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राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश, दोहरी नागरिकता मामले में नया मोड़

लखनऊ कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी की दोहरी नागरिकता से जुड़े मामले में मुश्किलें बढ़ गई हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने का आदेश आदेश दिया है। हाईकोर्ट की बेंच ने शुक्रवार को सुनवाई के बाद उनके खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है। राहुल गांधी पर भारत के साथ-साथ ब्रिटेन की भी नागरिकता रखने का आरोप है। इसके खिलाफ विग्नेश शिशिर ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी और दावा किया था कि राहुल के पास दो देशों के पासपोर्ट हो सकते हैं, जोकि भारतीय कानून का उल्लंघन है। इसी को लेकर लंबे समय से हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही थी। कोर्ट ने सरकार से रिकॉर्ड पेश करने को कहा था। इससे पहले, लखनऊ की विशेष MP/MLA अदालत के 28 जनवरी राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने वाली उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके खिलाफ शिशिर फिर से कोर्ट पहुंचे थे। MP/MLA अदालत ने कहा था कि वह नागरिकता के मुद्दे पर फैसला करने के लिए सक्षम नहीं है। याचिकाकर्ता राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और इस मामले में उनके खिलाफ विस्तृत जांच की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बीएनएस, सरकारी गोपनीयता अधिनियम, विदेशी अधिनियम और पासपोर्ट अधिनियम के तहत राहुल गांधी पर कई आरोप लगाए हैं। इस मामले की पहले सुनवाई करते हुए, पीठ ने केंद्र सरकार से पूछा था कि राहुल की ब्रिटिश नागरिकता के खिलाफ मिली शिकायत पर उसने क्या कार्रवाई की है। राहुल गांधी के मुकदमे में सुनवाई फिर टली वहीं, गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर जारी मानहानि केस की सुनवाई फिर टल गई है। याची के वकील सन्तोष पाण्डेय ने शुक्रवार को मौका लिया जिस पर एमपी – एमएलए कोर्ट के मजिस्ट्रेट शुभम वर्मा ने सुनवाई 22 अप्रैल को सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। राहुल की वायस रिकार्डिंग को विधि विज्ञान प्रयोगशाला से सत्यापित कराने की मांग पर सुनवाई में मुकदमा कई तारीखों से लम्बित है। कर्नाटक के बंगलूरू में आठ मई 2018 को एक जनसभा के दौरान केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी के आरोप में भाजपा नेता विजय मिश्र ने राहुल गांधी के खिलाफ चार अगस्त 2018 को मानहानि का मुकदमा दायर किया था। लखनऊ की अदालत ने खारिज कर दी थी याचिका यह शिकायत शुरू में रायबरेली की विशेष सांसद-विधायक अदालत में दायर की गई थी, लेकिन शिकायतकर्ता विग्नेश की याचिका पर, इलाहाबाद उच्‍च न्‍यायालय की लखनऊ पीठ ने 17 दिसंबर, 2025 को उक्त आपराधिक शिकायत मामले को रायबरेली से लखनऊ स्थानांतरित कर दिया था. लखनऊ की सांसद-विधायक अदालत ने 28 जनवरी, 2026 को उक्त याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ याचिकाकर्ता ने उच्‍च न्‍यायालय का रुख किया था। 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ, बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर बढ़ाया हौंसला

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सियान गुड़ी का किया शुभारंभ : बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर वरिष्ठजनों का बढ़ाया हौंसला वरिष्ठ नागरिकों के लिए डे-केयर सुविधा से सुसज्जित केंद्र : योग, स्वास्थ्य, मनोरंजन और कौशल विकास की मिलेगी एक ही छत के नीचे सुविधा रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विकसित अत्याधुनिक डे-केयर केंद्र ‘सियान गुड़ी’ का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने बुजुर्गों के साथ कैरम खेलकर उनका उत्साह बढ़ाया और आत्मीय संवाद स्थापित किया। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर वरिष्ठजन अत्यंत प्रसन्न नजर आए तथा उन्होंने राज्य सरकार द्वारा विकसित ‘सियान गुड़ी’ के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर बुजुर्गों को फूड बास्केट वितरित किए तथा धार्मिक पुस्तक, शॉल एवं श्रीफल भेंटकर उनका सम्मान किया। उन्होंने समाज में वरिष्ठजनों के सम्मान और उनकी देखभाल के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं और पारिवारिक मूल्यों के लिए जाना जाता है, लेकिन वर्तमान में समाज तेजी से बदल रहा है। एकल परिवार की बढ़ती प्रवृत्ति, रोजगार के लिए युवाओं का पलायन और व्यस्त जीवनशैली के कारण अनेक बुजुर्ग दिन के समय अकेलेपन और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह अकेलापन केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर भी नकारात्मक प्रभाव डालता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन्हीं चुनौतियों के समाधान के लिए ‘डे-केयर सेंटर – सियान गुड़ी’ की परिकल्पना की गई है। यह भवन वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, आत्मीयता और सक्रियता का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वे सुरक्षित वातावरण में दिन व्यतीत कर नई ऊर्जा और उत्साह प्राप्त कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने केंद्र का निरीक्षण करते हुए यहां उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की और इसे वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक आदर्श पहल बताया। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सियान गुड़ी’ के माध्यम से राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के जीवन को अधिक सम्मानजनक, सक्रिय और खुशहाल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जो सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हुए पारिवारिक मूल्यों को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। उल्लेखनीय है कि जशपुर में रणजीता स्टेडियम के पीछे भागलपुर रोड स्थित यह ‘सियान गुड़ी’ केंद्र वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक समग्र डे-केयर यूनिट के रूप में विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य उन्हें एक ही स्थान पर बहुआयामी सेवाएं उपलब्ध कराना है। यहां योग, प्राणायाम, मनोरंजन, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक गतिविधियां, डिजिटल एवं वित्तीय साक्षरता तथा कौशल विकास प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य जांच, बेसिक दवाओं की उपलब्धता, टेली कंसल्टेशन, स्वास्थ्य जागरूकता सत्र, फिजियोथैरेपी और व्यायाम की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इसके अतिरिक्त केंद्र में वरिष्ठ नागरिकों को कानूनी एवं पारिवारिक परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। उपेक्षा या दुर्व्यवहार की स्थिति में नेशनल हेल्पलाइन नंबर 14567 तथा राज्य स्तरीय सियान हेल्पलाइन नंबर 155326 के माध्यम से त्वरित सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सुविधाओं की दृष्टि से ‘सियान गुड़ी’ को अत्याधुनिक रूप दिया गया है, जहां बाधारहित वातावरण, व्हील चेयर सुविधा, आरामदायक बैठने की व्यवस्था, जेंडर पृथक एवं दिव्यांग अनुकूल शौचालय, सामूहिक गतिविधियों के लिए विशाल हॉल, पुस्तकालय एवं शांत रीडिंग कॉर्नर उपलब्ध हैं। इसके साथ ही टीवी, रेडियो, सीसीटीवी, बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली, प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण डेस्क, मासिक चिकित्सकीय परामर्श, फिजियोथैरेपी कॉर्नर तथा टेलीमेडिसिन सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस केंद्र में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक वरिष्ठ नागरिकों के लिए योग, व्यायाम, चाय-नाश्ता, भोजन, मनोरंजन, जीवन कौशल एवं पुनः कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य परीक्षण, सांस्कृतिक कार्यक्रम, समूह चर्चा तथा कानूनी एवं सामाजिक जागरूकता से जुड़े विविध कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।  इस अवसर पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल रामप्रताप सिंह, विधायक पत्थलगांव श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, सरगुजा संभाग के कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लाल उमेंद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठजन उपस्थित थे।

पंजाब में RTE के तहत प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन शुरू, एजुकेशन डिपार्टमेंट ने लिंक किया लाइव पोर्टल

चंडीगढ़  पंजाब में राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब व डिसएडवांटेज्ड स्टूडेंट्स के एडमिशन का प्रोसेस शुरू हो गया। एजुकेशन डिपार्टमेंट में एडमिशन के लिए पोर्टल लाइव कर दिया है। गरीब व डिसएडवांटेज्ड स्टूडेंट्स पोर्टल पर अप्लाई करके किसी भी प्राइवेट स्कूल में एडमिशन ले सकेंगे। स्टूडेंट्स सिर्फ एंट्री क्लास में ही फ्री एडमिशन ले सकेंगे। डिपार्टमेंट ने राज्यभर के स्कूलों को एंट्री क्लास में 25 फीसदी सीटें रिजर्व रखने के आदेश भी दिए हैं। जो भी इलिजिबल स्टूडेंट प्राइवेट स्कूल्स में एडमिशन लेना चाहता है उसे इस पोर्टल पर ऑनलाइन अप्लाई करते हुए आवश्यक दस्तावेज भी अपलोड करने होंगे। दस्तावेज अपलोड न होने पर वह फ्री सीट का हकदार नहीं होगा। प्राइवेट स्कूल्स में फ्री एडमिशन के लिए क्या क्राइटीरिया होगा, जानिए…     आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन व स्टडी के लिए आर्थिक तौर पर कमजोर स्टूडेंट्स इलिजिबल होंगे। EWS स्टूडेंट्स के लिए 25 प्रतिशत में से 12.5% सीटें रिजर्व रहेंगी। दाखिले के वक्त पेरेंट्स को इनकम और प्रॉपर्टी सर्टिफिकेट देना होगा। बिना इनकम सर्टिफिकेट के इस कैटागिरी में बच्चे का एडमिशन नहीं होगा।     डिसएडवांटेज्ड ग्रुप्स: प्राइवेट स्कूलों में ईडब्न्ल्यूएस के अलावा डिसएडवांटेज्ड ग्रुप के स्टूडेंट्स भी फ्री एडमिशन के लिए इलिजिबल होंगे।  उनके लिए भी 25 प्रतिशत में से 12.5 प्रतिशत सीटें रिजर्व रहेंगी। इसमें अनुसूचित जाति (SC), ओबीसी, वार विडो के बच्चे, दिव्यांग, स्पेशल चाइल्ड, अनाथ बच्चे शामिल होंगे।     नाइवरहुड स्कूल: स्टूडेंट को एडमिशन के लिए कम से कम दो स्कूलों के नाम भरने होंगे। पहला ऑप्शन 0 से 3 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए जबिक दूसरा ऑप्शन 3-6 किलोमीटर के दायरे में होना चाहिए।     बस का खर्च पेरेंट्स खुद उठाएंगे: एडमिशन पोर्टल पर ही डिपार्टमेंट ने स्पष्ट कर दिया है कि एडमिशन के लिए पेरेंट्स को नजदीकी स्कूल सलेक्ट करना होगा। अगर वो स्कूल दूर सलेक्ट करते हैं तो स्कूल बस का खर्च उन्हें अपने स्तर पर उठाना होगा।     ऐज क्राइटीरिया: डिपार्टमेंट ने एंट्री क्लास में एडमिशन के लिए मिनिमम ऐज क्राइटीरिया फिक्स किया है। नर्सरी में एडमिशन के लिए 3 साल, केजी में 4 साल, यूकेजी में 5 साल और फर्स्ट में 6 साल होने जरूरी हैं। स्टूडेंट्स की यह उम्र 1 अप्रैल 2026 को पूरी होनी चाहिए। एडमिशन प्रक्रिया को स्टेपवाइज जानिए…     ऑनलाइन करना होगा आवेदन: प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के सिर्फ ऑनलाइन प्रक्रिया से ही होगा। स्कूल सीधे अपने स्तर पर एडमिशन नहीं देंगे। rte.epunjabschool.gov.in पोर्टल पर एडमिशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई करना होगा।     रजिस्ट्रस्टेशन करना जरूरी: पेरेंट्स को एडमिशन के लिए पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद ऑनलाइन ही फार्म भरना होगा। आखिर में उसमें डॉक्यूमेंट अपलोड करने होंगे। पूरी प्रक्रिया अपनाने के बाद फाइनल सब्मिशन होगा।     ये सर्टिफिकेट जरूरी: ऑन लाइन फार्म भरते वक्त पेरेंट्स को बच्चे का बर्थ सर्टिफिकेट या अस्पताल का रिकार्ड, आंगनबाड़ी रिकार्ड अपलोड करना होगा। अगर कुछ भी उपलब्ध नहीं है तो पेरेंट्स को मजिस्ट्रेट से अटेस्टेड एफिडेविट देना होगा। रेजिडेंस सर्टिफिकेट के तौर पर आधार, वोटर आईडी, बिजली बिल पानी का बिल या राशन कार्ड अपलोड करना होगा। वहीं इलिजिबिलिटी के लिए कास्ट सर्टिफिकेट, इनकम सर्टिफिकेट, दिव्यांग सर्टिफिकेट, वार विडो या अनाथ का सर्टिफिकेट अपलोड करना होगा।     गलत जानकारी दी तो कानूनी कार्रवाई: ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन व फार्म भरते समय गलत जानकारियां दी गई या फिर कोई फर्जी डॉक्यूमेंट लगाए गए तो बच्चे का एडमिशन रद्द कर दिया जाएगा और अभिभावकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डिपार्टमेंट किसी भी लेवल पर दस्तावेजों की वेरिफिकेशन कर सकता है। स्कूलों के लिए गाइड लाइन – कोई स्क्रीनिंग टेस्ट या कैपिटेशन फीस नहीं – RTE बच्चों के साथ कोई भेदभाव नहीं – उन्हें अलग कक्षा या अलग समय पर नहीं पढ़ाया जाएगा – लाइब्रेरी, कंप्यूटर, खेलकूद और अन्य सुविधाओं में बराबर अधिकार – कक्षाएं समावेशी और सुरक्षित रखनी होंगी – स्कूलों को पोर्टल पर नामांकन और उपस्थिति नियमित अपडेट करनी होगी। स्कूलों को फीस ऐसे मिलेगी -सरकार स्कूल को प्रति बच्चा व्यय या वास्तविक फीस जो भी कम होगा उसे देगी। -स्कूल को इसके लिए अलग बैंक खाता खोलना होगा, जिसमें केवल RTE राशि आएगी। -सरकार से सब्सिडी ले चुके स्कूलों को सरकार कोई राशि नहीं देगी। ऐसे कर सकेंगे शिकायत आरटीई से संबंधित शिकायतों के निवारण के लिए जिला शिक्षा अधिकारी शिकायत निवारण अधिकारी होंगे। अगर कोई आवेदन रद्द होता है तो एक सप्ताह के अंदर पेरेंट्स को लिखित शिकायत देनी होगी। जिला शिक्षा अधिकारी को 15 दिन में शिकायत का निपटारा करना होगा। जिला शिक्षा अधिकारी के फैसले के खिलाफ पंजाब स्टेट कमिशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट के पास अपील कर सकेंगे। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को समय समय पर स्कूलों की जांच करनी होगी। अभिभावकों और स्कूलों के लिए अहम बातें यह SOP सिर्फ 2026-27 सत्र के लिए है, लेकिन विभाग समय-समय पर इनमें संशोधन कर सकता है। पंजाब में 1500 से ज्यादा प्राइवेट स्कूल पोर्टल पर रजिस्टर हो चुके हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अपील की है कि पेरेंट्स तय समय पर सही दस्तावेज अपलोड करके बच्चों का रजिस्ट्रेशन करवाएं। स्कूल प्रबंधन बच्चों के साथ किसी तरह का भेदभाव न करें। भेदभाव करने की स्थिति में उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हाईकोर्ट ने फटकार लगाई तो शुरू किया पोर्टल पंजाब के प्राइवेट स्कूल्स में आरटीई के तहत एडमिशन न होने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पहुंचा। कोर्ट के आदेश पर पिछले साल सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपल्स को 25 प्रतिशत सीटें खाली रखने के आदेश दिए लेकिन उन सीटों पर एडमिशन ही नहीं करवाए। कोर्ट ने फटकार लगाई तो एजुकेशन डिपार्टमेंट ने आरटीई पोर्टल पर स्कूलों की रजिस्ट्रेशन करवाई और अब एडमिशन का लिंक लाइव कर दिया।

कटाई के बाद खलिहान में रखी फसल जली, किसान विजय कुमार मेहता को भारी नुकसान

 चतरा  झारखंड राज्य के चतरा जिले सोकी गांव में एक किसान की मेहनत पर अचानक लगी आग ने पानी फेर दिया. खेत-खलिहान में मड़ाई के लिए रखे करीब 500 से अधिक गेहूं के बोझे जलकर राख हो गए, जिससे किसान विजय कुमार मेहता को भारी आर्थिक नुकसान हुआ. किसान ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है. खलिहान में रखे गेहूं में अचानक लगी आग किसान विजय कुमार मेहता ने बताया कि गेहूं की कटाई के बाद थ्रेसर से मड़ाई के लिए फसल को खेत के खलिहान में रखा गया था. इसी दौरान अचानक आग लग गई, जिससे देखते ही देखते सैकड़ों बोझा गेहूं जलकर राख हो गया और उन्हें हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा. ग्रामीणों ने आग बुझाने का किया प्रयास आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और उपलब्ध साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया. हालांकि तब तक अधिकतर गेहूं जल चुका था, जिससे नुकसान को रोका नहीं जा सका. अंचल कार्यालय व थाना में मुआवजे की मांग घटना के बाद पीड़ित किसान ने अंचल कार्यालय और संबंधित थाना में आवेदन देकर मुआवजे की मांग की है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है, जिससे ग्रामीणों में भी चिंता का माहौल बना हुआ है.

रांची में धुंध और हल्की बारिश, कई जिलों में वज्रपात की चेतावनी

रांची  झारखंड में मौसम ने फिर से करवट ली है. राजधानी रांची समेत झारखंड के कई जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है. एक ओर तेज धूप और गर्म हवाओं ने लोगों को परेशान किया, वहीं दूसरी ओर दोपहर बाद हो रही हल्की बारिश कुछ राहत भी दे रही है. दोपहर बाद बारिश से मिली राहत गुरुवार को रांची के अलग-अलग हिस्सों में दोपहर बाद बारिश हुई. इससे सुबह से बढ़ा तापमान कुछ थम गया. रांची में 0.5 मिमी बारिश दर्ज की गई. जबकि सरायकेला में 4 मिमी बारिश हुई. मौसम में बदलाव से लोगों को गर्मी से राहत मिली. रांची में आज सुबह धूंध राजधानी रांची में आज सुबह धुंध की चादर में लिपटी रही. सुबह 7 बजे तक भी सूरज के दर्शन नहीं हो सके. एक दिन पहले तक इसी समय तेज धूप और गर्मी से लोग परेशान थे. तेज हवा और वज्रपात की संभावना मौसम विभाग के अनुसार 17 अप्रैल को राज्य के उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व हिस्सों में कहीं-कहीं गर्जन के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने और वज्रपात के साथ हल्की बारिश की संभावना है. आने वाले दिनों में लू चलने के आसार 18 अप्रैल को मौसम शुष्क रहने का अनुमान है. इधर, 19 और 20 अप्रैल को राज्य के कई जिलों में लू चलने की चेतावनी दी गई है. 19 अप्रैल को पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार में लू की स्थिति रहेगी, जबकि 20 अप्रैल को इन जिलों के साथ सरायकेला-खरसांवा, पूर्वी सिंहभूम और पश्चिम सिंहभूम भी इसकी चपेट में रहेंगे. राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर का रहा राज्य में सबसे अधिक तापमान मेदिनीनगर में 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा. वहीं, रांची का अधिकतम तापमान 37.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसमें मामूली गिरावट देखी गई.

विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम, हर कॉलेज में काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य

वि‌द्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए बड़ा कदम, हर कॉलेज में काउंसलर जरूरी मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश स्टॉफ प्रशिक्षण, अभिभावक जागरुकता और मेंटर प्रणाली भी होगी लागू भोपाल वि‌द्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के अनुपालन में जारी इन निर्देशों के अंतर्गत अब सभी शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलर की नियुक्ति के साथ कई अन्य व्यवस्थाएं भी अनिवार्य कर दी गई हैं। जारी निर्देशों के अनुसार, जिन संस्थानों में 100 या उससे अधिक वि‌द्यार्थी अध्ययनरत हैं, वहां कम से कम एक प्रशिक्षित काउंसलर की नियुक्ति करना अनिवार्य होगा। कम छात्र संख्या वाले संस्थानों को बाहरी विशेषज्ञों से जुडकर काउंसलिंग व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। काउंसलर के रूप में मनोविज्ञान में स्नातकोतर, प्रशिक्षित मनोवैज्ञानिक, सामाजिक कार्य विशेषज्ञ या संबंधित क्षेत्र के अनुभवी व्यक्ति नियुक्त किए जा सकेंगे। संस्थान में केवल काउंसलर नियुक्ति पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि पूरे संस्थान को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशील बनाना आवश्यक है। इसी उ‌द्देश्य से सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों, प्रशासनिक स्टॉफ और सुरक्षा कर्मियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन प्रशिक्षणों में मानसिक स्वास्थ्य, प्राथमिक सहायता, वि‌द्यार्थी के व्यवहार में आए परिवर्तनों की पहचान तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही वि‌द्यार्थियों के अभिभावकों को भी इस प्रक्रिया से जोड़ने पर जोर दिया गया है। संस्थानों को निर्देश दिए गए है कि वे अभिभावकों के लिए नियमित जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करें, जिससे वे अपने बच्चों के व्यवहार में आने वाले परिवर्तनों को समझ सके और समय रहते उचित सहयोग प्रदान कर सकें। विद्यार्थियों की व्यक्तिगत निगरानी और मार्गदर्शन के लिए 25 से 40 छात्रों पर एक मैंटर नियुक्त किया जाएगा। यह मेंटर वि‌द्यार्थियों की उपस्थिति, शैक्षणिक प्रदर्शन, व्यवहार और मानसिक स्थिति पर नजर रखेगा तथा आवश्यकता पड़ने पर परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। साथ ही अभिआवकों से संपर्क बनाए रखते हुए विद्यार्थियों के समग्र विकास में सहयोग करेगा। उच्च शिक्षा विभाग ने सभी संस्थानों को निर्देशित किया है कि इन व्यवस्थाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू करते हुए निर्धारित प्रारूप में जानकारी विभाग को शीघ्र प्रेषित करें। मॅटोर-मॅटी (गार्जियन ट्यूटर) व्यवस्था प्रत्येक संस्थान द्वारा 25-40 वि‌द्यार्थियों पर एक मेंटर की नियुक्ती की जाएगी। यह दायित्व किसी प्राध्यापक को दिया जाएगा, जिसे सौंपी गई जिम्मेदारियों का निर्वाह करना होगा। मेंटर वि‌द्यार्थियों की उपस्थिति, परीक्षा परिणाम और व्यवहार की निगरानी और कमजोर वि‌द्यार्थियों की पहचान कर उनका मार्गदर्शन करेंगे। मानसिक तनाव व व्यक्तिगत समस्याओं में सहयोग करना। अभिभावकों से नियमित संपर्क बनाए रखना। कैरियर मार्गदर्शन एवं प्रतियोगी परीक्षाओं के लिये प्रेरित करना। सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में वि‌द्यार्थिों की सहभागिता बढ़ाना। विद्यार्थियों के रिकॉर्ड व काउंसलिंग रजिस्टर का संधारण करना होगा। संस्थाओं में प्रदर्शित से होंगे हेल्पलाइन नंबर परिसर में प्रमुख स्थानों पर वॉल पेटिंग से हेल्पलाइन नंबर प्रदर्शित किए जाएंगे। Dial-112 Tele-MANAS-14416 उमंग हेल्पलाइन 14425 उच्च शिक्षा विभाग की विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सुश्री ऊषा नायर ने कहा, विद्यार्थियों का मानसिक स्वास्थ्य हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। काउंसलर नियुक्ति के साथ स्टॉफ प्रशिक्षण, अभिभावक सहभागिता और मेंटर प्रणाली को लागू कर हम एक सुरक्षित और सहयोगात्मक शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इन निर्देशों के क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर संस्थानों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक संतुलन और समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।  

चुटिया इलाके में प्रशासन की कार्रवाई से हड़कंप, गैस स्टॉक का भंडाफोड़

 रांची झारखंड के रांची के चुटिया इलाके में गुरुवार रात जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से रखे गए गैस सिलेंडरों को जब्त किया. यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें साईं कॉलोनी और पावर हाउस सारा कॉलोनी सहित कई जगहों पर छापेमारी की गई. प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और अवैध गैस कारोबार पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है. जिला प्रशासन और पुलिस का संयुक्त अभियान जानकारी के अनुसार, जिला प्रशासन की टीम ने चुटिया पुलिस के साथ मिलकर संयुक्त अभियान चलाया. इस दौरान कुल 200 से अधिक सिलेंडर बरामद किए गए. जब्त सिलेंडरों में कॉमर्शियल सिलेंडर के अलावा उज्ज्वला योजना, इंडेन और भारत गैस कंपनी के घरेलू सिलेंडर भी शामिल हैं. अधिकारियों के अनुसार, इन सिलेंडरों का उपयोग नियमों के खिलाफ किया जा रहा था. मौके पर मौजूद एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट मो जफर हसनात ने बताया कि प्रशासन को अवैध भंडारण और गैस के काले कारोबार की गुप्त सूचना मिली थी. इसी सूचना के आधार पर पूरी योजना बनाकर छापेमारी की गई. उन्होंने बताया कि कार्रवाई देर रात तक जारी रही और हर संदिग्ध जगह की बारीकी से जांच की गई. 200 से अधिक सिलेंडर जब्त छापेमारी के दौरान पावर हाउस सारा कॉलोनी स्थित एक परिसर से करीब 125 सिलेंडर बरामद किये गए. वहीं साईं कॉलोनी स्थित आवसीय परिसर से 75 से 80 सिलेंडर मिले. इसके अलावा साईं कॉलोनी स्थित आवसीय परिसर में खड़े एक छोटे हाथी वाहन से भी 20 से 22 सिलेंडर जब्त किए गए. इतना ही नहीं, एक आवासीय परिसर में छापेमारी के दौरान 50 से 60 कॉमर्शियल सिलेंडर भी पाए गए, जिन्हें नियमों के खिलाफ रखा गया था. एसडीओ के नेतृत्व में चला अभियान इस पूरे अभियान का नेतृत्व एसडीओ के निर्देशन में किया गया. सिटी डीएसपी रमन के अलावा चुटिया थाना प्रभारी पूनम कुजूर भी अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहीं और कार्रवाई को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने हर स्थान पर जांच कर अवैध गतिविधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए. आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई प्रशासन का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और अवैध गैस कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. अधिकारियों ने यह भी संकेत दिया कि इस मामले में संबंधित लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.

हेड टू हेड में आरसीबी आगे, संभावित प्लेइंग इलेवन पर नजर

चेन्नई इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 के 26वें मैच में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना दिल्ली कैपिटल्स (DC) से 18 अप्रैल को चिन्नास्वामी स्टेडियम में होगा। RCB ने इस सीजन में अब तक 4 मैच जीते हैं और 1 में शिकस्त झेली है, जबकि DC ने 2 मुकाबले जीते हैं और 2 में ही हार का सामना किया है। ऐसे में आइए मैच से जुड़ी बातों पर एक नजर डालते हैं। DC के खिलाफ RCB का पलड़ा रहा है भारी IPL के इतिहास में दोनों टीमों के बीच 33 मुकाबले हुए हैं। इस दौरान RCB ने 20 मैच अपने नाम किए हैं। DC को 12 मैच में जीत मिली है। एक मैच में कोई नतीजा नहीं निकल पाया है। IPL 2025 में दोनों टीमों के बीच 2 मुकाबले हुए थे। पहला मैच DC ने 6 विकेट से जीता था। दूसरे मुकाबले में RCB को 6 विकेट से जीत मिली थी। IPL 2024 का एकमात्र मुकाबला RCB ने जीता था। ऐसी हो सकती है RCB की प्लेइंग इलेवन RCB ने अपने पिछले मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) को 5 विकेट से हराया था। उस मैच में RCB ने अपने गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के चलते LSG को सिर्फ 146 रन पर ही रोक दिया था। RCB के गेंदबाज इसी प्रदर्शन को DC के खिलाफ भी दोहराने की कोशिश करेंगे। संभावित एकादश: फिलिप सॉल्ट, विराट कोहली, देवदत्त पडीक्कल, रजत पाटीदार (कप्तान), टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), रोमारियो शेफर्ड, क्रुणाल पांड्या, भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, और सुयश शर्मा। इस संयोजन के साथ उतर सकती है DC DC को पिछले मैच में चेन्नई सुपरकिंग्स (CSK) के खिलाफ 23 रन से हार मिली थी। उस मैच में टीम की गेंदबाजी कुछ खास नहीं रही थी। ऐसे में वह RCB के खिलाफ बेहतर प्रदर्शन करना चाहेंगे। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल और पथुम निसांका टीम को एक बेहतर शुरुआत देना चाहेंगे। संभावित एकादश: केएल राहुल (विकेटकीपर), पथुम निसांका, नितीश राणा, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, विप्रज निगम, कुलदीप यादव, लुंगी एनगिडी, टी नटराजन और मुकेश कुमार। ये हो सकते हैं दोनों टीमों के इम्पैक्ट प्लेयर RCB: रसिख सलाम डार, वेंकटेश अय्यर, जैकब बेथेल, जैकब डफी, और अभिनंदन सिंह। DC: आशुतोष शर्मा, आकिब नबी डार, समीर रिजवी, दुष्मंथा चमीरा और करुण नायर। कैसा है चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच का मिजाज? एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। यह मैदान अपनी छोटी बाउंड्री के कारण हाई स्कोरिंग मैदान के रूप में जाना जाता है। हालांकि, यहां स्पिन गेंदबाजों बीच के ओवर के दौरान प्रभावशाली होते हैं। हाउस्टेट के मुताबिक, चिन्नास्वामी स्टेडियम पर IPL मैचों के दौरान पहली पारी का औसत स्कोर 167 रन का है। बेंगलुरु में सर्वोच्च टीम स्कोर का रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) 287/3 बनाम RCB, 2024 के नाम पर दर्ज है। कैसा रहेगा मौसम का हाल? एक्यूवेदर के मुताबिक, 18 अप्रैल को बेंगलुरु में अच्छी गर्मी होगी। दिन का अधिकतम तापमान 36 डिग्री तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 22 डिग्री तक रहने की उम्मीद है। मैच की शुरुआत शाम 7:30 बजे होगी। बारिश की कोई संभावना नहीं है। इन खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर होंगी नजरें RCB के लिए कोहली ने पिछले 10 मैचों में 49.11 की औसत से 442 रन बनाए हैं। रजत के बल्ले से पिछले 10 मैचों में 306 रन निकले हैं। DC के लिए राहुल ने पिछले 10 मैच में 151.38 की स्ट्राइक रेट से 327 रन बनाए हैं। गेंदबाजों में भुवनेश्वर ने पिछले 10 मैच में 9.82 की इकॉनमी से 12 विकेट लिए हैं। DC से अक्षर ने पिछले 7 मैचों में 7.64 की इकॉनमी से 7 विकेट चटकाए हैं। कब और कहां देखें मुकाबला? RCB और DC के बीच यह मुकाबला 18 अप्रैल को बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में दोपहर 3:30 बजे से खेला जाएगा। भारत में स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क और जियोहॉटस्टार ऐप पर इस मैच का सीधा प्रसारण देखा जा सकता है।  

इंदौर में जलसंकट बढ़ा, गर्मी के चलते निर्माण कार्य और सर्विस स्टेशनों में बोरिंग और नर्मदा जल का उपयोग

इंदौर  इंदौर में जैसे-जैसे गर्मी के तेवर तेज हो रहे हैं, शहर में जलसंकट भी गहराता जा रहा है। स्थिति को देखते हुए नगर निगम ने 100 से अधिक टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति की व्यवस्था की है। इसके साथ ही शुक्रवार से निर्माण कार्यों और सर्विस स्टेशनों पर बोरिंग व नर्मदा जल के उपयोग पर रोक लगा दी गई है। इन कार्यों के लिए अब संचालकों को केवल ट्रीटेड पानी का उपयोग करना होगा। नगर निगम ने मध्य प्रदेश नगर पालिक अधिनियम की उपविधियों का हवाला देते हुए यह प्रतिबंध 30 जून तक लागू किया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्देशों का उल्लंघन किया गया, तो संबंधित बोरिंगों का अधिग्रहण करने के साथ ऑटोमोबाइल सेंटरों को सील भी किया जाएगा।नगर निगम के अनुसार, शहर के 35 स्थानों पर ट्रीटेड वॉटर के हाइड्रेंट स्थापित किए गए हैं, जहां से पानी लेकर निर्माण कार्यों में तराई के लिए उपयोग किया जा सकता है।  शहर में निजी और सार्वजनिक बोरिंगों की संख्या एक लाख से अधिक है। हर साल गर्मी बढ़ते ही कई बोरिंग सूख जाते हैं या उनकी जल क्षमता घट जाती है। इसके चलते कई रहवासियों को निजी टैंकरों से पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। वाटर रिचार्जिंग अनिवार्य जलसंकट से निपटने के लिए नगर निगम ने रहवासी, बाजार और औद्योगिक क्षेत्रों में वाटर रिचार्जिंग को अनिवार्य कर दिया है। भवन निर्माताओं को जून तक रिचार्जिंग व्यवस्था करने का समय दिया गया है। इसके बाद निगम अभियान चलाकर स्थिति की समीक्षा करेगा। नियमों का पालन नहीं करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।   जलूद से रोजाना 500 एमएलडी पानी की आपूर्ति इंदौर को जलूद से प्रतिदिन 500 एमएलडी पानी मिलता है, जिससे शहर की 40 से अधिक टंकियां भरी जाती हैं। इसके अलावा 35 एमएलडी पानी यशवंत सागर से प्राप्त होता है। वहीं बोरिंगों से करीब 30 एमएलडी पानी का उपयोग किया जाता है हालांकि, गर्मी के दौरान बोरिंगों और यशवंत सागर से पानी की आपूर्ति कम हो जाती है, जिससे मांग और आपूर्ति का संतुलन बिगड़ जाता है।

वास्तु टिप्स: घर के मंदिर में भूलकर भी न रखें ये चीजें, वरना हो सकता है नुकसान

ज्योतिष और वास्तुशास्त्र में घर का सबसे पवित्र स्थान मंदिर को माना गया है। अपने घर में सुख-शांति और सकारात्मकता बनाए रखने के लिए मनुष्य सुबह-शाम नियमित पूजा करता है और देवी-देवताओं की आराधना करता है। इसका प्रभाव परिवार के सदस्यों के जीवन पर भी पड़ता है। लेकिन वास्तुशास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर में कुछ चीजों को रखना वर्जित माना गया है। खंडित मूर्तियां, दो शंख सहित कुछ चीजें पूजा घर में रखने से इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। साथ ही, अनजाने में हुई गलतियों के चलते पूजा का पूर्ण फल नहीं मिल पाता है। ऐसे में आइए विस्तार से जानते हैं से कि घर के मंदिर में किन-किन चीजों को नहीं रखना चाहिए। पूजा घर में न रखें अत्यधिक बड़ी मूर्तियां वास्तुशास्त्र में घर के मंदिर को लेकर कई नियम व टिप्स बताए गए हैं। मान्यता है कि कभी भी पूजा घर में अत्यधिक बड़ी मूर्तियां नहीं रखनी चाहिए। मंदिर में 3 से 6 इंच की मूर्तियां रखी जा सकती हैं। कहा जाता है कि ऐसा करने से आसपास ऊर्जा का एक समान प्रवाह बना रहता है। वहीं, अत्यधिक बड़ी भगवान की मूर्तियां पूजा घर में स्थापित करने से इसका प्रतिकूल प्रभाव देखने को मिल सकता है। बड़ी मूर्तियां मंदिर में स्थापित की जाती हैं वहीं, घर के मंदिर में 3 से 6 इंच की मूर्ति रखनी चाहिए। मंदिर में न रखें दो शंख अगर आपने घर के मंदिर में दो शंख रखे हैं, तो उसे वहां से हटा देना चाहिए। मान्यता है कि गलती से भी पूजा घर में दो शंख नहीं रखने चाहिए। कहा जाता है कि घर में दो शंख रखने से इसका नकारात्मक प्रभाव आसपास की ऊर्जा पर और परिवार के सदस्यों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है। इसलिए हमेशा घर के मंदिर में एक ही शंख रखना चाहिए। साथ ही, कभी भी शंख से शिवलिंग का अभिषेक नहीं करना चाहिए। भगवान गणेश की तीन प्रतिमा न रखें कई लोग मंदिर में एक ही भगवान की दो-दो प्रतिमाएं रखते हैं। शास्त्रों में ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता है। मान्यता है कि किसी भी देवी-देवता की फोटो या मूर्ति घर के मंदिर में दो नहीं रखनी चाहिए। विशेषतौर पर भगवान गणेश की मूर्ति या प्रतिमा की संख्या पूरे घर में तीन नहीं होनी चाहिए। ऐसा करना वर्जित माना जाता है। मान्यता है कि इससे शुभ कार्यों में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, परिवार के सदस्यों के जीवन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। मंदिर में टूटे-फूटे बर्तन न रखें अगर आपके घर के मंदिर में किसी भी प्रकार के टूटी-फूटी थाली, कटोरी, गिलास आदि बर्तन रखे हैं, तो उसे तुरंत पूजा घर से हटा दें। पूजा के लिए टूटे-फूटे और गंदे बर्तनों को प्रयोग करना अशुभ माना जाता है। ऐसा करने से घर में दोष भी लग सकता है। जिससे घर में कई समस्याएं उत्पन्न होने का संकट रहता है। यह गृह क्लेश और कार्यों में बाधाओं का कारण भी बन सकता है। इसलिए मंदिर के बर्तनों से जुड़े इस नियम का ध्यान जरूर रखना चाहिए। पूजा घर में खाली पैकेट और गंदगी न रखें कई बार हम अनजाने में अगरबत्ती, धूपबत्ती या बाती का पैकेट खत्म होने के बाद उसे मंदिर में ही भूल जाते हैं। इस प्रकार की वस्तुओं को मंदिर में रखना शुभ नहीं माना जाता है। साथ ही, मंदिर को समय-समय पर साफ करना भी आवश्यक होता है। वहां कभी भी अगरबत्ती, धूपबत्ती आदि के खाली पैकेट नहीं रखने चाहिए और न ही किसी प्रकार की गंदगी होनी चाहिए। ऐसा करने से वास्तुदोष लग सकता है। मंदिर में ज्यादा देर न रखें भोग काफी लोग अपने घर के मंदिर में भगवान को भोग लगाकर उसे देर तक या पूरी रात तक वहीं छोड़ देते हैं। ऐसा करना सही नहीं माना जाता है। हमेशा भगवान को भोग लगाने के कुछ देर बाद ही प्रसाद को वहां से उठाकर सभी में बांट देना चाहिए। मान्यता है कि भगवान को प्रसाद चढ़ाते ही उनका भोग लग जाता है। ऐसे में उसे वहां से हटा देना चाहिए। साथ ही, बर्तनों को साफ करके रखना चाहिए।