाए गए हैं।   उन्होंने बताया कि संगत की सहायता के लिए छह हेल्प डेस्क स्थापित किए गए हैं, जिनमें एक पुलिस डेस्क, चिकित्सा सहायता तथा अग्निशमन सुविधाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त एक एकीकृत कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। स्पैशल डी.जी.पी. अर्पित शुक्ला ने कहा कि समाज-विरोधी तत्वों पर कड़ी नजर रखने के साथ-साथ यातायात और पार्किंग व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 6 ड्रोन और 300 सी.सी.टी.वी. कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। इस दौरान सड़क सुरक्षा को बढ़ाने और कोहरे के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से एक पहल के तहत पुलिस टीमों द्वारा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रिफ्लेक्टर स्टिकर भी लगाए जाएंगे।

नए साल से पहले साय कैबिनेट का बड़ा फैसला संभव, आज होगी महत्वपूर्ण बैठक

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में साल के आखिरी दिन मंत्रिपरिषद की बैठक होने वाली है. मंत्रालय, महानदी भवन में 31 दिसंबर को सुबह 11 बजे यह बैठक बुलाई गई है, जिसमें विभिन्न विषयों पर चर्चा की जाएगी. साथ ही कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे. कैबिनेट को लेकर मुख्यसचिव विकास शील ने सभी विभाग प्रमुखों को प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिए हैं. 10 दिसंबर की कैबिनेट बैठक के फैसले इससे पहले 10 दिसंबर को साय कैबिनेट की बैठक हुई थी. इसमें कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी थी.     मंत्रिपरिषद ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के विरुद्ध पंजीबद्ध आपराधिक प्रकरणों के निराकरण और वापसी संबंधी प्रक्रिया को अनुमोदित किया है.     मंत्रिपरिषद द्वारा राज्य के विभिन्न कानूनों को समयानुकूल और नागरिकों के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से 14 अधिनियमों में संशोधन के लिए छत्तीसगढ़ जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) (द्वितीय) विधेयक, 2025 के प्रारूप का अनुमोदन किया गया.     मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रथम अनुपूरक अनुमान वर्ष 2025-2026 का विधानसभा में उपस्थापन बावत् छत्तीसगढ़ विनियोग विधेयक, 2025 का अनुमोदन किया गया.  

दो वर्षों में सुदृढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पारदर्शिता और तकनीक पर फोकस, योजनाओं का किया विस्तार : खाद्य मंत्री राजपूत

योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दी : खाद्य मंत्री राजपूत दो वर्षों में सुदृढ़ की सार्वजनिक वितरण प्रणाली, पारदर्शिता और तकनीक पर फोकस, योजनाओं का किया विस्तार भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली, उपभोक्ता संरक्षण, किसान हित तथा गैस आपूर्ति के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ अर्जित की गई हैं। विभाग द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को प्राथमिकता दी गई है। खाद्य मंत्री राजपूत राजधानी में विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियों को लेकर पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे। खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत प्रदेश के 5 करोड़ 25 लाख से अधिक हितग्राहियों को लगभग 22 हजार 800 करोड़ रुपये मूल्य का नि:शुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया। राशन वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम लागू किया गया, जिसके तहत हितग्राहियों को एसएमएस के माध्यम से राशन आगमन एवं वितरण की जानकारी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त 26 जनवरी एवं 2 अक्टूबर को ग्राम सभाओं में पात्र हितग्राहियों की सूची का वाचन किया जा रहा है। ई-केवाईसी प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति की गई खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि विभाग द्वारा ई-केवाईसी प्रक्रिया में उल्लेखनीय प्रगति की गई है। प्रदेश में दो वर्ष में लगभग 1 करोड़ 70 लाख से अधिक हितग्राहियों का ई-केवाईसी सत्यापन पूर्ण किया जा चुका है। अब तक 4 करोड़ 97 लाख हितग्राहियों के ई-केवाईसी कराये जा चुके हैं। इस तरह से अब तक लगभग 93 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण हो चुके हैं। बायोमेट्रिक के साथ-साथ फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से भी ई-केवाईसी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों, 80 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों एवं दिव्यांगजनों सहित लगभग 15 लाख हितग्राहियों को ई-केवाईसी से छूट प्रदान की गई है। साथ ही 14 लाख नए पात्र हितग्राहियों को जोड़कर पात्रता पर्ची जारी की गई है। वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना में नि:शुल्क राशन खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि वन नेशन–वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 39 हजार परिवार अन्य राज्यों में तथा लगभग 6 हजार परिवार अन्य राज्यों से मध्यप्रदेश में नि:शुल्क राशन प्राप्त कर रहे हैं। इसके अलावा लगभग 16 लाख परिवार प्रतिमाह अंतर-जिला पोर्टेबिलिटी का लाभ ले रहे हैं। वहीं जनजाति एवं पहुंचविहीन 89 गांवों में “आपका राशन आपके द्वार” योजना के माध्यम से घर-घर राशन पहुंचाया जा रहा है। मुख्यमंत्री अन्नदूत योजना के अंतर्गत वाहनों में जीपीएस प्रणाली स्थापित कर राज्य स्तरीय कंट्रोल कमांड सेंटर से निगरानी की जा रही है। एलपीजी आपूर्ति के क्षेत्र में उज्ज्वला एवं गैर-उज्ज्वला योजनाओं के अंतर्गत प्रदेश की बहनों की 6 करोड़ 17 लाख गैस रिफिल कराई गईं, जिसमें 911 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया। शहरी क्षेत्रों में घर-घर पाइप के माध्यम से गैस पहुंचाने के लिए शहरी गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। वेयरहाउसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने तीन मोबाइल ऐप विकसित खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि वेयरहाउसिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा नमी मापक, फ्यूमिगेशन एवं निरीक्षण से संबंधित तीन मोबाइल ऐप विकसित किए गए हैं, जिससे अनाज भंडारण की रियल टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जा रही है। किसान हित में विभाग द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूं एवं धान की खरीदी की गई। लगभग 28 लाख किसानों से फसल खरीदी कर 51 हजार करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। गेहूं की खरीदी में 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देकर 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया गया। सत्यापन एवं निरीक्षण से 49 करोड़ से अधिक का राजस्व अर्जित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि नाप-तौल विभाग द्वारा विगत दो वर्षों में सत्यापन एवं निरीक्षण के माध्यम से 49 करोड़ 14 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया गया है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 11 हजार 700 प्रकरण पंजीबद्ध कर लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये की दंड राशि वसूल की गई। उपभोक्ता विवादों के त्वरित निराकरण के लिए उपभोक्ता आयोगों का कंप्यूटरीकरण किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दो वर्षों में 3 लाख 7 हजार से अधिक प्रकरणों का निराकरण किया गया। विभाग द्वारा आगामी अवधि में राशन दुकानों को मुख्यमंत्री पोषण मार्ट के रूप में विकसित करने, सॉफ्टवेयर सिस्टम के एकीकरण, उन्नत तकनीक से राशन वितरण तथा सिंहस्थ 2028 के लिए मेला क्षेत्र में राशन एवं गैस आपूर्ति की विस्तृत व्यवस्था किए जाने की कार्य योजना भी तैयार की गई है।  

NGT ने लगाया ब्रेक: भोपाल अयोध्या बायपास पर अब नहीं कटेंगे पेड़

भोपाल राजधानी भोपाल के अयोध्या बायपास चौड़ीकरण के लिए हरे पेड़ों की कटाई के खिलाफ दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल( NGT) ने बुधवार को पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है.   बायपास चौड़ीकरण के लिए कुल 8 हजार पेड़ों को काटा जाना था. रोक के बाद प्रोजेक्ट में खटाई खटाई में पड़ सकता है..  मंगलवार 23 दिसम्बर से इन पेड़ों की कटाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन इसके अगले ही दिन यानी आज 24 दिसम्बर बुधवार को एनजीटी ने पेड़ों की कटाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है. हालांकि एनजीटी के आदेश में कहा गया है कि सिर्फ पेड़ कटाई पर रोक लगाई गई है, लेकिन संबंधित एजेंसी सड़क निर्माण का कार्य जारी रख सकता है. इसके लिए पेड़ों के साथ छेड़छाड़ न की जाए. इसलिए लगाई कटाई में रोक भोपाल में 10 लेन सड़क के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने के लिए एनजीटी में याचिका लगाने वाले नितिन सक्सेना ने बताया कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण  (एनएचएआई) द्वारा सड़क निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई तो शुरू कर दी गई, लेकिन इसके लिए तय मानकों का पालन नहीं किया गया. शहर में इसके पहले भी बीआरटीएस, स्मार्ट सिटी, कोलार सिक्सलेन और मेट्रो समेत अन्य प्रोजेक्ट के लिए लाखों पेड़ों की बलि चढ़ चुकी है. संबंधित निर्माण एजेंसियों ने भी पेड़ कटने के बाद उसकी भरपाई के लिए पौधारोपण का दावा किया था, लेकिन हकीकत सबके सामने है. 8 जनवरी तक रोक याचिकाकर्ता के वकील हरप्रीत सिंह गुप्ता ने बताया कि पूर्व में दिए गए एनजीटी के आदेश के अनुसार वृक्षों की कटाई की वैकल्पिक योजना पर विचार करने के लिए कोई केंद्रीय रूप से सशक्त समिति गठित नहीं की गई है, जिससे कम संख्या में वृक्षों की कटाई आवश्यक हो सके. न ही काटे गए वृक्षों की क्षतिपूर्ति और रोपित वृक्षों के 5 वर्ष तक जीवित रहने के लिए इस न्यायाधिकरण द्वारा निर्देशित विधि के अनुसार क्षतिपूर्ति वृक्षारोपण के संबंध में कोई निर्णय लिया गया है. अयोध्या बायपास क्षेत्र में बड़ी संख्या में हरे-भरे पेड़ों को सॉ कटर से काटा गया था. स्थानीय लोगों ने कहा कि यह क्षेत्र शहर के लिए ग्रीन लंग की तरह काम करता था. अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट से जुड़ा मामला पहले से ही एनजीटी में विचाराधीन था. इसके बावजूद इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई को मंजूरी देना कई सवाल खड़े करता है. नियमों के मुताबिक, एनजीटी में मामला लंबित होने की स्थिति में किसी भी तरह की बड़ी पर्यावरणीय गतिविधि पर रोक लगनी चाहिए. इतनी जल्दी कैसे मिली अनुमति? सूत्रों के अनुसार, 12 दिसंबर को स्टेट इम्पावरमेंट कमेटी की बैठक हुई और उसी दिन या बेहद कम समय में एनएचएआई को 7,881 पेड़ काटने की हरी झंडी दे दी गई. पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर अनुमति देने से पहले विस्तृत पर्यावरणीय आकलन और जनसुनवाई जरूरी होती है. खटाई में पड़ सकता है 16 किलोमीटर लंबा 10 लेन वाला प्रोजेक्ट  गौरतलब है एनजीटी द्वारा हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने से करीब 16 किलोमीटर लंबे 10 लेन वाला अयोध्या बायपास चौड़ीकरण प्रोजेक्ट खटाई में पड़ सकता है. हालांकि बिना हरे पेड़ों के काटे सड़क चौड़ीकरण का काम बदस्तूर जारी रहेगा. हालांकि एनजीटी ने सुनवाई के दौरान बड़े ही सख्त अंदाज में कहा है कि, नियम पहले, प्रोजेक्ट बाद में होता रहेगा.  हरे पेड़ों की कटाई ने वृक्ष संरक्षण कानून पर उठा दिए सवाल रिपोर्ट के मुताबिक अयोध्या बाइपास चौड़ीकरण के लिए प्रस्तावित 8000 हरे पेड़ों की कटाई के फैसले ने वृक्ष संरक्षण कानून पर भी सवाल उठा दिए हैं. बायपास चौड़ीकरण के लिए 8000 हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए एनजीटी में अपनी टिप्पणी में प्रतिपूरक वनीकरण पर भी सरकार से जवाब मांगा और कहा है कि विकल्पों पर भी विचार जरूरी है.  रोक के बावजूद बिना पेड़ काटे चलता रहेगा सड़क का काम NGT ने बायपास चौड़ीकरण के लिए हरे पेड़ों की कटाई पर रोक लगाते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक एक भी पेड़ नहीं कटेगा. इससे 16 किमी लंबे 10 लेन वाला बड़ा प्रोजेक्ट सवालों के घेरे में आ गया है. एनजीटी के आदेश को मोहन सरकार के लिए एक झटके के रूप में देखा जा रहा है.  प्रतिपूरक वृक्षारोपण पर सवाल एनएचएआई की ओर से दावा किया गया है कि पेड़ों की कटाई के बदले प्रतिपूरक वृक्षारोपण किया जाएगा. लेकिन सवाल यह है कि क्या नए लगाए जाने वाले पौधे उसी क्षेत्र में, उसी संख्या और उसी जैव विविधता के होंगे? अनुभव बताता है कि कागजों में दिखाया गया वृक्षारोपण ज़मीनी हकीकत में अक्सर नजर नहीं आता. हाईकोर्ट और नियमों का हवाला पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि इससे पहले भी हाईकोर्ट और एनजीटी कई मामलों में साफ कर चुके हैं कि विकास कार्यों के नाम पर अंधाधुंध पेड़ काटना स्वीकार्य नहीं है. सड़क चौड़ीकरण के विकल्प तलाशे जाने चाहिए थे, लेकिन सबसे आसान रास्ता हरियाली खत्म करना चुना गया.

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी दिल्ली मेट्रो फेज 5A की हरी झंडी, नए साल में 13 नए स्टेशन खुलेंगे

नई दिल्ली केंद्रीय मंत्रीमंडल ने बुधवार को दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है. इसमें 13 स्टेशन होंगे. इस दौरान 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. यह जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी. अश्विनी वैष्णव ने कहा, " केंद्रीय मंत्रीमंडल ने दिल्ली मेट्रो के फेज 5A को मंजूरी दे दी है, जिसमें 13 स्टेशन होंगे. इस परियोजना के तहत 12,015 करोड़ रुपये की लागत से 16 किमी लंबी नई लाइन बिछाई जाएगी. इसके साथ ही दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 400 किमी को पार कर जाएगा." 16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनेंगे फेज V (A) के तहत दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) कुल 16 किमी लंबे तीन नए कॉरिडोर बनाएगा. इसका मकसद लास्ट-माइल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाना और शहर के कुछ सबसे बिजी हिस्सों पर भीड़ कम करना है. इस विस्तार से मौजूदा नेटवर्क में 13 स्टेशन जुड़ जाएंगे, जिससे रेजिडेंशियल हब, कमर्शियल डिस्ट्रिक्ट और ट्रांजिट इंटरचेंज के बीच लिंक मजबूत होंगे. 'दिल्ली मेट्रो ने बदली लोगों की जिंदगी' कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान, केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, "दिल्ली मेट्रो के विस्तार के बारे में एक बहुत जरूरी फैसला लिया गया है. हम सभी जानते हैं कि दिल्ली मेट्रो ने दिल्ली के लोगों और शहर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति की जिंदगी में कैसे बदलाव लाया है. इस विस्तार के साथ, दिल्ली मेट्रो में एक नया चैप्टर जुड़ेगा." औसतन 65 लाख यात्री करते हैं मेट्रो का इस्तेमाल केंद्रीय मंत्री बताया "औसतन 65 लाख यात्री रोजाना दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करते हैं. कुछ पीक दिन ऐसे होते हैं जब दिल्ली मेट्रो एक दिन में 80 लाख लोगों को ले जाती है." उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल प्रोजेक्ट फेज-VA का कंस्ट्रक्शन टाइमलाइन तीन साल है. कंस्ट्रक्शन ज्यादातर टनल बोरिंग मशीनों का इस्तेमाल करके अंडरग्राउंड होगा, जिससे ट्रैफिक में कम से कम रुकावट आएगी.

कोहरे और कम दृश्यता में नियंत्रित गति, सभी बसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य

योगी सरकार यात्रियों की सुरक्षा के लिए सतर्क, ठंड में सुरक्षित बस संचालन के निर्देश कोहरे और कम दृश्यता में नियंत्रित गति, सभी बसों में सुरक्षा उपकरण अनिवार्य कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो  विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही बसों का संचालन किया जाए बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से यात्रियों को सुरक्षा उपायों की दी जाएगी जानकारी घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित किया जाए  रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की हो तैनाती  लंबी दूरी की बसों की 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग तथा 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शरद ऋतु और ठंड के मौसम में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह सतर्क है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद में प्रदेश में बस यात्रियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और निर्बाध परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन विभाग द्वारा विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी से किये जाने, रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित करने और यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने परिवहन निगम एवं संबंधित अधिकारियों को शरद ऋतु/ठंड के मौसम में बसों के सुरक्षित एवं नियंत्रित संचालन को लेकर विस्तृत आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोहरे और दृश्यता में कमी जैसी परिस्थितियों में बसों का संचालन अत्यंत सावधानी से किया जाना आवश्यक है और यात्रियों को सुरक्षित यात्रा मुहैया कराना प्रदेश सरकार का दायित्व है। परिवहन मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि कोहरे की स्थिति में बसों की गति 40 किमी प्रति घंटा से अधिक न हो, जबकि अत्यधिक कोहरे में बस को किसी सुरक्षित स्थान पर रोककर विजिबिलिटी सामान्य होने पर ही आगे संचालन किया जाए। बस अड्डों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार एनाउंसमेंट कर यात्रियों को सुरक्षा उपायों की जानकारी देने के निर्देश भी दिए गए हैं। अनुभवी चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए उन्होंने कहा कि घने कोहरे वाले मार्गों पर रात्रिकालीन सेवाओं को आवश्यकता अनुसार सीमित किया जाए तथा रात्रि सेवाओं में अनुभवी, दुर्घटना-रहित और अच्छे ईंधन रिकॉर्ड वाले चालकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि रात्रि सेवा पर जाने से पूर्व चालक को कम से कम 8 घंटे का विश्राम प्राप्त हुआ हो। 50 प्रतिशत से कम लोड फैक्टर वाली रात्रिकालीन सेवाओं को अस्थायी रूप से स्थगित रखने के निर्देश दिए गए हैं। चालकों का अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य लंबी दूरी एवं रात्रिकालीन सेवाओं की बसों को मार्ग पर भेजने से पूर्व 13 बिंदुओं पर आउटशेडिंग जांच तथा संचालन के दौरान 31 बिंदुओं पर नियमित भौतिक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी निगम एवं अनुबंधित बसों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप, फॉग लाइट, ऑल वेदर बल्ब, वाइपर और शीशे पूर्ण रूप से कार्यरत होना अनिवार्य किया गया है। मार्ग पर तैनात इंटरसेप्टर एवं प्रवर्तन वाहनों द्वारा निरीक्षण के दौरान ब्रेथ एनालाइजर के माध्यम से अल्कोहल टेस्ट अनिवार्य रूप से कराए जाने के निर्देश भी दिए गए हैं। यात्रियों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता परिवहन मंत्री ने चालकों को तीन प्रकार की सड़कों पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है। एक्सप्रेस-वे पर अचानक ठहराव से बचाव, डिवाइडर युक्त सड़कों पर दायीं ओर संचालन, तथा बिना डिवाइडर वाली सड़कों पर बायीं ओर संचालन कर दुर्घटनाओं से बचने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी चालकों एवं परिचालकों को इन दिशा-निर्देशों के संबंध में विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि संयमित गति और सतर्कता के साथ बसों का संचालन सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने दोहराया कि योगी सरकार प्रत्येक नागरिक के जीवन की सुरक्षा के प्रति पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और यात्रियों को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

निर्माणाधीन विश्वविद्यालय भवनों का CM नीतीश ने किया निरीक्षण, गुणवत्ता व समयसीमा पर दिया जोर

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मीठापुर में बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री को विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग की सचिव डॉ० प्रतिमा एस० वर्मा ने बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय तथा स्वास्थ्य विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह ने बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के भवन के निर्माण कार्य से संबंधित जानकारी दी। CM नीतीश ने तेजी से निर्माण पूर्ण करने का दिया निर्देश निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के छात्र एवं छात्राओं को उच्च स्तर की तकनीकी शिक्षा प्रदान करने हेतु बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई। उन्होंने कहा कि बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय एवं बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन सभी संरचनाओं का निर्माण कार्य बेहतर ढंग से और तेजी से पूर्ण करें। मीठापुर के इस क्षेत्र में चंद्रगुप्त प्रबंधन संस्थान, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वाविद्यालय, निफ्ट, चाणक्या लॉ यूनिवर्सिटी एवं मौलाना मजहरूल हक अरबी एवं फारसी विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख शैक्षणिक संस्थान बनाये गए हैं। यह पूरा क्षेत्र काफी अच्छा हो गया है। इन दोनों विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य पूर्ण होने से यह क्षेत्र और भी अच्छा दिखेगा। ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा 27 जुलाई 2022 को बिहार अभियंत्रण विश्वविद्यालय की स्थापना की गई तथा इसके भवन के निर्माण हेतु मीठापुर, पटना में 05 एकड़ भूमि आवंटित की गई। मुख्य भवन 04 मंजिल का होगा। इसका कुल निर्मित क्षेत्रफल 1,11,732 वर्गफीट है। इसके भूतल पर डीन कार्यालय, रजिस्ट्रार का कार्यालय, कैफेटेरिया एवं अन्य कार्यालय, प्रथम तल पर कुलपति कार्यालय, मीटिंग हॉल तथा मूल्यांकन केन्द्र बनाया जा रहा है। द्वितीय तल पर कार्यालय कक्ष, मूल्यांकन केन्द्र, भंडारगृह आदि तृतीय तल पर 05 अभिलेखागार, भंडारगृह आदि तथा चतुर्थ तल पर मूल्यांकन केन्द्र एवं 02 बड़े बहुउद्देशीय हॉल बनाया जा रहा है। साथ ही इस परिसर में 01 अतिथि गृह का भी निर्माण किया जा रहा है, जिसमें 08 कमरे तथा 04 सुइट रूम का निर्माण किया जाना है। यहां 01 केयर टेकर आवास का भी निर्माण किया जा रहा है। राज्य में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा (मेडिकल एजुकेशन) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से महत्वाकांक्षी योजना के रूप में सात निश्चय-2 योजना के अंतर्गत स्थापित बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के नये भवन निर्माण कार्य किया जा रहा है। भवन का कुल क्षेत्रफल 27567 वर्गमीटर है। परियोजना के दो भाग हैं प्रथम भाग मुख्य विश्वविद्यालय भवन, जिसका कुल क्षेत्रफल 12,845 वर्ग मीटर है, जिसके अंतर्गत प्रशासनिक सह शैक्षणिक भवन, परीक्षा कक्ष, औषधालय, बहुउद्देशीय मंच, प्रतीक्षालय कक्ष, सूचना केन्द्र, नामांकन शाखा, कुलाधिपति कक्ष, प्रशिक्षण सह स्थानन शाखा इत्यादि हैं तथा दूसरे भाग उपभवन, जिसका कुल क्षेत्रफल 14822 वर्ग मीटर है, जिसके अंतर्गत कुलपति आवास, विश्वविद्यालय अतिथि गृष्ठ तथा बहुउद्देशीय सभागार की व्यवस्था की गई है।