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यूपी से लेकर पंजाब तक लू का प्रकोप, तापमान 45 डिग्री तक जा सकता है; बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली अप्रैल महीने की शुरुआत जहां देश के बड़े हिस्से में बारिश के साथ हुई तो वहीं अब मौसम दोहरा रंग दिखा रहा है। पहाड़ी इलाकों में मौसम विभाग ने बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है तो वहीं कम से कम 6 राज्यों में लू का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि दोपहर के समय लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचना चाहिए। वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, मेघालय, असम, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम समेत 12 राज्यों में आंधी चलने और बारिश का अनुमान है। वहीं यूपी, पंजाब,हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में लू चलने की प्रबल संभावना है। यूपी का अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक भी जा सकता है। दिल्ली-एनसीआर का मौसम मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को दिल्ली और आसपास के इलाकों में धूप रहेगी। हालांकि शाम तक मौसम करवट ले सकता है और तेज हवाएं चल सकती हैं। रविवार को भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक जा सकता है। उत्तर प्रदेश में लू का अलर्ट मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में लू का अलर्ट जारी किया है। बुंदेलखंड में तापमान रिकॉर्ड तोड़ रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों, विशेषकर दक्षिणी क्षेत्रों में अगले दो से तीन दिन के दौरान लू चलने का पूर्वानुमान है और अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब या उससे ऊपर जा सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। आईएमडी ने बताया कि पूरे राज्य में शुष्क मौसम बना हुआ है और लगातार पछुआ हवाएं चल रही हैं। बुलेटिन में कहा गया, ''दिन के समय पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर लू चलने की संभावना है।' शनिवार को राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। प्रयागराज में तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो सामान्य से लगभग 3.2 डिग्री अधिक है, जबकि राज्य का सर्वाधिक 44.6 डिग्री सेल्सियस तापमान बांदा में दर्ज किया गया। ओडिशा में भीषण गर्मी का प्रकोप ओडिशा में शनिवार को भीषण गर्मी का प्रकोप रहा और करीब 15 स्थानों पर पारा 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। मौसम विभाग के मुताबिक बोलांगीर जिले का टिटलागढ़ 42.7 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म स्थान रहा, इसके बाद झारसुगुड़ा में 42.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। विभाग के अनुसार भवानीपटना में 42 डिग्री सेल्सियस, जबकि संबलपुर और नुआपड़ा में 41.6 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। विभाग के अनुसार इसी प्रकार हीराकुड में 41.4 डिग्री सेल्सियस, बोलांगीर और तालचर में 41 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने बिहार के कई जिलों में बारिश की संभावना जताई है। इसमें सुपौल, अरररिया, किशनगंज और सिवान जिले शामिल हैं।

ईरान की धमकी: ‘गलती की तो पूरी ताकत से देंगे जवाब’, ट्रंप को किया चेतावन

तेहरान  ईरान और अमेरिका में जारी तनाव के बीच तेहरान ने एक बार फिर सख्त लहजे में चेतावनी दी है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मह बाकर ग़ालिबाफ ने साफ कहा है कि ईरान बातचीत के लिए तैयार जरूर है, लेकिन अगर जरा सी भी गलती हुई तो जवाब पूरी ताकत से दिया जाएगा।  टीवी पर रविवार को दिए गए संबोधन में गालिबाफ ने दो टूक कहा कि ईरान इस समय हाई अलर्ट पर है. उन्होंने कहा, "हम पूरी तरह तैयार हैं. अगर उन्होंने जरा सी भी गलती की, तो हम पूरी ताकत से जवाब देंगे." उनके इस बयान से साफ है कि एक तरफ वार्ता की बात हो रही है, लेकिन दूसरी तरफ सख्ती भी बरकरार है।  गालिबाफ ने यह भी दावा किया कि ईरान ने मैदान में अपनी ताकत दिखाई है और अब वह मजबूत स्थिति से बातचीत करना चाहता है. उन्होंने कहा कि इस बार ईरान की सैन्य क्षमता पहले के मुकाबले काफी बेहतर है और यह बात जंग के दौरान साफ नजर आई है।  हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि अमेरिका के पास संसाधन और ताकत ज्यादा है. गालिबाफ ने कहा, "हम सैन्य तौर पर अमेरिका से मजबूत नहीं हैं. उनके पास ज्यादा पैसा, ज्यादा हथियार और ज्यादा अनुभव है." लेकिन इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने अपनी रणनीति और तैयारी के दम पर हालात को अपने पक्ष में मोड़ा है।  गालिबाफ के मुताबिक, यह सीधी लड़ाई नहीं बल्कि अलग तरह की जंग है, जिसमें ईरान ने अपनी योजना के जरिए मजबूत देशों का मुकाबला किया. उन्होंने कहा कि विरोधी देशों के पास संसाधन तो थे, लेकिन उनकी रणनीति सही नहीं रही, जबकि ईरान ने बेहतर तरीके से काम किया।  गालिबाफ ने अमेरिका के फैसलों पर भी सवाल उठाए और कहा कि उनके विरोधी ईरान को सही तरीके से समझ नहीं पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि "वे हमारे लोगों को लेकर भी गलत सोच रखते हैं और सैन्य फैसलों में भी गलती करते हैं।  इस दौरान उन्होंने इजरायल पर भी निशाना साधा. गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका भले ही "अमेरिका फर्स्ट" की बात करता हो, लेकिन असल में उसके फैसलों में इजरायल की भूमिका ज्यादा नजर आती है. उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका कई बार इजरायल से मिली जानकारी के आधार पर फैसले लेता है, जो सही नहीं होती।  इसके अलावा, गालिबाफ ने यह भी कहा कि विरोधी देशों ने ईरान को आर्थिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की, लेकिन इसमें उन्हें कामयाबी नहीं मिली. उनके मुताबिक, ईरान को अस्थिर करने और उसकी तेल संपत्ति पर कब्जा करने की योजना भी नाकाम रही।  इस बीच, अमेरिका की तरफ से भी रुख सख्त बना हुआ है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही संकेत दे चुके हैं कि ईरान पर दबाव बनाकर रखा जाएगा. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ब्लॉकेड जारी रहेगी और ईरानी जहाजों को उसके पोर्ट से निकलने नहीं दिया जाएगा. ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश बातचीत की राह चुनते हैं या फिर टकराव और बढ़ता है। 

KKR की राह पर संकट: IPL 2026 से बाहर होने के कगार पर, एक और हार नहीं सहन होगी

नईदिल्ली  IPL 2026 ने अभी आधा सफर भी तय नहीं किया है और अजिंक्य रहाणे की अगुवाई वाली कोलकाता नाइट राइडर्स पर टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है। केकेआर के लिए सीजन-19 बेहद निराशाजनक रहा है। टूर्नामेंट के शुरू होने से पहले ही उनके कई खिलाड़ी चोटिल हो गए थे। वहीं टूर्नामेंट के दौरान कप्तान और टीम मैनेजमेंट के कई गलत फैसलों ने टीम की लुटिया डुबोई। केकेआर कई मौकों पर जीत के करीब पहुंचा, मगर लाइन क्रॉस नहीं कर पाया। नतीजा यह रहा कि कोलकाता नाइट राइडर्स अभी भी आईपीएल 2026 की अपनी पहली जीत को तरस रही है। केकेआर ने इस सीजन खेले 6 में से एक भी मैच नहीं जीता है। 5 मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है, वहीं पंजाब किंग्स के खिलाफ एक मैच बारिश की भेंट चढ़ा है। कोलकाता नाइट राइडर्स का प्लेऑफ समीकरण कोलकाता नाइट राइडर्स के 6 मैचों में एक अंक है। अब उन्हें टूर्नामेंट में 8 और मुकाबले खेलने हैं। अगर केकेआर अगले सभी 8 मुकाबले में जीत दर्ज करने में कामयाब रहती है तो वह 17 अंकों के साथ प्लेऑफ में पहुंच सकती है। वहीं एक हार से उनके ऊपर टूर्नामेंट से बाहर होने के बादल मंडराने लगेंगे। KKR नहीं कर सकती एक और हार बर्दाश्त कोलकाता नाइट राइडर्स को अगर आईपीएल 2026 में एक और हार का सामना करना पड़ता है तो वह अधिक 15 अंकों तक ही पहुंच पाएंगे। टूर्नामेंट का इतिहास रहा है कि 15 अंकों के साथ टीमों को प्लेऑफ में पहुंचने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस स्थिति में अधिकतर समय टीमों को दूसरी टीमों पर निर्भर रहना होता है। पिछले सीजन के रिकॉर्ड पर नजर डालें तो दिल्ली कैपिटल्स 15 अंको होने के बावजूद प्लेऑफ में नहीं पहुंच पाई थी। आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल कोलकाता नाइट राइडर्स आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे 10वें पायदान पर लगी हुई है। वहीं मुंबई इंडियंस और चेन्नई सुपर किंग्स के भी हाल अच्छे नहीं रहे हैं। 5-5 बार की चैंपियन इन दोनों टीमोंन ने 4-4 मैच हारे हैं। सीएसके 6 में से 2 मुकाबले जीतने में कामयाब रही है, वहीं मुंबई को 5 में से 1 जीत मिली है। अगर मुंबई और चेन्नई की गाड़ी भी जीत के ट्रैक पर नहीं लौटती है तो उन पर भी अभी से केकेआर की तरह टूर्नामेंट से बाहर होने का खतरा मंडराने लगेगा। KKR vs RR स्क्वॉड कोलकाता नाइट राइडर्स स्क्वॉड: टिम सीफर्ट (विकेट कीपर), अजिंक्य रहाणे (कप्तान), अंगकृष रघुवंशी, कैमरून ग्रीन, रोवमैन पॉवेल, अनुकूल रॉय, रिंकू सिंह, रमनदीप सिंह, सुनील नरेन, कार्तिक त्यागी, वैभव अरोड़ा, वरुण चक्रवर्ती, फिन एलन, तेजस्वी दहिया, नवदीप सैनी, मनीष पांडे, राहुल त्रिपाठी, सार्थक रंजन, रचिन रवींद्र, प्रशांत सोलंकी, ब्लेसिंग मुजरबानी, सौरभ दुबे, मथीशा पथिराना, उमरान मलिक, दक्ष कामरा राजस्थान रॉयल्स स्क्वॉड: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रियान पराग (कप्तान), रवींद्र जडेजा, डोनोवन फरेरा, जोफ्रा आर्चर, तुषार देशपांडे, रवि बिश्नोई, नंद्रे बर्गर, संदीप शर्मा, शिमरोन हेटमायर, रवि सिंह, शुभम दुबे, बृजेश शर्मा, एडम मिल्ने, दसुन शनाका, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युद्धवीर सिंह चरक, क्वेना मफाका, विग्नेश पुथुर, अमन राव पेराला

26 साल बाद न्याय, कोर्ट ने CBI के जॉइंट डायरेक्टर और रिटायर्ड DP एसीपी को दोषी करार दिया

नई दिल्ली दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने 26 साल बाद दो बड़े अधिकारियों को एक मामले में दोषी ठहराया है। इनमें सीबीआई के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड एसीपी शामिल हैं। दोनों को मारपीट, आपराधिक घुसपैठ और शरारत के मामलों में दोषी ठहराया गया है। कोर्ट ने सजा पर दलीलें सुनने के लिए मामले को 27 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। ऊंचे पदों पर बैठे अधिकारियों द्वारा शक्तियों के दुरुपयोग से जुड़े एक अहम फैसले में तीस हजारी कोर्ट ने शनिवार को सीबीआई के मौजूदा जॉइंट डायरेक्टर और दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर (एसीपी) को मारपीट, आपराधिक घुसपैठ और शरारत के मामलों में दोषी ठहराया। यह मामला लगभग 26 साल पहले पूर्व आईआरएस अधिकारी अशोक कुमार अग्रवाल के खिलाफ तड़के की गई एक छापेमारी से जुड़ा है। कोर्ट ने इसे न्यायिक आदेशों को दरकिनार करने की एक बदनीयत कोशिश बताया। दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर रामनीश और दिल्ली पुलिस के एक रिटायर्ड असिस्टेंट कमिश्नर वीके पांडे को मारपीट, आपराधिक घुसपैठ और शरारत के एक मामले में दोषी ठहराया। यह मामला साल 2000 में किए गए अपराध से जुड़ा है। सजा पर 27 को होगी बहस प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट शशांक नंदन भट्ट ने रामनीश (वर्तमान में सीबीआई में संयुक्त निदेशक के पद पर कार्यरत हैं) और वीके पांडे (दिल्ली पुलिस के रिटायर्ड एसीपी) को भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 427, 448 और 34 के तहत हमला, आपराधिक घुसपैठ और शरारत करने के अपराध में दोषी ठहराया है। रामनीश साल 2000 में सीबीआई में पुलिस उपाधीक्षक और वीके पांडे सीबीआई में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात थे। कोर्ट ने सजा पर दलीलें सुनने के लिए इस मामले को 27 अप्रैल को सूचीबद्ध किया है। शिकायतकर्ता भी आईआरएस अधिकारी शिकायतकर्ता अशोक कुमार अग्रवाल 1985 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं। उस समय वह ईडी में दिल्ली जोन के उप निदेशक के पद पर कार्यरत थे। कोर्ट ने उनके खिलाफ चल रहे सीबीआई के दोनों मामलों से बरी कर दिया। आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने माना कि 19 अक्तूबर 2000 को की गई तलाशी और गिरफ्तारी की कार्रवाई दुर्भावनापूर्ण तरीके से की गई थी। इसका एकमात्र उद्देश्य 28 सितंबर 2000 के कैट के उस आदेश को निष्प्रभावी करना था, जिसमें शिकायतकर्ता के 'मानित निलंबन' (डीम्ड सस्पेंशन) की चार सप्ताह के भीतर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने शक्तियों का घोर उल्लंघन बताया कोर्ट ने यह भी माना कि आरोपियों ने कानून द्वारा उन्हें प्रदत्त शक्तियों का घोर उल्लंघन किया। उनके कृत्य सरकारी कर्तव्य के निर्वहन के दायरे में नहीं आते हैं। इसलिए वे सीआरपीसी की धारा 197 या दिल्ली पुलिस अधिनियम की धारा 140 के तहत मिलने वाली सुरक्षा के हकदार नहीं हैं। कोर्ट ने पाया कि आरोपी ने शिकायतकर्ता के घर का मुख्य स्लाइडिंग दरवाजा तोड़ दिया था जो कि नुकसान पहुंचाने और आपराधिक घुसपैठ का मामला बनता है। इस बात की पुष्टि तो आरोपी द्वारा दिल्ली हाई कोर्ट में पेश की गई अपनी खुद की सर्च लिस्ट से भी होती है। छापेमारी के दौरान शिकायतकर्ता के दाहिने हाथ में चोट लगी थी। इस बात की पुष्टि प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही, शिकायतकर्ता की एमएलसी रिपोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट में आरोपी वीके पांडे द्वारा दायर किए गए जवाबी हलफनामे से भी होती है। सीबीआई अधिकारियों ने गुप्त बैठक की कोर्ट ने यह भी पाया कि कैट के निर्देशानुसार 18 अक्तूबर 2000 तक इनकम टैक्स विजिलेंस डायरेक्टोरेट को जरूरी जवाब भेजने के बजाय सीबीआई अधिकारी ने 18 अक्टूबर 2000 की शाम को एक गुप्त बैठक की और ठीक अगली सुबह ही शिकायतकर्ता के घर पर छापा मारने और उसे गिरफ्तार करने का फैसला कर लिया। मिलीभगत करके शिकायत दर्ज कराई शिकायतकर्ता की ओर से पेश एडवोकेट शुभम आसरी ने दलील दी कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े संवेदनशील फेरा मामलों की जांच करते समय उन्हें अपने वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से लगातार दबाव का सामना करना पड़ा। उन्होंने 1998 और 1999 के बीच अपनी जांच में हो रहे हस्तक्षेप के संबंध में राजस्व सचिव को सात बार अपनी बात रखी। वकील ने दलील दी कि कथित बदले की भावना से अभिषेक वर्मा नाम के एक व्यक्ति ने (जिसकी जांच शिकायतकर्ता कर रहे थे) सीबीआई अधिकारियों के साथ मिलीभगत करके उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी। बाउंड्री वॉल फांदकर घर में घुसे आरोप लगाया गया था कि 19 अक्टूबर 2000 को सुबह लगभग 5 बजे सीबीआई अधिकारियों की एक टीम शिकायतकर्ता के घर पहुंची। जब सुरक्षा गार्ड ने पहचान का सबूत मांगा तो उसे पीटा गया। टीम ने बाउंड्री वॉल फांदकर घर में प्रवेश किया, मुख्य स्लाइडिंग दरवाजा तोड़ दिया, परिवार के सदस्यों को एक कमरे में बंद कर दिया और शिकायतकर्ता को उसके बेडरूम से उसके अंतर्वस्त्रों में ही घसीटकर बाहर निकाल लिया। सीढ़ियों पर धक्का दिया गया यह भी आरोप लगाया गया था कि शिकायतकर्ता के साथ जोर-जबरदस्ती की गई और उसे सीढ़ियों पर धक्का दिया गया, जिससे उसकी दाहिनी बांह में चोटें आईं। उसे सुबह 8:45 बजे डीडीयू अस्पताल में पेश किए जाने से पहले पीरागढ़ी चौक के पास किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया था। उसे धमकी दी गई थी कि यदि उसने सीबीआई कोर्ट के समक्ष यह मुद्दा उठाया तो उसके परिवार के सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। बचाव पक्ष की दलीलें खारिज कीं आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को विरोधाभासों से भरा बताते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि आरोपी की अपनी तलाशी सूची (जो दिल्ली हाई कोर्ट में दायर की गई थी) से यह पुष्टि हुई कि मुख्य दरवाजा टूटा हुआ था। जबकि ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष के गवाहों ने दावा किया था कि सिर्फ एक कुंडी अपनी जगह से हट गई थी। कोर्ट ने इस दलील को भी खारिज कर दिया कि मेडिको-लीगल केस साबित नहीं हुआ था। कोर्ट ने कहा कि आरोपी वीके पांडे ने खुद इसे स्वीकार किया था और यह दिल्ली हाई कोर्ट में उनके अपने हलफनामे का हिस्सा था। इसमें शिकायतकर्ता के शरीर पर मामूली चोटों का जिक्र था। शिकायत दर्ज करने में हुई देरी के मामले में कोर्ट ने कहा कि शिकायत दर्ज करने … Read more

होर्मुज में भारतीय जहाज पर हमले के बीच भारत भेज रहा है 3000 जवान, 10 जेट और 5 वॉरशिप, अमेरिका-चीन की चिंता बढ़ी

नई दिल्ली भारत और रूस की दोस्‍ती दशकों पुरानी है. न जाने कितने झंझावात आए और गए, पर दोनों देशों की दोस्‍ती मजबूत पिलर की तरह अडिग रही. ईरान जंग और होर्मुज जंग के बीच अब दोनों परंपरागत मित्र देश ने एक ऐसा फैसला किया है, जिससे अमेरिका और चीन जैसे देशों के माथे पर पसीना आना तय है. भारत और रूस एक-दूसरे की जमीन पर सेना के जवानों की तैनाती करने पर सहमत हो गए हैं. तीन हजार जवानों के अलावा 10 मिलिट्री एयरक्राफ्ट और 5 युद्धपोत भी दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में तैनात कर सकेंगे. यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है, पूरी दुनिया सुरक्षा चिंता के अभूतपूर्व दौर से गुजर रही है. पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने इस चिंता को और भी बढ़ा दिया है, ऐसे में भारत और रूस की ओर से उठाया गया यह कदम अपने आप में ऐतिहासिक है. ऐसे वक्‍त में जब दुनियाभर में दशकों से चली आ रही सहयोग की भावना दरक रही है, दो मित्र देशों के बीच इस तरह की रक्षा साझेदारी परस्‍पर विश्‍वास का बेहतरीन उदाहरण है।  भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को नई मजबूती देने वाले एक अहम समझौते के तहत अब दोनों देश एक-दूसरे की जमीन पर 3000 तक सैनिक, सीमित संख्या में नौसैनिक जहाज और सैन्य विमान तैनात कर सकेंगे. यह व्यवस्था ‘इंडो-रशियन रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक्स एग्रीमेंट’ (RELOS) के तहत लागू हुई है, जिस पर फरवरी 2025 में भारत और रूस के बीच हस्ताक्षर हुए थे और यह इस साल 12 जनवरी से प्रभावी है. रूस ने इस समझौते को दिसंबर 2025 में औपचारिक रूप से मंजूरी दी थी. रूस की आधिकारिक कानूनी इंफॉर्मेशन पर प्रकाशित जानकारी के अनुसार, इस समझौते के तहत दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्र में एक समय में अधिकतम पांच युद्धपोत, दस सैन्य विमान और 3,000 सैनिकों की तैनाती कर सकते हैं. यह तैनाती पांच वर्षों की अवधि के लिए होगी, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकता है. रूसी संसद की अंतरराष्ट्रीय मामलों की समिति के प्रथम उपाध्यक्ष व्याचेस्लाव निकोनोव (First Deputy Chairman of International Affairs Committee Vyacheslav Nikonov) ने इस प्रावधान की पुष्टि की है।  दोनों देशों को मिलेंगी कई सुविधाएं इस समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक सैन्य सहयोग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है. खासतौर पर भारत के पास मौजूद रूसी मूल के सैन्य उपकरणों की सर्विसिंग और लंबी अवधि की तैनाती में यह समझौता बेहद उपयोगी साबित होगा. इसके अलावा यह समझौता संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और मानवीय सहायता अभियानों को भी कवर करता है. RELOS समझौता केवल सैन्य तैनाती तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें लॉजिस्टिक सहयोग का भी विस्तृत प्रावधान है. इसके तहत मेजबान देश युद्धपोतों को बंदरगाह सेवाएं (Port Services), मरम्मत सुविधा, पानी, भोजन और अन्य तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराएगा. वहीं, सैन्य विमानों के लिए एयर ट्रैफिक कंट्रोल, उड़ान से जुड़ी सूचनाएं, नेविगेशन सिस्टम का उपयोग, पार्किंग और सुरक्षा जैसी सुविधाएं शामिल होंगी. ईंधन, लुब्रिकेंट्स और तकनीकी मरम्मत जैसी सेवाएं भुगतान के आधार पर प्रदान की जाएंगी।  सामरिक साझेदारी को मजबूती समझौते के तहत दोनों देशों को एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों, जैसे एयरबेस और बंदरगाहों, तक पारस्परिक पहुंच भी मिलेगी. इससे भारत को रूस के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण आर्कटिक क्षेत्र के ठिकानों तक पहुंच मिलेगी, जबकि रूस को भारत के सैन्य ढांचे का व्यापक उपयोग करने का अवसर मिलेगा. यह समझौता संयुक्त प्रशिक्षण, आपदा राहत और संभावित संयुक्त अभियानों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करता है, जिससे दोनों देशों की सामरिक साझेदारी और मजबूत होगी। 

उप मुख्यमंत्री अरुण साव से डॉ वर्णिका शर्मा आयोग की भेंट, उप मुख्यमंत्री की मानवीय संवेदनशीलता पर आभार

रायपुर   माननीय उप मुख्यमंत्री अरुण साव जी से आयोग की अध्यक्ष डॉ वर्णिका शर्मा ने भेंट की । उन्होंने छत्तीसगढ़ के बाल गृह कोंडागांव की पूर्व छात्रा कु रंजीता कुरैठी के बारे में बताया कि उसने जूडो में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड जीते हैं और भारतीय दल में शामिल रही है । डॉ वर्णिका शर्मा ने माननीय अरुण साव जी को बताया कि इस बच्ची को प्रशिक्षण हेतु जापान भेजने और मासिक रूप से अतिरिक्त पोषक आहार के लिए राशि की जरूरत है । ननीय अरुण साव उपमुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री ने फौरन अपनी संवेदनशीलता दिखाई और बच्ची से तुरंत वीडियो कॉल पर बात की । उन्होंने खेल विभाग के अधिकारियों को तत्काल आवश्यक सहायता देने की व्यवस्था के निर्देश दिए । डॉ वर्णिका शर्मा ने बताया कि आयोग द्वारा आरम्भ किए गए सार्थक अभियान के तहत पिछले बाल देखरेख संस्थाओं को छोड़कर जाने वाले अट्ठारह वर्ष की आयु के बालक बालिकाओं के भविष्य निर्माण के लिए आयोग द्वारा ठोस कदम उठाए जा रहे हैं । इसी कड़ी में ये प्रयास भी शामिल है । डॉ वर्णिका शर्मा ने आयोग की ओर से माननीय उपमुख्यमंत्री जी की इस सार्थक और संवेदनशील  पहल के लिए उनका हृदय से आभार व्यक्त किया है । इस अवसर पर डॉ वर्णिका शर्मा ने बच्चों के खेल मैदानों को सुरक्षित करने ,आवारा कुत्तों से बच्चों के बचाव और नगरीय क्षेत्र में खुले गड्ढे के चारों ओर बाड़ी लगाकर बच्चों को बचाने के संबंध में भी बातचीत की । उपमुख्यमंत्री जी ने इन विषयों को तत्काल आगामी विभागीय बैठक में शामिल करते हुए ठोस कार्यवाही का आश्वासन दिया ।

भिवानी की बेटी Preeti Pawar ने किया कमाल, एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जीता गोल्ड

भिवानी. मुक्केबाजी के रिंग में भिवानी की बेटी 54 किलोग्राम भार वर्ग में प्रीति पंवार ने ऐसा पंच लगाया, जिसकी गूंज एशिया तक सुनाई दी। भारतीय सेना में नायब सूबेदार बनने के बाद पहली ही अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास है क्योंकि सेना में भर्ती के बाद इतना बड़ा मुकाम हासिल करना हर खिलाड़ी के लिए सपना होता है। प्रीति ने न सिर्फ उस सपने को पूरा किया, बल्कि देश का मान भी बढ़ाया। भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अप्रैल 2026 में मंगोलिया में आयोजित एशियन बाक्सिंग चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले भारतीय सेना के मुक्केबाजों को सम्मानित किया। टीम के कोच सूबेदार मोहम्मद ऐतेशामुद्दीन को भी खिलाड़ियों के उत्कृष्ट मार्गदर्शन और अहम योगदान के लिए सम्मानित किया गया। पदक विजेता को 75 हजार रुपये की सम्मान राशि भी प्रदान की गई। परिवार का साथ, चाचा से मिली राह गांव बड़ेसरा की रहने वाली प्रीति की सफलता के पीछे परिवार का बड़ा योगदान है। पिता सोमबीर सिंह हरियाणा पुलिस में एएसआइ हैं और मां सलीन देवी गृहिणी हैं। 2017 में आठवीं कक्षा के दौरान चाचा व कोच विनोद पंवार से प्रेरित होकर उन्होंने बाक्सिंग शुरू की। बेटी के सपनों को उड़ान देने के लिए परिवार महम शिफ्ट हो गया। यही समर्पण आज उनकी सफलता की मजबूत नींव बना। प्रीति रोजाना करीब पांच घंटे कड़ी ट्रेनिंग करती हैं। सुबह और शाम दोनों समय रिंग में अभ्यास करते हुए वे अपनी तकनीक को निखारती हैं। हर दिन अपनी कमजोरियों को दूर करना और बेहतर बनना ही उनका लक्ष्य रहता है। यही मेहनत और अनुशासन उन्हें दूसरों से अलग बनाता है और इंटरनेशनल स्तर पर जीत दिलाता है। जुलाई में कामनवेल्थ और बाद में एशियन गेम्स प्रीति अब जुलाई में स्काटलैंड के ग्लासगो में होने वाले कामनवेल्थ गेम्स और इसके बाद जापान में एशियन गेम्स की तैयारी में जुटी हैं। उनका लक्ष्य साफ है कि हर बड़े मंच पर गोल्ड जीतना। उनकी इस उपलब्धि से भिवानी के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा आई है और खेलों के प्रति उत्साह बढ़ा है। खेल प्रेरक व अधिवक्ता राजनारायण पंघाल ने कहा कि प्रीति पंवार ने दिखा दिया कि अगर जुनून और मेहनत हो तो कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। उनकी जीत पूरे भिवानी और हरियाणा के लिए गर्व की बात है। वे आने वाले समय में देश के लिए और बड़े पदक जीतेंगी।

लाइव कैमरे में खुलासा: Ludhiana में पार्षद ने महिला को ड्रग्स के साथ रंगे हाथों पकड़ा

लुधियाना. संजय गांधी कालोनी में शुक्रवार देर रात पार्षद और स्थानीय लोगों ने इंटरनेट मीडिया पर लाइव होकर एक महिला को नशीले पदार्थ के साथ पकड़ा। अकाली दल के पार्षद छतरवीर सिंह ने आरोप लगाया कि महिला लंबे समय से इलाके में नशे का कारोबार कर रही थी। कई बार समझाने के बावजूद वह अपनी गतिविधियों से बाज नहीं आई। इसी के चलते शुक्रवार रात मोहल्ला निवासियों के सहयोग से उसे रंगे हाथ पकड़ा गया। पार्षद और लोगों का दावा है कि महिला के पास से एक प्लास्टिक डिब्बी में 5 से 7 संदिग्ध पैकेट बरामद हुए और पुलिस को बुलाकर हवाले कर दिया गया। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने महिला को पकड़कर उससे पूछताछ भी की। वीडियो में महिला खुद को ताजपुर रोड क्षेत्र की निवासी बता रही है। हालांकि, पुलिस की प्राथमिक जांच में अलग तथ्य सामने आए। थाना डिवीजन नंबर सात की पुलिस के अनुसार, महिला नशा तस्कर नहीं बल्कि नशे की आदी है। महिला की स्वास्थ्य स्थिति भी ठीक नहीं है और उसे इलाज की जरूरत है। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि महिला को जल्द नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करवाया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  

परशुराम जयंती पर खास पहल: आज शोभायात्रा का आयोजन, बिना हथियारों के शामिल होंगे भक्त

करगीरोड कोटा/रायपुर. भगवान परशुराम का जन्मोत्सव 19 अप्रैल को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा. कोटा ब्राम्हण समाज द्वारा 19 अप्रैल को शाम 5 बजे शोभायात्रा निकाली जाएगी जिसकी तैयारियां पूरी हो चुकी है. शोभायात्रा रेलवे स्टेशन से शिव मंदिर नाका चौक तक निकालना सुनिश्चित हुआ है. इस दौरान भक्तिमय संगीत एवं मंत्रोचारण का समावेश होगा. समाज द्वारा पुरुषों के लिए पीला, लाल या सफेद रंग का परिधान निर्धारित किया गया है. मातृशक्ति अपने वस्त्रों का चयन स्वयं करेंगी. समाज के प्रबुद्धजनों ने कहा है कि शोभायात्रा में बिना अस्त्र शस्त्र के निकालने पर विशेष ध्यान दिया जाए और जिसका पालन सभी विप्रजनों को करना है. समाज के सभी लोगों से इस शोभा यात्रा में शामिल होकर भगवान परशुराम के जन्मोत्सव को महोत्सव का स्वरूप देने का आग्रह किया गया है. शोभायात्रा के पश्चात भगवान की महाआरती एवं महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा.

महिला आरक्षण पर आक्रोश रैली का आयोजन, एक दिवसीय सत्र में होगी बहस; CM ने कहा- नारी का अपमान देश कभी नहीं भूलेगा

भोपाल  लोकसभा में नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) पारित नहीं हो पाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस को घेरने की रणनीति बनाई है। पार्टी का कहना है कि महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय हुआ है और अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाया जाएगा। राज्य के सभी संभागों और जिलों में प्रदर्शन, रैलियां, पदयात्राएं और प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएंगी। पंचायत और नगरीय निकाय स्तर पर भी प्रस्ताव पारित किए जाएंगे।  विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र रविवार को भोपाल प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि इस विषय पर विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाने की तैयारी है, जिसमें महिला आरक्षण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इस मुद्दे को जनता की अदालत में लेकर जाएगे। जन-जन तक बात को पहुंचाएंगे। सोमवार को आक्रोश रैली निकाली जाएगी। हम बहनों को उनका अधिकार दिलाकर रहेंगे और जिन्होंने गलत किया है, उनका पर्दाफाश करेंगे। आने वाले दिनों में जिलों में प्रदर्शन और रैलियां आयोजित की जाएंगी। हम रुकने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह लोकतंत्र के लिए दुखद और निंदनीय है। यह महिलाओं को अधिकार देने का ऐतिहासिक अवसर था, जिसे विपक्ष के रवैये ने प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यह सिर्फ राजनीति का विषय नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और अधिकार का प्रश्न है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने इस गंभीर मुद्दे को भी राजनीतिक लाभ का साधन बना लिया। उन्होंने कहा कि देश नारी शक्ति के अपमान को नहीं भूलेगा।  डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2023 में जब यह विधेयक आया था, तब सभी दलों ने इसका समर्थन किया था, लेकिन अब इसे आगे बढ़ाने के समय विपक्ष पीछे हट गया। उन्होंने इसे अवसरवाद करार दिया।   कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ 2023 के बिल को लागू करने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि 2023 में ही स्पष्ट किया गया था कि 2029 तक महिलाओं को उनका अधिकार दिया जाएगा। इसके लिए 2029 के चुनावों में जनगणना के आधार की आवश्यकता थी, इसलिए मजबूरी में 2011 की जनगणना को आधार बनाना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान जनगणना के आधार पर आकलन किया जाए, तो यह प्रक्रिया 2034 के बाद ही संभव हो पाएगी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का रवैया लगातार महिलाओं के खिलाफ रहा है। सीएम ने कहा कि हमारा एकमात्र राज्य हैं, जहां 17 महिला कलेक्टर हैं। दिव्यांग संभागायुक्त हैं। 10 से ज्यादा जिले ऐस है, जहां एसपी और कलेक्टर महिला है। एक संभाग ऐसा है, जहां संभागायुक्त, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत, जनपद पंचायत सभी महिलाएं हैं।  70 साल से अधिकार की लड़ाई भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने राजनीतिक अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग लंबे समय से उठती रही, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2023 में विपक्षी दलों ने केवल चुनावी मजबूरी में इस बिल का समर्थन किया, लेकिन अब इसके लागू होने की प्रक्रिया शुरू होते ही विरोध करने लगे।  विपक्ष की मानसिकता महिला विरोधी  प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में हुआ घटनाक्रम केवल संसदीय प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश की आधी आबादी से जुड़ा मुद्दा था। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष, खासकर राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की मानसिकता महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण जैसे ऐतिहासिक मुद्दे पर विपक्ष का रुख उसकी वास्तविक सोच को दर्शाता है और बिल के गिरने पर जश्न मनाना महिलाओं का अपमान है।