samacharsecretary.com

बंगाल में चुनाव से पहले ED का बड़ा ऐक्शन, कोलकाता DCP के ठिकानों पर मारे गए छापे

कलकत्ता बंगाल में चुनाव से पहले ईडी का ताबड़तोड़ ऐक्शन जारी है। कोयला घोटाला मामले में ईडी की टीम कोलकाता डीसीपी शांतनु सिन्हा विश्वा के ठिकानों पर छापा मारने पहुंची है। जानकारी के मुताबिक ईडी की टीम शांतनु विश्वास के अलावा बलयुगुंगे ऐंड सन एटरप्राइजेज के मैनेजिंग डायरेक्टर जय कामदार के घर पर भी छापेमारी कर रही है। जानकारी के मुताबिक शांतनु विश्वास के दो ठिकानों और जय कामदार के एक ठिकाने पर छापेमारी जारी है। रिपोर्ट के मुताबिक शांतनु विश्वास के बेहाला स्थित आवास पर ताला लगा हुआ है और गेट के अंदर के कुत्ता मौजूद है। ऐसे में ईडी की टीम बाहर ही खड़ी है। कोयला तस्करी की जांच में शांतनु सिन्हा विश्वास का भी नाम आया था। इसके बाद ईडी ने उन्हें तलब भी किया था। ईडी कोयला तस्करी मामले में कम से कम 8 आईपीएस अधिकारियों से पूछताछ कर चुकी है। बीते दिनों ईडी की टीम इंडियन पॉलिटिकल ऐक्शन कमेटी (IPAC) के ठिकानों पर छापपेमारी की थी। आईपैक के को फाउंडर विनेश चंदेल को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद दिल्ली की अदालत ने विनेश चंदेल को 20 दिनों की ईडी की हिरासत में भेजा था। ईडी दिल्ली पुलिसद्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर जांच कर रही है। ईडी ने इस मामले में पुलकित जैन और प्रतीक जैन की पत्नी बार्बी जैन को भी दिल्ली स्थित मुख्यालय में तलब किया था। टीएमसी नेताओं के घर पर भी छापेमारी दो दिन पहले आयकर विभाग ने तृणमूल कांग्रेस के विधायक देबाशीष कुमार के आवास के साथ-साथ पार्टी के दो अन्य नेताओं के घरों और कार्यालयों सहित कई परिसरों पर छापेमारी की थी। इस कार्रवाई से विधानसभा चुनाव से पहले क्षेत्र में राजनीतिक तनाव पैदा हो गया है। कुमार रासबिहारी निर्वाचन क्षेत्र से दोबारा चुनाव लड़ रहे हैं। सूत्रों ने बताया कि अधिकारियों ने दक्षिण कोलकाता के मनोहरपुकुर रोड स्थित कुमार के आवास पर सुबह-सवेरे तलाशी शुरू की। छापेमारी शुरू होने के समय तृणमूल उम्मीदवार वहीं मौजूद थे। इसके साथ ही पास में स्थित उनके चुनावी कार्यालय और मोतीलाल नेहरू रोड स्थित एक पार्टी कार्यालय में भी तलाशी ली जा रही है। इसी बीच आयकर विभाग के अधिकारियों की एक अन्य टीम ने कालीघाट में तृणमूल कांग्रेस नेता कुमार साहा के आवास की तलाशी ली। आयकर अधिकारी स्थानीय तृणमूल नेता मिराज शाह के एल्गिन रोड स्थित आवास पर भी पहुंचे। मिराज शाह भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी की उम्मीदवारी के चार प्रस्तावकों में से एक हैं।इस बीच, दिन के दौरान साल्ट लेक और मिडलटन स्ट्रीट सहित शहर के कई अन्य स्थानों पर भी आयकर विभाग की छापेमारी देखी गयी।

अक्षय तृतीया पर इंदौर और जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके, 15-16 साल की बेटियों के विवाह भी समझाइश से टले

इंदौर-जबलपुर में अक्षय तृतीया पर 4 बाल विवाह रोके गए, 17 साल की बालिका की बारात उज्जैन से रुकवाई अक्षय तृतीया पर इंदौर और जबलपुर में 4 बाल विवाह रोके, 15-16 साल की बेटियों के विवाह भी समझाइश से टले इंदौर और जबलपुर में अक्षय तृतीया पर बाल विवाह रोके गए, 17 साल की बालिका की बारात उज्जैन से रोकी गई इंदौर/जबलपुर  अक्षय तृतीया के चलते मध्य प्रदेश के आर्थिक शहर इंदौर में बाल विवाह रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग की अलग-अलग गठित टीमें लगातार कार्रवाई में जुटी हैं। इसी कड़ी में  नाबालिग विवाह के शहर में दो अजीबो गरीब मामले सामने आए। इनमें से एक मामले में दुल्हन ने तो वैवाहिक नियानुसार 18 साल पूरे कर लिए थे, पर दोनों ही मामलों में दूल्हा की उम्र महज 13 साल थी। मामले में कलेक्टर ने शुक्रवार को प्रतिबंधात्मक आदेश भी जारी किया है। एक मामले में लड़की के पिता शादी की उम्र 16 वर्ष होने का दावा करते हुए वैवाहिक रस्में आगे बढ़ाने पर अड़ गए। वहीं, दूसरे मामले में दुल्हन के परिजन बेटी की उम्र 21 साल बता रहे थे, लेकिन यहां उसकी उम्र 18 साल ही निकली। लेकिन दोनों ही मामलों में दूल्हा दोनों दुल्हनों से पांच साल छोटा था। फिलहाल, विभाग की टीम द्वारा समझाने के बाद बच्चों के बालिग होने तक परिजन ने विवाह निरस्त करने की सहमति दे दी है। खजराना क्षेत्र में 17 वर्षीय बालिका का विवाह रोका खजराना थाना क्षेत्र की कॉलेज कॉलोनी में शनिवार को एक बालिका की शादी की सूचना पर टीम मौके पर पहुंची। दस्तावेजों की जांच में बालिका की उम्र 17 साल 4 महीने पाई गई। अधिकारियों ने परिवार को समझाइश दी, जिसके बाद विवाह टाल दिया गया। उज्जैन के दूल्हे पक्ष को सूचना देने पर बारात भी कैंसिल कराई गई। न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका की शादी टली न्यू गोविंद कॉलोनी में 15 वर्षीय बालिका की शादी की तैयारी की शिकायत पर टीम पहुंची। परिवार ने शुरुआत में इंकार किया, लेकिन जांच में सगाई की पुष्टि हुई। समझाइश के बाद परिजनों ने बालिग होने तक विवाह टालने की सहमति दी। भमोरी क्षेत्र में 16 वर्षीय बालिका का विवाह निरस्त भमोरी क्षेत्र में हेल्पलाइन पर मिली सूचना के आधार पर टीम ने कार्रवाई की। जांच में बालिका की उम्र 16 साल पाई गई। माता-पिता को कानूनी प्रावधान समझाने के बाद विवाह निरस्त कर दिया गया। देर रात तक चली जांच कार्रवाई कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर गठित टीमों ने दिनभर विभिन्न विवाह स्थलों पर दस्तावेजों की जांच की। उड़नदस्ता टीम ने शनिवार रात 12 बजे तक आयु प्रमाणों का परीक्षण किया। अधिकारियों ने कहा कि बाल विवाह कानूनन अपराध है। लोगों से अपील की गई है कि नाबालिग विवाह की सूचना तुरंत संबंधित विभाग या हेल्पलाइन को दें। जबलपुर में भी नाबालिक की शादी टली जबलपुर के बरेला थाना क्षेत्र के जुनवानी कंचनपुर टोला में 10वीं कक्षा में पढ़ रही 15 साल की बालिका का विवाह समय रहते रुकवा दिया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने 20 अप्रैल को प्रस्तावित विवाह को कार्रवाई कर निरस्त कराया। सेक्टर पर्यवेक्षक नीरजा वर्मा को बाल विवाह की सूचना मिलने पर शनिवार को टीम गांव पहुंची। जांच में आधार कार्ड में जन्मतिथि 1 जनवरी 2012 और जन्म प्रमाण पत्र में 29 जनवरी 2011 दर्ज मिली, जिससे बालिका की उम्र करीब 15 साल पाई गई।  

बिहार की राजनीति में नई चाल: Nitish Kumar साध रहे ‘लव-कुश’ समीकरण, सम्राट पर बड़ा भरोसा

पटना. नीतीश कुमार की एक-एक गतिविधि राजनीतिक गलियारे में चर्चा का विषय बनती रही है। वह अनायस कोई बात आगे नहीं बढ़ाते। बिहार की राजनीति में इन दिनों वह पूरी सोची-समझी नीति के तहत लव-कुश समीकरण को आगे कर रहे। पिछले दिनों अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान जब वे चंपारण के इलाके में थे, तब वह लव-कुश पार्क गए थे। उस समय सम्राट चौधरी भी बतौर उपमुख्यमंत्री उनके साथ थे। दोनों ने पार्क में अपनी तस्वीर भी करायी। वह अनायास ही नहीं था। यहां से भी लव-कुश समीकरण को आगे किए जाने का साफ संदेश था। नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा के दौरान नियमित रूप से सम्राट चौधरी साथ में रहे। इस दौरान नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के बारे में कई बार कहा कि अब यही लोग आगे संभालेंगे। कई तरह से उन्होंने इशारे में यह साफ किया था कि सम्राट को वह अपना उत्तराधिकारी बनाने की चाहत रखते हैं। जिस समय नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा को लेकर सक्रिय थे, उस समय उनके एग्जिट प्लान पर विशेष चर्चा नहीं थी। बाद के चरण में जब वह निकले तो राज्यसभा के लिए उनका नाम तय हो गया था। उस समय भी सम्राट चौधरी के साथ उनकी यात्राएं हुईं। बाद में यह चर्चा हुई कि सम्राट चौधरी ही मुख्यमंत्री पद के लिए नीतीश कुमार की पसंद हैं। शपथ ग्रहण के दिन सम्राट चौधरी ने जिस तरह से नीतीश कुमार का लोकभवन में अभिवादन किया, उस पर लोगों ने गौर किया। उपेंद्र कुशवाहा पर लगा चुके हैं दांव लव-कुश समीकरण को लेकर नीतीश कुमार अपने आरंभिक दिनों से ही सक्रिय दिखते रहे हैं। आरंभिक दिनों में उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा को आगे किया था। उन्हीं की पहल पर पहली बार विधानसभा चुनाव जीतकर आए उपेंद्र कुशवाहा को नीतीश कुमार ने नेता प्रतिपक्ष बनाया। बाद के दिनों में कुशवाहा समाज से आने वाले उमेश कुशवाहा को उन्होंने जदयू का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। जदयू के एक राष्ट्रीय महासचिव भी कुशवाहा समाज से बनाए गए। मुख्यमंत्री पद छोड़ने के बाद शनिवार को नीतीश सबुह 10.30 बजे के करीब सम्राट चौधरी के सरकारी आवास पर पहुंच गए। उनके साथ नीतीश कुमार के विश्वस्त व उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी भी थे। यह भी अनायास नहीं था। जिस तरह से नीतीश कुमार ने सम्राट चौधरी के साथ कई फ्रेम में तस्वीर करायी, उसमें उनका लव-कुश समीकरण स्पष्ट तौर पर झलक रहा था।

पंजाब में बेअदबी कानून पर बड़ा बयान: Bhagwant Mann बोले—यह फैसला ऐतिहासिक

चंडीगढ़. श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की साजिश की या बेअदबी की तो अब दोषी को 10 वर्ष से लेकर उम्र कैद की सजा हो सकती है। क्योंकि 13 अप्रैल को पंजाब सरकार द्वारा विधानसभा में सर्वसम्मति से पास किया गया 'जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक, 2026 को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंजूरी दे दी है। इस संबंधी जानकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान ने खुद दी है। नीदरलैंड दौरे पर गए मुख्यमंत्री राज्यपाल द्वारा बिल को मंजूरी देने पर धन्यवाद किया है। विधान सभा में बिल पेश करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गारंटी दी थी अब कोई पांचवां बिल नहीं आएगा। बता दें कि इस बिल से पहले तीन बार पहले ही बेअदबी की सजा का बिल पेश हो चुका था। इस बिल में बेअदबी के लिए कम से कम सात साल की कैद (जिसे बढ़ाकर 20 साल तक किया जा सकता है) और 2 लाख से 10 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान करता है। वहीं, सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की साज़िश के तहत की गई बेअदबी के लिए और भी कड़ी सज़ाएं तय की गई हैं, जिनमें उम्रकैद (ता-उम्र) और 25 लाख रुपये तक का जुर्माना शामिल है। विधेयक सर्वसम्मति से पारित हुआ था। बिल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं पंजाब सरकार ने दावा किया था कि यह स्टेट बिल है। इसलिए इसे राज्यपाल को राष्ट्रपति के पास भेजने की जरूरत नहीं होगी। क्योंकि विपक्षीय पार्टियां इस बात की आशंका जता रही थी की राज्यपाल इस बिल को राष्ट्रपति को भेज सकते हैं। क्या हैं संशोधन इस संशोधन के ज़रिए प्रस्तावना के शुरुआती पैराग्राफ़ को बदला गया है। इसका मकसद इस बात पर जोर देना है कि शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) या उसके द्वारा अधिकृत किसी अन्य संस्था के अलावा, कोई भी अन्य संस्था स्वरूपों की छपाई, प्रकाशन, भंडारण, वितरण या आपूर्ति न करे। यह सिख रहत मर्यादा (सिख आचार संहिता और रीति-रिवाजों) के अनुसार पवित्रता सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर देता है, साथ ही यह अपवित्रीकरण को परिभाषित करता है, उसके लिए दंड का प्रावधान करता है, और एक ऐसा "निवारक ढांचा" तैयार करता है। अपवित्रता की परिभाषा यह रिकॉर्ड को प्रिंटिंग, स्टोरेज और वितरण से संबंधित मैनुअल और इलेक्ट्रॉनिक, दोनों तरह के दस्तावेज़ों के रूप में भी परिभाषित करता है। साथ ही, यह ‘अपवित्रता’ को किसी भी जान-बूझकर और सोची-समझी गई अपमानजनक कार्रवाई के रूप में विस्तार से बताता है। जिसमें अंग को जलाने, फाड़ने या चोरी करने जैसे भौतिक नुकसान से लेकर, बोलने, लिखने, प्रतीकात्मक या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से की गई ऐसी हरकतें शामिल हैं जो सिखों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती हों। एक नई धारा 3A एसजीपीसी को सभी स्वरूपों का एक केंद्रीय रजिस्टर रखने का आदेश देती है। इस रजिस्टर में हर स्वरूप को एक खास पहचान संख्या दी जाएगी और प्रिंटिंग की तारीख, आपूर्ति की जगह, स्टोरेज की जगह और संरक्षक की पहचान जैसे विवरण दर्ज किए जाएंगे। इस रजिस्टर को भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक, दोनों रूपों में रखा जाना है। अधिनियम के लागू होने के 45 दिनों के भीतर इसे एसजीपीसी की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाना चाहिए, और हर महीने इसमें अनिवार्य रूप से अपडेट किए जाने चाहिए, जिन्हें किसी अधिकृत अधिकारी द्वारा विधिवत प्रमाणित किया गया हो। संरक्षकों के कर्तव्यों और दंड की परिभाषा धारा 3B के माध्यम से, इस संशोधन ने संरक्षकों के कर्तव्यों को परिभाषित किया है। इसके तहत संरक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्वरूप सुरक्षित अभिरक्षा में रहें, उनका दुरुपयोग या उन्हें नुकसान न पहुंचे, और वे 'सिख रहत मर्यादा' का सख्ती से पालन करें। नुकसान, गायब होने या अपवित्रता के किसी भी संदिग्ध मामले की सूचना तुरंत पुलिस अधिकारियों और संबंधित प्रबंधन निकाय को दी जानी चाहिए। कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की अपवित्रता का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा। इस कारावास की अवधि 7 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन इसे बढ़ाकर 20 वर्ष तक किया जा सकता है। साथ ही, उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 2 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन इसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये तक किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो आपराधिक षड्यंत्र के तहत, शांति या सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने के इरादे से, इस अधिनियम के तहत गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूपों की अपवित्रता का अपराध करता है, उसे किसी भी प्रकार के कारावास से दंडित किया जाएगा। इस कारावास की अवधि 10 वर्ष से कम नहीं होगी, लेकिन इसे बढ़ाकर आजीवन कारावास तक किया जा सकता है। साथ ही, उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 5 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन इसे बढ़ाकर 25 लाख रुपये तक किया जा सकता है। कोई भी व्यक्ति जो इस अधिनियम के तहत किसी अपराध को करने में सहायता करता है, उसे उसी दंड का भागीदार माना जाएगा जो उस अपराध के लिए निर्धारित है, जिसमें उसने सहायता की है। कोई भी व्यक्ति जो इस एक्ट के तहत कोई अपराध करने की कोशिश करता है, उसे किसी भी तरह की जेल की सज़ा दी जाएगी, जो तीन साल से कम नहीं होगी, लेकिन पांच साल तक बढ़ सकती है। उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा, जो 1 लाख रुपये से कम नहीं होगा, लेकिन 3 लाख रुपये तक बढ़ सकता है। वहीं, बेअदबी करने वाला अगर मनोरोगी या मानसिक स्थिति ठीक होने की बात कहता हैं तो उसकी बाकायदा जांच होगी। ऑफिशियल गैजेट में नोटिफिकेशन के बाद लागू होगा यह कानून तब लागू होगा जब सरकार इसे ऑफिशियल गैजेट में नोटिफाई करेगी। 2008 के कानून को पूरी तरह से बदलने के बजाय उसमें संशोधन करके, सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब की सुरक्षा, कस्टडी और पवित्रता के लिए एक ज़्यादा सख़्त और व्यवस्थित कानूनी ढांचा बनाने की कोशिश की है। बेअदबी पर तीसरा बिल पंजाब में पहले भी 2016 और 2018 में अपमान से जुड़े दो बिल पेश किए जा चुके हैं। 2016 के प्रस्ताव में गुरु ग्रंथ साहिब के अपमान के लिए उम्रकैद और दूसरे धार्मिक ग्रंथों के लिए 10 साल की सज़ा का प्रावधान था। इसे केंद्र सरकार ने कुछ आपत्तियों के साथ … Read more

छत्तीसगढ़ के Gariaband में चिंता बढ़ी: 3 युवाओं की आत्महत्या के बाद पुलिस का बड़ा कदम, लगेगा गाइडेंस कैंप

गरियाबंद. जहां 15 दिनों में 3 युवाओं ने आत्महत्या कर ली, उसी थाना क्षेत्र में प्रभारी एसपी ने थाना कैम्पस में करियर गाइडेंस कैंप लगाया. कैंप के जरिए 100 से ज्यादा ग्रामीण युवकों को बताया कि मुश्किल की घड़ी में मोबाइल नहीं, परिवार को सहारा बनाएं. सफलता का पैमाना संपत्ति नहीं, संतुष्टि है. नशा से दूर रहेंगे तो सफलता कदम चूमेगी। प्रभारी एसपी नीरज चंद्राकर ने देवभोग थाना कैम्पस में करियर गाइडेंस कैंप का आयोजन किया, जिसमें नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र से 100 से ज्यादा युवा पहुंचे। चंद्राकर ने मार्गदर्शन की शुरुआत एक ऐसे छात्र के किस्से से शुरू किया, जिसने इंटर की पढ़ाई में अधिकतम 44 प्रतिशत अंक प्राप्त किया, समाज और परिवार के नजरिए वो असफल था, पर अपनी अन्य सकारात्मक रुचियों के चलते छात्र पढ़ाई क्षेत्र में अपने आप को सफल मानता रहा। समय के साथ लक्ष्य निर्धारित किया, विषम परिस्थितियों का डट कर मुकाबला किया पिता के बताए आदर्शों का पालन किया और पहली प्रयास में यूपीएसी एक्जाम में सफल हो गया। कहानी के अंत में बताया कि वो छात्र कोई और नहीं बल्कि स्वयं हैं। प्रभारी एसपी ने कहा कि सफलता का पैमाना संपत्ति नहीं बल्कि संतुष्टि से है।सफलता के मूल मंत्र को बताते हुए कहा कि सबसे पहले अपने सबसे प्रिय वस्तु का त्याग करना है जो आज के परिवेश में मोबाइल है।नशा पान से दूर रहना,जरूरत पूरा करने के लिए गलत रस्ते पर नहीं चलना, परेशानी में पड़े तो परिवार को समाधान का माध्यम बनाने की सलाह दिया ।ग्रुप स्टडी, डिस्कशन,डाइट,गाइड और स्वास्थ्य कैरियर की सफलता के लिए जरूरी है। युवाओं से सार्थक संवाद कर एसपी चंद्राकर ने कहा कि हर काम में सकारात्मक सोच के साथ मन की संतुष्टि लाए तो सफल पीछे पीछे भाग आएगी।आयोजन में मंचस्थ नगर पंचायत अध्यक्ष राजेश तिवारी, उपाध्यक्ष सुशील यादव, आप नेता मनोज मिश्रा ने पुलिस की इस पहल की सराहना किया।पत्रकार जयविलास शर्मा ने मंच का संचालन किया।थाना प्रभारी फैजुल हुदा शाह ने आयोजन को सफल बनाने उपस्थिति कॉलेज प्रोफेसर,गणमान्य नागरिक एवं मौजूद युवाओं का आभार व्यक्त किया। युवाओं की आत्महत्या पर कहा… 31 मार्च से 16 अप्रैल तक खुटगांव पंचायत में ही तीन युवकों ने फांसी पर लटक आत्महत्या कर लिया, तीनों की उम्र 17 से 21 साल के बीच थी। इससे पहले भी दिसंबर में इसी पंचायत से एक युवक ने आत्महत्या किया था। संवाद के दरम्यान एक युवक ने इन पर सवाल केंद्रित किया। प्रभारी एसपी ने कहा कि सभी मौत के पीछे लगभग एक ही कारण कॉमन पाए गए। मौत को गले लगाने वाले युवाओं पर परिवार ने कोई लक्ष्य तय कर नहीं दिया था। मोबाइल में व्यस्तता भी कॉमन थी। यही अगर परेशान होने की स्थिति में अपनी बाते मोबाइल के बजाए परिवार का सहयोग लेकर मन हल्का करते तो ये नौबत नहीं आती। युवाओं को इन घटनाओं से सबक लेकर सदैव परिवार के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने की सलाह भी अफसर ने दिया। निशुल्क पीएससी कोचिंग की ली जिम्मेदारी प्रभारी एसपी ने संवाद के दरम्यान ही मंच से ऐलान किया कि अगर कोई रायपुर में पीएससी कोचिंग ज्वाइन करना चाहे तो उन्हें मै निःशुल्क कोचिंग दिलाने की जवाबदारी लूंगा। युवाओं से भरे मंच में पीएससी करने के सवाल पर कोई हाथ नहीं खड़ा किया। तभी उन्हें मोटिव कर बढ़ावा देने प्रभारी एसपी ने यह ऐलान किया है। छात्रों ने भी जल्द मन बना कर संपर्क करने की बात कही। पुलिस भर्ती में जाने के इच्छुक छात्र को पुलिस परीक्षा की तैयारी, फिजिकल तैयारी कराने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया।

यूपी से लेकर पंजाब तक लू का प्रकोप, तापमान 45 डिग्री तक जा सकता है; बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली अप्रैल महीने की शुरुआत जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश के साथ हुई तो वहीं अब मौसम दोहरा रंग दिखा रहा है। पहाड़ी इलाकों में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है तो वहीं कम से कम 6 राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर के समय लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचना चाहिए। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम समेत 12 राज्यों में आंधी चलने और बारिश का अनुमान है। वहीं यूपी, पंजाब,हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लू चलने की प्रबल संभावना है। यूपी का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक भी जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर का मौसम मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में धूप रहेगी। हालांकि शाम तक मौसम करवट ले सकता है और तेज हवाएं चल सकती हैं। रविवार को भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक जा सकता है। उत्तर प्रदेश में लू का अलर्ट मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में लू का अलर्ट जारी किया है। बुंदेलखंड में तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, विशेषकर दक्षिणी क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिन के दौरान लू चलने का पूर्वानुमान है और अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे ऊपर जा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने बताया कि पूरे राज्य में शुष्क मौसम बना हुआ है और लगातार पछुआ हवाएं चल रही हैं। बुलेटिन में कहा गया, ''दिन के समय पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर लू चलने की संभावना है।' शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। प्रयागराज में तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3.2 डिग्री अधिक है, जबकि राज्य का सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान बांदा में दर्ज किया गया। ओडिशा में भीषण गर्मी का प्रकोप ओडिशा में शनिवार को भीषण गर्मी का प्रकोप रहा और करीब 15 स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग के मुताबिक बोलांगीर जिले का टिटलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद झारसुगुड़ा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार भवानीपटना में 42 डिग्री सेल्सियस, जबकि संबलपुर और नुआपड़ा में 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। विभाग के अनुसार इसी प्रकार हीराकुड में 41.4 डिग्री सेल्सियस, बोलांगीर और तालचर में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इसमें सुपौल, अरररिया, किशनगंज और सिवान जिले शामिल हैं।

ईरान की धमकी: ‘गलती की तो पूरी ताकत से देंगे जवाब’, ट्रंप को किया चेतावन

तेहरान  ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बार फिर सख्त लहजे में चेतावनी दी है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मह बाकर ग़ालिबाफ ने साफ कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार जरूर है, लेकिन अगर जरा सी भी गलती हुई तो जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा।  टीवी पर रविवार को दिए गए संबोधन में गालिबाफ ने दो टूक कहा कि ईरान इस समय हाई अलर्ट पर है. उन्होंने कहा, "हम पूरी तरह तैयार हैं. अगर उन्होंने जरा सी भी गलती की, तो हम पूरी ताकत से जवाब देंगे." उनके इस बयान से साफ है कि एक तरफ वार्ता की बात हो रही है, लेकिन दूसरी तरफ सख्ती भी बरकरार है।  गालिबाफ ने यह भी दावा किया कि ईरान ने मैदान में अपनी ताकत दिखाई है और अब वह मजबूत स्थिति से बातचीत करना चाहता है. उन्होंने कहा कि इस बार ईरान की सैन्य क्षमता पहले के मुकाबले काफी बेहतर है और यह बात जंग के दौरान साफ नजर आई है।  हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका के पास संसाधन और ताकत ज्यादा है. गालिबाफ ने कहा, "हम सैन्य तौर पर अमेरिका से मजबूत नहीं हैं. उनके पास ज्यादा पैसा, ज्यादा हथियार और ज्यादा अनुभव है." लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अपनी रणनीति और तैयारी के दम पर हालात को अपने पक्ष में मोड़ा है।  गालिबाफ के मुताबिक, यह सीधी लड़ाई नहीं बल्कि अलग तरह की जंग है, जिसमें ईरान ने अपनी योजना के जरिए मजबूत देशों का मुकाबला किया. उन्होंने कहा कि विरोधी देशों के पास संसाधन तो थे, लेकिन उनकी रणनीति सही नहीं रही, जबकि ईरान ने बेहतर तरीके से काम किया।  गालिबाफ ने अमेरिका के फैसलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके विरोधी ईरान को सही तरीके से समझ नहीं पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि "वे हमारे लोगों को लेकर भी गलत सोच रखते हैं और सैन्य फैसलों में भी गलती करते हैं।  इस दौरान उन्होंने इजरायल पर भी निशाना साधा. गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका भले ही "अमेरिका फर्स्ट" की बात करता हो, लेकिन असल में उसके फैसलों में इजरायल की भूमिका ज्यादा नजर आती है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका कई बार इजरायल से मिली जानकारी के आधार पर फैसले लेता है, जो सही नहीं होती।  इसके अलावा, गालिबाफ ने यह भी कहा कि विरोधी देशों ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली. उनके मुताबिक, ईरान को अस्थिर करने और उसकी तेल संपत्ति पर कब्जा करने की योजना भी नाकाम रही।  इस बीच, अमेरिका की तरफ से भी रुख सख्त बना हुआ है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ईरान पर दबाव बनाकर रखा जाएगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ब्लॉकेड जारी रहेगी और ईरानी जहाजों को उसके पोर्ट से निकलने नहीं दिया जाएगा. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश बातचीत की राह चुनते हैं या फिर टकराव और बढ़ता है। 

KKR की राह पर संकट: IPL 2026 से बाहर होने के कगार पर, एक और हार नहीं सहन होगी

नईदिल्ली  IPL 2026 ने अभी आधा सफर भी तय नहीं किया है और अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली कोलकाता नाइट राइडर्स पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है। केकेआर के लिए सीजन-19 बेहद निराशाजनक रहा है। टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही उनके कई खिलाड़ी चोटिल हो गए थे। वहीं टूर्नामेंट के दौरान कप्तान और टीम मैनेजमेंट के कई गलत फैसलों ने टीम की लुटिया डुबोई। केकेआर कई मौकों पर जीत के करीब पहुंचा, मगर लाइन क्रॉस नहीं कर पाया। नतीजा यह रहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स अभी भी आईपीएल 2026 की अपनी पहली जीत को तरस रही है। केकेआर ने इस सीजन खेले 6 में से एक भी मैच नहीं जीता है। 5 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है, वहीं पंजाब किंग्स के खिलाफ एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा है। कोलकाता नाइट राइडर्स का प्लेऑफ समीकरण कोलकाता नाइट राइडर्स के 6 मैचों में एक अंक है। अब उन्हें टूर्नामेंट में 8 और मुकाबले खेलने हैं। अगर केकेआर अगले सभी 8 मुकाबले में जीत दर्ज करने में कामयाब रहती है तो वह 17 अंकों के साथ प्लेऑफ में पहुंच सकती है। वहीं एक हार से उनके ऊपर टूर्नामेंट से बाहर होने के बादल मंडराने लगेंगे। KKR नहीं कर सकती एक और हार बर्दाश्त कोलकाता नाइट राइडर्स को अगर आईपीएल 2026 में एक और हार का सामना करना पड़ता है तो वह अधिक 15 अंकों तक ही पहुंच पाएंगे। टूर्नामेंट का इतिहास रहा है कि 15 अंकों के साथ टीमों को प्लेऑफ में पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में अधिकतर समय टीमों को दूसरी टीमों पर निर्भर रहना होता है। पिछले सीजन के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो दिल्ली कैपिटल्स 15 अंको होने के बावजूद प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई थी। आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे 10वें पायदान पर लगी हुई है। वहीं मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के भी हाल अच्छे नहीं रहे हैं। 5-5 बार की चैंपियन इन दोनों टीमोंन ने 4-4 मैच हारे हैं। सीएसके 6 में से 2 मुकाबले जीतने में कामयाब रही है, वहीं मुंबई को 5 में से 1 जीत मिली है। अगर मुंबई और चेन्नई की गाड़ी भी जीत के ट्रैक पर नहीं लौटती है तो उन पर भी अभी से केकेआर की तरह टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडराने लगेगा। KKR vs RR स्क्वॉड कोलकाता नाइट राइडर्स स्क्वॉड: टिम सीफर्ट (विकेट कीपर), अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, अनुकूल रॉय, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, सुनील नरेन, कार्तिक त्यागी, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, तेजस्वी दहिया, नवदीप सैनी, मनीष पांडे, राहुल त्रिपाठी, सार्थक रंजन, रचिन रवींद्र, प्रशांत सोलंकी, ब्लेसिंग मुजरबानी, सौरभ दुबे, मथीशा पथिराना, उमरान मलिक, दक्ष कामरा राजस्थान रॉयल्स स्क्वॉड: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रियान पराग (कप्तान), रवींद्र जडेजा, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, रवि बिश्नोई, नंद्रे बर्गर, संदीप शर्मा, शिमरोन हेटमायर, रवि सिंह, शुभम दुबे, बृजेश शर्मा, एडम मिल्ने, दसुन शनाका, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युद्धवीर सिंह चरक, क्वेना मफाका, विग्नेश पुथुर, अमन राव पेराला

26 साल बाद न्याय, कोर्ट ने CBI के जॉइंट डायरेक्टर और रिटायर्ड DP एसीपी को दोषी करार दिया

नई दिल्ली दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 26 साल बाद दो बड़े अधिकारियों को एक मामले में दोषी ठहराया है। इनमें सीबीआई के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड एसीपी शामिल हैं। दोनों को मारपीट, आपराधिक घुसपैठ और शरारत के मामलों में दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने सजा पर दलीलें सुनने के लिए मामले को 27 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा शक्तियों के दुरुपयोग से जुड़े एक अहम फैसले में तीस हजारी कोर्ट ने शनिवार को सीबीआई के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर (एसीपी) को मारपीट, आपराधिक घुसपैठ और शरारत के मामलों में दोषी ठहराया। यह मामला लगभग 26 साल पहले पूर्व आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के खिलाफ तड़के की गई एक छापेमारी से जुड़ा है। कोर्ट ने इसे न्यायिक आदेशों को दरकिनार करने की एक बदनीयत कोशिश बताया। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर रामनीश और दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर वीके पांडे को मारपीट, आपराधिक घुसपैठ और शरारत के एक मामले में दोषी ठहराया। यह मामला साल 2000 में किए गए अपराध से जुड़ा है। सजा पर 27 को होगी बहस प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट शशांक नंदन भट्ट ने रामनीश (वर्तमान में सीबीआई में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं) और वीके पांडे (दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी) को भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 427, 448 और 34 के तहत हमला, आपराधिक घुसपैठ और शरारत करने के अपराध में दोषी ठहराया है। रामनीश साल 2000 में सीबीआई में पुलिस उपाधीक्षक और वीके पांडे सीबीआई में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। कोर्ट ने सजा पर दलीलें सुनने के लिए इस मामले को 27 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। शिकायतकर्ता भी आईआरएस अधिकारी शिकायतकर्ता अशोक कुमार अग्रवाल 1985 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। उस समय वह ईडी में दिल्ली जोन के उप निदेशक के पद पर कार्यरत थे। कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे सीबीआई के दोनों मामलों से बरी कर दिया। आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने माना कि 19 अक्तूबर 2000 को की गई तलाशी और गिरफ्तारी की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण तरीके से की गई थी। इसका एकमात्र उद्देश्य 28 सितंबर 2000 के कैट के उस आदेश को निष्प्रभावी करना था, जिसमें शिकायतकर्ता के 'मानित निलंबन' (डीम्ड सस्पेंशन) की चार सप्ताह के भीतर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने शक्तियों का घोर उल्लंघन बताया कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपियों ने कानून द्वारा उन्हें प्रदत्त शक्तियों का घोर उल्लंघन किया। उनके कृत्य सरकारी कर्तव्य के निर्वहन के दायरे में नहीं आते हैं। इसलिए वे सीआरपीसी की धारा 197 या दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 140 के तहत मिलने वाली सुरक्षा के हकदार नहीं हैं। कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के घर का मुख्य स्लाइडिंग दरवाजा तोड़ दिया था जो कि नुकसान पहुंचाने और आपराधिक घुसपैठ का मामला बनता है। इस बात की पुष्टि तो आरोपी द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में पेश की गई अपनी खुद की सर्च लिस्ट से भी होती है। छापेमारी के दौरान शिकायतकर्ता के दाहिने हाथ में चोट लगी थी। इस बात की पुष्टि प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही, शिकायतकर्ता की एमएलसी रिपोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में आरोपी वीके पांडे द्वारा दायर किए गए जवाबी हलफनामे से भी होती है। सीबीआई अधिकारियों ने गुप्त बैठक की कोर्ट ने यह भी पाया कि कैट के निर्देशानुसार 18 अक्तूबर 2000 तक इनकम टैक्स विजिलेंस डायरेक्टोरेट को जरूरी जवाब भेजने के बजाय सीबीआई अधिकारी ने 18 अक्टूबर 2000 की शाम को एक गुप्त बैठक की और ठीक अगली सुबह ही शिकायतकर्ता के घर पर छापा मारने और उसे गिरफ्तार करने का फैसला कर लिया। मिलीभगत करके शिकायत दर्ज कराई शिकायतकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट शुभम आसरी ने दलील दी कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े संवेदनशील फेरा मामलों की जांच करते समय उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने 1998 और 1999 के बीच अपनी जांच में हो रहे हस्तक्षेप के संबंध में राजस्व सचिव को सात बार अपनी बात रखी। वकील ने दलील दी कि कथित बदले की भावना से अभिषेक वर्मा नाम के एक व्यक्ति ने (जिसकी जांच शिकायतकर्ता कर रहे थे) सीबीआई अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। बाउंड्री वॉल फांदकर घर में घुसे आरोप लगाया गया था कि 19 अक्टूबर 2000 को सुबह लगभग 5 बजे सीबीआई अधिकारियों की एक टीम शिकायतकर्ता के घर पहुंची। जब सुरक्षा गार्ड ने पहचान का सबूत मांगा तो उसे पीटा गया। टीम ने बाउंड्री वॉल फांदकर घर में प्रवेश किया, मुख्य स्लाइडिंग दरवाजा तोड़ दिया, परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया और शिकायतकर्ता को उसके बेडरूम से उसके अंतर्वस्त्रों में ही घसीटकर बाहर निकाल लिया। सीढ़ियों पर धक्का दिया गया यह भी आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता के साथ जोर-जबरदस्ती की गई और उसे सीढ़ियों पर धक्का दिया गया, जिससे उसकी दाहिनी बांह में चोटें आईं। उसे सुबह 8:45 बजे डीडीयू अस्पताल में पेश किए जाने से पहले पीरागढ़ी चौक के पास किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया था। उसे धमकी दी गई थी कि यदि उसने सीबीआई कोर्ट के समक्ष यह मुद्दा उठाया तो उसके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बचाव पक्ष की दलीलें खारिज कीं आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को विरोधाभासों से भरा बताते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की अपनी तलाशी सूची (जो दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई थी) से यह पुष्टि हुई कि मुख्य दरवाजा टूटा हुआ था। जबकि ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष के गवाहों ने दावा किया था कि सिर्फ एक कुंडी अपनी जगह से हट गई थी। कोर्ट ने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि मेडिको-लीगल केस साबित नहीं हुआ था। कोर्ट ने कहा कि आरोपी वीके पांडे ने खुद इसे स्वीकार किया था और यह दिल्ली हाई कोर्ट में उनके अपने हलफनामे का हिस्सा था। इसमें शिकायतकर्ता के शरीर पर मामूली चोटों का जिक्र था। शिकायत दर्ज करने में हुई देरी के मामले में कोर्ट ने कहा कि शिकायत दर्ज करने … Read more

होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमले के बीच भारत भेज रहा है 3000 जवान, 10 जेट और 5 वॉरशिप, अमेरिका-चीन की चिंता बढ़ी

नई दिल्ली भारत और रूस की दोस्‍ती दशकों पुरानी है. न जाने कितने झंझावात आए और गए, पर दोनों देशों की दोस्‍ती मजबूत पिलर की तरह अडिग रही. ईरान जंग और होर्मुज जंग के बीच अब दोनों परंपरागत मित्र देश ने एक ऐसा फैसला किया है, जिससे अमेरिका और चीन जैसे देशों के माथे पर पसीना आना तय है. भारत और रूस एक-दूसरे की जमीन पर सेना के जवानों की तैनाती करने पर सहमत हो गए हैं. तीन हजार जवानों के अलावा 10 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 5 युद्धपोत भी दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में तैनात कर सकेंगे. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, पूरी दुनिया सुरक्षा चिंता के अभूतपूर्व दौर से गुजर रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने इस चिंता को और भी बढ़ा दिया है, ऐसे में भारत और रूस की ओर से उठाया गया यह कदम अपने आप में ऐतिहासिक है. ऐसे वक्‍त में जब दुनियाभर में दशकों से चली आ रही सहयोग की भावना दरक रही है, दो मित्र देशों के बीच इस तरह की रक्षा साझेदारी परस्‍पर विश्‍वास का बेहतरीन उदाहरण है।  भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने वाले एक अहम समझौते के तहत अब दोनों देश एक-दूसरे की जमीन पर 3000 तक सैनिक, सीमित संख्या में नौसैनिक जहाज और सैन्य विमान तैनात कर सकेंगे. यह व्यवस्था ‘इंडो-रशियन रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट’ (RELOS) के तहत लागू हुई है, जिस पर फरवरी 2025 में भारत और रूस के बीच हस्ताक्षर हुए थे और यह इस साल 12 जनवरी से प्रभावी है. रूस ने इस समझौते को दिसंबर 2025 में औपचारिक रूप से मंजूरी दी थी. रूस की आधिकारिक कानूनी इंफॉर्मेशन पर प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में एक समय में अधिकतम पांच युद्धपोत, दस सैन्य विमान और 3,000 सैनिकों की तैनाती कर सकते हैं. यह तैनाती पांच वर्षों की अवधि के लिए होगी, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है. रूसी संसद की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के प्रथम उपाध्यक्ष व्याचेस्लाव निकोनोव (First Deputy Chairman of International Affairs Committee Vyacheslav Nikonov) ने इस प्रावधान की पुष्टि की है।  दोनों देशों को मिलेंगी कई सुविधाएं इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सैन्य सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर भारत के पास मौजूद रूसी मूल के सैन्य उपकरणों की सर्विसिंग और लंबी अवधि की तैनाती में यह समझौता बेहद उपयोगी साबित होगा. इसके अलावा यह समझौता संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मानवीय सहायता अभियानों को भी कवर करता है. RELOS समझौता केवल सैन्य तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लॉजिस्टिक सहयोग का भी विस्तृत प्रावधान है. इसके तहत मेजबान देश युद्धपोतों को बंदरगाह सेवाएं (Port Services), मरम्मत सुविधा, पानी, भोजन और अन्य तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराएगा. वहीं, सैन्य विमानों के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल, उड़ान से जुड़ी सूचनाएं, नेविगेशन सिस्टम का उपयोग, पार्किंग और सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. ईंधन, लुब्रिकेंट्स और तकनीकी मरम्मत जैसी सेवाएं भुगतान के आधार पर प्रदान की जाएंगी।  सामरिक साझेदारी को मजबूती समझौते के तहत दोनों देशों को एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, जैसे एयरबेस और बंदरगाहों, तक पारस्परिक पहुंच भी मिलेगी. इससे भारत को रूस के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आर्कटिक क्षेत्र के ठिकानों तक पहुंच मिलेगी, जबकि रूस को भारत के सैन्य ढांचे का व्यापक उपयोग करने का अवसर मिलेगा. यह समझौता संयुक्त प्रशिक्षण, आपदा राहत और संभावित संयुक्त अभियानों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे दोनों देशों की सामरिक साझेदारी और मजबूत होगी।