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RJD पर बरसे अमित शाह, बोले—बिहार में फिर नहीं आने देंगे जंगलराज

पटना बिहार के चुनावी मैदान में आज गृह मंत्री अमित शाह ने जमुई में लोगों के अंदर जोश भरने का काम किया। शाह ने मंच से कहा कि एक वक्त था जब जमुई लाल खून और लाल आतंक से सना हुआ था। यही वो जमीन थी जहां नक्सलवादियों ने अपना ठिकाना बनाया था। मगर आज, मोदी जी की सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया है। शाह ने रैली को संबोधित करते हुए जनता से कहा कि अगर आपसे जरा भी गलती हुई और आप कमल छाप या तीर छाप से जरा भी इधर-उधर गए तो फिर से जंगलराज आने वाला है। जमुई को जंगलराज चाहिए क्या? कल ही चुनाव का पहला चरण समाप्त हुआ है। लालू-राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। जमुई में भी उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। यहां की सभी चारों सीटें आपको NDA के खाते में डालनी हैं। आरजेडी पर खूब बरसे अमित शाह रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “कभी गया, औरंगाबाद और जमुई में नक्सलियों का राज चलता था। उन्होंने 150 साथियों के साथ धनबाद-पटना एक्सप्रेस को हाईजैक किया था और तीन यात्रियों की हत्या कर दी थी। मगर आज हालात बदल चुके हैं, चोरमारा गांव, जो मुंगेर-जमुई बॉर्डर पर है, 25 साल बाद नक्सलमुक्त हुआ है।” उन्होंने कहा, “पहले बिहार में ऐसे जिले थे जहां तीन बजे तक ही मतदान होता था, डर के माहौल में। अब शाम पांच बजे तक वोटिंग चल रही है, क्योंकि डर खत्म हो गया है।” अमित शाह ने लालू-राबड़ी राज पर भी जमकर हमला बोला। शाह ने कहा बोले, “उन दिनों बारात जाती थी तो उगाही के लिए कट्टा लेकर लोग पहुंचते थे। अपहरण, फिरौती और बीस से ज्यादा नरसंहार होता था, यही था उस दौर का बिहार। उसी जंगलराज ने बिहार की फैक्ट्रियां और कारोबार बंद करवा दिए और राज्य को गरीबी की तरफ धकेला।”

पहले चरण में 8% ज्यादा मतदान — बिहार में फिर बदल सकती है सत्ता की तस्वीर?

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के 18 ज़िलों की 121 सीटों पर उतरे 1314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है. गुरुवार को पहले चरण में मतदाताओं का उत्साह ज़बरदस्त देखने को मिला. पहले फेज की 121 सीटों पर 64.69 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो पिछले चुनाव से करीब साढ़े आठ फीसदी मतदान ज्यादा हुआ है. बिहार की सियासत में इस बार के मतदान को अभूतपूर्व माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश के इतिहास में यह सर्वाधिक वोटिंग है. साल 2020 में पहले चरण में 56.1 फीसदी वोटिंग हुई, लेकिन उस समय पहले फेज में 71 सीटों पर चुनाव हुए थे जबकि इस बार 121 सीट पर चुनाव हुए हैं.  चुनाव आयोग के मुताबिक पहले फेज की 121 सीटों पर 64.69 फीसदी मतदान रहा जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर 56 फीसदी के करीब मतदान रहा। इस लिहाज़ से देखें तो वोटिंग पैटर्न कहता है कि पिछले चुनाव से करीब साढ़े आठ फ़ीसदी वोटिंग ज़्यादा हुई है। इस बार चुनाव में जिस तरह से मतदान बढ़ा है, उससे सियासी दलों की धड़कनें बढ़ गई हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 ज़िलों की 121 सीटों पर वोटिंग हुई, जिसमें मुज़फ़्फ़रपुर और समस्तीपुर जिले में सबसे ज़्यादा मतदान रहा तो पटना में सबसे कम वोटिंग हुई है। मुजफ़्फरपुर में 70.96 फीसदी, समस्तीपुर में 70.63 फीसदी, मधेपुरा में 67.21 फीसदी, वैशाली में 67.37 प्रतिशत हुआ. सहरसा में 66.84 फीसदी, खगड़िया में 66.36 फीसदी, लखीसराय में 65.05 फीसदी, मुंगेर में 60.40 फीसदी, सीवान में 60.31 फ़ीसदी, नालंदा में 58.91 फीसदी और पटना जिले में 57.93 प्रतिशत वोटिंग हुई। इस तरह से बिहार के पहले चरण में 64.69 फीसदी कुल मतदान रहा. बिहार में साढ़े 8 फीसदी मतदान रहा 2020 में पहले फेज में 3.70 करोड़ कुल वोटर थे, जिसमें से 2.06 करोड़ ने वोट किया था. लेकिन अबकी बार पहले फेज में कुल 3.75 करोड़ वोटर हैं, जो पिछली बार से 5 लाख अधिक हैं. इस बार की पहले चरण में 64.69 फासदी वोटिंग हुई. अब सियासी दल इस बढ़े वोटिंग पैटर्न को अपने-अपने लिहाज से मुफीद बता रहे हैं. बिहार में इससे पहले 1951-52 से 2020 तक सबसे अधिक 2000 के विधानसभा चुनाव में 62.57 फीसदी वोट पड़े थे जबकि 1951-52 से 2024 तक हुए लोकसभा चुनाव में बिहार में सबसे अधिक 1998 में 64.60 फीसदी मतदान हुआ था, जो कि इस बार बिहार में पहले चरण की सीटों पर हुए वोटिंग ने इसे भी पछाड़ दिया. बिहार का वोटिंग पैटर्न के क्या संकेत वोटिंग फीसदी के घटने-बढ़ने का सीधा-सीधा असर चुनाव के नतीजों पर भी पड़ता है. भारत के चुनावी इतिहास में आमतौर पर माना जाता है कि जब वोटिंग ज़्यादा होती है, तो जनता बदलाव (एंटी इंकम्बेंसी) चाहती है. लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता. चुनाव में देखा गया है कि कई बार अधिक मतदान का मतलब सरकार के प्रति समर्थन (प्रो इंकम्बेंसी) भी रहती है.  मतलब साफ  है कि वोटर्स की ये सक्रियता किस दिशा में जाएगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी. एसआईआर के बाद पहली बार चुनाव हुए हैं. एसआईआर में तमाम वोट काटे गए हैं तो कुछ नए वोट जोड़े गए हैं. इस तरह फर्जी वोटर हटाए जाने की वजह से भी वोटिंग बढ़ने का कारण माना जा रहा है,  लेकिन बिहार में जब-जब वोटिंग बढ़ी है तो सत्ता बदल जाती है.  बिहार में वोटिंग बढ़ने से बदली सरकार बिहार में विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो 1951-52 से 2020 तक केवल तीन बार ही 60 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई. 1990 में 62.04, 1995 में 61.79 और अब से पहले सबसे अधिक रिकॉर्ड 2020 में 62.57 वोट पड़े थे, लेकिन इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अभी पहले चरण में 64.69 फ़ीसदी वोटिंग रही है. ऐसे ही अगले चरण में वोटिंग हुई तो बिहार के इतिहास में यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा. बिहार में अभी तक सबसे कम 42.60 फ़ीसदी भी 1951-52 में ही वोट पड़े थे. आजादी के बाद से लेकर अभी तक बिहार में जितने चुनाव हुए हैं, उसके वोटिंग पैटर्न को देखते हैं तो साफ जाहिर होता है कि बिहार में जब-जब मतदान में 5 फीसदी से ज़्यादा इजाफा हुआ है, उसका असर चुनाव पर पड़ा है. बिहार में सरकार बदल गई है, तीन बार देखा गया है कि वोटिंग बढ़ने से कैसे सत्ता पर सियासी असर पड़ा है.  बिहार में 5% से कैसे बदल जाती है सरकार बिहार में सबसे पहले 1967 के चुनाव में वोटिंग में इजाफा हुआ तो सरकार बदली. 1962 में 44.5 फ़ीसदी वोटिंग के मुकाबले 1967 में 51.5 फीसदी मतदान रहा.  इस तरह 7 फ़ीसदी वोटिंग ज़्यादा हुई थी और कांग्रेस के हाथों से सरकार निकल गई थी बिहार में पहली बार गैर-कांग्रेसी दलों ने मिलकर सरकार बनाई थी. 1967 के बाद 1980 में भी यही पैटर्न दिखा. वर्ष 1980 में 57.3 फीसदी मतदान हुआ था जबकि 1977 के चुनाव में 50.5 फ़ीसदी वोटिंग रही. इस तरह 6.8 फ़ीसदी ज़्यादा मतदान हुआ, जिसका नतीजा रहा कि सरकार बदल गई. जनता पार्टी को हार झेलना पड़ा और कांग्रेस वापसी कर गई. बिहार में इस बार समीकरण बदल गए हैं हालांकि, इस बार समीकरण बदल गए हैं. 2020 में एनडीए से अलग चुनाव लड़ने वाले चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा इस बार एनडीए के साथ थे तो मुकेश सहनी इस बार महागठबंधन के साथ हैं। इस बार 104 सीटों पर सीधा मुकाबला है, जबकि 17 सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई दिख रही है. पहले चरण में आरजेडी 72 सीट पर है तो उसके सहयोगी कांग्रेस 24 और सीपीआई माले 14 सीट पर किस्मत आजामा रहे हैं. वीआईपी और सीपीआई छह-छह सीट पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि सीपीएम तीन और आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में थे। इस तरह छह सीटों पर महागठबंधन की फ्रेंडली फाइट है. वहीं, एनडीए की तरफ से जेडीयू पहले फेज़ में 57 सीट मैदान में है तो बीजेपी ने 48 सीट पर थी। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) ने 13 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के दो प्रत्याशी मैदान में हैं और जीतनराम मांझी … Read more

बिहार को शिक्षा का नया केंद्र बनाने का ऐलान, राहुल बोले — ‘हम लाएंगे देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय’

पूर्णिया कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्णिया के कसबा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार की बदहाली के लिए एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने न सिर्फ राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि महाबंधन के लिए केंद्र और राज्य में निर्णायक जीत का आह्वान भी किया। सभा का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कसबा विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी मो. इरफान आलम मंच पर रो पड़े। राहुल गांधी ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा है कि जब मैं यहां आया, तो इरफान आलम रो रहे थे। आप MLA के बेटे नहीं हैं, लेकिन आप एक डाकिया के बेटे भी हैं। हमें आपके संघर्ष पर गर्व है। यह चुनाव आपका नहीं, बल्कि बिहार के हर युवा और हर गरीब का चुनाव है। लोग आपको इस बार विधायक बना रहे हैं, आप बस इन्हें (जनता को) अपना पूरा समर्थन दें। गांधी ने इरफान आलम के माध्यम से आम लोगों के संघर्ष और सादगी को सम्मानित करने की कोशिश की, जिससे स्थानीय जनता में एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा हो सके। राहुल गांधी ने बिहार की मूलभूत समस्याओं पर सीधा प्रहार करते हुए 'इंडिया' गठबंधन की सरकार बनने पर बड़े सुधारों का वादा किया है। राहुल गांधी ने संबोधित करते हुए पूर्णिया सदर से महागठबंधन समर्पित कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र कुमार और कसबा से इरफान आलम क पक्ष में अपना वोट मांगा। उन्होंने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र इंडिया गठबंधन की सरकार बनते ही बिहार में देश का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय खोला जाएगा, ताकि बिहार के युवाओं को शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर दुख व्यक्त किया। बिहार में आज लोग अस्पताल में जीने नहीं, बल्कि मरने जाते हैं, उन्होंने वोट चोरी का आरोप दोहराया है। दिल्ली में लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी पर लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार संविधान पर आक्रमण कर रही है और वोट चोरी करके चुनाव जीतने की साजिश रच रही है। वोट चोरी का जिक्र उन्होंने केंद्र और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में 20 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री है, लेकिन वे बिहार के युवाओं को मजदूर बनाया है। बिहार में उद्योग के लिए जमीन नहीं है, लेकिन अडाणी के लिए सरकार के पास जमीन है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि, हरियाणा का चुनाव वोट चोरी करके जीता गया। हरियाणा के वोटर लिस्ट में दो बूथ में एक महिला का चेहरा 200 बार दिखाया गया। वहीं, दूसरी महिला का 100 बार। हजारों लोग यूपी में वोट करते हैं। वहीं हरियाणा में वोटिंग करते हैं। ब्राजील की एक महिला हरियाणा की वोटर हैं, उसने वहां वोट दिया। महाराष्ट्र, हरियाणा और लोकसभा चुनाव में वोट चोरी करने के बाद बिहार में वोट चोरी किया जा रहा है। उन्होंने जनता से खासकर जनरेशन जेड से अपने भविष्य को बचाने के लिए आगे आने और संविधान की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन को वोट देने की अपील की। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया राहुल गांधी ने कहा, मैं बिहार के युवाओं से सवाल पूछना चाहता हूं। मैं देश के किसी भी प्रदेश में जाता हूं तो वहां मुझे बिहार के लोग दिखाई देते हैं। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया है। मेरा आपसे सवाल है कि जब आप दुबई और बेंगलुरु जैसा शहर बना सकते हो तो ये बिहार में क्यों नहीं कर पाते हो। एक समय होता था जब नालंदा की यूनिवर्सिटी पूरी दुनिया में मशहूर थी। जापान, कोरिया, इंग्लैंड से लोग पढ़ाई करने आते थे। दुनिया की शिक्षा का सेंटर नालंदा था। आज बिहार की यूनिवर्सिटी के बार में दूसरे लोगों से पूछिए। कहते हैं यहां सिर्फ पेपर लीक होता है। जिनकी सेटिंग है उन्हें पेपर मिल जाता है। यहां परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता बिहार के बाकी युवा देखते रह जाते हैं। बिहार का युवा सपना देखता है कि इंजीनियर बनूंगा, डॉक्टर बनूंगा। मां-पिता के पास जाता है और कहता है कि मुझे पढ़ाई करनी है। महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता है और बिहार का ईमानदार युवा देखता रह जाता है। राहुल ने कहा नीतीश कुमार कहते हैं कि 20 साल में बिहार को बदल दिया, लेकिन मैं पूछता हूं कि क्या बिहार में अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य मिल सकता है। बिहार के अस्पतालों में लोग जीने नहीं, मरने जाते हैं। दूसरी तरफ PM मोदी खड़े हैं। PM के हाथ में नीतीश का रिमोट है। नीतीश से जो करवाना है PM करवा देंगे। बिहार को नीतीश नहीं चलाते हैं। सरकार अमित शाह-मोदी चलाते हैं।

बिहार में बढ़ता मतदान उत्साह — 1 बजे तक 42.30% वोटिंग, देखें क्षेत्रवार आंकड़े

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान जारी है। मतदान शाम छह बजे तक होगा। वहीं सुरक्षा कारणों से मुंगेर जिले की तीन सीटें तारापुर, मुंगेर और जमालपुर के अलावा सिमरी बख्तिायारपुर, महिषी और सूर्यगढ़ा के 56 मतदान केन्द्रों पर मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक ही चलेगा। प्रथम चरण में 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं, इनमें  सम्राट चौधरी , विजय कुमार सिन्हा , तेजस्वी यादव ,  खेसारी लाल यादव  सहित कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। दोपहार 1 बजे तक का मतदान प्रतिशत     बिहार में 1 बजे तक कुल 42.30 % मतदान     मुंगेर में 41.47  % मतदान     नालंदा में 41.87  % मतदान     सहरसा में 44.20 % मतदान     मुजफ्फरपुर में 45.41 % मतदान     पटना में 37.72 % मतदान     सारण में 43.06 % मतदान     सीवान में 41.20 % मतदान     बेगूसराय में 46.02 % मतदान पवन सिंह ने किया मतदान     भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने अपने पैतृक गांव बड़हरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जोकहरी पहुंचकर मतदान किया।  मतदान के बाद उन्होंने लोगों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की।       वोटर लिस्ट से 150 लोगों का नाम गायब     छपरा विधानसभा के ब्रह्मपुर मोहल्ले के 150 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है, जिसके चलते लोगों में भारी आक्रोश है।       सुबह 11 बजे तक का मतदान प्रतिशत     बिहार में 11 बजे तक कुल 27.65 वोटिंग     समस्तीपुर में 25.11 % मतदान     आरा में 21.24 % मतदान     तरारी में 27.1 % मतदान     शाहपुर में 28.94 % मतदान     बेगूसराय में 30.37 % मतदान     गोपालगंज में 30.04  % मतदान  

BSP सुप्रीमो मायावती आज बिहार दौरे पर, रैली से भरेंगी चुनावी जोश

पटना बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आज बिहार के कैमूर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी। बसपा के एक बयान के अनुसार, रैली दोपहर में भभुआ हवाई पट्टी के पास एक मैदान में आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में आसपास के जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि बसपा लगभग सभी सीटों पर बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ रही है। बयान में कहा गया है कि राज्य में पार्टी के अभियान का नेतृत्व बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, राष्ट्रीय समन्वयक अनिल सिंह और राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद कर रहे हैं। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। 2025 के बिहार चुनाव (Bihar Election 2025) में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) के बीच होगा। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भी राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोका है।

यूपी के मुख्यमंत्री ने सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में की जनसभा

सासाराम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को पांडव की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 के बीच राजद ने बिहार में जंगलराज लाया था, लेकिन पीएम मोदी व नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार का विकास कर रही है। देश का उत्थान करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पांच पांडव (मोदी, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान) के नेतृत्व में मजबूत गठबंधन एनडीए के रूप में संकल्प लेकर बढ़ा है कि बिहार में फिर से जंगलराज नहीं आने देना है। सीएम ने बिहार वासियों से अपील की कि जंगलराज के खिलाफ सुशासन की सुदृढ़ नींव पर मजबूत व समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है। उत्तर प्रदेश की व्यस्तताओं के बीच बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार किया। दूसरी रैली में सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में रैली की।सीएम ने यहां भी राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। योगी का तंज- ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं महागठबंधन वाले सीएम ने वाराणसी के देव दीपावली का जिक्र करते हुए मिट्टी से बनने वाले दीप से प्रजापति समाज को लाभ होगा। इसमें लगे तेल का पैसा किसानों के पास जाएगा। पुजारी, माली,  कुम्हार समेत हर व्यक्ति इससे जुड़कर आस्था का सम्मान व रोजगार का सृजन कर रहा है। सीएम योगी ने मां जानकी के साथ ही बिहार के अनेक महापुरुषों का भी स्मरण किया। सीएम ने कहा कि बिहार की तरह सासाराम व रोहतास जनपद का भी गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कांग्रेस व राजद ने नागरिकों के सामने पहचान,  बहन-बेटियों, व्यापारियों व उद्यमियों के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया था तो किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। आज जो लोग घोषणाएं कर रहे हैं, वह लोग महागठबंधन बनाकर ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं, इन्हें फिर से नहीं आने देना है। सीएम ने दिलाया विश्वास- वाराणसी में हुई घटना की कर रहे जांच, दोषियों पर करेंगे कड़ी कार्रवाई सीएम योगी ने कहा कि साल भर पहले यहां की बेटी परीक्षा की तैयारी की कोचिंग के लिए वाराणसी गई थी। उसके साथ दुखद घटना हुई,  हम उसकी जांच कर रहे हैं। एसआईटी गठित करेंगे और दोषियों को सख्त सजा देंगे। बेटी की सुरक्षा व सम्मान होगा। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का यमराज के घर का टिकट कटवा देंगे। बिहार को भी त्रस्त करने वाले माफिया के आतंक को समाप्त किया और उसकी हवेली को धराशायी कराया सीएम योगी ने कहा कि एक माफिया ने बिहार को भी त्रस्त किया था। आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, लखनऊ तक उसका आतंक था। वह सपा और राजद का शागिर्द था। उसने लखनऊ में डीजीपी आवास के सामने गरीबों व सरकारी जमीन पर कब्जा कर महलनुमा आवास बना लिया था। सरकार बनी तो हमने पूछा कि सरकारी जमीन पर किसने कब्जा किया है। लोग नाम लेने से डरते थे। हमने जमीन कब्जा मुक्त कराई, उसकी हवेली को धराशायी कराया और वहां गरीबों के आवास बनवाए। आज सुबह वहां गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। यह कार्य केवल एनडीए कर सकती है। यूपी में नौजवान मस्त और माफिया पस्त है सीएम योगी ने कहा कि एनडीए गठबंधन स्वर्णिम बिहार के लिए आप सभी का समर्थन मांगने आई है। यूपी व बिहार सांझी विरासत को लेकर बढ़ता है। श्रीराम व मां जानकी के अटूट संबंध जैसा ही यूपी व बिहार का संबंध इसी पवित्रता के साथ जुड़ा हुआ है। यूपी में कानून का राज, सबको सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। विकास, रोजगार सृजन, निवेश हो रहा है। यूपी में नौजवान मस्त है, माफिया पस्त है। यही बिहार के अंदर भी करना है।   11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान सीएम योगी ने केंद्र सरकार की योजनाएं भी गिनाईं। फिर कहाकि पिछले 20 वर्ष में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ते देखा है। आज रेल,  एयर, मेट्रो कनेक्टिविटी समेत इनलैंड वॉटरवे की कनेक्टिविटी बिहार होते हुए यूपी के काशी व प्रयागराज तक होने जा रही है। बिहार में अब विकास की हर योजनाएं हैं। 11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक पहचान दिला दी। बिहार का व्यक्ति देश में कहीं भी चला जाए, यदि उसके पास राशन-आयुष्मान कार्ड है तो वह यूपी-एमपी, गुजरात में भी लाभ ले सकता है। यूपी में बनी भाजपा सरकार तो हमने कराया राम मंदिर का निर्माण सीएम योगी ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाया तो विरासत का सम्मान भी किया है। योगी ने राजद व कांग्रेस के पार्टनर समाजवादी पार्टी के कारनामे पर भी चर्चा की। बोले कि कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं,  राजद ने राम मंदिर के रथ को रोक दिया और समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान किया था। हम तब भी बोलते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यूपी में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद राममंदिर बनने से कोई नहीं रोक पाया। सीतामढ़ी में भी मां जानकी का मंदिर भी बन रहा है। अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए 6155 करोड़ रुपये से कॉरिडोर बन रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया।

नवंबर में बढ़ेगी ठिठुरन? बिहार के लिए IMD ने जारी की बड़ी Weather Report

पटना बिहार में winter season की दस्तक इस बार थोड़ा देर से हुई है। आमतौर पर अक्टूबर के शुरूआती हफ्ते में ही ठंड की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस साल Cyclone Montha (मोंथा तूफान) की वजह से अक्टूबर के आख़िरी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने सीजन की पहली ठंड महसूस की, जिससे मौसम में ठहराव सा देखने को मिला। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज से पहला Western Disturbance एक्टिव होने जा रहा है। हालांकि, इसका असर बिहार के मौसम पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में ठंड की शुरुआत जरूर होगी, लेकिन इस बार mild winter in Bihar देखने को मिल सकता है। दिन में हल्की धूप, सुबह कोहरे की चादर नवंबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज mixed pattern वाला रहेगा। 9 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के वक्त dense fog देखने को मिल सकता है। दिन के समय मीठी धूप लोगों को राहत देगी। IMD के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर इलाकों में partial cloud cover रहेगा। पछुआ हवाएं लगभग 30 km/h की रफ्तार से चलेंगी।     न्यूनतम तापमान: 18°C से 22°C     अधिकतम तापमान: 26°C से 30°C के बीच रहने की संभावना  नवंबर में कम पड़ेगी ठंड, IMD ने दी जानकारी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस बार नवंबर में cold temperature in Bihar सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा।  बिहार में ठंड की शुरुआत पर एक नजर     अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से गिरने लगा तापमान     नवंबर के पहले हफ्ते में नहीं होगी बारिश     पछुआ हवाओं की रफ्तार से बदलेगा मौसम     दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ेगी ठंडक     दिसंबर से बढ़ सकती है ठंड की तीव्रता  

मौसम विभाग की चेतावनी: बिहार के 7 जिलों में भारी बारिश, 29 जिलों में भीगेंगे लोग

पटना बिहार में आज का मौसम बारिश भरा रहने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार,  राज्य के 29 जिलों में बारिश की संभावना है, जबकि 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज शामिल हैं। इन जगहों पर अगले 24 घंटे के दौरान अति भारी बारिश और वज्रपात की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पटना और आसपास का मौसम राजधानी पटना में पिछले तीन दिनों से लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है और ठंड ने दस्तक दे दी है। शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 3 डिग्री तक नीचे चला गया है। “क्या आज बारिश होगी?”  मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज शाम तक कई जिलों में बारिश के फिर से सक्रिय होने की संभावना है। आज का मौसम बिहार पूरी तरह से मॉनसून जैसा बना हुआ है। मोंथा तूफान का असर जारी, तीन दिन से लगातार बारिश मौसम विभाग ने बताया है कि मोंथा तूफान के कारण गंगा किनारे के जिलों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। तेज हवाओं और लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। सड़कें जलमग्न हो चुकी हैं और कई जगहों पर बिजली आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इन जिलों में आज होगी बारिश मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, आज इन राज्य के पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मुंगेर, शेखपुरा, बांका, जमुई, नवादा और गया में बारिश की संभावना है। इन जिलों में तेज हवा, वज्रपात और मेघगर्जन की भी चेतावनी जारी की गई है। किसानों की बढ़ी चिंता, रबी फसल पर असर लगातार बारिश से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई जगहों पर कटे हुए धान की फसल खेतों में सड़ने लगी है। रबी फसलों की बुआई भी प्रभावित हो रही है क्योंकि खेतों में जलजमाव  की स्थिति बन गई है। इसका असर सरसों, आलू और मक्का की बुआई पर पड़ रहा है। कल मौसम कैसा रहेगा मौसम विभाग का कहना है कि 2 नवंबर को भी बिहार के उत्तरी और पूर्वी इलाकों में बारिश का असर बना रहेगा। हालांकि दक्षिण बिहार में मौसम धीरे-धीरे साफ होने की संभावना है। अगले 48 घंटों में मौसम सामान्य होने की उम्मीद है।  

‘जब कांग्रेसी घर आएं तो…’ डॉ. मोहन ने साधा निशाना, बिहार में गरजे राष्ट्रवाद के सुर

भोपाल/पटना बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2 नवंबर को मधुबनी और पटना जिले में धुआंधार प्रचार किया। उन्होंने मधुबनी की फुलरास विधानसभा से चुनाव लड़ रहीं शीला कुमारी और पटना की फतुहा विधानसभा से मैदान में उतरीं रूपा कुमारी के लिए रोड़ शो कर जनता से समर्थन मांगा। उन्होंने जनसभाओं में कहा कि कांग्रेस को प्रत्याशी ही नहीं उतारना चाहिए। क्योंकि, उसकी नजर केवल वोट पर है, जनहित पर नहीं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने जनता से कहा कि जब कांग्रेसी घर आएं और कहें कि वे भी भगवान राम के भक्त हैं तो उनसे सवाल कीजिए। उनसे कहिए के वे मथुरा में भगवान कृष्ण के मंदिर का समर्थन करें। मध्यप्रदेश के मुखिया ने कहा कि ये चुनाव परिवारवाद और राष्ट्रवाद के बीच लड़ाई है। आपका उत्साह बता रहा है कि जब चुनाव का रिजल्ट निकलेगा तो हमारी बहनें विजयी होंगी। आइए हम सब संकल्प करें कि जब तक एक-एक वोट हमारे पक्ष में नहीं पड़ जाए, तब तक शांति से नहीं बैठेंगे। गौरतलब है कि, सीएम डॉ. मोहन यादव इन दिनों बिहार चुनाव में व्यस्त हैं। उनका जनता पर सकारात्मक प्रभाव है, इसलिए उन्हें स्टार प्रचारक की भूमिका दी गई है। उन्होंने यहां जनसभा में कहा कि मधुबनी नाम सुनकर ही मन प्रसन्न हो जाता है। यहां की मधुबनी पेंटिंग की बात ही अलग है। यहां का राजसी पाग सोने-चांदी के मुकुट को फीका कर देता है। चुनावी माहौल में आज यहां का वातावरण वैसा ही है, जैसा होना चाहिए। बड़ी संख्या में बहनें बैठी हैं। हमारी शीला बहन आपकी जांची परखी उम्मीदवार हैं। वे चूल्हा-चौके से लेकर मंत्रालय तक संभालती हैं। भारतीय माताओं-बहनों को जो काम दो, वो बहुत अच्छे से करती हैं। माताएं-बहनें हमारे लिए पूजनीय हैं। दुनिया के अंदर 200 से ज्यादा देश हैं, उनमें से केवल भारत है जो पृथ्वी को मातृ सत्ता से जोड़ता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी माताओं-बहनों के लिए बहुत काम कर रहे हैं। आने वाले 2029 के बाद माताओं-बहनों को संसद-विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण मिलने वाला है। कांग्रेस पर जमकर बरसे सीएम डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ये कर्पूरी ठाकुर की धरती है। उनका भारत रत्न से सम्मान किसी ने किया, तो वो एनडीए है। हमारे नायक ने छोटे से छोटे आदमी को भी लोकतंत्र के साथ खड़ा करके आगे किया। बड़े दुर्भाग्य के साथ कहना पड़ता है कि कांग्रेस केवल वोट मांगती है। लेकिन, जब कभी भी भारत रत्न का मौका आया, तो अपने खानदान के अलावा उसे कुछ और नहीं दिखता। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी फिर राजीव गांधी को भारत रत्न दिया। सारे भारत रत्न घर में ही ले आए। जबकि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योग्य लोगों को भारत रत्न से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि गरीब परिवार का आदमी जो भी अच्छा काम करता है उसे आगे बढ़ना चाहिए। ये केवल एनडीए वाले कर सकते हैं। बंगाल के रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अच्छा काम किया। उनको भी अगर कोई भारत रत्न दे सकता है, तो वो केवल एनडीए की सरकार है। सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास-सबका प्रयास ही एनडीए का मंत्र है। कांग्रेस को रहना चाहिए चुनाव से दूर सीएम डॉ. मोहन ने कहा कि एनडीए सरकार ने बिहार में बहनों को दस हजार क्या दिए कांग्रेस हाय रे-हाय रे करने लगी। इनको लगा कि इनकी जेब कट गई। वो छाती पीट रहे हैं। कांग्रेस ने कभी बहनों के लिए कुछ नहीं किया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी तो केवल दस हजार रुपये दिए हैं, आगे जाकर सभी बहनों को दो लाख रुपये देंगे। सीमा पर जवान और खेत में किसान, इन दोनों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समान भाव से देखते हैं। उन्होंने देश में पहली बार किसानों को सम्मान निधि दी। किसानों की मेहनत से पूरे देश का पेट भरता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी मां सीता के ननिहाल से आते हैं। हमारे लिए भी बिहार आदर का केंद्र है। इतिहास को देखते कांग्रेस को तो अपना प्रत्याशी ही नहीं उतारना चाहिए था। उसने जो पाप भगवान राम के साथ किया है, उसके लिए उसे माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस ने हाई कोर्ट, सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र लगाकर कहा था कि भगवान राम के जन्म का प्रमाण कहां है, किसने कहा, कौन किसकी जन्मभूमि मानेगा। कांग्रेस ने भगवान राम के मुद्दों को उलझाया। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद पूरे ने देश ने एकता दिखाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान राम के जन्म स्थान पर मंदिर का भूमिपूजन किया। जब मंदिर बना तो कहीं दंगे नहीं हुए। हिंदू-मुस्लिम ने मिलकर आनंद मनाया। कांग्रेस बताए कि राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी को किसी ने राम मंदिर में जाते देखा क्या। ये लोग नहीं जाएंगे, क्योंकि ये छोटी मानसिकता वाले हैं। सुप्रीम के आदेश के बाद अगर राम मंदिर के निर्माण में किसी का सबसे बड़ा योगदान है, तो वो एनडीए की सरकार है। लक्ष्य हासिल करने तक शांति से न बैठें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक राष्ट्रवाद चल रहा है। उन्होंने धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा दिया। धार्मिक पर्यटन से लोगों की जिंदगी बेहतर हो सकती है। हमारी आस्था के केंद्रों को भव्य तीर्थ बनाया जाना चाहिए। साल 2022 के बाद उज्जैन की दशा तब पूरी तरह बदल गई, जब बाबा महाकाल लोक बना। पहले वहां 30-40 लाख लोग आते थे, लेकिन अब यह संख्या 7 करोड़ से ज्यादा हो गई है। अब बिहार में माता सीता के जहां-जहां धाम हैं, वहां-वहां तीर्थ स्थान बनाए जाएंगे। उन्होंने जनता से कहा कि जब कांग्रेसी नेता आपके दरवाजे आएं और कहें कि राम हमारे भी हैं तो उनसे कहना से तुमने तो अड़ंगे लगाए थे। तुम तो उनके जन्म के प्रमाण पूछ रहे थे, ये सारे पाप तुम्हारे हैं। उनसे कहना कि पिछला भूल जाओ और है दम तो अब कह दो कि मथुरा में धूमधाम से मंदिर बनाएंगे। लेकिन, कांग्रेसी ये नहीं बोल सकते, क्योंकि ये केवल वोट के भूखे हैं। हमारी पार्टी केवल सबका साथ-सबका विकास बोलती नहीं है, बल्कि करती भी है। हमारी पार्टी एकमात्र ऐसी पार्टी है, जो किसी भी कार्यकर्ता … Read more

वाम-दल एकजुट: भाकपा (माले) ने JMM को दिया समर्थन, दीपंकर भट्टाचार्य का BJP पर तीखा वार

घाटशिला झारखंड के घाटशिला (अनुसूचित जनजाति) विधानसभा क्षेत्र के लिए हो रहे उपचुनाव में भाकपा (माले) की केंद्रीय कमेटी ने झामुमो उम्मीदवार को समर्थन देने की घोषणा की है। पार्टी महासचिव कॉमरेड दीपंकर भट्टाचार्य ने विश्वास व्यक्त किया है कि भाजपा को घाटशिला में करारी हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन एकजुट होकर इस चुनाव में झामुमो के साथ खड़ा है। भट्टाचार्य ने उम्मीद जाहिर की है कि झामुमो उम्मीद्वार सोमेश सोरेन विजय होकर घाटशिला की जनता की आकांक्षाओं को पूरी करेंगे। भाकपा माले के विधायक कॉ अरूप चटर्जी और कॉ चंद्रदेव महतो लगातार घाटशिला की जनता से संपर्क बनाए हुए हैं और शीघ्र ही वहां उनका प्रचार-अभियान शुरू होने वाला है। झारखंड और बिहार में भाजपा लिए कोई जगह खाली नहीं भाकपा माले ने झारखंड की जनता को सतर्क करते हुए कहा कि सावधानी हटी, दुर्घटना घटी। भाकपा माले ने कहा कि भाजपा को झारखंड में अलग-थलग किए बगैर झारखंडियों के जल-जंगल-जमीन और रोजगार के संघर्ष को अपने मुकाम पर नहीं पहुंचाया जा सकता है। झारखंड की जनता अभी भी भाजपा के डबल इंजन राज में व्याप्त भ्रष्टाचार, कॉरपोरेट लूट, किसानों की जमीन की छिनतई, भुखमरी और बेरोजगारी को भूले नहीं हैं। भाकपा माले ने कहा कि वर्तमान उपचुनाव में भाजपा को करारी शिकस्त देकर दिल्ली में मोदी सरकार को यह संदेश दे दिया जाए कि झारखंड और बिहार में भाजपा लिए कोई जगह खाली नहीं है।