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मंदिर जाते श्रद्धालु टाइगर के ‘सडन शो’ से हुए रूबरू, पल भर में बढ़ा रोमांच और जोखिम

 सवाई माधोपुर रणथंभौर टाइगर रिजर्व स्थित प्रसिद्ध त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं को बुधवार सुबह एक रोमांचक और डराने वाला अनुभव हुआ। मंदिर मार्ग पर अचानक टाइगर के आने से कुछ देर के लिए श्रद्धालुओं की राह थम गई। बुधवार सुबह गणेश धाम से आगे मुख्य सड़क पर एक टाइगर आ गया और करीब 10 मिनट तक सड़क पर स्वतंत्र रूप से घूमता रहा। इससे त्रिनेत्र गणेश मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं और वाहनों की लंबी कतारें दोनों तरफ लग गईं। लोग अपने चौपहिया वाहनों में बैठे-बैठे ही टाइगर को देखते रहे और कई श्रद्धालुओं ने उसकी तस्वीरें व वीडियो कैमरे में कैद किए। इस दौरान वन विभाग का कोई अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं दिखा, जिससे श्रद्धालुओं में चिंता भी बढ़ी। हालांकि थोड़ी देर बाद टाइगर खुद ही सड़क छोड़कर जंगल की ओर लौट गया, जिसके बाद आवाजाही पुनः शुरू हो गई। बुधवार होने के कारण सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु त्रिनेत्र गणेश मंदिर पहुंच रहे थे। वहीं वन विभाग के नियमों के अनुसार बुधवार को जोन नंबर 1 से 5 तक साप्ताहिक अवकाश होता है, जिसके चलते पर्यटकों की आवाजाही नहीं थी। जानकारी के अनुसार, यह टाइगर बाघिन सुल्ताना का मेल शावक बताया जा रहा है, जो हाल ही में गणेश धाम से दुर्ग क्षेत्र की टेरिटरी में सक्रिय रूप से विचरण करता दिख रहा है। आज भी उसके अचानक सड़क पर आ जाने से कुछ देर के लिए यातायात बाधित रहा।

शादीशुदा महिला और शादी के वादे के तहत संबंध—हाईकोर्ट ने दी अहम संवैधानिक राय

चंडीगढ़  शादी का झांसा देकर बलात्कार के मामले में पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया है। अदालत का कहना है कि यह नहीं माना जा सकता कि एक कानूनी रूप से विवाहित महिला को शादी के नाम पर यौन संबंधों के लिए सहमत किया जा सकता है। कोर्ट ने पाया कि महिला किसी अन्य पुरुष के साथ शारीरिक संबंध बनाने के दौरान शादीशुदा थी।  रिपोर्ट के अनुसार, हाईकोर्ट ने इस मामले में दर्ज FIR को रद्द करने के आदेश दिए हैं। याचिका पर सुनवाई कर रहीं जस्टिस शालिनी सिंह नागपाल ने कहा कि यह नहीं माना जा सकता कि अभियोक्ता (महिला) ने याचिकाकर्ता की तरफ से किए गए वादों के प्रभाव में काम किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान महिला याचिकाकर्ता के साथ शारीरिक संबंधों में भी शामिल रही थी। उन्होंने कहा, 'जब एक पूरी तरह से परिपक्व, शादीशुदा महिला शादी के वादे पर यौन संबंधों की सहमति देती है और ऐसा करना जारी रखती है, तो यह शादी का अपमान है। न कि तथ्यों की गलत धारणा के प्रभाव में आकर काम करना। ऐसे मामले में याचिकाकर्ता पर आपराधिक दायित्व तय करने के लिए IPC की धारा 90 नहीं लगाई जा सकती। स्पष्ट तौर पर अभियोक्ता याचिकाकर्ता के साथ 1 साल से ज्यादा समय तक सहमति से संबंध में थी, जिस दौरान वह अपने पति के साथ भी विवाहित रही।' कोर्ट ने कहा, 'अगर याचिकाकर्ता के खिलाफ FIR में दर्ज कराए आरोपों और सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दिए बयानों को मान भी लिया जाए, तो यह अकल्पनीय है कि कानूनन रूप से शादीशुदा महिला को शादी के वादे पर यौन संबंधों के लिए सहमत किया जा सकता है। ऐसा लगता है कि अभियोक्ता लंबे समय से याचिकाकर्ता के साथ यौन संबंधों में थी। जब उसकी बहन की याचिकाकर्ता के साथ सगाई हो गई, तो उसे भावनात्मक रूप से धक्का लगा। ऐसे में केस दर्ज कराया गया।' कोर्ट ने पाया कि, 'अभियोक्ता वकील है और यह अच्छी तरह से जानती है कि वह अपने पति साथ वैध विवाह में है। याचिकाकर्ता भी वकील है, जो अभियोजन पक्ष के वकील के खिलाफ केस लड़ रहा है। ऐसे में याचिकाकर्ता के इस स्थिति में होने का सवाल ही नहीं उठता कि वह महिला को शादी के वादे पर शारीरिक संबंधों के लिए सहमत कर पाए।' कोर्ट ने यह भी पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ IPC की धारा 506 के तहत केस दर्ज है। आरोप हैं कि जब महिला ने याचिकाकर्ता से उसकी बहन के साथ सगाई का विरोध किया, तो उसने महिला को मारने की धमकी दी। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता की तरफ से कहे गए शब्दों का खुलासा नहीं किया गया है। ऐसे में इसके अभाव में यह पता लगाना संभव नहीं है कि याचिकाकर्ता का इरादा अभियोक्ता को डराने का था। साथ ही कोर्ट ने FIR में तारीख, जगहों का जिक्र नहीं होने पर भी गौर किया।

नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल की कमान, भाजपा ने सम्राट चौधरी को बनाया नेता—विजय सिन्हा उपनेता

पटना जनता दल यूनाईटेड के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को फिर से अपना नेता चुन लिया है। बुधवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास में जदयू के विधायक दल की बैठक हुई। साढ़े 11 बजे जदयू के विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने कहा कि बिहार की जनता उत्साहित है, उन्होंने नीतीश कुमार अपना नेता चुना है। मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पहली और अंतिम पसंद नीतीश कुमार ही हैं। नई सरकार में मंत्री बनाए जाने के सवाल पर रजक ने कहा कि इसका फैसला नीतीश कुमार करेंगे। विधायक दल की बैठक से पहले जदयू विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि यह बिहार के लिए बहुत अच्छा दिन है। हमारे अभिभावक नीतीश कुमार जी हैं और वह सभी के कल्याण के लिए काम करेंगे। इधर, भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की बैठक पार्टी कार्यालय में हो रही है। भाजपा के विधायकों ने सम्राट चौधरी के विधायक दल का नेता चुन लिया है। यानी वह डिप्टी सीएम बनेंगे। वहीं विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है। वह भी दूसरे डिप्टी सीएम बन सकते हैं। लेकिन, दूसरे डिप्टी सीएम पद के लिए फिलहाल मंथन जारी है। भाजपा दोनों डिप्टी सीएम का पद अपने पास रखना चाहती है। इधर, 19 सीट लाने वाली चिराग पासवान की पार्टी एक डिप्टी सीएम समेत तीन मंत्री का पद चाहती है। इस मुद्दे पर भी बातचीत चल रही है। दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक होगी। इसमें भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी के सभी नव निर्वाचित विधायक और नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा मौजूद रहेंगे। इधर, कुछ ही देर में गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचेंगे। वह भारतीय जनता पार्टी की बैठक में शामिल होंगे।

उत्तर प्रदेश 2047 के विकास हेतु ऊर्जा और वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्रों में रणनीतिक हस्तक्षेप

इन्फ्रास्ट्रक्चरः "विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप" ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा क्षेत्र विकसित भारत संकल्प @2047 के अनुरूप लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लखनऊ में "इन्फ्रास्ट्रक्चरः विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लिए रणनीतिक हस्तक्षेप" विषय पर उच्च-स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों पर विशेष सत्र आयोजित किए गए। कार्यक्रम में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों, उ‌द्योग समूहों, नीति अनुसंधान संस्थानों, ऊर्जा विशेषज्ञों तथा वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उ‌द्देश्य वर्ष 2047 तक उत्तर प्रदेश को स्वच्छ, विश्वसनीय, किफायती एवं टिकाऊ ऊर्जा उपलब्ध कराने हेतु दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना था, जो विकसित भारत संकल्प @2047 के राष्ट्रीय दृष्टिकोण के अनुरूप है। नीतिगत नेतृत्व द्वारा दिशा-निर्देश कार्यक्रम के प्रथम सत्र में श्री नरेन्द्र भूषण, अपर मुख्य सचिव (ऊर्जा) उत्तर प्रदेश ने अपने संबोधन के माध्यम से प्रदेश में ऊर्जा खपत, 24×7 निर्बाध बिजली उपलब्धता, नवीकरणीय ऊर्जा विस्तार, विकेन्द्रीकृत ऊर्जा, ग्रिड स्थिरता, माइक्रो-ग्रिड, परमाणु, फ्लोटिंग सोलर, ग्रीन हाईड्रोजन, ग्रीन अमोनिया, सर्फेस काईनेटिक्स, सस्टेनेबल ऐविएशन फ्यूल तथा भविष्य की तकनीकों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने प्रतिभागियों के सुझाव सुनकर उन्हें विभाग को लिखित रूप से उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया, ताकि हरित ऊर्जा के लक्ष्यों की प्राप्ति में उन्हें सम्मिलित किया जा सके। श्री आशीष गोयल, चेयरमैन, उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अपने संबोधन में कहा कि 2047 के लिए ऊर्जा क्षेत्र के लक्ष्यों का अनुमान लगाना चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि प्रौ‌द्योगिकी अत्यंत तीव्र गति से बदल रही है। इसलिए नीतियों को लचीला रखते हुए वास्तविक परिस्थितियों के अनुरूप क्रियान्वित करना आवश्यक है, ताकि उत्तर प्रदेश को विकसित एवं समृद्ध राज्य बनाने का संकल्प साकार किया जा सके। श्री आलोक कुमार, प्रमुख सचिव (योजना) द्वारा विकसित उत्तर प्रदेश 2047 के विज़न पर विस्तृत चर्चा करते हुए बताया कि स्मार्ट पोर्टल के माध्यम से विभिन्न वर्गों-युवा, महिलाएँ, उ‌द्योग, संस्था, स्टार्टअप, एसोसिएशन, अकादमिक जगत, सरकारी/गैर-सरकारी संगठनों तथा स्वयं सहायता समूहों से प्राप्त 1 करोड़ से अधिक सुझावों का AI आधारित विश्लेषण किया जा रहा है, जिनके आधार पर क्षेत्रवार प्राथमिकताएँ निर्धारित की जा रही हैं। श्री मनोज उपाध्याय, सलाहकार (ऊर्जा), नीति आयोग ने अपने वक्तव्य मे बताया कि नीति आयोग के मार्गदर्शन के अनुरूप उत्तर प्रदेश की दीर्घकालिक ऊर्जा योजनाओं को क्रियान्वयन योग्य बनाने पर बल दिया। सभी वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश देश की ऊर्जा संक्रमण यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है। राज्य ने वर्ष 2047 तक अपनी 40-50% ऊर्जा आवश्यकता नवीकरणीय स्रोतों से पूरी करने की प्रतिबद्धता दोहराई। ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा विज़न 2047 के क्रम में ऊर्जा विभाग के अन्तर्गत डिलाओएट के सहयोग से तैयार "Energy & Renewable Vision 2047" में निम्न प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए- * बड़े सौर पार्क * फ्लोटिंग सोलर * कैनाल-टॉप परियोजनाएँ * हाइब्रिड (विंड-सोलर) मॉडल * छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट * बायोमास एवं CBG आधारित बिजली उत्पादन * ऊर्जा भंडारण (Storage) प्रणालियाँ CEEW ने माँग पूर्वानुमान, स्मार्ट मीटरिंग और डिजिटल ग्रिड प्लानिंग पर सुझाव दिए। Vasudha Foundation ने जलवायु-अनुकूल राज्य-स्तरीय ऊर्जा योजनाएँ, राज्य रैंकिंग और सामुदायिक ऊर्जा शासन मॉडल पर प्रस्तुतिकरण दिया। उ‌द्योग संगठनों एवं बिज़नेस समूहों के सुझाव के क्रम मे CII, PHDCCI, IIA, SEVA सहित प्रमुख उ‌द्योग निकायों ने निम्न सुझाव प्रस्तुत किए- * बुंदेलखंड एवं पश्चिमी यूपी में सोलर मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किए जाएँ। * CBG एवं बायो-एनर्जी पार्क विकसित किए जाएँ। * MSMES हेतु रूफटॉप सोलर और कम-ब्याज वाले ग्रीन लोन उपलब्ध हों। * ओपन एक्सेस सुधार, सिंगल विंडो क्लियरेंस प्रणाली एवं RE पारिस्थितिकी तंत्र को गति मिले। * EV चार्जिंग, बैटरी स्टोरेज और ऊर्जा दक्षता योजनाओं को बढ़ावा दिया जाए। ऊर्जा डेवलपर्स एवं तकनीकी विशेषज्ञों का दृष्टिकोण प्रमुख RE कंपनियाँ – Avada, JSW, Adani Green * हाइब्रिड (सोलर-विंड) पार्क * मिनी-हाइड्रो क्लस्टर्स * ग्रीन बैंकिंग/रन-ऑफ-द-रिवर नीतियाँ IIT कानपुर * "State Centre for Advanced Green Hydrogen Research" की स्थापना का प्रस्ताव Intellismart, PowerXchange, Tata Power * 100% स्मार्ट मीटरिंग * डिजिटल सबस्टेशन * AI आधारित मांग पूर्वानुमान * डिजिटल ट्विन मॉडल हरित वित्तपोषण एवं निवेश रणनीतियाँ शीर्षक के अन्तर्गत PFC एवं वित्त विशेषज्ञों ने- * ग्रीन बॉन्ड * ESG-लिंक्ड लोन * ब्लेंडेड फाइनेंस * VGF मॉडल अपनाने का सुझाव दिया, जिससे सौर पार्क, स्टोरेज, ग्रीन हाइड्रोजन एवं माइक्रो-ग्रिड परियोजनाओं को गति मिल सके। * UP Renewable Marketplace Portal बनाने का विचार भी रखा गया। विकेन्द्रीकृत ऊर्जा एवं ग्रामीण सशक्तिकरण के अन्तर्गत Tata Power Renewable Microgrid विषयक ग्रामीण क्षेत्रों में सौर-आधारित माइक्रो-ग्रिड द्वारा निम्न मॉडल प्रस्तुत किए- * कोल्ड स्टोरेज * फूड प्रोसेसिंग * ई-रिक्शा चार्जिंग * डिजिटल शिक्षा केंद्र Shakti Foundation ने कृषि, ग्रामीण उ‌द्योगों और स्वच्छ रसोई तकनीकों को ऊर्जा-कुशल बनाने पर बल दिया। उ‌द्योग समूहों ने "Urja Surakshit Gram" अभियान को राज्यव्यापी रूप से लागू करने का प्रस्ताव रखा। कार्यशाला का समापन इस दृढ़ संकल्प के साथ हुआ कि वर्ष 2030-2040-2047 के ऊर्जा रोडमैप को उ‌द्योग, शोध संस्थानों और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से लागू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2047 तक भारत का अग्रणी हरित ऊर्जा राज्य बनने की प्रतिबद्धता दोहराई, जो विकसित भारत संकल्प @2047 के अनुरूप है।

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल बोले—आज का छत्तीसगढ़ अटल बिहारी वाजपेयी की देन

रायपुर : छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा आज का छत्तीसगढ़ स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की देन: स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल हजारों साल पुरानी है छत्तीसगढ़ की संस्कृति रायपुर  छत्तीसगढ़ की 25 वर्षों की संसदीय यात्रा पर आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के विशेष सत्र का आयोजन किया गया। इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने सदन में अपनी बात रखी। उन्होंने सदन में अपनी बात रखते हुए कहा को आज का छत्तीसगढ़ पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  अटल बिहारी वाजपेयी की देन है। हालांकि छत्तीसगढ़ का इतिहास सिर्फ 25 साल पुराना नहीं है बल्कि ये हजारों साल पुरानी संस्कृति है। पहली बार पंद्रहवीं सदी में कवि दलपत राव ने पहली बार छत्तीसगढ़ का जिक्र किया था।  कल्चुरियों के 1 हजार साल के शासन में रतनपुर और रायपुर के राजधानी रहते हुए 36 गढ़ों की वजह राज्य का नाम छत्तीसगढ़ पड़ा है। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत सदियों पुरानी है जिसको देखकर और सुनकर इस क्षेत्र के विशाल महत्व को समझा जा सकता है।  स्वास्थ्य मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि एक समय ऐसा आया जब मध्य प्रदेश का हिस्सा रहते हुए आज का छत्तीसगढ़ भुखमरी और पलायन के लिए जाना जाता था। लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के शासन काल में छत्तीसगढ़ ने दिनों दिन तरक्की की और 15 वर्षों में ही छत्तीसगढ़ राज्य ने तरक्की की रफ्तार में देश के बड़े राज्यों की बराबरी की। स्वर्गीय  अटल जी ने जिस उद्देश्य के साथ राज्य की स्थापना की थी , ये राज्य उसी दिशा में पिछले 25 वर्षों से लगातार तरक्की कर रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री ने छत्तीसगढ़ के उन महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि उनके संघर्ष के बिना आज के छत्तीसगढ़ का निर्माण कर पाना संभव नहीं था। उन्होंने कहा कि हम सभी की ये जिम्मेदारी है कि अपनी संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की दिशा में आगे बढ़ते रहें ताकि आने वाली पीढ़ियों इस विरासत को देख के ये जान सके कि हमारा इतिहास कितना समृद्ध रहा है।

मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य– वित्त मंत्री ओपी चौधरी

रायपुर : वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने किया राज्य जीएसटी विभाग के नये कार्यालय का शुभारंभ मजबूत अर्थव्यवस्था के लिए उन्नत व्यापार और सहयोगी कर प्रशासन अनिवार्य– वित्त मंत्री ओपी चौधरी घटी GST दरों का लाभ आम जनता तक पहुँचाना विभाग की प्रमुख जिम्मेदारी–वित्त मंत्री रायपुर छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी ने  नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग के 5वें एवं 6वें तल पर निर्मित आयुक्त, राज्य कर (GST) के नए अत्याधुनिक कार्यालय भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वित्त सचिव मुकेश बंसल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन सतीश थौरानी एवं प्रतिनिधिगण, CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अमर परवानी, CA एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित रायपुर मुख्यालय एवं विभिन्न संभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि “राज्य की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब व्यापार तरक्की करे और व्यापारियों को सरल एवं सहयोगी कर प्रशासन मिले। राज्य सरकार जनकल्याण के कार्यों को प्रभावी ढंग से तभी आगे बढ़ा सकती है, जब राजस्व व्यवस्था सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि GST विभाग के अधिकारी व्यापारियों की समस्याओं को समर्पण भाव से दूर करें, तकनीकी कठिनाइयों में उनकी सहायता करें और उन्हें नियमों व प्रक्रियाओं को समझने में सहयोग प्रदान करें। GST 2.0: जनता को राहत, व्यवसाय और रोजगार को गति वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि GST 2.0 कर सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर कर का बोझ कम करना, खपत को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और छोटे व्यवसायों व किसानों को मजबूती देना है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से औसत भारतीय परिवार को सालाना 25 हजार से 40 हजार तक की सीधी बचत मिलेगी, वहीं किसानों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों की आय में 10-20% वृद्धि संभव होगी। वित्त मंत्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनयापन संबंधी वस्तुओं पर कर घटने से परिवारों पर व्यय का बोझ कम होगा और जीवन अधिक सुरक्षित व सुलभ बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि “GST 2.0 से मिलने वाली राहत का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, यह विभाग की जिम्मेदारी है। वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू GST 2.0 ने कर संरचना को सरल बनाया है और कई वस्तुओं पर कर दरों में कटौती की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधारों का लाभ व्यापारियों, मध्यम वर्गीय परिवारों, किसानों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा पहुँचाया जाए। उत्कृष्ट करदाताओं को किया सम्मानित कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट करदाताओं को उच्च कर भुगतान, उत्कृष्ट अनुपालन और निरंतर वृद्धि के लिए Taxpayer Appreciation Award प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाले प्रमुख संस्थानों में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमपीसीजी मोबाइल प्रा. लि., एनटीपीसी, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, सारडा एंड मिनरल्स, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, भिलाई स्टील प्लांट और एबिस फूड्स एंड प्रोटीन प्रा. लि. शामिल हैं। वित्त मंत्री ने कहा कि यह सम्मान राज्य के अनुकरणीय करदाताओं को प्रोत्साहित करने तथा कर अनुपालन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक, पारदर्शी व करदाता हितैषी प्रशासन की दिशा में कदम अपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में निर्मित नया कार्यालय भवन राज्य कर विभाग की पारदर्शिता, कार्यकुशलता और करदाता हितैषी सेवाओं को नई दिशा देगा। यह भवन आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और सहज कर सेवा प्रणाली का नया प्रतीक है।

रायपुर: प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए CM साय का बड़ा फैसला

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के लिए की बड़ी घोषणा 200 यूनिट तक मिलेगा हाफ बिजली का लाभ प्रदेश के 42 लाख उपभोक्ता होंगे लाभान्वित प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को रायपुर राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता  सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में  वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके। इस तरह 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल योजना से प्रदेश के 45 लाख उपभोक्ताओं में से 42 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे, वहीं प्रधानमंत्री सूर्य घर मुक्त बिजली योजना का लाभ प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी। मुख्यमंत्री  साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री साय

रायपुर : मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष ने हॉकी मेन्स जूनियर वर्ल्ड कप ट्रॉफी 2025 का किया भव्य अनावरण प्रदेश में प्रतिष्ठित ट्रॉफी का आगमन युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी: मुख्यमंत्री  साय रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की ट्रॉफी का अनावरण किया। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री  तोखन साहू, प्रदेश के कैबिनेट मंत्री  केदार कश्यप तथा उपमुख्यमंत्री अरुण साव भी मौजूद रहे। उल्लेखनीय है कि विश्व की प्रतिष्ठित एफआईएच जूनियर मेन्स हॉकी वर्ल्ड कप 2025 की चमचमाती ट्रॉफी पहली बार भारत टूर के तहत आज छत्तीसगढ़ पहुंची और विधानसभा परिसर में आयोजित गरिमामयी समारोह में इसका अनावरण किया गया।  मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर कहा कि भारत में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप 2025 का आयोजन होना अत्यंत गर्व की बात है और इस ट्रॉफी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए विशेष सम्मान का अवसर है। उन्होंने हॉकी इंडिया के प्रति आभार जताते हुए कहा कि ट्रॉफी टूर देशभर में खेलों के प्रति उत्साह एवं प्रेरणा को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया द्वारा इस अभियान का शुभारंभ देश में खेल भावना को नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ शुरू से ही हॉकी की उर्वर भूमि रहा है। राजनांदगांव, बस्तर, जशपुर, सरगुजा, रायपुर, बिलासपुर और कोरबा जैसे जिलों से बड़ी संख्या में बच्चे हॉकी खेल में अपना भविष्य संवार रहे हैं। ट्रॉफी का यहां आगमन राज्य के युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायी होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना के विस्तार, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण और उभरती प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए प्रतिबद्ध है।  साय ने कहा कि यह ट्रॉफी दुनिया के श्रेष्ठ खिलाड़ियों की मेहनत, अनुशासन और सपनों का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर हॉकी इंडिया, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी को बधाई और शुभकामनाएं भी दी। इस मौके पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने ट्रॉफी के भव्य अनावरण के लिए छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ और छत्तीसगढ़ हॉकी के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, संघ के अन्य पदाधिकारी, हॉकी संगठन के प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। ’भारत पहली बार बनेगा जूनियर वर्ल्ड कप का मेजबान’ गौरतलब है कि एफआईएच हॉकी जूनियर मेन्स वर्ल्ड कप 2025 की मेजबानी भारत पहली बार कर रहा है। प्रतियोगिता 28 नवंबर से 10 दिसंबर तक चलेगी और तमिलनाडु के चेन्नई व मदुरै में आयोजित की जाएगी।

छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिला सम्मान

रायपुर : जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य पर छत्तीसगढ़ को मिले तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिला सम्मान छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति के हाथों छत्तीसगढ़ को मिला पुरस्कार जल संचय, जन भागीदारी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन, छत्तीसगढ़ को मिला द्वितीय पुरस्कार, रायपुर नगर निगम ने मारी बाजी रायपुर जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने पर छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ को विभिन्न श्रेणियों में तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। जल संचय, जन भागीदारी श्रेणी में भी छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को प्रथम स्थान मिला है। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया। विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू ने यह पुरस्कार प्रदान किया। इस अवसर पर केंद्रीय जलमंत्री सीआर पाटिल भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर सभी विजेताओं को बधाई देते हुए कहा यह सम्मान राज्य में जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के प्रति हमारी निरंतर मेहनत का परिणाम है। केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय द्वारा आज छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया गया। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा एक नई पहल शुरू की है, जल संचय, जन भागीदारी। इसके तहत भी इस वर्ष पुरस्कार प्रदान किए गए हैं। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ को उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। छत्तीसगढ़ से जल संसाधन विभाग के सचिव राजेश सुकुमार टोप्पो ने राष्ट्रपति के हाथों पुरस्कार ग्रहण किया। वहीं, नगरीय निकाय श्रेणी में रायपुर नगर निगम को देश में प्रथम स्थान मिला है। निगम के आयुक्त विश्वदीप ने यह पुरस्कार प्राप्त किया। इसके अलावा पूर्वी जोन के जिलों में विभिन्न श्रेणियों में बालोद, राजनांदगांव, रायपुर, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, बिलासपुर एवं रायगढ़ को भी जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड से सम्मानित किया गया। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर जल संरक्षण और प्रबंधन के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रीय जल पुरस्कार (एनडब्ल्यूए) की स्थापना की गई है, जिसके माध्यम से लोगों को जल के महत्त्व से अवगत कराने और उन्हें बेहतर जल उपयोग पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाता है। राष्ट्रीय जल पुरस्कार व्यक्तियों और संस्थाओं द्वारा पूरे देश में जल संरक्षण, जल प्रबंधन और ‘जल समृद्ध भारत’ के सरकार के विज़न को साकार करने के लिए किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को सम्मानित किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्यों को पहचान देना, जागरूकता फैलाना और समाज को जल संरक्षण के लिए प्रोत्साहित करना है। “छत्तीसगढ़ को एक साथ तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कार तथा ‘जल संचय–जन भागीदारी’ श्रेणी में उत्कृष्ट राज्य का द्वितीय स्थान मिलना हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। यह उपलब्धि हमारे किसानों, पंचायतों, शैक्षणिक संस्थानों, नगरीय निकायों, जल संसाधन विभाग, समाज के जागरूक नागरिकों और जनभागीदारी से आगे बढ़े जल संरक्षण जनआंदोलन का प्रतिफल है। राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मू जी के हाथों यह सम्मान मिलना हमारे प्रयासों को और सशक्त करता है। छत्तीसगढ़ सरकार जल संसाधनों के संरक्षण, पुनर्भरण और सतत प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए ‘जल समृद्ध छत्तीसगढ़’ के संकल्प को तेज गति से आगे बढ़ा रही है।” — मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले—छत्तीसगढ़ विधानसभा ने स्थापित किए कई महत्वपूर्ण कीर्तिमान

रायपुर : छत्तीसगढ़ की विधानसभा ने कई कीर्तिमान स्थापित किए-मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्ष 2047 तक इस मजबूत बुनियाद पर विकसित छत्तीसगढ़ की इमारत खड़ी होगी रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र के समापन अवसर पर कहा कि यह लोकतंत्र का मंदिर है। यह विधानसभा भवन केवल एक परिसर नहीं है, यह हमारे छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ निवासियों की उम्मीदों और आकांक्षाओं का प्रतीक है। इस भवन से छत्तीसगढ़ विधानसभा के अब तक के सभी सदस्यों की स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यह संविधान का अमृत वर्ष है। हमें अपने संविधान को आत्मार्पित किए 75 वर्ष हो गए हैं, ऐसे में यह अवसर संवैधानिक मूल्यों से प्रेरणा लेते हुए लोकतांत्रिक परंपराओं को समृद्ध करने वाली विभूतियों के स्मरण का भी है। श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं का विकास हुआ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह विधानसभा भवन अंत्योदय और जनकल्याण की उपलब्धियों का साक्षी रहा है। सभी सदस्यगणों ने अपनी पूरी ऊर्जा और प्रतिभा के साथ इस विधानसभा भवन में जो कड़ी मेहनत की है, वह अविस्मरणीय रहेगी। उन्होने कहा कि विधानसभा के इस भवन में जो विधेयक पारित हुए हैं, जो कानून बनाये गए हैं, उनके माध्यम से आज 25 वर्षों की गौरवशाली संसदीय यात्रा में समृद्ध छत्तीसगढ़ की नींव तैयार हुई है। साय ने कहा कि राज्य बनने के बाद विधानसभा के पहले सत्र का आयोजन राजकुमार कॉलेज के जशपुर हॉल में हुआ था और उसके बाद इस भवन में विधानसभा शुरू हुई। फिर अनेक गौरवशाली पलों का यह विधानसभा भवन साक्षी रहा है। भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम से लेकर वर्तमान राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु तक अनेक गणमान्य अतिथियों की यहां उपस्थिति एवं प्रेरक सम्बोधनों ने संवैधानिक परम्परा को मजबूत किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के स्वरूप को निखरते हुए सभी सदस्यों ने देखा है। कैसे न्यूनतम साधनों से छत्तीसगढ़ महतारी के सपूतों ने इन पच्चीस बरसों में छत्तीसगढ़ को संवारा है। प्रत्येक सदस्य इस बात के गवाह है। विधानसभा का यह भवन छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित रहेगा। लोकतंत्र के इस मंदिर की बहुत सारी स्मृतियां, यहां के सत्र, तीखी और मीठी नोंक-झोंक, सबकुछ इस परिसर ने देखा है और यह दस्तावेज के रूप में संकलित है। समृद्धि छत्तीसगढ़ की हुई नींव तैयार साय ने कहा कि 25 बरस पहले जब हमने विधानसभा की यात्रा आरंभ की थी, तब हम सभी अपने साथ अविभाजित मध्यप्रदेश विधानसभा की गौरवशाली परंपराएं लेकर आये थे। हमने हर श्रेष्ठ संसदीय परंपरा का पूरी प्रतिबद्धता से निर्वहन किया है। अविभाजित मध्यप्रदेश की विधानसभा में जिन सुंदर विधायी परंपराओं का निर्माण हुआ, उनके पीछे छत्तीसगढ़ की विभूतियों की भी प्रमुख भूमिका रही है। मुझे भी अविभाजित मध्यप्रदेश में विधायक रहने का अवसर प्राप्त हुआ। हमें गर्व है कि सभी श्रेष्ठ संसदीय परंपराओं को इस विधानसभा भवन ने समृद्ध करने का काम किया है। 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना के रजत महोत्सव के दिन हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के हाथों छत्तीसगढ़ के नये विधानसभा परिसर का लोकार्पण हुआ है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि ‘‘यह केवल एक इमारत का समारोह नहीं, बल्कि 25 वर्षों की जनाकांक्षा, जन संघर्ष और जन गौरव का उत्सव है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी के नेतृत्व में देश स्वर्णिम शिखर की ओर बढ़ा और एक नवंबर वर्ष 2000 को छत्तीसगढ़ पृथक राज्य के रूप में और हमारा यह विधानसभा अस्तित्व में आया। स्व. बाजपेयी ने राज्य का निर्माण तो किया ही, साथ ही केंद्र में जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना की। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के रूप में ग्रामीण बसाहटों को जोड़ने की महती योजना तैयार की, जिसका इसका भरपूर लाभ छत्तीसगढ़ को मिला। छत्तीसगढ़ के नवनिर्माण के लिए 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री के रूप में आपने और हमारे विधानसभा के साथियों ने बहुत पसीना बहाया है। सबको खाद्य सुरक्षा दिलाने की आपकी पहल से प्रदेश के लाखों लोगों को भूख से मुक्ति मिली। छत्तीसगढ़ के पीडीएस मॉडल को देश के अन्य राज्यों ने भी अपनाया। धान खरीदी के व्यवस्थित मॉडल से लाखों किसानों को पहली बार अपने फसल का बढ़िया मूल्य प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विधानसभा नीति निर्माण का मंच होने के साथ सामाजिक सुधार का सेतु भी है। इसी विधानसभा भवन में मातृ शक्ति के सम्मान को सुरक्षित रखने टोनही प्रताड़ना निवारण विधेयक, शासन और लोक सेवकों की जनता के प्रति जवाबदेही तय करने छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी विधेयक तथा युवाओं को कौशल विकास का अधिकार प्रदान किया गया। उन्होेने कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास को डबल इंजन की सरकार से शक्ति मिल गई और चहुँओर ऐसे कार्य आरंभ हुए, जिससे छत्तीसगढ़ के विकास का ग्राफ तेजी से उत्तरोत्तर चढ़ता गया। 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत साय ने कहा कि इस विधानसभा भवन ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी तथा वर्तमान यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के संकल्प को साकार करने अहम भूमिका निभाई है। वर्ष 2023 में जब हमारी सरकार बनी, तो सबसे पहले हमने प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ी फाइल को मंजूरी प्रदान की। प्रदेश में अब तक 26 लाख से अधिक पीएम आवास स्वीकृत किये जा चुके हैं। घर भी बने और घर के अंदर रसोई भी बदली। चूल्हे की जगह उज्ज्वला सिलेंडर प्रदान किया गया। हर घर बिजली पहुंचाई मुख्यमंत्री ने कहा कि 25 वर्षों में हमने हर घर बिजली पहुंचाई है। अब लोग प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के माध्यम से बिजली का उत्पादन भी कर रहे हैं। इसी विधानसभा में पिछले दो साल में ज्ञान और गति आधारित ऐतिहासिक बजट पेश किया। इस सदन द्वारा जनविश्वास विधेयक, लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, कृषि उपज मंडी संशोधन विधेयक, नगर पालिका तथा नगर निगम संशोधन विधेयक, निजी विश्वविद्यालय स्थापना संशोधन विधेयक, राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण विधेयक, राजिम माघी पुन्नी मेला संशोधन विधेयक और भू-राजस्व संहिता संशोधन विधेयक समेत अनेक जनकल्याणकारी विधेयक पारित किए गए। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा मुख्यमंत्री साय ने विधान सभा में कहा कि विधानसभा भवन को हमने धान की बालियों से सजाया है। छत्तीसगढ़ का हर किसान उम्मीद से भरा है, क्योंकि पर्याप्त पानी है, बिजली है और उनके उत्पादन का उचित मूल्य है। जब किसान … Read more