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बिहार की सियासत में भूचाल! राजद बोला— भाजपा और नीतीश के बीच टूट चुका है भरोसा

पटना  बिहार की सियासत में इन दिनों 'विधायकों की टूट' और 'कुर्सी के खेल' को लेकर घमासान मचा हुआ है। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच दावों और प्रति-दावों का दौर जारी है। जहां एनडीए (NDA) खेमा राजद के 25 विधायकों के टूटने की बात कह रहा है, वहीं राजद ने हुंकार भरी है कि सत्ता पक्ष के 65 विधायक उनके संपर्क में हैं। नीतीश कुमार को हटाने का 'प्लान' राजद प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने एक बड़ा दावा करते हुए कहा कि भाजपा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाने का मास्टर प्लान तैयार कर लिया है। राजद का आरोप है कि भाजपा बिहार में अपना मुख्यमंत्री बनाने के लिए अपने ही सहयोगी दलों को कमजोर कर रही है। इसी कड़ी में उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी 'राष्ट्रीय लोक मोर्चा' (RLM) में मचे घमासान को सीएम की कुर्सी हथियाने के खेल से जोड़कर देखा जा रहा है।   कुशवाहा की पार्टी में कलह की वजह आरएलएम में विवाद तब गहराया जब उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री बना दिया गया। इससे पार्टी के विधायक नाराज बताए जा रहे हैं। विधायकों की नाराजगी उस समय सार्वजनिक हो गई जब वे कुशवाहा द्वारा आयोजित 'लिट्टी भोज' से नदारद रहे और उनकी भाजपा नेता नितिन नवीन से मुलाकात की तस्वीरें वायरल हुईं। बीजेपी और आरएलएम का पलटवार इन आरोपों पर भाजपा ने इसे आरएलएम का आंतरिक मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया है। वहीं, आरएलएम प्रवक्ता ने दावा किया कि तीनों विधायक पार्टी के प्रति समर्पित हैं और व्यक्तिगत कारणों से भोज में शामिल नहीं हो सके थे। फिलहाल, बिहार की राजनीति में मचे इस उथल-पुथल ने आगामी चुनावों से पहले नए समीकरणों की आहट दे दी है।  

पीएम मोदी–अमित शाह के साथ नीतीश कुमार की बैठक, दिल्ली में राजनीतिक सरगर्मियां तेज

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह, एक महीने पहले  मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार का राष्ट्रीय राजधानी का पहला दौरा है। इस दौरान राज्य के विकास से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। वहीं उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी साथ में मौजूद रहे। सम्राट चौधरी ने इस संबंधी सोशल मीडिया पर पोस्ट भी शेयर की। सम्राट चौधरी ने पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि बिहार में NDA को मिले भारी जनादेश के बाद आज दुनिया के सबसे लोकप्रिय नेता, माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  से बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात हुई। पीएम मोदी के निर्देशन और नेतृत्व में देश और बिहार लगातार आगे बढ़ रहा है। इस दौरान विकसित बिहार के लक्ष्यों पर बहुमूल्य मार्गदर्शन भी मिला। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड से कर रही काम सम्राट चौधरी ने अमित शाह से हुई मुलाकात को लेकर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि आज नई दिल्ली में NDA की बड़ी जीत के बाद, देश के यशस्वी गृह और सहकारिता मंत्री माननीय अमित शाह और बिहार के लोकप्रिय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिला। डबल इंजन सरकार "विकसित बिहार" के लिए डबल स्पीड से काम कर रही है। बता दें सीएम नीतीश कुमार रविवार को दो दिवसीय दौरे पर यहां पहुंचे थे। बैठक में मकर संक्रांति के बाद संभावित राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।

शोक में नीतीश कुमार: सास का IGIMS में निधन, बेटे के साथ बांस घाट पहुंचे सीएम

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सास विद्यावती देवी का निधन हो गया है। उन्होंने 90 वर्ष की उम्र में अंतिम सांस ली। लंबे समय से बीमार चल रहीं विद्यावती देवी को 47 दिन पहले इलाज के लिए पटना के आईजीआईएमएस (IGIMS) में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार शाम करीब 6:40 बजे उनका निधन हो गया। इधर, आज सुबह अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना स्थित बांस घाट पहुंचे। उनके साथ उनके पुत्र निशांत कुमार भी मौजूद रहे। इस दौरान दोनों की आखें नम दिखीं। इसके अलावा मंत्री अशोक चौधरी, न्यास बोर्ड के अध्यक्ष रणवीर नंदन समेत NDA के कई वरिष्ठ नेता भी बांस घाट पहुंचे और अंतिम दर्शन किए।  बताया जा रहा है कि विद्यावती देवी पिछले काफी समय से अस्वस्थ थीं और चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन से मुख्यमंत्री परिवार में शोक की लहर है। राजनीतिक और सामाजिक जगत से जुड़े कई लोगों ने गहरी संवेदना व्यक्त की है। बांस घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारियां पूरी कर ली गईं, जहां परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार किया गया। सीएम नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने लिखा कि प्यारी नानी मां के देहांत की दुखद खबर से मन अत्यंत व्यथित और शोकाकुल है। वे केवल एक नानी ही नहीं, बल्कि स्नेह और ममता की वह छांव थीं, जिनके किस्से, दुलार और सदा मुस्कुराता चेहरा हमेशा हमारे हृदयों में जीवित रहेगा। उनका प्रेम, अपनापन और आशीर्वाद हमारे जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने आगे लिखा कि आपने हमें प्यार, संस्कार और अच्छाई का पाठ पढ़ाया। मैं वादा करता हूं कि आपकी दी हुई सीख और मूल्यों को जीवन भर आत्मसात रखूंगा। आप जहाँ भी हों, सदैव सुखी रहें और ऊपर से हम सबको अपना आशीर्वाद देती रहें। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकसंतप्त परिवार को यह दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।

‘नीतीश माफी मांग लें वरना…’ हिजाब मुद्दे पर पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी का बड़ा बयान

पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक मुस्लिम महिला के चेहरे से हिजाब खींचने के विवाद में अब एक पाकिस्तानी डॉन भी कूद पड़ा है। पाकिस्तान के कुख्यात डॉन शहजाद भट्टी ने अपना एक वीडियो जारी कर धमकी दी है कि सीएम नीतीश माफी मांग लें वरना फिर ये मत कहना है कि चेतावनी नहीं दी गई थी। सबसे पहले हम आपको बताते हैं कि हिजाब को लेकर सीएम नीतीश के साथ यह विवाद जुड़ा कैसे। दरअसल सोमवार को बिहार की राजधानी पटना में नवनियुक्त एक आयुष चिकित्सक उस समय असहज हो गई, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियुक्ति पत्र प्रदान करने के दौरान उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। इस घटना का एक वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। यह घटना मुख्यमंत्री सचिवालय ‘संवाद’ में सोमवार को आयोजित उस कार्यक्रम के दौरान हुई, जहां एक हजार से अधिक आयुष चिकित्सकों को नियुक्ति पत्र वितरित किए जा रहे थे। नियुक्ति पत्र देने के दौरान जब नुसरत परवीन की बारी आई, जो चेहरे पर हिजाब डाले हुई थीं, तो 75 वर्षीय मुख्यमंत्री ने नाराजगी जताते हुए कहा, “यह क्या है?” इसके बाद मुख्यमंत्री उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। घबराई हुई नवनियुक्त चिकित्सक को इसके बाद वहां मौजूद एक अधिकारी ने तुरंत एक ओर कर दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री के बगल में खड़े उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उन्हें रोकने के प्रयास में उनकी आस्तीन खींचते हुए नजर आए। क्या बोला पाकिस्तान डॉन शहजाद भट्टी पाकिस्तानी डॉन शहजाद भट्टी ने अपना एक वीडियो जारी कर कहा है कि सभी लोगों ने देेखा होगा कि बिहार में क्या हुआ। एक बड़े पद पर बैठा व्यक्ति एक मुस्लिम महिला के साथ व्यवहार करता है। फिर बाद में मुझपर आरोप लगाए जाते हैं कि शहजाद भट्टी ने यह कर दिया, वह कर दिया। उस व्यक्ति के पास अभी भी समय है कि वह उस बच्ची और उस महिला से माफी मांगे। अगर आज माफी नहीं मांगी गई तो जिम्मेदार संस्थानों को इस पर कार्रवाई करनी चाहिए। बाद में यह मत कहना है कि चेतावनी नहीं दी गई थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहजाद भट्टी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का रहने वाला है। शहाजद भट्टी के बारे में बताया जाता है कि वो भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियां फैलाने में भी शामिल रहा है। सोशल मीडिया पर वो खुद को इस्लाम और पाकिस्तान का सिपाही भी बनाता है।

JDU के वरिष्ठ नेता को मिलेगी अहम जिम्मेदारी, नीतीश के करीबी का नाम सबसे आगे

पटना बिहार की राजनीति से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, JDU के वरिष्ठ नेता नरेंद्र नारायण यादव  बिहार विधानसभा के डिप्टी स्पीकर हो सकते हैं। बस अभी औपचारिक ऐलान होना बाकी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, नरेंद्र नारायण यादव के नाम पर मुहर लग गई है और 4 दिसंबर को इसका ऐलान होगा। बता दें कि नरेंद्र नारायण यादव 1995 में पहली बार आलमनगर सीट से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। तब से वह लगातार आठ बार इस सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। नरेंद्र नारायण यादव को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का करीबी नेता माना जाता है। वह मधेपुरा जिला के पुरैनी प्रखंड अन्तर्गत बालाटोल के रहने वाले हैं और जेपी आंदोलन के दौरान चर्चा में आए। नरेंद्र नारायण यादव  पूर्व में बिहार सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं। बता दें कि इससे पहले आज बीजेपी के विधायक डॉ. प्रेम कुमार को विधानसभा अध्यक्ष बनाया गया है। प्रेम कुमार निर्विरोध स्पीकर चुने गए हैं। उन्होंने सोमवार को विधानसभा सचिवालय में अपना नामांकन भरा था।

किसे मिला कौन-सा विभाग? नीतीश के नए मंत्रिमंडल का पूरा ब्योरा

पटना बिहार में नीतीश सरकार के गठन के बाद अब मंत्रियों के विभाग का भी बटवारा कर दिया गया है. विभाग बटवार से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच एक अहम बैठक आयोजित की गई. इस बैठक के बाद बिहार कैबिनेट के सभी विभागों का मंत्रियों में बांट दिया गया. इस सूची को राज्यपाल को भी सौंपा गया है. मिली जानकारी के मुताबिक डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी के पास गृहमंत्रालय है जबकि विजय कुमार सिन्हा को भूमि एवं राजस्व, खान एवं भूतत्व विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है. खास बात यह है कि विभागों के आवंटन में वरिष्ठता, अनुभव और क्षेत्रीय एवं जातीय संतुलन को बड़ा ध्यान में रखा गया है. आइए जानते हैं कि विभाग बटवारे में किस को क्या मिला है? मुख्य चेहरे और उनकी जिम्मेदारियां – सम्राट चौधरी (डिप्टी सीएम) को गृह मंत्रालय की कमान मिली है, जो उनकी बढ़ती राजनीतिक मौजूदगी और भरोसे का संकेत है. – विजय कुमार सिन्हा (डिप्टी सीएम) को भूमि एवं राजस्व के साथ-साथ खान एवं भू-तत्व मंत्रालय सौंपा गया है- यह उनके प्रशासकीय अनुभव और क्षेत्रीय दायित्व को दिखाता है. – विजय कुमार चौधरीजल संसाधन और भवन मंत्रालय संभालेंगे, जो विकास एवं अवसंरचना दोनों के लिए अहम हैं. – वहीं दिलीप जायसवाल को उद्योग मंत्री बनाया गया है, जिससे बिहार की आर्थिक वृद्धि और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. – श्रवण कुमारग्रामीण विकास कार्य और परिवहन विभाग की कमान संभालेंगे, ग्रामीण इलाकों में बेहतर संपर्क और विकास को उनकी जिम्मेदारी दी गई है. – अशोक चौधरीग्रामीण कार्य मंत्रालय में रहेंगे, जिससे स्थानीय सुदृढीकरण और सरकारी योजनाओं की पहुंच बनी रहेगी. – मदन सहनीसमाज कल्याण मंत्री होंगे, उनका ध्यान कमजोर वर्गों की सेवा पर रहेगा. – रमा निषाद पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा कल्याण विभाग का नेतृत्व करेंगी, जिससे समाज में समानता और अवसरों का विस्तार सुनिश्चित हो सके. – लखेन्द्र पासवान को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्रालय मिला है, जो सामाजिक न्याय को और मजबूत करेगा. अन्य महत्वपूर्ण मंत्रालय – मंगल पांडेय स्वास्थ्य एवं विधि विभाग का जिम्मा सौंपा गया है. उनकी जिम्मेदारी सार्वजनिक स्वास्थ्य और कानूनी सुधार दोनों पर रहेगी. – लेशी सिंह खाद्य उपभोक्ता मंत्रालय की जिम्मेदारी संभालेंगी, जो खाद्य सुरक्षा और उपभोक्ता हितों के लिए अहम है. – नितिन नवीन पथ निर्माण, नगर विकास और आवास विभाग देखेंगे, जिससे शहरी और ग्रामीण बुनियादी ढांचे में सुधार को बल मिलेगा. – सुनील कुमार शिक्षा मंत्री होंगे, जो विद्यार्थियों की शिक्षा-ज्‍यादा अपनत्व सुनिश्चित करने के लिए काम करेंगे. – रामकृपाल यादव हरित क्रांति को आगे बढ़ाते हुए कृषि मंत्रालय का नेतृत्व संभालेंगे. – जमा खान अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री होंगे, समुदायों के सशक्तिकरण पर ध्यान देंगे. – संजय टाइगर श्रम संसाधन मंत्री होंगे, रोजगार और मजदूरों के हितों की रक्षा करेंगे. – अरुण शंकर प्रसाद पर्यटन, कला और संस्कृति मंत्रालय देखेंगे, जिससे सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. – सुरेन्द्र मेहता पशु एवं मत्स्य विभाग संभालेंगे, जो कृषि से जुड़े पशु-उत्पादन को सुदृढ़ बनाएगा. – नारायण प्रसाद आपदा प्रबंधन मंत्रालय में काम करेंगे- प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की जिम्मेदारी उनकी होगी. – श्रेयसी सिंह सूचना और खेल मंत्रालय की जिम्मेदारी लेंगी, जिससे खेल और संचार दोनों को बढ़ावा मिलेगा. – प्रमोद कुमार चंद्रवंशी सहकारिता, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को संभालेंगे, जो सतत विकास और पारिस्थितिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण है. – दीपक प्रकाश और संजय पासवान को भी मंत्री बनाया गया है, हालांकि उनके विभागों की भूमिका अभी विस्तृत नहीं की गई है. राजनीतिक संतुलन और चुनौतियां इस विभाग-वितरण ने यह दर्शाया है कि नीतीश कुमार की अगुवाई वाली नई सरकार में अनुभव और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व को बराबर महत्व मिला है. वरिष्ठ मंत्रियों को उनकी विशेषज्ञता के क्षेत्र में रखा गया है, जबकि सामाजिक न्याय और विकास मंत्रालयों में पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों को भी भरोसे का दायित्व सौंपा गया है. अब अगला कदम नई कैबिनेट की पहली बैठक होगी, जिसमें सरकार की प्राथमिकताएं तय की जाएंगी और नई नीतिगत दिशा का खाका तैयार किया जाएगा.

नितीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए सीएम योगी

लखनऊ  बिहार में नई सरकार के गठन के अवसर पर आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। नितीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत एनडीए के तमाम मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया था। मुख्यमंत्री योगी जैसे ही पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे तो समर्थकों के बीच अद्भुत उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देखते ही लोगों ने जय श्री राम के नारे लगाए। बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में नीतीश कुमार ने गुरुवार को 10वीं बार शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी की यह उपस्थिति न सिर्फ दोनों राज्यों के बीच बढ़ते राजनीतिक और विकासात्मक संबंधों को मजबूत करती है, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर सहयोग और समन्वय को नई दिशा प्रदान करती है। हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने एनडीए के पक्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी। चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री योगी ने बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अनेक जनसभाओं को संबोधित किया था। उनके प्रभावशाली वक्तव्यों, जनसंपर्क शैली और जनता के बीच उनकी लोकप्रियता ने पार्टी के पक्ष में सकारात्मक माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में चलाए गए चुनाव अभियान के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने पार्टी और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा भरी थी। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकसित भारत के लिए सुरक्षा, विकास, सुशासन और सांस्कृतिक पहचान जैसे मुद्दों पर जनता के बीच स्पष्ट और सशक्त संदेश दिए। बिहार की जनता के प्रति उनकी आत्मीयता और भरोसेमंद नेतृत्व शैली ने न केवल मतदाताओं को प्रभावित किया बल्कि भाजपा संगठन को भी मजबूत आधार प्रदान किया। शपथ ग्रहण समारोह में उनकी उपस्थिति इस बात का भी प्रतीक है कि भारतीय जनता पार्टी केवल राजनीतिक दृष्टिकोण से ही नहीं बल्कि विकासात्मक और सामाजिक सहयोग के दृष्टिकोण से भी दोनों राज्यों के बीच संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उत्तर प्रदेश और बिहार, दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक रिश्ते सदियों से जुड़े रहे हैं। ऐसे में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों का एक साथ आना भविष्य में आपसी सहयोग की संभावनाओं को और व्यापक बनाता है।

नीतीश कुमार आज 10वीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री, 20 मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी होगा; बीजेपी के नाम तय

पटना  पटना में सियासी हलचल तेज है. बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. कल दोपहर बाद एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगेगी. शाम में राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने को आमंत्रित करेंगे. 20 नवंबर को 20 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. यह शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा. नीतीश कुमार की नयर कैबिनेट में बीजेपी और जेडीयू के साथ-साथ एनडीए के तमाम सहयोगी दलों के विधायकों को जगह मिलने की संभावना है. सहयोगी दलों को भी मिलेगी जगह अब तक की जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार अपने साथ करीब 20 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायेंगे. इनमें जदयू से आठ, भाजपा से आठ, लोजपा से दो, हम से एक और रालोमो से एक विधायक शामिल हैं. जदयू में अधिकतर पुराने चेहरों को जगह दिये जाने की सूचना है. भाजपा अपने कई चेहरों को बदल रही है. भाजपा एक ओर जहां अनुभव को जगह दे रही है तो दूसरी ओर उसका युवा और महिला पर भी फोकस है. भाजपा कोटे से जिन नामों पर चर्चा है, उनमें सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा शामिल हैं. वहीं जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र यादव और श्रवण कुमार जैसे दिग्गजों को मंत्री पद मिल सकता है. यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल सत्ता समीकरण को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी एनडीए को गति देने वाला माना जा रहा है. भाजपा की संभावित सूची सम्राट चौधरी विजय कुमार सिन्हा प्रेम कुमार कृष्ण कुमार ऋषि राम कृपाल यादव संगीता कुमारी अरूण शंकर प्रसाद मिथिलेश तिवारी नीतिन नवीन वीरेंद्र कुमार रमा निषाद मनोज शर्मा कृष्ण कुमार मंटू शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी समेत ये बड़े नेता होंगे शामिल 20 नवंबर को नीतीश कुमार एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेंगे. जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मध्यप्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के भजन लाल शर्मा और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं को शामिल होने के लिए बुलाया गया है. इसके अलावा पद्म पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को भी निमंत्रण भेजा गया है. बीजेपी कोटे के संभावित मंत्री नीतीश कुमार की नयी कैबिनेट में भाजपा की ओर से नये पुराने नामों को जगह देने की बात चल रही है. भाजपा की ओर से दो डिप्टी सीएम बनाये जायेंगे. सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को एक बार फिर यह जिम्मेदारी सौंपने की बात कही जा रही है. इसके अलावा नीतिश मिश्रा और नीतिन नवीन का मंत्री बनना भी लगभग तय हो चुका है. भाजपा कोटे से 8 मंत्रियों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं. इनमें प्रेम कुमार, रामकृपाल और रमा निषाद के नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा मिथिलेश तिवारी और कृष्ण कुमार ऋषि के नाम की भी चर्चा चल रही है. जदयू कोटे के संभावित मंत्री जदयू की ओर से अधिकतर पुराने चेहरे ही कैबिनेअ में नजर आयेंगे. जदयू से विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार और विजेंद्र यादव के नाम तय माने जा रहे हैं. इसके अलावा शीला मंडल और लेशी सिंह का मंत्री बनना भी तय माना जा रहा है. नीतीश कुमार इस बार अपनी कैबिनेट में श्याम रजक को जगह दे सकते हैं. इसके अलावा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नाम की भी चर्चा चल रही है. अल्पसंख्यक से जमा खान के मंत्री बनने की बात कही जा रही है. नीतीश कुमार की इस कैबिनेट में जदयू का फोकस मुख्य रूप से अनुभव और युवा के समन्वय पर रहेगा. नयी कैबिनेट में सभी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को भी देखे जाने की बात कही जा रही है. शपथ के लिए गांधी मैदान में दो विशाल मंच तैयार, लग्जरी होटलों में 250 से अधिक कमरे बुक, राजभवन में स्पेशल दावत बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. गुरुवार को नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. पटना के गांधी मैदान में इस ऐतिहासिक पल को भव्य तरीके से आयोजित किया जा रहा है. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. यह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि NDA का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. तीन लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने की तैयारी गांधी मैदान में 3 लाख से ज्यादा लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जदयू, भाजपा, रालोमो, लोजपा (R) और हम के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी गई है. हर विधायक को अपने इलाके से कम से कम 5 हजार लोगों को पटना लाने का टारगेट मिला है. पूरा मैदान बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के लिहाज से कई सेक्टरों में बांटा गया है. SPG ने संभाली सुरक्षा, 2500 जवान तैनात प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए गांधी मैदान की सुरक्षा SPG के हवाले की गई है. 250 से अधिक मजिस्ट्रेट, 250 पुलिस अधिकारी और 2500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. मैदान के चारों ओर ऊंची इमारतों पर स्नाइपरों की तैनाती और हर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं.  128 CCTV कैमरों में खराब पड़े आधे कैमरों को दुरुस्त कर दिया गया है. 61 स्थिर, 22 PTZ और 45 एनालिटिकल कैमरों की मदद से मैदान की पल-पल की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा 24 घंटे ड्रोन कैमरों से निगरानी हो रही है. दो मंच तैयार- एक पर नेताओं की मौजूदगी, दूसरे पर अतिथियों की व्यवस्था शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान में दो मंच बनाए जा रहे हैं. मुख्य मंच तैयार हो चुका है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे. इसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और भाजपा व NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठेंगे. मुख्य मंच के बगल में विशेष अतिथियों के लिए दूसरा मंच बनाया जा रहा है. दोनों मंचों पर लगभग 150-150 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. योगी आदित्यनाथ सहित कई … Read more

नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल की कमान, भाजपा ने सम्राट चौधरी को बनाया नेता—विजय सिन्हा उपनेता

पटना जनता दल यूनाईटेड के नवनिर्वाचित विधायकों ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार को फिर से अपना नेता चुन लिया है। बुधवार सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री आवास में जदयू के विधायक दल की बैठक हुई। साढ़े 11 बजे जदयू के विधायकों ने सर्वसम्मति से नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया है। जदयू के वरिष्ठ नेता और विधायक श्याम रजक ने कहा कि बिहार की जनता उत्साहित है, उन्होंने नीतीश कुमार अपना नेता चुना है। मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी की पहली और अंतिम पसंद नीतीश कुमार ही हैं। नई सरकार में मंत्री बनाए जाने के सवाल पर रजक ने कहा कि इसका फैसला नीतीश कुमार करेंगे। विधायक दल की बैठक से पहले जदयू विधायक मनोरमा देवी ने कहा कि यह बिहार के लिए बहुत अच्छा दिन है। हमारे अभिभावक नीतीश कुमार जी हैं और वह सभी के कल्याण के लिए काम करेंगे। इधर, भारतीय जनता पार्टी के विधायकों की बैठक पार्टी कार्यालय में हो रही है। भाजपा के विधायकों ने सम्राट चौधरी के विधायक दल का नेता चुन लिया है। यानी वह डिप्टी सीएम बनेंगे। वहीं विजय सिन्हा को उपनेता चुना गया है। वह भी दूसरे डिप्टी सीएम बन सकते हैं। लेकिन, दूसरे डिप्टी सीएम पद के लिए फिलहाल मंथन जारी है। भाजपा दोनों डिप्टी सीएम का पद अपने पास रखना चाहती है। इधर, 19 सीट लाने वाली चिराग पासवान की पार्टी एक डिप्टी सीएम समेत तीन मंत्री का पद चाहती है। इस मुद्दे पर भी बातचीत चल रही है। दोपहर 3.30 बजे विधानसभा के सेंट्रल हॉल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक होगी। इसमें भारतीय जनता पार्टी, जनता दल यूनाईटेड, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी के सभी नव निर्वाचित विधायक और नीतीश कुमार, चिराग पासवान, संतोष सुमन, उपेंद्र कुशवाहा, सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा मौजूद रहेंगे। इधर, कुछ ही देर में गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचेंगे। वह भारतीय जनता पार्टी की बैठक में शामिल होंगे।

नीतीश कुमार के शपथ ग्रहणों का सफ़र: पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी के कहने पर मिली थी CM जिम्मेदारी

पटना बिहार में हुए विधानसभा चुनावों में NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) ने ऐतिहासिक जीत दर्ज की है। कुल 243 सीटों वाली विधानसभा में एनडीए को 202 सीटें मिली हैं, जो उसे दो-तिहाई से भी ज्यादा बहुमत दिलाती है। एनडीए की इतनी बड़ी जीत के बाद, नीतीश कुमार की बिहार में मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। अगर ऐसा हुआ इस बार नीतीश कुमार 10 वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे। बात करें 2000 के विधानसभा चुनाव की तो उस समय किसी एक पार्टी या गठबंधन को बहुमत नहीं मिला था। चुनाव के बाद अटल बिहारी लाल जी के पर भाजपा के समर्थन से ही नीतीश ने पहली बार 3 मार्च 2000 को बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। तब नीतीश अटल सरकार में कृषि मंत्री थे। लेकिन, बहुमत नहीं होने के कारण उन्होंने 7 दिन में ही इस्तीफा दे दिया था।