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बिहार चुनाव परिणाम पर शेखावत का बयान—‘जनता ने सच का साथ दिया’

जोधपुर केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत शनिवार को जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों, जम्मू-कश्मीर विस्फोट और अंता उपचुनाव सहित कई मुद्दों पर विस्तृत प्रतिक्रिया दी। केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के सभी घटक दलों ने इस चुनाव में मजबूत एकजुटता का परिचय दिया और सामूहिक संगठन शक्ति का उपयोग करते हुए चुनाव लड़ा। उन्होंने कहा कि बिहार के चुनाव में मुख्य मुकाबला ‘जंगल राज बनाम विकास’ के बीच था, और जनता ने जब चुनाव का समय आया, तो प्रचंड बहुमत देकर यह संदेश दिया कि अब देश की राजनीति का मुख्य आधार केवल और केवल विकास होगा। उन्होंने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि झूठे नैरेटिव गढ़कर, वोट चोरी जैसे अर्थहीन और आधारहीन आरोप लगाकर, संवैधानिक संस्थाओं पर लांछन लगाने वालों को जनता ने इस चुनाव में सख्त संदेश दिया है। शेखावत ने कहा कि देश में कई बार जनता ने सरकार बदलने के लिए घर से बाहर निकलकर अधिक मतदान किया, लेकिन इस बार जनता ने नकारात्मक और झूठ की राजनीति का जवाब देने के लिए लगभग 10% अधिक मतदान किया और एनडीए को प्रचंड बहुमत दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद के नेताओं ने चुनाव को हल्के स्तर पर ले जाने की कोशिश की। माननीय प्रधानमंत्री की माता जी से लेकर छठ मैया तक को उन्होंने नहीं बख्शा। बिहार की जनता ने इनके मुंह पर तमाचा मारकर जवाब दिया है। उन्होंने दावा किया कि जो दल सरकार बनाने की बातें कर रहे थे, वे दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए। शेखावत ने आगे कहा कि एनडीए के सभी घटक दल भाजपा, जदयू, लोजपा और जीतन राम मांझी की पार्टी ‘हम’ ने एक-दूसरे का समर्थन करते हुए 80 से 90% स्ट्राइक रेट हासिल किया। आतंकवाद पर सरकार का जीरो टॉलरेंस जम्मू-कश्मीर में हुए विस्फोट पर प्रतिक्रिया देते हुए शेखावत ने कहा कि अभी तक पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन दिल्ली हादसे से पहले ही सभी एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ काम कर रही थीं। उन्होंने कहा कि हादसा दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन उससे पहले 2900 किलो विस्फोटक की बरामदगी ने एक बड़े नुकसान को टाल दिया। शेखावत ने कहा, “सरकार का संकल्प है कि आतंकवाद के प्रति हमारा जीरो टॉलरेंस है। ऐसे कृत्यों को अंजाम देने वाले, चाहे देश के भीतर हों या बाहर, उन्हें निश्तेनाबूत किया जाएगा।” अंता उपचुनाव पर कही ये बात अंता उपचुनाव पर शेखावत ने कहा कि उपचुनाव कई मुद्दों से जुड़े होते हैं और इन्हें सामान्य चुनाव की तरह नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि अंता सीट ज्यादातर समय भाजपा के पास रही है, लेकिन जो भी कारण रहे हैं, वह आत्म अवलोकन का विषय है। शेखावत ने कहा, “हम सभी इस पर विचार करेंगे और आगे इस बात पर काम करेंगे कि भाजपा सरकार की नीतियों का प्रभाव देश की जनता के हृदय तक पहुँचे।”  

बिहार में भारी मतदान के बीच सम्राट चौधरी बोले — जनता ने सुशासन के पक्ष में वोट दिया

पटना बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मंगलवार को बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण की समाप्ति के बाद कहा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) बिहार में प्रचंड जीत की तरफ बढ़ रहा है और एक बार फिर प्रदेश में सुशासन की सरकार बनेगी।         सम्राट चौधरी ने मतदान समाप्त होने के बाद संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतदान बता रहा है कि सभी वर्गों के मतदाताओं खासकर महिलाओं, युवावर्ग, दलितों, शोषितों और वंचितों ने एनडीए के पक्ष में खुल कर मतदान किया है । उन्होंने चुनाव के दौरान सहयोग और मिलजुल कर व्यापक प्रचार के लिए एनडीए के घटक दलों और उनके नेताओं हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) के नेता जीतन राम मांझी, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के चिराग पासवान और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के नेता उपेंद्र कुशवाहा को धन्यवाद दिया । उन्होंने खास तौर से मुख्यमंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता नीतीश कुमार को धन्यवाद दिया, जिनके नेतृत्व में एनडीए इस बार का बिहार विधानसभा चुनाव लड़ रहा था। इस बार 2010 का रिकॉर्ड भी टूटेगा बिहार के उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह का रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला है उसे लगता है कि बिहार में विकास का मॉडल जनता को पसंद आया है और लोगों ने लोकतंत्र के इस पर्व में उत्सव की तरह भाग लिया है। उन्होंने कहा कि पहले चरण में ही 65 प्रतिशत मतदान के साथ अब तक के पिछले सारे कीर्तिमान टूट गए थे और दूसरा चरण मतदान प्रतिशत के मामले में पहले से भी बेहतर रहा है। उन्होंने इस जबरदस्त भागीदारी के लिए सभी मतदाताओं को धन्यवाद दिया और कहा कि मतदान का ट्रेंड बता रहा है कि एनडीए की 2010 में हुई विजय का भी कीर्तिमान इस बार टूटेगा। सम्राट चौधरी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में एनडीए को करीब 180 विधानसभा सीटों में बढ़त हासिल हुई थी और ऐसा लगता है की 2025 के विधानसभा चुनाव उसी की पुनरावृति होने वाली है या उससे भी ज्यादा सीटें मिलने की संभावना है। उन्होंने कहा कि ऐसा अनुमान है कि इस चुनाव में इंडिया का वोट शेयर 50 प्रतिशत से भी ज्यादा होगा और बिहार को एक बार फिर एक ऐसी सरकार मिलेगी जो उसे विकसित प्रदेश बनाने की दिशा में ले जाएगी।

चिराग पासवान बोले — बिहार में एनडीए की प्रचंड बहुमत से सरकार बनेगी

पटना, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के इस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि एनडीए 160 से अधिक सीट जीतकर सरकार बनाएगा। चिराग पासवान ने कहा कि पहले चरण में हुई दमदार वोटिंग इसी ओर इशारा कर रही है। पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान चिराग पासवान ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए दावा किया है पहले चरण के रुझान साफ तौर पर इशारा कर रहे हैं कि एनडीए सरकार बना रही है। हम अपने सभी उम्मीदवारों से फीडबैक ले रहे हैं और उस आधार पर कह रहे हैं कि एनडीए सरकार बना रही है, इसमें कोई शक नहीं है। चिराग ने दावा किया है कि एनडीए बिहार में 175 से अधिक सीटें जीतकर सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि मेरा यह भी मानना है कि दूसरे चरण के मतदान के बाद अगर हम 2010 के रिकॉर्ड को भी पार कर जाएं, तो भी कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी बिहार के लोगों से प्रेम करते हैं। उनके बार-बार बिहार आने और प्रदेशवासियों को सौगात देने से जनता में डबल इंजन सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। राहुल गांधी के वोट चोरी के बयान पर चिराग पासवान ने कहा कि राहुल गांधी लगातार चुनाव हार रहे हैं, उन्हें हार का अनुभव है। इस अनुभव से ही वह चुनाव हारने से पहले बहाने तैयार कर लेते हैं। इस बार भी एसआईआर का बहाना बनाया, लेकिन जनता ने मतदान कर जवाब दिया है। चिराग ने कहा कि पहले यह लोग ईवीएम को दोष देते थे। अब नया बहाना एसआईआर का लेकर आए हैं, लेकिन यह मुद्दा कुछ साल चलेगा। इसके बाद राहुल गांधी कुछ और बहाना लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि एसआईआर जरूरी था और वोटर लिस्ट से उन लोगों के नाम काटे गए जो अवैध थे। वैध मतदाताओं ने पहले चरण में बढ़-चढ़ कर भाग लिया। चिराग ने पूछा कि अगर वैध मतदाताओं के वोट काटे जाते तो राजनीतिक दलों की ओर से आपत्ति जताई जाती, लेकिन कोई आपत्ति नहीं जताई गई। इससे साफ है कि एसआईआर के मुद्दे पर राहुल गांधी ने सिर्फ झूठ बोला। तेजस्वी यादव को निशाने पर लेते हुए चिराग पासवान ने कहा कि तेजस्वी यादव सिर्फ भावी मुख्यमंत्री ही रहेंगे, इससे ज्यादा कुछ नहीं बन पाएंगे। राजद के सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराएं। अगर ऐसा हो रहा है तो बिल्कुल गलत है और ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। अगर सीसीटीवी कैमरे काम नहीं कर रहे हैं तो हमें इसकी चिंता उनसे ज्यादा है, क्योंकि हम ईमानदारी और निष्ठा से काम करने वाले लोग हैं। ये तो 90 के दशक में बूथ लूटते थे।  

RJD पर बरसे अमित शाह, बोले—बिहार में फिर नहीं आने देंगे जंगलराज

पटना बिहार के चुनावी मैदान में आज गृह मंत्री अमित शाह ने जमुई में लोगों के अंदर जोश भरने का काम किया। शाह ने मंच से कहा कि एक वक्त था जब जमुई लाल खून और लाल आतंक से सना हुआ था। यही वो जमीन थी जहां नक्सलवादियों ने अपना ठिकाना बनाया था। मगर आज, मोदी जी की सरकार ने बिहार से नक्सलवाद को पूरी तरह खत्म कर दिया है। शाह ने रैली को संबोधित करते हुए जनता से कहा कि अगर आपसे जरा भी गलती हुई और आप कमल छाप या तीर छाप से जरा भी इधर-उधर गए तो फिर से जंगलराज आने वाला है। जमुई को जंगलराज चाहिए क्या? कल ही चुनाव का पहला चरण समाप्त हुआ है। लालू-राहुल की पार्टी का सूपड़ा साफ हो गया है। जमुई में भी उनका खाता नहीं खुलना चाहिए। यहां की सभी चारों सीटें आपको NDA के खाते में डालनी हैं। आरजेडी पर खूब बरसे अमित शाह रैली को संबोधित करते हुए शाह ने कहा, “कभी गया, औरंगाबाद और जमुई में नक्सलियों का राज चलता था। उन्होंने 150 साथियों के साथ धनबाद-पटना एक्सप्रेस को हाईजैक किया था और तीन यात्रियों की हत्या कर दी थी। मगर आज हालात बदल चुके हैं, चोरमारा गांव, जो मुंगेर-जमुई बॉर्डर पर है, 25 साल बाद नक्सलमुक्त हुआ है।” उन्होंने कहा, “पहले बिहार में ऐसे जिले थे जहां तीन बजे तक ही मतदान होता था, डर के माहौल में। अब शाम पांच बजे तक वोटिंग चल रही है, क्योंकि डर खत्म हो गया है।” अमित शाह ने लालू-राबड़ी राज पर भी जमकर हमला बोला। शाह ने कहा बोले, “उन दिनों बारात जाती थी तो उगाही के लिए कट्टा लेकर लोग पहुंचते थे। अपहरण, फिरौती और बीस से ज्यादा नरसंहार होता था, यही था उस दौर का बिहार। उसी जंगलराज ने बिहार की फैक्ट्रियां और कारोबार बंद करवा दिए और राज्य को गरीबी की तरफ धकेला।”

पहले चरण में 8% ज्यादा मतदान — बिहार में फिर बदल सकती है सत्ता की तस्वीर?

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के 18 ज़िलों की 121 सीटों पर उतरे 1314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है. गुरुवार को पहले चरण में मतदाताओं का उत्साह ज़बरदस्त देखने को मिला. पहले फेज की 121 सीटों पर 64.69 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो पिछले चुनाव से करीब साढ़े आठ फीसदी मतदान ज्यादा हुआ है. बिहार की सियासत में इस बार के मतदान को अभूतपूर्व माना जा रहा है, क्योंकि प्रदेश के इतिहास में यह सर्वाधिक वोटिंग है. साल 2020 में पहले चरण में 56.1 फीसदी वोटिंग हुई, लेकिन उस समय पहले फेज में 71 सीटों पर चुनाव हुए थे जबकि इस बार 121 सीट पर चुनाव हुए हैं.  चुनाव आयोग के मुताबिक पहले फेज की 121 सीटों पर 64.69 फीसदी मतदान रहा जबकि 2020 के विधानसभा चुनाव में इन सीटों पर 56 फीसदी के करीब मतदान रहा। इस लिहाज़ से देखें तो वोटिंग पैटर्न कहता है कि पिछले चुनाव से करीब साढ़े आठ फ़ीसदी वोटिंग ज़्यादा हुई है। इस बार चुनाव में जिस तरह से मतदान बढ़ा है, उससे सियासी दलों की धड़कनें बढ़ गई हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 18 ज़िलों की 121 सीटों पर वोटिंग हुई, जिसमें मुज़फ़्फ़रपुर और समस्तीपुर जिले में सबसे ज़्यादा मतदान रहा तो पटना में सबसे कम वोटिंग हुई है। मुजफ़्फरपुर में 70.96 फीसदी, समस्तीपुर में 70.63 फीसदी, मधेपुरा में 67.21 फीसदी, वैशाली में 67.37 प्रतिशत हुआ. सहरसा में 66.84 फीसदी, खगड़िया में 66.36 फीसदी, लखीसराय में 65.05 फीसदी, मुंगेर में 60.40 फीसदी, सीवान में 60.31 फ़ीसदी, नालंदा में 58.91 फीसदी और पटना जिले में 57.93 प्रतिशत वोटिंग हुई। इस तरह से बिहार के पहले चरण में 64.69 फीसदी कुल मतदान रहा. बिहार में साढ़े 8 फीसदी मतदान रहा 2020 में पहले फेज में 3.70 करोड़ कुल वोटर थे, जिसमें से 2.06 करोड़ ने वोट किया था. लेकिन अबकी बार पहले फेज में कुल 3.75 करोड़ वोटर हैं, जो पिछली बार से 5 लाख अधिक हैं. इस बार की पहले चरण में 64.69 फासदी वोटिंग हुई. अब सियासी दल इस बढ़े वोटिंग पैटर्न को अपने-अपने लिहाज से मुफीद बता रहे हैं. बिहार में इससे पहले 1951-52 से 2020 तक सबसे अधिक 2000 के विधानसभा चुनाव में 62.57 फीसदी वोट पड़े थे जबकि 1951-52 से 2024 तक हुए लोकसभा चुनाव में बिहार में सबसे अधिक 1998 में 64.60 फीसदी मतदान हुआ था, जो कि इस बार बिहार में पहले चरण की सीटों पर हुए वोटिंग ने इसे भी पछाड़ दिया. बिहार का वोटिंग पैटर्न के क्या संकेत वोटिंग फीसदी के घटने-बढ़ने का सीधा-सीधा असर चुनाव के नतीजों पर भी पड़ता है. भारत के चुनावी इतिहास में आमतौर पर माना जाता है कि जब वोटिंग ज़्यादा होती है, तो जनता बदलाव (एंटी इंकम्बेंसी) चाहती है. लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता. चुनाव में देखा गया है कि कई बार अधिक मतदान का मतलब सरकार के प्रति समर्थन (प्रो इंकम्बेंसी) भी रहती है.  मतलब साफ  है कि वोटर्स की ये सक्रियता किस दिशा में जाएगी, यह कहना अभी जल्दबाजी होगी. एसआईआर के बाद पहली बार चुनाव हुए हैं. एसआईआर में तमाम वोट काटे गए हैं तो कुछ नए वोट जोड़े गए हैं. इस तरह फर्जी वोटर हटाए जाने की वजह से भी वोटिंग बढ़ने का कारण माना जा रहा है,  लेकिन बिहार में जब-जब वोटिंग बढ़ी है तो सत्ता बदल जाती है.  बिहार में वोटिंग बढ़ने से बदली सरकार बिहार में विधानसभा चुनाव की बात की जाए तो 1951-52 से 2020 तक केवल तीन बार ही 60 फीसदी से अधिक वोटिंग हुई. 1990 में 62.04, 1995 में 61.79 और अब से पहले सबसे अधिक रिकॉर्ड 2020 में 62.57 वोट पड़े थे, लेकिन इस बार सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. अभी पहले चरण में 64.69 फ़ीसदी वोटिंग रही है. ऐसे ही अगले चरण में वोटिंग हुई तो बिहार के इतिहास में यह अपने आप में एक रिकॉर्ड होगा. बिहार में अभी तक सबसे कम 42.60 फ़ीसदी भी 1951-52 में ही वोट पड़े थे. आजादी के बाद से लेकर अभी तक बिहार में जितने चुनाव हुए हैं, उसके वोटिंग पैटर्न को देखते हैं तो साफ जाहिर होता है कि बिहार में जब-जब मतदान में 5 फीसदी से ज़्यादा इजाफा हुआ है, उसका असर चुनाव पर पड़ा है. बिहार में सरकार बदल गई है, तीन बार देखा गया है कि वोटिंग बढ़ने से कैसे सत्ता पर सियासी असर पड़ा है.  बिहार में 5% से कैसे बदल जाती है सरकार बिहार में सबसे पहले 1967 के चुनाव में वोटिंग में इजाफा हुआ तो सरकार बदली. 1962 में 44.5 फ़ीसदी वोटिंग के मुकाबले 1967 में 51.5 फीसदी मतदान रहा.  इस तरह 7 फ़ीसदी वोटिंग ज़्यादा हुई थी और कांग्रेस के हाथों से सरकार निकल गई थी बिहार में पहली बार गैर-कांग्रेसी दलों ने मिलकर सरकार बनाई थी. 1967 के बाद 1980 में भी यही पैटर्न दिखा. वर्ष 1980 में 57.3 फीसदी मतदान हुआ था जबकि 1977 के चुनाव में 50.5 फ़ीसदी वोटिंग रही. इस तरह 6.8 फ़ीसदी ज़्यादा मतदान हुआ, जिसका नतीजा रहा कि सरकार बदल गई. जनता पार्टी को हार झेलना पड़ा और कांग्रेस वापसी कर गई. बिहार में इस बार समीकरण बदल गए हैं हालांकि, इस बार समीकरण बदल गए हैं. 2020 में एनडीए से अलग चुनाव लड़ने वाले चिराग पासवान और उपेंद्र कुशवाहा इस बार एनडीए के साथ थे तो मुकेश सहनी इस बार महागठबंधन के साथ हैं। इस बार 104 सीटों पर सीधा मुकाबला है, जबकि 17 सीटों पर त्रिकोणीय लड़ाई दिख रही है. पहले चरण में आरजेडी 72 सीट पर है तो उसके सहयोगी कांग्रेस 24 और सीपीआई माले 14 सीट पर किस्मत आजामा रहे हैं. वीआईपी और सीपीआई छह-छह सीट पर चुनाव लड़ रही हैं, जबकि सीपीएम तीन और आईपी गुप्ता की इंडियन इंक्लूसिव पार्टी (आईआईपी) ने दो सीटों पर अपने उम्मीदवार मैदान में थे। इस तरह छह सीटों पर महागठबंधन की फ्रेंडली फाइट है. वहीं, एनडीए की तरफ से जेडीयू पहले फेज़ में 57 सीट मैदान में है तो बीजेपी ने 48 सीट पर थी। चिराग पासवान की एलजेपी (रामविलास) ने 13 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं. उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी आरएलएम के दो प्रत्याशी मैदान में हैं और जीतनराम मांझी … Read more

बिहार को शिक्षा का नया केंद्र बनाने का ऐलान, राहुल बोले — ‘हम लाएंगे देश का सबसे बड़ा विश्वविद्यालय’

पूर्णिया कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पूर्णिया के कसबा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए बिहार की बदहाली के लिए एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने न सिर्फ राज्य की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए, बल्कि महाबंधन के लिए केंद्र और राज्य में निर्णायक जीत का आह्वान भी किया। सभा का सबसे भावुक क्षण तब आया जब कसबा विधानसभा क्षेत्र से महागठबंधन के प्रत्याशी मो. इरफान आलम मंच पर रो पड़े। राहुल गांधी ने तुरंत आगे बढ़कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान राहुल गांधी ने कहा है कि जब मैं यहां आया, तो इरफान आलम रो रहे थे। आप MLA के बेटे नहीं हैं, लेकिन आप एक डाकिया के बेटे भी हैं। हमें आपके संघर्ष पर गर्व है। यह चुनाव आपका नहीं, बल्कि बिहार के हर युवा और हर गरीब का चुनाव है। लोग आपको इस बार विधायक बना रहे हैं, आप बस इन्हें (जनता को) अपना पूरा समर्थन दें। गांधी ने इरफान आलम के माध्यम से आम लोगों के संघर्ष और सादगी को सम्मानित करने की कोशिश की, जिससे स्थानीय जनता में एक भावनात्मक जुड़ाव पैदा हो सके। राहुल गांधी ने बिहार की मूलभूत समस्याओं पर सीधा प्रहार करते हुए 'इंडिया' गठबंधन की सरकार बनने पर बड़े सुधारों का वादा किया है। राहुल गांधी ने संबोधित करते हुए पूर्णिया सदर से महागठबंधन समर्पित कांग्रेस प्रत्याशी जितेंद्र कुमार और कसबा से इरफान आलम क पक्ष में अपना वोट मांगा। उन्होंने ऐतिहासिक घोषणा करते हुए कहा कि केंद्र इंडिया गठबंधन की सरकार बनते ही बिहार में देश का सबसे बड़ा और विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय खोला जाएगा, ताकि बिहार के युवाओं को शिक्षा के लिए पलायन न करना पड़े। उन्होंने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं की दुर्दशा पर दुख व्यक्त किया। बिहार में आज लोग अस्पताल में जीने नहीं, बल्कि मरने जाते हैं, उन्होंने वोट चोरी का आरोप दोहराया है। दिल्ली में लगाए गए आरोपों को दोहराते हुए राहुल गांधी ने बीजेपी पर लोकतंत्र को खत्म करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा सरकार संविधान पर आक्रमण कर रही है और वोट चोरी करके चुनाव जीतने की साजिश रच रही है। वोट चोरी का जिक्र उन्होंने केंद्र और नीतीश कुमार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार में 20 साल से नीतीश कुमार मुख्यमंत्री है, लेकिन वे बिहार के युवाओं को मजदूर बनाया है। बिहार में उद्योग के लिए जमीन नहीं है, लेकिन अडाणी के लिए सरकार के पास जमीन है। राहुल गांधी ने आगे कहा कि, हरियाणा का चुनाव वोट चोरी करके जीता गया। हरियाणा के वोटर लिस्ट में दो बूथ में एक महिला का चेहरा 200 बार दिखाया गया। वहीं, दूसरी महिला का 100 बार। हजारों लोग यूपी में वोट करते हैं। वहीं हरियाणा में वोटिंग करते हैं। ब्राजील की एक महिला हरियाणा की वोटर हैं, उसने वहां वोट दिया। महाराष्ट्र, हरियाणा और लोकसभा चुनाव में वोट चोरी करने के बाद बिहार में वोट चोरी किया जा रहा है। उन्होंने जनता से खासकर जनरेशन जेड से अपने भविष्य को बचाने के लिए आगे आने और संविधान की रक्षा के लिए इंडिया गठबंधन को वोट देने की अपील की। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया राहुल गांधी ने कहा, मैं बिहार के युवाओं से सवाल पूछना चाहता हूं। मैं देश के किसी भी प्रदेश में जाता हूं तो वहां मुझे बिहार के लोग दिखाई देते हैं। दुबई जैसी जगह को आपने अपने खून पसीने से बनाया है। मेरा आपसे सवाल है कि जब आप दुबई और बेंगलुरु जैसा शहर बना सकते हो तो ये बिहार में क्यों नहीं कर पाते हो। एक समय होता था जब नालंदा की यूनिवर्सिटी पूरी दुनिया में मशहूर थी। जापान, कोरिया, इंग्लैंड से लोग पढ़ाई करने आते थे। दुनिया की शिक्षा का सेंटर नालंदा था। आज बिहार की यूनिवर्सिटी के बार में दूसरे लोगों से पूछिए। कहते हैं यहां सिर्फ पेपर लीक होता है। जिनकी सेटिंग है उन्हें पेपर मिल जाता है। यहां परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता बिहार के बाकी युवा देखते रह जाते हैं। बिहार का युवा सपना देखता है कि इंजीनियर बनूंगा, डॉक्टर बनूंगा। मां-पिता के पास जाता है और कहता है कि मुझे पढ़ाई करनी है। महीनों की मेहनत के बाद परीक्षा के एक दिन पहले पेपर लीक हो जाता है और बिहार का ईमानदार युवा देखता रह जाता है। राहुल ने कहा नीतीश कुमार कहते हैं कि 20 साल में बिहार को बदल दिया, लेकिन मैं पूछता हूं कि क्या बिहार में अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य मिल सकता है। बिहार के अस्पतालों में लोग जीने नहीं, मरने जाते हैं। दूसरी तरफ PM मोदी खड़े हैं। PM के हाथ में नीतीश का रिमोट है। नीतीश से जो करवाना है PM करवा देंगे। बिहार को नीतीश नहीं चलाते हैं। सरकार अमित शाह-मोदी चलाते हैं।

बिहार में बढ़ता मतदान उत्साह — 1 बजे तक 42.30% वोटिंग, देखें क्षेत्रवार आंकड़े

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर मतदान जारी है। मतदान शाम छह बजे तक होगा। वहीं सुरक्षा कारणों से मुंगेर जिले की तीन सीटें तारापुर, मुंगेर और जमालपुर के अलावा सिमरी बख्तिायारपुर, महिषी और सूर्यगढ़ा के 56 मतदान केन्द्रों पर मतदान सुबह सात बजे से शाम पांच बजे तक ही चलेगा। प्रथम चरण में 1314 उम्मीदवार मैदान में हैं, इनमें  सम्राट चौधरी , विजय कुमार सिन्हा , तेजस्वी यादव ,  खेसारी लाल यादव  सहित कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। दोपहार 1 बजे तक का मतदान प्रतिशत     बिहार में 1 बजे तक कुल 42.30 % मतदान     मुंगेर में 41.47  % मतदान     नालंदा में 41.87  % मतदान     सहरसा में 44.20 % मतदान     मुजफ्फरपुर में 45.41 % मतदान     पटना में 37.72 % मतदान     सारण में 43.06 % मतदान     सीवान में 41.20 % मतदान     बेगूसराय में 46.02 % मतदान पवन सिंह ने किया मतदान     भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह ने अपने पैतृक गांव बड़हरा विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत जोकहरी पहुंचकर मतदान किया।  मतदान के बाद उन्होंने लोगों से लोकतंत्र को मजबूत बनाने की अपील की।       वोटर लिस्ट से 150 लोगों का नाम गायब     छपरा विधानसभा के ब्रह्मपुर मोहल्ले के 150 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है, जिसके चलते लोगों में भारी आक्रोश है।       सुबह 11 बजे तक का मतदान प्रतिशत     बिहार में 11 बजे तक कुल 27.65 वोटिंग     समस्तीपुर में 25.11 % मतदान     आरा में 21.24 % मतदान     तरारी में 27.1 % मतदान     शाहपुर में 28.94 % मतदान     बेगूसराय में 30.37 % मतदान     गोपालगंज में 30.04  % मतदान  

BSP सुप्रीमो मायावती आज बिहार दौरे पर, रैली से भरेंगी चुनावी जोश

पटना बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती आज बिहार के कैमूर जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करेंगी। बसपा के एक बयान के अनुसार, रैली दोपहर में भभुआ हवाई पट्टी के पास एक मैदान में आयोजित की जाएगी। इस कार्यक्रम में आसपास के जिलों और विधानसभा क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। पार्टी ने कहा कि बसपा लगभग सभी सीटों पर बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ रही है। बयान में कहा गया है कि राज्य में पार्टी के अभियान का नेतृत्व बसपा के राष्ट्रीय समन्वयक और राज्यसभा सांसद रामजी गौतम, राष्ट्रीय समन्वयक अनिल सिंह और राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद कर रहे हैं। 6 नवंबर को पहले चरण का मतदान बिहार में पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को होगा, जबकि दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा। मतगणना 14 नवंबर को होगी। 2025 के बिहार चुनाव (Bihar Election 2025) में मुख्य मुकाबला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और महागठबंधन (Mahagathbandhan) के बीच होगा। एनडीए में भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल यूनाइटेड (JDU), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा शामिल हैं। राष्ट्रीय जनता दल के नेतृत्व वाले महागठबंधन में कांग्रेस पार्टी, दीपांकर भट्टाचार्य के नेतृत्व वाली भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (सीपीआई-एमएल), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (सीपीएम) और मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) शामिल हैं। इसके अलावा, प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भी राज्य की सभी 243 सीटों पर दावा ठोका है।

यूपी के मुख्यमंत्री ने सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए प्रत्याशी स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में की जनसभा

सासाराम, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी,  नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को पांडव की संज्ञा दी। उन्होंने कहा कि 1990 से 2005 के बीच राजद ने बिहार में जंगलराज लाया था, लेकिन पीएम मोदी व नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बिहार का विकास कर रही है। देश का उत्थान करते हुए भारत को वैश्विक महाशक्ति के रूप में स्थापित किया जा रहा है। पांच पांडव (मोदी, नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी और चिराग पासवान) के नेतृत्व में मजबूत गठबंधन एनडीए के रूप में संकल्प लेकर बढ़ा है कि बिहार में फिर से जंगलराज नहीं आने देना है। सीएम ने बिहार वासियों से अपील की कि जंगलराज के खिलाफ सुशासन की सुदृढ़ नींव पर मजबूत व समृद्ध बिहार के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना है। उत्तर प्रदेश की व्यस्तताओं के बीच बुधवार को भी बिहार विधानसभा चुनाव में प्रचार किया। दूसरी रैली में सासाराम विधानसभा क्षेत्र से एनडीए उम्मीदवार स्नेहलता कुशवाहा के पक्ष में रैली की।सीएम ने यहां भी राजद-कांग्रेस गठबंधन पर करारा प्रहार भी किया। उन्होंने कार्तिक पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। योगी का तंज- ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं महागठबंधन वाले सीएम ने वाराणसी के देव दीपावली का जिक्र करते हुए मिट्टी से बनने वाले दीप से प्रजापति समाज को लाभ होगा। इसमें लगे तेल का पैसा किसानों के पास जाएगा। पुजारी, माली,  कुम्हार समेत हर व्यक्ति इससे जुड़कर आस्था का सम्मान व रोजगार का सृजन कर रहा है। सीएम योगी ने मां जानकी के साथ ही बिहार के अनेक महापुरुषों का भी स्मरण किया। सीएम ने कहा कि बिहार की तरह सासाराम व रोहतास जनपद का भी गौरवशाली इतिहास रहा है, लेकिन कांग्रेस व राजद ने नागरिकों के सामने पहचान,  बहन-बेटियों, व्यापारियों व उद्यमियों के सामने सुरक्षा का संकट खड़ा किया था तो किसानों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया। आज जो लोग घोषणाएं कर रहे हैं, वह लोग महागठबंधन बनाकर ठगी की दुकान खोलकर चुनाव के बहाने आपके बीच आए हैं, इन्हें फिर से नहीं आने देना है। सीएम ने दिलाया विश्वास- वाराणसी में हुई घटना की कर रहे जांच, दोषियों पर करेंगे कड़ी कार्रवाई सीएम योगी ने कहा कि साल भर पहले यहां की बेटी परीक्षा की तैयारी की कोचिंग के लिए वाराणसी गई थी। उसके साथ दुखद घटना हुई,  हम उसकी जांच कर रहे हैं। एसआईटी गठित करेंगे और दोषियों को सख्त सजा देंगे। बेटी की सुरक्षा व सम्मान होगा। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों का यमराज के घर का टिकट कटवा देंगे। बिहार को भी त्रस्त करने वाले माफिया के आतंक को समाप्त किया और उसकी हवेली को धराशायी कराया सीएम योगी ने कहा कि एक माफिया ने बिहार को भी त्रस्त किया था। आजमगढ़, गाजीपुर, वाराणसी, लखनऊ तक उसका आतंक था। वह सपा और राजद का शागिर्द था। उसने लखनऊ में डीजीपी आवास के सामने गरीबों व सरकारी जमीन पर कब्जा कर महलनुमा आवास बना लिया था। सरकार बनी तो हमने पूछा कि सरकारी जमीन पर किसने कब्जा किया है। लोग नाम लेने से डरते थे। हमने जमीन कब्जा मुक्त कराई, उसकी हवेली को धराशायी कराया और वहां गरीबों के आवास बनवाए। आज सुबह वहां गरीबों को आवास उपलब्ध कराया। यह कार्य केवल एनडीए कर सकती है। यूपी में नौजवान मस्त और माफिया पस्त है सीएम योगी ने कहा कि एनडीए गठबंधन स्वर्णिम बिहार के लिए आप सभी का समर्थन मांगने आई है। यूपी व बिहार सांझी विरासत को लेकर बढ़ता है। श्रीराम व मां जानकी के अटूट संबंध जैसा ही यूपी व बिहार का संबंध इसी पवित्रता के साथ जुड़ा हुआ है। यूपी में कानून का राज, सबको सुरक्षा, सम्मान व स्वावलंबन है। विकास, रोजगार सृजन, निवेश हो रहा है। यूपी में नौजवान मस्त है, माफिया पस्त है। यही बिहार के अंदर भी करना है।   11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को दिलाई वैश्विक पहचान सीएम योगी ने केंद्र सरकार की योजनाएं भी गिनाईं। फिर कहाकि पिछले 20 वर्ष में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ते देखा है। आज रेल,  एयर, मेट्रो कनेक्टिविटी समेत इनलैंड वॉटरवे की कनेक्टिविटी बिहार होते हुए यूपी के काशी व प्रयागराज तक होने जा रही है। बिहार में अब विकास की हर योजनाएं हैं। 11 वर्ष में पीएम मोदी ने भारत को वैश्विक पहचान दिला दी। बिहार का व्यक्ति देश में कहीं भी चला जाए, यदि उसके पास राशन-आयुष्मान कार्ड है तो वह यूपी-एमपी, गुजरात में भी लाभ ले सकता है। यूपी में बनी भाजपा सरकार तो हमने कराया राम मंदिर का निर्माण सीएम योगी ने कहा कि मोदी सरकार ने गरीब कल्याणकारी योजनाओं को बढ़ाया तो विरासत का सम्मान भी किया है। योगी ने राजद व कांग्रेस के पार्टनर समाजवादी पार्टी के कारनामे पर भी चर्चा की। बोले कि कांग्रेस कहती थी कि राम हुए ही नहीं,  राजद ने राम मंदिर के रथ को रोक दिया और समाजवादी पार्टी ने रामभक्तों पर गोली चलाकर अयोध्या को लहुलूहान किया था। हम तब भी बोलते थे कि रामलला हम आएंगे, लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे। यूपी में भाजपा की डबल इंजन सरकार बनने के बाद राममंदिर बनने से कोई नहीं रोक पाया। सीतामढ़ी में भी मां जानकी का मंदिर भी बन रहा है। अयोध्या को सीतामढ़ी से जोड़ने के लिए 6155 करोड़ रुपये से कॉरिडोर बन रहा है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर और काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण का निर्माण हो गया।

नवंबर में बढ़ेगी ठिठुरन? बिहार के लिए IMD ने जारी की बड़ी Weather Report

पटना बिहार में winter season की दस्तक इस बार थोड़ा देर से हुई है। आमतौर पर अक्टूबर के शुरूआती हफ्ते में ही ठंड की शुरुआत हो जाती है, लेकिन इस साल Cyclone Montha (मोंथा तूफान) की वजह से अक्टूबर के आख़िरी दिनों में तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों ने सीजन की पहली ठंड महसूस की, जिससे मौसम में ठहराव सा देखने को मिला। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, आज से पहला Western Disturbance एक्टिव होने जा रहा है। हालांकि, इसका असर बिहार के मौसम पर ज्यादा नहीं पड़ेगा। विशेषज्ञों का कहना है कि नवंबर में ठंड की शुरुआत जरूर होगी, लेकिन इस बार mild winter in Bihar देखने को मिल सकता है। दिन में हल्की धूप, सुबह कोहरे की चादर नवंबर के पहले सप्ताह में मौसम का मिजाज mixed pattern वाला रहेगा। 9 नवंबर तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। सुबह के वक्त dense fog देखने को मिल सकता है। दिन के समय मीठी धूप लोगों को राहत देगी। IMD के मुताबिक, राज्य के ज्यादातर इलाकों में partial cloud cover रहेगा। पछुआ हवाएं लगभग 30 km/h की रफ्तार से चलेंगी।     न्यूनतम तापमान: 18°C से 22°C     अधिकतम तापमान: 26°C से 30°C के बीच रहने की संभावना  नवंबर में कम पड़ेगी ठंड, IMD ने दी जानकारी पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस बार नवंबर में cold temperature in Bihar सामान्य से थोड़ा अधिक रहेगा।  बिहार में ठंड की शुरुआत पर एक नजर     अक्टूबर के आखिरी सप्ताह से गिरने लगा तापमान     नवंबर के पहले हफ्ते में नहीं होगी बारिश     पछुआ हवाओं की रफ्तार से बदलेगा मौसम     दिन में हल्की धूप और रात में बढ़ेगी ठंडक     दिसंबर से बढ़ सकती है ठंड की तीव्रता