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ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर झांसा, युवक से करीब 2 लाख की साइबर ठगी

 रांची  शहर में साइबर ठगी के दो अलग-अलग मामले सामने आए हैं। एक मामले में लिंक ओपन करते ही युवक के दो बैंक खातों से 1.93 लाख रुपये की निकासी कर ली गई, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर करीब दो लाख रुपये की ठगी कर ली गई। दोनों मामलों में साइबर अपराध थाना में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पहला मामला ओरमांझी निवासी बबन वर्मा से जुड़ा है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल नंबर पर आरटीओ के नाम से एक लिंक आया था। गलती से लिंक ओपन करते ही उनके एक्सिस बैंक और पंजाब नेशनल बैंक खाते से कुल 1 लाख 93 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। वहीं दूसरा मामला गुमला निवासी चंदन कुमार से संबंधित है, जो वर्तमान में सीआरपीएफ झारखंड सेक्टर कार्यालय, धुर्वा में कार्यरत हैं। चंदन कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्हें टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से ऑनलाइन ट्रेडिंग का ऑफर दिया गया था। इसके बाद उन्हें एक व्हाट्सएप नंबर से जोड़कर मोटे मुनाफे का लालच दिया गया। पीड़ित के अनुसार उन्होंने पहले 50 हजार रुपये भेजे। बाद में अधिक मुनाफा दिखाकर अलग-अलग चरणों में 70 हजार और फिर 80 हजार रुपये जमा कराए गए। आरोपितों ने ट्रेडिंग फीस और प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर रुपये लिए, लेकिन रकम वापस नहीं की। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं।

बिहार पर्यटन को वैश्विक पहचान दिलाने का मंत्री का संकल्प

पटना बिहार सरकार के नवनियुक्त पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने शुक्रवार को मुख्य सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में पर्यटन विभाग का कार्यभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने बिहार को देश और दुनिया के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल करने की प्रतिबद्धता जताई। इस दौरान विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यभार ग्रहण समारोह में पर्यटन विभाग के सचिव (अतिरिक्त प्रभार) अभय कुमार सिंह, बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के प्रबंध निदेशक नंद किशोर, पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा, संयुक्त सचिव इंदु कुमारी, संयुक्त निदेशक राजेश रौशन समेत विभाग के कई अधिकारी उपस्थित रहे। बिहार की सांस्कृतिक विरासत को विश्व पटल पर लाने की बात पदभार ग्रहण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि यह उनके जीवन का बेहद महत्वपूर्ण और भावुक क्षण है। उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभालना केवल एक पद नहीं, बल्कि बिहार की सेवा का बड़ा अवसर है। उन्होंने कहा कि बिहार भारत की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत का केंद्र रहा है। भगवान बुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति, गुरु गोविंद सिंह का जन्म, भगवान महावीर की तपोभूमि और माता जानकी की पावन स्मृतियां बिहार को विशेष पहचान देती हैं। बिहार की मिट्टी में इतिहास, संस्कृति और अध्यात्म की ऐसी शक्ति है, जो दुनिया भर के लोगों को आकर्षित करती है। पर्यटन स्थलों के विकास और सौंदर्यीकरण पर जोर पर्यटन मंत्री ने कहा कि आने वाले समय में राज्य के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों का व्यापक विकास कराया जाएगा। प्रमुख पर्यटन स्थलों के सौंदर्यीकरण के साथ वहां आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। सड़क, प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छता, सुरक्षा और पर्यटकों की सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर होगा प्रचार-प्रसार उन्होंने कहा कि बिहार के पर्यटन स्थलों का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक देशी और विदेशी पर्यटक बिहार आएं। सरकार का उद्देश्य है कि बिहार की पहचान केवल इतिहास तक सीमित न रहे, बल्कि आधुनिक पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य नई मिसाल कायम करे। पर्यटन से रोजगार और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा केदार प्रसाद गुप्ता ने कहा कि पर्यटन केवल घूमने-फिरने का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और आर्थिक विकास का मजबूत आधार भी है। पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। साथ ही स्थानीय कलाकारों, हस्तशिल्प से जुड़े लोगों, संस्कृतिकर्मियों और छोटे व्यापारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। अधिकारियों से टीम भावना के साथ काम करने की अपील मंत्री ने विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से टीम भावना के साथ कार्य करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी को पूरी प्रतिबद्धता के साथ बिहार के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए काम करना होगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पर्यटन विभाग जनता की आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करेगा और हर निर्णय में जनता का हित सर्वोपरि रखा जाएगा।

तीन साल बाद रांची में जल शुल्क विवादों पर सुनवाई की प्रक्रिया फिर शुरू

रांची  तीन साल के लंबे इंतजार के बाद रांची नगर निगम अब सप्लाई पानी बिल से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई करने जा रहा है। नगर निगम की जलापूर्ति शाखा ने वार्ड संख्या 1 से 53 तक के उन उपभोक्ताओं के लिए आम सूचना जारी की है, जिनके पास निगम से स्वीकृत जल संयोजन है। निगम ने कहा है कि जल शुल्क से संबंधित किसी भी प्रकार की समस्या होने पर उपभोक्ता अगले सात दिनों के भीतर आवेदन जमा कर सकते हैं। जारी सूचना के अनुसार, उपभोक्ताओं को जलापूर्ति शाखा में जल शुल्क विपत्र, जल संयोजन स्वीकृति पत्र एवं अन्य संबंधित दस्तावेजों के साथ आवेदन देना होगा। निगम प्रशासन का कहना है कि प्राप्त आवेदनों पर यथाशीघ्र कार्रवाई करते हुए समस्याओं का समाधान किया जाएगा। वेबर्स कमेटी नहीं बनने से तीन साल तक अटकी रही सुनवाई दरअसल, रांची नगर निगम चुनाव नहीं होने के कारण पिछले तीन वर्षों से वेबर्स कमेटी का गठन नहीं हो पा रहा था। इस कमेटी में नगर आयुक्त, मेयर, पार्षद और जलापूर्ति शाखा के इंजीनियर सदस्य होते हैं। मेयर और पार्षद नहीं रहने से कमेटी के गठन के लिए आवश्यक कोरम पूरा नहीं हो पा रहा था। इसी वजह से पानी बिल, नए जल कनेक्शन और अन्य शिकायतों से जुड़े सैकड़ों मामलों की सुनवाई लंबित पड़ी रही। लोगों द्वारा आवेदन देने के बावजूद मामलों का निपटारा नहीं हो सका। बिना कनेक्शन के भेजा जा रहा था पानी बिल नगर निगम में सबसे अधिक शिकायतें उन उपभोक्ताओं की हैं, जिनका कहना है कि उनके घरों में पानी का कनेक्शन ही नहीं है, इसके बावजूद हर महीने पानी का बिल भेजा जा रहा है। वहीं कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके यहां वर्षों पुराना कनेक्शन तो है, लेकिन आज तक सप्लाई पानी नहीं पहुंचा। इसके बावजूद नियमित रूप से जलशुल्क वसूला जा रहा है। अब घर-घर जाकर होगी जांच जलापूर्ति शाखा में आने वाली शिकायतों की जांच के लिए नगर निगम की इंजीनियरों की टीम संबंधित उपभोक्ताओं के घर-घर जाएगी। जांच के दौरान संबंधित वार्ड के पार्षद भी मौजूद रहेंगे। शिकायतों की जांच रिपोर्ट तैयार कर वेबर्स कमेटी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसके बाद कमेटी मामले की सुनवाई कर अंतिम निर्णय लेगी।  

पेंशनरों के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ HC ने बकाया एरियर देने का आदेश जारी किया

 रायपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने राज्य के पेंशनरों के हित में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए सरकार को उनके बकाया एरियर का भुगतान 120 दिनों के भीतर करने के निर्देश दिए हैं। यह आदेश मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49 के तहत दिया गया है। यह मामला छत्तीसगढ़ पेंशनर्स समाज के प्रांताध्यक्ष चेतन भारती द्वारा 12 अगस्त 2021 को दायर याचिका से जुड़ा है। उन्होंने लंबे समय तक मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ शासन के मुख्यमंत्रियों और मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पेंशनरों की समस्याओं से अवगत कराया था। शासन स्तर पर समाधान नहीं मिलने के बाद उन्होंने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने स्पष्ट की धारा 49 की व्याख्या न्यायालय ने मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम-2000 की धारा 49(6) की व्याख्या करते हुए कहा कि वित्तीय भुगतान को लेकर राज्यों के बीच सहमति की अनिवार्यता पेंशनरों के अधिकारों में बाधा नहीं बन सकती। अदालत ने डॉ. सुरेंद्र नारायण गुप्ता के मामले का हवाला देते हुए छठे और सातवें वेतनमान (7th Pay commission) के एरियर भुगतान का मार्ग प्रशस्त किया। इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ न्यायालय के फैसले के अनुसार, एक जनवरी 2006 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 32 माह का एरियर दिया जाएगा। यह एरियर 01 जनवरी 2006 से 31 अगस्त 2008 तक की अवधि का होगा। वहीं, एक जनवरी 2016 से पहले सेवानिवृत्त कर्मचारियों को 27 माह का एरियर मिलेगा, जो 01 जनवरी 2016 से 31 मार्च 2018 तक की अवधि के लिए निर्धारित किया गया है। चार माह में भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश हाई कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट कहा है कि मध्यप्रदेश पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49(8) के तहत यह पूरा भुगतान चार माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। इस फैसले के बाद राज्य के हजारों पेंशनरों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

Ajay Devgn और Ranbir Kapoor फिर साथ आ सकते हैं, Luv Ranjan की एक्शन-थ्रिलर पर चर्चा तेज

Ajay Devgn और Ranbir Kapoor. 15 साल पहले Prakash Jha की Rajneeti में दोनों ने नाम साथ काम किया था. उसके बाद ये दोनों कभी एक फिल्म में नहीं आए. मगर अब ख़बर है कि इन दोनों को लेकर एक ज़बरदस्त Action Drama Thriller आकार ले रही है. इसे Pyaar ka Punchnama फेम Luv Ranjan बना रहे हैं. इस फिल्म की ख़बर ही नहीं, इसकी थीम भी चर्चा में है. ऑलवेज़ बॉलीवुड नाम के X हैंडल के मुताबिक दोनों एक्टर्स अपने-अपने रनिंग प्रोजेक्ट्स खत्म करके इस फिल्म पर जुटेंगे. रणबीर कपूर फिलहाल Nitesh Tiwari की Ramayana शूट कर रहे हैं. और अजय देवगन Rohit Shetty की Golmaal 5 में बिज़ी हैं. अब इस फिल्म पर आते हैं. असल में ये फिल्म नई नहीं है. साल 2018-19 में भी इसकी चर्चा हुई थी. IANS से बातचीत में ख़ुद लव रंजन ये फिल्म कन्फर्म की थी. ट्रेड एनलिस्ट तरण आदर्श ने भी सोशल मीडिया पर इस फिल्म के बारे में लिखा था. फिर ये ठंडे बस्ते में चली गई. साल 2025 में इसके रिवाइवल की ख़बरें आईं, मगर नतीजा सिफ़र ही रहा. मगर अब एक बार फिर इसके बनने के आसार नज़र आ रहे हैं.  दो भाइयों की दुश्मनी है फिल्म का प्लॉट सोशल मीडिया पर फिल्म का प्लॉट भी खुल गया है. इस पोस्ट के मुताबिक कहानी दो चचेरे भाइयों की है, जिनके पिता कुछ ग़लतफ़हमियों के चलते दूर हो गए. रिश्तों में कड़वाहट इतनी बढ़ गई, कि अब ये दोनों भाई एक-दूसरे के दुश्मन बन गए हैं. लेकिन एक सेकेंड… ये कहानी तो देखी-सुनी सी मालूम होती है. संदीप रेड्डी वांगी की ‘एनिमल’ का प्लॉट भी तो कुछ ऐसा ही था. अनिल कपूर यानी बलबीर सिंह और उसके चाचा के परिवार के बीच कुछ ग़लतफ़हमी हुई और इन दोनों के बेटे एक-दूसरे के ख़ून के प्यासे हो गए. चूंकि अभी मेकर्स की तरफ़ से इस फिल्म या इसकी बारे में कोई स्टेटमेंट नहीं आया है. इसलिए अभी ये नहीं कहा जा सकता कि फिल्म का प्लॉट यही है. या फिर कुछ और. या फिर मेकर्स इसमें तब्दीली कर रहे हैं. मगर यदि कहानी ऐसी ही है, तो ‘एनिमल’ से मिलती-जुलती है. इन बातों में कितनी सच्चाई है ये तो मेकर्स के अनाउंसमेंट के बाद ही पता चलेगा. मगर यदि ये फिल्म बनती है, तो रणबीर कपूर और अजय देवगन को दोबारा स्क्रीन पर देखना दिलचस्प होगा. अजय ने पिछले काफ़ी समय से इस जॉनर की फिल्म नहीं की है. जब‍कि इंटेंस रोल्स में पब्लिक ने उन्हें हमेश पसंद किया है. रही रणबीर की बात, तो उनके लाइन-अप में अभी हिंदी सिनेमा के दिग्गजों की मेगाबजट फिल्में हैं. इनमें ‘रामायण’ के दोनों पार्ट, संजय लीला भंसाली की ‘लव एंड वॉर’, संदीप रेड्डी वांगा की ‘एनिमल पार्क’, अयान मुखर्जी की ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और यशराज फिल्म्स की ‘धूम 4’ शामिल है. इनमें से ‘ब्रह्मास्त्र 2’ और ‘धूम 4’ तो अभी दूर की कौड़ी हैं, और इनके बारे में कोई घोषणा नहीं हुई है. मगर बाकी फिल्में तो ऑफिशियली अनाउंस हो चुकी हैं. बल्कि ‘रामायण’ और ‘लव एंड वॉर’ की तो आधी से ज्यादा शूटिंग भी हो चुकी है. ऐसे में यदि लव रंजन की ये कथित फिल्म धरातल पर आ भी गई, तो रणबीर इसे अगले दो-तीन साल तो वक्त नहीं दे पाएंगे.

डबरीपानी में कार्रवाई शुरू: बुलडोजर से महामाया पहाड़ के अतिक्रमण हटाए जाएंगे, पुलिस बल मौजूद

 अंबिकापुर  अंबिकापुर के महामाया मंदिर (Mahamaya Temple) और महामाया पहाड़ से लगे डबरीपानी के संरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग ने अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। शुक्रवार सुबह चार एक्सीवेटर और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में मकानों को तोड़ा जाने लगा। पहले दिन 20 से अधिक मकानों को हटाने की तैयारी की गई है।मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं ताकि किसी प्रकार के विरोध या तनाव की स्थिति को रोका जा सके। कई वर्षों से जारी था कब्जे का खेल वन विभाग के अनुसार, अंबिकापुर शहर से लगे डबरीपानी, श्रीगढ़, खैरबार, नवागढ़ और बधियाचुआ क्षेत्र में लंबे समय से वनभूमि पर अवैध कब्जे किए जा रहे थे। ये क्षेत्र धीरे-धीरे नए आवासीय इलाकों के रूप में विकसित हो गए, जहां सड़क, पानी और बिजली जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध करा दी गई थीं। पिछले वर्ष वन विभाग ने श्रीगढ़ और चोरकाकछार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की थी, लेकिन बाद में अभियान धीमा पड़ गया। विभाग ने कब्जाधारियों को नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर भी दिया था, लेकिन किसी ने वैध दस्तावेज पेश नहीं किए। रात को चस्पा किया नोटिस, सुबह पहुंचा बुलडोजर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई डबरीपानी से शुरू की गई है। यहां के 54 लोगों को अंतिम बेदखली का नोटिस जारी किया गया था। कुछ अतिक्रमणकारियों ने अंतिम बेदखली का नोटिस जारी होने के बाद हाईकोर्ट से स्टे ले लिया है। गुरुवार रात वन विभाग के कर्मचारी डबरीपानी पहुंचे और घरों को खाली करने का नोटिस चस्पा किया। शुक्रवार सुबह फारेस्ट एसडीओ श्वेता कम्बोज के नेतृत्व में वन विभाग और पुलिस जवानों का अमला बुलडोजर लेकर डबरीपानी पहुंचा और कार्रवाई शुरू की गई। पार्षद बोले- वन विभाग ने कार्रवाई में की देरी पार्षद आलोक दुबे ने बताया कि मार्च 2026 में ही रिजर्व फारेस्ट से 157 लोगों को अवैध कब्जा हटाने के लिए अंतिम बेदखली नोटिस की अवधि समाप्त हो गई थी। पुलिस बल दिए जाने के बाद भी डीएफओ अभिषेक जोगावत ने कार्रवाई नहीं की, तो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की गई थी। आलोक दुबे ने कहा कि यहां दूसरे राज्यों से आए समुदाय विशेष के लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर आज से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। सभी चिन्हित अतिक्रमण हटाए जाएंगे- एसडीओ एसडीओ फारेस्ट श्वेता कम्बोज ने कहा कि 157 लोगों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी हुआ है। इनमें महामाया पहाड़, नवागढ़, डबरीपानी के अतिक्रमणकारी शामिल हैं। डबरीपानी में 54 अतिक्रमणकारियों में जिन लोगों को हाईकोर्ट से स्टे मिला है, उनका अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा है। शेष लोगों को चिन्हित कर उनका कब्जा तोड़ने की कार्रवाई की जा रही है। श्वेता कम्बोज ने कहा कि सभी चिन्हित अतिक्रमणकारियों को अवैध कब्जा हटाया जाएगा। आज से यह कार्रवाई शुरू हो गई है। 27 मार्च को जारी हुआ था अंतिम नोटिस वन विभाग ने 27 मार्च 2026 को अतिक्रमणकारियों को अंतिम बेदखली नोटिस जारी कर 24 घंटे के भीतर वनभूमि खाली करने को कहा था। इसके बावजूद कब्जाधारियों ने जमीन खाली नहीं की। कार्रवाई में देरी होने के कारण कई कब्जाधारी हाईकोर्ट पहुंच गए और उन्हें स्थगन आदेश मिल गया। भाजपा पार्षद आलोक दूबे ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय (CM Vishnu Deo Sai) से की थी। इसके बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने वनभूमि से नियमानुसार कब्जा हटाने के निर्देश दिए। रातभर रही हलचल, लोग हटाने लगे सामान गुरुवार देर शाम वन विभाग की टीम डबरीपानी पहुंची और शुक्रवार से कार्रवाई शुरू करने की मुनादी कराई गई। क्षेत्र में नोटिस भी चस्पा किए गए। इसके बाद से इलाके में हलचल बढ़ गई। कई अतिक्रमणकारियों ने रात में ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया था। शुक्रवार सुबह वन और राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई शुरू करने से पहले लोगों को एक बार फिर सामान हटाने का समय दिया गया, जिसके बाद तोड़फोड़ शुरू हुई। 54 अतिक्रमणकारी डबरीपानी में चिन्हित भारतीय वन सेवा की प्रशिक्षु अधिकारी और अंबिकापुर एसडीओ फॉरेस्ट श्वेता काम्बोज ने बताया कि केवल डबरीपानी क्षेत्र में 54 अतिक्रमणकारियों को चिन्हित किया गया है। इनमें से कुछ लोगों को न्यायालय से स्थगन आदेश मिला है, जबकि कुछ के आवेदन FRA के तहत लंबित हैं। ऐसे मामलों को छोड़कर बाकी कब्जाधारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पूरी कार्रवाई न्यायालय के आदेश और मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए की जा रही है। 157 अतिक्रमणकारी चिन्हित वन विभाग के अनुसार, महामाया पहाड़ से लगे डबरीपानी, नवागढ़ और घुटरापारा के संरक्षित वन क्षेत्रों में कुल 157 अतिक्रमणकारी चिन्हित किए गए हैं। इन सभी को 27 मार्च 2026 को अंतिम नोटिस जारी किया गया था और 29 मार्च 2026 तक अतिक्रमण हटाने की समयसीमा तय की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, उस दौरान सरगुजा कलेक्टर अवकाश पर थे, जिसके कारण विभागीय स्तर पर कार्रवाई में देरी हुई। बाद में भाजपा पार्षद आलोक दुबे ने आरोप लगाया कि झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल से आए लोगों ने वनभूमि पर कब्जा किया है। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। राजनीतिक मुद्दा बना वनभूमि अतिक्रमण महामाया पहाड़ से लगे वन क्षेत्रों में अवैध कब्जे का मामला राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। भाजपा लगातार कांग्रेस पर वोट बैंक की राजनीति के तहत अतिक्रमण को बढ़ावा देने का आरोप लगाती रही है। वहीं कांग्रेस इन आरोपों को खारिज करते हुए कार्रवाई में पक्षपात का आरोप लगाती रही है।

वैदेही चौधरी और जील देसाई क्वार्टर फाइनल में, भारतीय खिलाड़ियों का दमदार प्रदर्शन

कर्नाटक सभी शीर्ष वरीय खिलाड़ियों के गुरुवार को अपने सिंगल्स मुकाबले जीतकर क्वार्टर फाइनल में पहुंचने से तुमकुरु ओपन आईटीएफ डब्ल्यू35 में रोमांचक मुकाबलों के लिए मंच तैयार हो गया। लिथुआनिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त जस्टिना मिकुलस्काइट ने पोलैंड की जुजाना कोलोनस के विरुद्ध पहला सेट गंवाने के बाद जोरदार वापसी करते हुए 0-6, 6-3, 6-1 से जीत दर्ज की। दूसरी वरीयता प्राप्त जुजाना पावलिकोवस्का ने भी भारत की सोनल पाटिल पर सीधे सेट में जीत दर्ज की जबकि तीसरी वरीयता प्राप्त वैदेही चौधरी और चौथी वरीयता प्राप्त जील देसाई ने अपने मुकाबले जीतकर अंतिम आठ में भारत की मजबूत मौजूदगी सुनिश्चित की। वैदेही और जील की आसान जीत वैदेही हमवतन मधुरिमा सावंत पर 6-2, 6-2 की जीत के दौरान पूरी तरह से नियंत्रण में दिखीं जबकि जील ने जेनिफर लुइखाम को 6-2, 6-3 से हराया। डबल्स में श्राव्या शिवानी चिलकलापुडी और जील ने लक्ष्मीसिरी दंडू और चेविका रेड्डी सामा की हमवतन भारतीय जोड़ी पर सीधे सेट में जीत के साथ सेमीफाइनल में प्रवेश किया। आकांक्षा दिलीप निटुरे और मिचिका ओजेकी की भारत-जापान की जोड़ी ने पहला सेट गंवाने के बाद दीवा भाटिया और जेनिफर लुइखाम को हराया। यह वीडियो भी देखें वैदेही और जुजाना की भी जीत शीर्ष वरीयता प्राप्त वैदेही और जुजाना पावलिकोवस्का ने भी सोहा सादिक और मधुरिमा सावंत की भारत की जोड़ी पर शानदार जीत के साथ सेमीफाइनल में जगह बनाई जबकि जेनिया लास्कुतोवा और एलिना नेप्लि ने भारत की ऐश्वर्या जाधव और आकृति नारायण सोनकुसारे को हराया।  

‘धुरंधर’ यूनिवर्स अभी खत्म नहीं! ज्योति देशपांडे के बयान से ‘धुरंधर 3’ की चर्चा तेज

Aditya Dhar की Dhurandhar और Dhurandhar: The Revenge हिंदी सिनेमा के लिए गेम चेंजर साबित हुई. इन दोनों फिल्मों ने मिलकर दुनियाभर से 3100 करोड़ रुपए से ज़्यादा की कमाई की. 'धुरंधर' एक ही फिल्म होने वाली थी. मगर फिल्म लंबाई को देखते हुए मेकर्स ने इसे दो पार्ट में तोड़ने का फैसला किया. पब्लिक को लगा कि दोनों पार्ट्स आ चुके हैं. अब ये कहानी खत्म हो गई. मगर इस फिल्म की प्रोड्यूसर Jyoti Deshpande ने अचानक एक बड़ा खुलासा कर दिया. उनका कहना है कि ये कहानी अभी खत्म नहीं हुई. बॉलीवुड हंगामा से हुई हालिया बातचीत में जियो स्टूडियोज की ज्योति देशपांडे ने 'धुरंधर' फ्रैंचाइज़ के बारे में बात करते हुए कहा, "धुरंधर के साथ अभी हमारा काम खत्म नहीं हुआ है. उम्मीद है कि इस साल के अंत तक दर्शकों के लिए हमारे पास एक सरप्राइज़ होगा. कुछ खास चीज़ है हमारे पास." ज्योति देशपांडे ने ये तो नहीं बताया कि वो सरप्राइज़ क्या है. मगर इस चीज़ ने दर्शकों को काफी उत्साहित कर दिया है. 'धुरंधर 2' की रिलीज़ के बाद से ऐसी रिपोर्ट्स आ रही थीं कि प्रोड्यूसर्स ने आदित्य धर से इस फ्रैंचाइज़ का तीसरा पार्ट बनाने की बात की है. अब ये आदित्य का फैसला होगा कि वो इस कहानी को आगे बढ़ाना चाहते हैं. या इससे आगे बढ़ना चाहते हैं.   मगर ज्योति के इस बयान ने 'धुरंधर 3' की खबरों को एक बार फिर हवा दे दी है. हालांकि पुख्ता तौर पर ये कह पाना कि वो जिस सरप्राइज़ की बात कर रही हैं, वो 'धुरंधर 3' ही हो, ये ज़रूरी नहीं है. हो सकता है मेकर्स फिल्म के किसी किरदार पर स्पिन-ऑफ फिल्म बना रहे हों. या फिल्म के उन हिस्सों को रिलीज़ करना चाहते हों, जिन्हें दोनों में से किसी फिल्म में जगह नहीं मिल पाई. मगर एक बात तो तय है कि ये जो कुछ भी है 'धुरंधर' यूनिवर्स का ही हिस्सा है. 'धुरंधर' फिल्म सीरीज ने हिंदी सिनेमा को कई मायनों में रिवॉल्यूशनाइज़ किया है. चाहे वो क्राफ्ट के लेवल पर हो, बॉक्स ऑफिस की बात हो, या फिर एक्टर्स की परफॉर्समेंस ही क्यों न हो. 'धुरंधर' ने देसी स्पाय फिल्मों का तो पूरा सिस्टम ही बदलकर धर दिया. इसी का नतीजा रहा कि इन दोनों फिल्मों ने दुनियाभर से 3100 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया. 'धुरंधर' ने देशभर से 840 करोड़ रुपए कमाए. वहीं 'धुरंधर 2' का इंडिया कलेक्शन 1100 करोड़ रुपए के पार रहा. 'धुरंधर 2' वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस के मामले में 'दंगल' के बाद भारत की दूसरी सबसे कमाऊ हिंदी फिल्म है. 'धुरंधर' फिल्म फ्रैंचाइज़ में रणवीर सिंह, अक्षय खन्ना, संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी, सारा अर्जुन, गौरव गेरा, दानिश पंडोर जैसे एक्टर्स ने काम किया है. इन दोनों फिल्मों को आदित्य धर ने डायरेक्ट किया है.

मौसम अलर्ट: उत्तर-पूर्वी एमपी के 6 जिलों में ओला, 30 से अधिक जिलों में आंधी और बारिश का खतरा

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है। मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से भिंड और दतिया समेत 6 जिलों में ओले गिरने की संभावना जताई गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ सकती है। मौसम केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश के भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि होने की प्रबल संभावना है। ओलावृष्टि के अलावा, मुरैना जिले में बिजली गिरने और गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान जताया गया है, वहीं ग्वालियर और विंध्य क्षेत्र के कई जिलों में दोपहर के समय मौसम बदल सकता है। छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज और सीधी में हलकी से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 40-50 किमी घंटे की रफ्तार से चल सकती है आंधी मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी मध्य प्रदेश के 30 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी और गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन और जबलपुर सहित 34 ज़िलों में दिन का तापमान बढ़कर 42-43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। विशेष रूप से निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, नर्मदापुरम, रतलाम, नीमच और मंदसौर ज़िलों में तापमान में तेज़ी से बढ़ोतरी का पूर्वानुमान लगाया गया है। 10 मई से बदलेगा मौसम मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार जहां उत्तरी और पूर्वी ज़िलों में अगले दो दिनों तक गरज-चमक और हल्की बारिश जारी रह सकती है, वहीं 9 और 10 मई से गर्मी की तीव्रता में काफ़ी बढ़ोतरी होने की संभावना है। 10 मई से एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने की संभावना है, जिसका प्रभाव अगले दो दिनों में और भी ज़्यादा दिखाई देगा। अब सताएगा पारा इधर राजधानी भोपाल में भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के लिए पहचाने जाने वाले मई महीने का पहला सप्ताह इस बार राहत भरा रहा। मौसम के मिजाज ने इस तरह करवट ली कि मई के शुरुआती सात दिनों में लोगों को वह चुभन महसूस नहीं हुई, जो आमतौर पर इस समय होती है। तीन साल बाद मई में इस तरह की स्थिति बनी है। इसके पहले 2023 में भी पहले सप्ताह में तापमान सामान्य से काफी कम थे। हालांकि मौसम शुष्क होने के साथ ही अब आने वाले दिनों में गर्मी बढ़ सकती है। आमतौर पर मई की शुरुआत तीखी गर्मी से होती है । पिछले दस सालों में भी अधिकांशत: यहीं ट्रेंड रहा है। पहले सप्ताह में ही अधिकमत तापमान 41 से 43 डिग्री के बीच रहते हैं, लेकिन इस बार मई की शुरुआत में लगातार बादल, तेज हवा,बारिश, बौछारों के कारण दो तीन तापमान 40 डिग्री तक पहुंचा है। 39.3 डिग्री पर पहुंचा अधिकतम तापमान गुरुवार को मौसम शुष्क रहा, सुबह से ही धूप खिली। हालांकि दोपहर में हल्के बादल भी दिखे। अधिकतम तापमान में बुधवार के मुकाबले 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी हुई। अब भी तापमान सामान्य से 1.5 डिग्री कम है। मौसम विज्ञानी वीएस यादव कहना है, अभी प्रदेश को प्रभावित करने वाला कोई बड़ा सिस्टम दिखाई नहीं दे रहा है, ऐसे में आगामी दिनों में तापमान 3 से 4 डिग्री तक बढ़ सकता है। गुरुवार को दिन में तीखी धूप रही, वहीं उमस के कारण भी लोग बेहाल नजर आए। दोपहर बाद हल्के बादलों की भी आवाजाही रही, वहीं रात्रि शहर में तेज हवा चली। रात 8 बजे के आसपास हवा की अधिकतम स्पीड 45 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी। तेज हवा के कारण लोगों को उमस और गर्मी से थोड़ी राहत मिली। रूक-रूककर तेज हवा का दौर देर रात्रि तक जारी रहा। सावधानी बरतने की सलाह मौसम विभाग ने बिजली चमकने और आंधी के दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। पेड़ों के नीचे या बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। खुले मैदान में होने पर तुरंत किसी पक्के मकान की शरण लें। बेमौसम हो रही इस बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई जा रही है। दो दिन इसलिए बारिश के आसार फिलहाल, एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) मध्य प्रदेश के बीचो-बीच एक्टिव है तो दूसरा ऊपरी हिस्से में है। एक ट्रफ भी पूर्वी हिस्से से गुजर रही है। 10 मई से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। मौसम विभाग की मानें तो 2 दिन तक कुछ जिलों में बारिश और आंधी चलने के आसार हैं। वहीं, 10 और 11 मई को पूरे प्रदेश में गर्मी पड़ेगी।

पहली कक्षा के बच्चों के बैग का वजन 1078 ग्राम तय, जबलपुर में DPI ने कलेक्टर-डीईओ को निर्देशित किया

जबलपुर  जबलपुर में बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर अब प्रशासन सख्त हो गया है। बाल संरक्षण आयोग और लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) ने कलेक्टर को पत्र लिखकर निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में नेशनल बैग पॉलिसी का सख्ती से पालन कराया जाए। संचालनालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि प्री-प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों के लिए बैग की आवश्यकता ही नहीं है। वहीं कक्षा 1 से 12वीं तक छात्रों के बैग का अधिकतम वजन तय किया गया है। निर्देश में कहा गया है कि भारी बस्तों के कारण बच्चों के शारीरिक विकास पर असर पड़ सकता है और मानसिक दबाव भी बढ़ता है। डीईओ को बस्ते का वजन जांचने के निर्देश जानकारी के मुताबिक समग्र शिक्षा अभियान और लोक शिक्षण संचालनालय की अपर परियोजना संचालक नंदा भलावे ने जिला शिक्षा अधिकारियों को पहले ही पत्र भेजकर स्कूलों में बैग का वजन जांचने के निर्देश दिए थे। स्कूलों में निरीक्षण कर यह जानकारी भी मांगी गई थी कि छात्रों के बैग का वजन कितना पाया गया। हालांकि अभी तक किसी स्कूल में कार्रवाई या औपचारिक जांच सामने नहीं आई है। छुटि्टयों में कैसे जांचेंगे वजन बताया जा रहा है कि स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू होने के बाद रिपोर्ट मांगी गई है, ऐसे में निरीक्षण और वास्तविक जांच को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं। माना जा रहा है कि कई जगह बिना जांच के रिपोर्ट भेजे जाने की आशंका है। आयोग बोला-अधिक वजन का स्वास्थ्य पर असर बाल संरक्षण आयोग ने अपने पत्र में कहा है कि कई निजी स्कूल अब भी नीति का पालन नहीं कर रहे हैं और छोटे बच्चों को भारी बस्ते लेकर स्कूल आने के लिए मजबूर किया जा रहा है। इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। आयोग ने कलेक्टर को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों में इस नीति का पालन सुनिश्चित कराया जाए और उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। कक्षा अनुसार तय किया गया बैग का वजन प्री-प्राइमरी : बैग आवश्यक नहीं कक्षा 1 : 1078 ग्राम कक्षा 2 : 1080 ग्राम कक्षा 3 : 1572 ग्राम कक्षा 4 : 1804 ग्राम कक्षा 5 : 1916 ग्राम कक्षा 6 : 3080 ग्राम कक्षा 7 : 3508 ग्राम कक्षा 8 : 3640 ग्राम कक्षा 9 : 4400 ग्राम कक्षा 10 : 4182 ग्राम कक्षा 11वीं-12वीं : 3.5 किलो से 5 किलो तक