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कोर्ट का बड़ा फैसला: बहू की मौत के बाद सास को मिलेगा 18 लाख रुपये हर्जाना

बिलासपुर मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण की पीठासीन अधिकारी मनीषा ठाकुर की अदालत ने सड़क हादसे में जान गंवाने वाली 22 वर्षीय विवाहिता अंजनी ध्रुव की मृत्यु पर उसके परिजनों के पक्ष में 18,03,720 रुपये का क्लेम अवार्ड पारित किया है। घटना 16 दिसंबर 2023 की है, जब ग्राम भिलाई (मस्तुरी) निवासी अंजनी अपने पति चोलाराम ध्रुव के साथ मोटर साइकिल पर पीछे बैठकर अस्पताल जा रही थी। भिलाई पुल के पास पति ने वाहन को तेजी व लापरवाही से चलाया, जिससे गिरकर अंजनी की मौत हो गई। थाना मस्तुरी में आरोपी पति के खिलाफ मर्ग दर्ज था। बीमा कंपनी ने मृतिका की लापरवाही और चालक के पास वैध लाइसेंस न होने की दलीलें दीं, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार पति के पास वर्ष 2035 तक वैध लाइसेंस मौजूद था। आय का पुख्ता प्रमाण न होने पर कोर्ट ने श्रमायुक्त की न्यूनतम मजदूरी दर से ₹10,100 मासिक आय तय की। चूंकि मृतिका पति के साथ पृथक रहती थी, इसलिए कोर्ट ने जेठ-जेठानी को आश्रित न मानकर केवल सास (कमला बाई) को मुख्य आश्रित माना। वित्तीय सुरक्षा के लिए कोर्ट ने आदेश दिया कि जेठ-जेठानी व उनके बच्चों को स्नेह हानि के एवज में कुल 1,92,000 रुपए नगद दिए जाएंगे। वहीं, मुख्य आश्रित (सास) की राशि का 30% हिस्सा 3 वर्ष के लिए बैंक में फिक्स रहेगा, ताकि उन्हें नियमित ब्याज मिलता रहे और रकम सुरक्षित रहे। शेष 70% राशि तत्काल ट्रांसफर होगी।  

पंजाब फतह की तैयारी में BJP, हरियाणा CM सैनी को कमान देने के पीछे क्या रणनीति?

चंडीगढ़  भाजपा के लिए, किसी भी चुनाव की जमीनी तैयारी चुनावी अभियान के आधिकारिक आगाज से काफी पहले ही शुरू हो जाती है. यह उन कई राज्यों में देखा जा चुका है, जहां चुनाव होने वाले थे और अब पंजाब की बारी है. एक ऐसा राज्य जहां इस भगवा दल को ऐतिहासिक रूप से एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरने के लिए संघर्ष करना पड़ा है, वहां 2027 के चुनावों के लिए जमीनी तैयारी शुरू हो चुकी है।    दशकों तक, भाजपा ने पंजाब में अपने पुराने क्षेत्रीय सहयोगी, शिरोमणि अकाली दल (SAD) के पीछे रहकर जूनियर पार्टनर की भूमिका निभाना चुना. लेकिन अब जब अकाली अलग हो चुके हैं, सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) बढ़ते सत्ता-विरोधी रुझान का सामना कर रही है, और कांग्रेस अंदरूनी कलह में उलझी हुई है, तो भाजपा को सालों बाद पंजाब में अपना सबसे बेहतरीन मौका दिखाई दे रहा है. भाजपा के इस महत्वाकांक्षी अभियान की कमान हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी संभाल रहे हैं, जो पंजाब में बीजेपी के एक प्रमुख राजनीतिक सेतु के रूप में उभर रहे हैं।  हरियाणा के मुख्यमंत्री 2025 से लगभग हर हफ़्ते पंजाब का दौरा कर रहे हैं और 2026 के बाद से इन दौरों की संख्या और बढ़ गई है. सैनी के इन दौरों को BJP की उस मुहिम का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका मकसद अपने कार्यकर्ताओं को मज़बूत करना और 2027 के विधानसभा चुनावों में ज़्यादा सीटें जीतना है. बीजेपी के पास फिलहाल 117 सदस्यों वाली पंजाब विधानसभा में सिर्फ दो सीटें हैं, और राज्य से उसका कोई भी लोकसभा सांसद नहीं है।  बीजेपी ने सैनी को क्यों चुना? यह माना जाता है कि पंजाब में भाजपा के पास बड़े चेहरों की कमी है, लेकिन इस अभियान के लिए नायब सिंह सैनी को ही क्यों चुना गया? हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी समुदाय से आते हैं जो पंजाब में काफी प्रभावशाली है, और उनकी मां एक गैर-जट सिख हैं. पंजाबी सैनी की मातृभाषा है, और उन्हें पंजाब में भीड़ को धाराप्रवाह पंजाबी में संबोधित करते हुए सुना जा सकता है।  पंजाब विश्वविद्यालय में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर आशुतोष कुमार ने इंडिया टुडे डिजिटल को बताया, "भाजपा के पंजाब संपर्क अभियान के लिए नायब सिंह सैनी को आगे करना एक सही रणनीति है." कुमार ने आगे कहा, "सैनी ओबीसी समुदाय से आते हैं और 2020 के किसान आंदोलन से उनका कोई संबंध नहीं रहा है. इसके अलावा, सैनी को एक बाहरी व्यक्ति के रूप में नहीं देखा जा रहा है, बल्कि उन्हें भाजपा के लिए एक राजनीतिक सेतु के रूप में देखा जा रहा है।  गैर-जट मतदाताओं को एकजुट करने का भाजपा का प्रयास पंजाब में चुनाव जीतने के लिए भाजपा दो चीज़ों पर ध्यान दे रही है एक तो सही संदेश देना और दूसरा जातियों का सही तालमेल बिठाना. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 'सैनी' समाज से हैं, जो एक पिछड़ी जाति है. पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में इस समाज के काफी लोग रहते हैं, खासकर पंजाब के दोआबा इलाके में. दोआबा क्षेत्र को पंजाब के "एनआरआई हब" के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यहां राज्य के अप्रवासी भारतीयों की सबसे बड़ी आबादी रहती है और यह दलित राजनीति का एक प्रमुख केंद्र है।  सैनी की मां, कुलवंत कौर, एक गैर-जट सिख हैं, और पंजाब में हरियाणा के मुख्यमंत्री को अक्सर भगवा पगड़ी पहने और धाराप्रवाह पंजाबी बोलते हुए देखा जाता है. सैनी के पंजाब संपर्क अभियान में भगवा पगड़ी एक निरंतर हिस्सा रही है. मुख्यमंत्री जब भी पंजाब में होते हैं, उन्हें इसे पहने हुए देखा जाता है. यह छवि सैनी के बारे में एक ऐसी धारणा बनाती है कि वे कोई बाहरी नहीं बल्कि यहीं के हैं।  प्रोफेसर कुमार ने यह बताते हुए कि भाजपा उन्हें पंजाब संपर्क अभियान के लिए एक स्वाभाविक विकल्प क्यों मानती है, कहा, "सैनी राजनीतिक रूप से 'बाहर से लाए गए' लगे बिना हिंदू और सिख दोनों सामाजिक हलकों में आसानी से घुल-मिल सकते हैं। " कई समाचार रिपोर्टों के अनुसार, भाजपा की व्यापक रणनीति पंजाब में भी "हरियाणा मॉडल" को दोहराने की है. भगवा दल जिस मॉडल पर काम कर रहा है, वह जट सिख राजनीति के पारंपरिक दबदबे को दरकिनार करने का प्रयास करते हुए, गैर-जट अन्य पिछड़ा वर्ग, दलितों और उच्च जाति के हिंदू मतदाताओं का एक गठबंधन तैयार करने का मॉडल है।  इसी फॉर्मूले की बदौलत भाजपा ने 2024 के हरियाणा चुनाव में जीत हासिल की थी, जबकि वह राज्य राजनीतिक रूप से जट-बहुल माना जाता है. पंजाब के जातीय समीकरण को देखते हुए, गैर-जट मतदाताओं को एकजुट करने की यह रणनीति भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है. राज्य की आबादी में ओबीसी समुदायों की हिस्सेदारी लगभग 31% है, जबकि दलितों की आबादी करीब 32% है. किसी भी भारतीय राज्य की तुलना में इन दोनों समुदायों की आबादी का अनुपात यहां सबसे अधिक है।  भाजपा का मानना है कि यदि वह खत्री और अरोड़ा जैसे उच्च जाति के हिंदू मतदाताओं के साथ-साथ इन वर्गों को भी सफलतापूर्वक एकजुट करने में कामयाब रहती है, तो पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव में राज्य की सत्ता के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में उभर सकती है।  इस रणनीति के लिए नायब सिंह सैनी ही सबसे उपयुक्त क्यों हैं? भाजपा के गैर-जट सामाजिक गठबंधन के प्रयास के लिए सैनी सबसे सटीक पसंद हैं. साल 2025 से, सैनी ने कई सामुदायिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है, वंचित अनुसूचित जाति समूहों के प्रतिनिधिमंडलों से मुलाकात की है, गुरुद्वारों के दर्शन किए हैं, और ओबीसी व दलित समुदायों से जुड़े कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं. अप्रैल में, उन्होंने चंडीगढ़ में पंजाब के धानक समुदाय के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की थी, जहां बेरोजगारी और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की कमी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई थी।  इसके साथ ही, भाजपा ने बड़ी सूझबूझ से सैनी की छवि एक साफ-सुथरी प्रतिष्ठा वाले और मृदुभाषी प्रशासक के रूप में तैयार की है. पंजाब ने ऐतिहासिक रूप से उन नेताओं को नकारा है जिन्हें बाहरी माना जाता था या जिन्हें राज्य में ऊपर से थोपा गया था, और भाजपा का मानना है कि पंजाब के साथ सैनी का सांस्कृतिक जुड़ाव पार्टी को इस जाल से बचने … Read more

ट्विशा मामले में नया मोड़, राज्य सरकार बोली- जांच में बाधा डाल रहीं सास

भोपाल   ट्विशा शर्मा की मौत मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि मीडिया इस केस को सनसनीखेज बनाने से बचें। मीडिया परिजनों का इंटरव्यू नहीं चलाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और इसका निष्पक्ष जांच जरूरी है। सच ये है कि लड़की की जान गई है। मीडिया को बयान देने से बचे पीड़ित और आरोपी के परिवार सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम पीड़ित परिवार और आरोपी परिवार दोनों के परिवार वालों से अपील करते हैं कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया के सामने बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपना पक्ष दर्ज कराएं ताकि चल जांच पर किसी तरह का कोई प्रभाव न पड़े। सॉलिसिटर जनरल बोले- जांच सीबीआई अपने हाथ में लेगी सॉलिसिटर जनरल (SG) ने सुप्रीम कोर्ट को भरोसा देते हुए कहा कि ट्विशा केस की जांच आज ही CBI अपने हाथ में लेगी। इस बीच ट्विशा परिवार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने FIR दर्ज करने में देरी पर नाराजगी जताई। उन्होंने जांच प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। गिरिबाला को तुरंत जमानत कैसे? रसूख से जांच में बाधा… ट्विशा केस में सुप्रीम कोर्ट में उठे ये सवाल ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सोमवार को सुनवाई की. इस दौरान कोर्ट ने कई सवाल उठाए हैं और सीबीआई को मामले की जांच अपने हाथ में लेने का आदेश दिया है. कोर्ट ने आरोपी और पीड़ित परिवार से मीडिया में या सार्वजनिक मंचों पर बयान न देने की अपील की है. अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आया कि गिरिबाला अपने रसूख का इस्तेमाल कर जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं. कोर्ट ने ये भी सवाल उठाया कि उन्हें तुरंत जमानत कैसे मिल गई।  सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनलर तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि CBI आज ही मामले की जांच अपने पास ले लेगी. सुप्रीम कोर्ट ने इस बात को रिकॉर्ड पर ले लिया. CJI सूर्यकांत ने उम्मीद जताई कि CBI तुरंत और निष्पक्ष जांच करेगी।  निष्पक्ष हो जांच: SC अदालत ने सुनवाई के दौरान बेहद स्पष्ट शब्दों में कहा कि चाहे ये मौत खुदकुशी हो या फिर कोई अन-नेचुरल डेथ (अप्राकृतिक मौत), हर हाल में इस पूरे मामले की तह तक जाकर एक निष्पक्ष और पूरी जांच सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वो इस वक्त मीडिया और आम जनता के बीच चल रही किसी भी तरह की अटकलों को बिल्कुल बढ़ावा नहीं देना चाहते हैं।  सरकार के फैसले की सराहना अदालत में सुनवाई के दौरान ये बात भी सामने आई कि आरोपी पक्ष की गिरिबाला सिंह के एक रिटायर्ड जज होने की वजह से समाज में ये नैरेटिव (विमर्श) सेट किया जा रहा है कि स्थानीय पुलिस द्वारा की जा रही जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है. इसी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सीबीआई को सौंपे जाने के फैसले की सराहना की है, ताकि जांच बिना किसी बाधा के पूरी तरह निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ सके।  'जांच में सहयोग नहीं कर रही गिरिबाला' सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि गिरिबाला सिंह अब तक पुलिस पूछताछ के लिए उपस्थित नहीं हुई हैं, लेकिन वह लगातार अलग-अलग टीवी चैनलों को इंटरव्यू देकर दिवंगत ट्विशा शर्मा को बदनाम करने की कोशिश कर रही हैं. उन्होंने तुरंत ही जमानत भी मिल गई है. उन्होंने कोर्ट को बताया कि जांच के लिए उनसे जब उनका मोबाइल मांगा गया तो उन्होंने इस को लेकर भी परेशानियां खड़ी कीं।  साथ ही ट्विशा के वकील ने कहा कि ट्विशा की सास मीडिया को दिए अपने इंटरव्यू में कॉल डिटेल्स भी दे रही हैं. कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल की इन बातों को गंभीरता से लिया है और दोनों पक्षों (आरोपी-पीड़ित) के परिवारों को सख्त हिदायत दी है कि वो मीडिया में बयान देने के बजाय अपने बयानों को सीधे जांच एजेंसी के पास रिकॉर्ड कराएं।  'परिवार आना चाहिए आगे' शीर्ष अदालत ने कहा कि एक युवा बेटी को खोने पर परिवार को जिस असीम पीड़ा और दुख से गुजरना पड़ता है, उसके प्रति अदालत की पूरी सहानुभूति है. इस दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी एक बेहद गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा कि परिवारों को सही वक्त पर अपनी बेटियों के लिए आगे आना चाहिए, क्योंकि एक मृत बेटी होने से कहीं बेहतर है कि बेटी तलाकशुदा होकर उनके साथ सुरक्षित रहे।  'प्री-जज नहीं बनाना चाहती कोर्ट' चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने मीडिया और आम जनता से इस संवेदनशील मामले में किसी भी तरह की मनगढ़ंत अटकलें लगाने से पूरी तरह दूर रहने की अपील की. सीजेआई ने कहा, 'हम चाहते हैं कि लोग देश की इस सबसे प्रीमियर जांच एजेंसी (सीबीआई) की कार्यप्रणाली पर पूरा भरोसा रखें. अदालत अभी उन मुद्दों के परिणाम पर कोई पहले से राय (प्री-जज) नहीं बनाना चाहती है, जिनकी जांच होना अभी बाकी है।  परिवार दायर कर सकता है ट्रांसफर याचिका इसके अलावा ट्विशा शर्मा के परिवार की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने अदालत को सूचित किया कि वह इस पूरे मुकदमे की निष्पक्षता के लिए इसे मध्य प्रदेश राज्य से बाहर किसी अन्य राज्य में स्थानांतरित (ट्रांसफर) करने की मांग कर सकते हैं. इस पर मुख्य न्यायाधीश ने स्पष्ट किया कि कानूनन इस पर कोई रोक नहीं है और वो इसके लिए किसी भी समय स्थानांतरण याचिका दायर कर सकते हैं।  आपको बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. 33 साल की मॉडल-एक्टर के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी बेटी की मौत के लिए वही जिम्मेदार हैं. जबकि ससुराल पक्ष का कहना है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं।  क्या है मामला बता दें कि ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में अपने ससुराल के घर की छत पर फंदे से लटकी हुई मिली थीं। ट्विशा शर्मा के परिवार ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि उनकी … Read more

सुप्रीम कोर्ट की NTA को फटकार, NEET पेपर लीक मामले में केंद्र सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले हुए नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) से कोई सबक नहीं सीखा है. साथ ही, मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम कराने के लिए टेस्टिंग एजेंसी की जगह एक मज़बूत और स्वायत्त निकाय (ऑटोनॉमस बॉडी) बनाने की अर्जी पर केंद्र, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सीबीआई से जवाब मांगा है।  यह मामला जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच के सामने आया. बेंच ने निर्देश दिया कि अर्जी की कॉपी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अलावा दूसरी पार्टियों को भी दी जाए और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, जो नीट एग्जाम कराने के लिए जिम्मेदार है, से कहा कि वह 2024 में कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के पालन पर गुरुवार तक एक हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करे।  सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने आगे कहा कि, यह दुख की बात है कि, उन्होंने (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने अपना सबक नहीं सीखा है. यह मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट के समझ आ चुका है. एक कमेटी, एक मॉनिटरिंग कमेटी थी जिसने कुछ सिफारिशें की थीं और उन्हें मान लिया गया था. हम चाहते हैं कि एनटीए कमेटी द्वारा सुझाई गई सिफारिशों के पालन के लिए उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा दाखिल करे।  बेंच ने फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) की वकील तन्वी दुबे के जरिए फाइल की गई याचिका पर नोटिस जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी एक जैसे मामलों को एक साथ जोड़ रहा है. मेडिकल बॉडी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह नीट यूजी कराने के लिए एनटीए को पुनर्गठन करने या उसकी जगह एक मजबूत और स्वायत्त प्रणाली लाने का निर्देश दे. कोर्ट ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से 22.7 लाख से ज़्यादा छात्रों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है।  मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए एनटीए ने 3 मई को जो अंडरग्रेजुएट स्तर का नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) लिया था, उसे 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था, जिसकी अब सीबीआई जांच कर रही है। 

अब एयरपोर्ट पर नहीं बना सकेंगे रील, रायपुर समेत देशभर में DGCA के नए नियम लागू

 रायपुर  एयरपोर्ट परिसर में रील, वीडियो और फोटो बनाकर इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट करने वालों के लिए अब सख्ती बढ़ा दी गई है। रायपुर समेत देश के बड़े एयरपोर्ट पर लगातार बढ़ते रील कल्चर और सुरक्षा संबंधी शिकायतों के बाद डायरेक्टर जनरल आफ सिविल एविएशन (DGCA) और ब्यूरो आफ सिविल एविएशन सिक्यूरिटी (BCAS) ने नई गाइडलाइन जारी की है। इन नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में शूटिंग पूरी तरह प्रतिबंधित नई गाइडलाइन के तहत एयरपोर्ट के संवेदनशील और प्रतिबंधित क्षेत्रों में फोटो, वीडियो और रील बनाना पूरी तरह बैन रहेगा। सुरक्षा जांच क्षेत्र, विमान पार्किंग एरिया और यात्रियों को विमान तक ले जाने वाले जोन में कैमरा चलाने पर कार्रवाई की जाएगी। डीजीसीए ने इसे सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय माना है। अधिकारियों के मुताबिक सुरक्षा होल्ड एरिया, जहां सीआइएसएफ यात्रियों और सामान की जांच करती है, वहां किसी भी प्रकार की वीडियो शूटिंग या फोटोग्राफी कानूनी अपराध मानी जाएगी। विमान के पास वीडियो शूटिंग पर रोक विमान खड़े होने वाले क्षेत्र, रनवे से जुड़े हिस्सों और बस से विमान तक जाने वाले रास्तों में रुककर वीडियो या फोटो बनाना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि ऐसी गतिविधियों से विमान संचालन और मेंटेनेंस कार्य प्रभावित होते हैं और सुरक्षा जोखिम बढ़ता है। उड़ान के दौरान सीमित छूट डीजीसीए के निर्देशों के अनुसार यात्री टेकआफ, लैंडिंग या उड़ान के दौरान अपनी सीट से सामान्य फोटो या वीडियो ले सकते हैं। ऐसा कोई उपकरण या तरीका इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा, जिससे विमान संचालन प्रभावित हो। केबिन क्रू यदि कैमरा बंद करने का निर्देश देता है तो उसका पालन करना अनिवार्य होगा। नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई एयरपोर्ट के प्रतिबंधित क्षेत्रों में वीडियो या रील बनाते पाए जाने पर सीआइएसएफ द्वारा फोन या रिकार्डिंग उपकरण जब्त किया जा सकता है। संबंधित व्यक्ति के खिलाफ विमान अधिनियम के तहत केस दर्ज किया जा सकता है। साथ ही उसे अनरूली पैसेंजर घोषित कर तीन महीने से लेकर दो साल या उससे अधिक समय तक हवाई यात्रा से प्रतिबंधित किया जा सकता है। प्रोफेशनल शूटिंग के लिए अनुमति जरूरी यदि कोई व्यक्ति विज्ञापन, फिल्म या प्रोफेशनल ब्लाग के लिए एयरपोर्ट परिसर में शूटिंग करना चाहता है तो उसे डीजीसीए और संबंधित एयरपोर्ट अथारिटी से पहले अनुमति लेनी होगी। इसके लिए निर्धारित शुल्क भी जमा करना अनिवार्य रहेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय पहुंचे दिल्ली, रेखा गुप्ता संग शहरी विकास मुद्दों पर हुई अहम बैठक

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय दिल्ली दौरे पर हैं. अपने व्यस्त दिल्ली दौरे पर सीएम ने आज दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की. ये मुलाकात वैसे तो सौजन्य मुलाकात रही, लेकिन दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच कई अहम विषयों पर भी चर्चा हुई।  विष्णु देव साय की सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता के साथ सुशासन, जनहित और शहरी विकास के मुद्दों पर अहम चर्चा की. दोनों की ये मुलाकात सीएम रेखा गुप्ता के आवास पर हुई. मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं ने अपने-अपने राज्यों में चल रही योजनाओं को लेकर भी चर्चा की. मुलाकात के दौरान जनहित, सुशासन, शहरी विकास और सार्वजनिक सुविधाओं में विस्तार और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा हुई. मुलाकात के दौरान सीएम विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता को छत्तीसगढ़ में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी. सीएम साय ने रेखा गुप्ता को बताया कि कैसे हम जनकल्याणकारी योजनाओं के जरिए छत्तीसगढ़ की जनता को लाभ पहुंचा रहे हैं।  सुशासन, जनहित और शहरी विकास के मुद्दों पर चर्चा मुलाकात के दौरान दोनों मुख्यमंत्रियों ने देश के विकास में अपने-अपने राज्यों की अहम भूमिका और आपसी सहयोग पर भी जोर दिया. दोनों नेताओं के बीच समसायमिक मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया गया है. सीएम विष्णु देव साय ने सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात के दौरान उनको छत्तीसगढ़िया संस्कृति से जुड़ी कई भेंट भी गिफ्ट किए।  विकास योजनाओं पर सरकार का फोकस बीते दिनों केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बस्तर दौरे पर थे. अमित शाह ने छत्तीसगढ़ और बस्तर में चल रहे विकास के कार्यों को लेकर साय सरकार की तारीफ की थी. छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद के खत्म होने के ऐलान के बाद से छत्तीसगढ़ लगातार विकास योजनाओं पर फोकस करने में लगा है. सीएम कई मंचों से खुद ये कह चुके हैं कि वो बस्तर के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। 

निजामुद्दीन-मुंबई राजधानी पर हमला, ट्रेन के AC कोच पर फेंके पत्थर; यात्रियों में दहशत

फरीदाबाद/पलवल  निजामुद्दीन से मुंबई जा रही राजधानी एक्सप्रेस पर पलवल के पास शरारतीतत्व द्वारा पथराव किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में ट्रेन के एसी कोच की खिड़की का शीशा टूट गया। गनीमत रही कि कोई यात्री घायल नहीं हुआ, लेकिन अचानक हुई इस घटना से कोच में अफरा-तफरी मच गई और यात्री दहशत में आ गए। आगरा पहुंचने पर ट्रेन काे अटेंड किया गया। गनीमत रही कि इस घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आयी। कब और कैसे किया किया हमला     निजामुद्दीन से मुंबई जाने वाली 22222 राजधानी एक्सप्रेस शनिवार दोपहर बाद 4 बजकर 55 मिनट पर निजामुद्दीन से रवाना हुई।     शाम करीब 5 बजकर 26 मिनट पर पलवल रेलवे स्टेशन क्षेत्र से गुजर रही थी।     तभी अचानक एसी कोच ए-5 पर तेज आवाज के साथ पत्थर आकर लगा।     पत्थर लगने से खिड़की का शीशा टूट गया और उसके टुकड़े कोच के अंदर जा गिरे। उस समय कई यात्री अपनी सीटों पर बैठे हुए थे। अचानक हुए हमले से मचा हड़कंप अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में हड़कंप मच गया। सीट नंबर 39 पर बैठे यात्री संदीप कुमार ने इसकी सूचना रेलवे कंट्रोल रूम को दी। आगरा पहुंचने पर उक्त ट्रेन को अटेंड किया गया। विडाें में लगा शीशा आधा टूटकर कहीं रास्ते में ही गिर गया। कुछ समय के लिए यात्रियों को लगा जैसे कोई बड़ा हादसा हो गया हो। गनीमत रही कि किसी यात्री को चोट नहीं आयी। मई माह में ये तीसरी घटना मई महीने में इस तरह की ये तीसरी घटना हुई है। एक मई को निजामुद्दीन से ग्वालियर जा रही ताज एक्सप्रेस में होडल के पास लोहे का पाइप फेंका गया जिसमें दो तीन यात्री घायल हो गए थे। इस मामले में जीआरपी ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इसके बाद 19 मई की शाम 22182 निजामुद्दीन जबलपुर एक्सप्रेस निजामुद्दीन में फरीदाबाद पलवल के बीच में पत्थरबाजी हुई। पत्थर एसी कोच बी-4 में लगा जिससे विंडो टूट गया। जबलपुर निवासी रविकांत नामक यात्री बाल बाल बच गए। ठीक चार दिन बाद शरारती तत्व ने 23 मई की शाम मुंबई राजधानी को शिकार बना दिया। टूटे विंडो की तलाश में आरपीएफ आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि पैसेंजर जिस वक्त पांच बजकर 26 मिनट की घटना बता रहा है उस समय ट्रेन पलवल स्टेशन को पार कर जाती है। स्टेशन पर लगे कैमरे से जांच की गई लेकिन कहीं कोई ऐसी घटना सामने नहीं आयी। क्योंकि यहां से ट्रेन करीब 120 किमी की रफ्तार से पास होती है। महज 900 मीटर दूर ट्रेन एनसीआर में प्रवेश कर जाती है। फिर भी पलवल की आरपीएफ टीम पूरे सेक्शन में पेट्रोलिंग करके टूट ग्लॉस की तलाश कर रही है ताकि घटनास्थल की सही जानकारी मिल सके।

रायपुर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, Online Satta नेटवर्क चलाने वाला सोनू फतनानी कैश समेत पकड़ा गया

रायपुर  राजधानी रायपुर की क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन सट्टे के बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए दुबई से “नसीब बुक” संचालित करने वाले आरोपी सोनू फतनानी को गिरफ्तार किया है। आरोपी को तिल्दा पहुंचने के दौरान घेराबंदी कर पकड़ा गया। कार्रवाई में पुलिस ने उसके कब्जे से 9 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन और करोड़ों रुपये के लेन-देन से जुड़े दस्तावेज जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार, सोनू फतनानी लंबे समय से दुबई में बैठकर ऑनलाइन सट्टे का कारोबार संचालित कर रहा था। वह “नसीब बुक” नाम से सट्टा एप और नेटवर्क चला रहा था। इस नेटवर्क के जरिए छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों में अवैध सट्टेबाजी का कारोबार फैलाया गया था। भारत आने की सूचना पर सक्रिय हुई क्राइम ब्रांच क्राइम ब्रांच को आरोपी के भारत आने की सूचना पहले ही मिल चुकी थी। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। जैसे ही सोनू फतनानी तिल्दा पहुंचा, टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस नेटवर्क से जुड़े कई बड़े नामों और करोड़ों रुपये के लेन-देन का खुलासा हो सकता है। भाई राहुल फतनानी की भूमिका भी जांच के दायरे में जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी का भाई राहुल फतनानी भी इस सट्टा नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल सट्टे से आने वाली रकम के प्रबंधन का काम संभालता था। तिल्दा के वार्ड क्रमांक-05 में राहुल का एक आलीशान बंगला बन रहा है। पुलिस अब उसकी संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है। बब्बन लालवानी से जुड़े मिले तार पुलिस जांच में आरोपी के संबंध पूर्व में गिरफ्तार सटोरिया बब्बन लालवानी से भी जुड़े बताए जा रहे हैं। दोनों के बीच लंबे समय से संपर्क होने और ऑनलाइन सट्टे के कारोबार में साझेदारी की आशंका जताई जा रही है। सूत्रों के अनुसार, करीब तीन माह पहले सोनू फतनानी की बुआ का निधन हुआ था, लेकिन गिरफ्तारी के डर से वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुआ था। इसके बाद से पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी। पुराने विवाद भी आए सामने पुलिस सूत्रों ने बताया कि राहुल फतनानी पहले भी विवादों में रह चुका है। जानकारी के मुताबिक, भारी रकम हारने के बाद उसने एक अन्य सटोरिए के सामने अपने घर में मिट्टी तेल डालकर आत्महत्या की कोशिश की थी। हालांकि उस दौरान उसे बचा लिया गया था। फिलहाल क्राइम ब्रांच पूरे नेटवर्क की आर्थिक जांच में जुटी हुई है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है। दुबई से ऑपरेट हो रहा था करोड़ों का Online Satta रैकेट, रायपुर में सोनू फतनानी गिरफ्तार रायपुर क्राइम ब्रांच की बड़ी कार्रवाई, Online Satta नेटवर्क चलाने वाला सोनू फतनानी कैश समेत पकड़ा गया दुबई कनेक्शन वाला सट्टा कारोबार बेनकाब, रायपुर में करोड़ों के नेटवर्क का मास्टरमाइंड गिरफ्तार

जैन समाज में आक्रोश, साध्वियों हादसे के खिलाफ निकाली मौन रैली

रीवा/भोपाल/इंदौर/विदिशा/मैहर मध्यप्रदेश के रीवा में सड़क दुर्घटना में दो आर्यिका माताओं के दर्दनाक निधन के बाद देशभर में जैन समाज में तीव्र आक्रोश फैल गया है। इस घटना को लेकर समाज ने इसे महज सड़क हादसा मानने से इनकार करते हुए सुनियोजित साजिश करार दिया है और उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना 20 मई को रीवा के कलेक्ट्रेट और सिविल लाइन थाना क्षेत्र के पास की बताई जा रही है, जहां पूज्य आचार्य विद्यासागर जी महाराज की शिष्या आर्यिका श्रुतमती माताजी और आर्यिका उपशममती माताजी को तेज रफ्तार वाहन ने कुचल दिया। दोनों संतों की मौके पर ही मौत हो गई।जैन समाज का आरोप है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज इस घटना को सामान्य दुर्घटना नहीं, बल्कि जानबूझकर की गई हिंसक वारदात साबित करते हैं। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि आरोपी चालक ने पैदल विहार कर रही निहत्थी संतों को निशाना बनाते हुए टक्कर मारी और फरार हो गया। “अहिंसा पर हमला, अब नहीं सहेंगे” राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ और विभिन्न जैन संगठनों ने संयुक्त रूप से जारी आक्रोश पत्र में कहा है कि यह घटना केवल दो संतों की हत्या नहीं, बल्कि जैन धर्म के मूल सिद्धांत ‘अहिंसा’ पर सीधा हमला है। समाज ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो देशव्यापी उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा। विदिशा में साध्वियों के समाधिमरण पर समाज का मौन मार्च रीवा में विहार के दौरान सड़क दुर्घटना में 105 श्रुतमति माताजी और 105 उपसमति माताजी के समाधिमरण (निधन) को लेकर जैन समाज में भारी रोष है। इस घटना के विरोध में रविवार को विदिशा में सकल दिगंबर जैन समाज ने एक विशाल मौन मार्च निकाला। यह मौन मार्च माधवगंज चौराहे स्थित स्टेशन जैन मंदिर के बाहर से शुरू हुआ। इसमें बच्चे, युवा, बुजुर्ग, महिलाओं और पुरुषों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। समाज के लोग हाथों में न्याय, श्रद्धांजलि और संत सुरक्षा के स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए नीमताल चौराहे तक पहुंचे। णमोकार मंत्र का जाप कर अधिकारियों को सौंपा ज्ञापन नीमताल चौराहे पर समाजजनों ने सामूहिक रूप से णमोकार महामंत्र का जाप कर दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद सकल दिगंबर जैन समाज, महिला मंडल और व्यापार महासंघ ने मौके पर मौजूद तहसीलदार को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम अलग-अलग ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखते हुए दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की अपील की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर 'संत सुरक्षा प्रोटोकॉल' लागू करने की मांग ज्ञापन के माध्यम से समाज ने केंद्र सरकार से "राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति" बनाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पैदल विहार करने वाले साधु-संतों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा गाइडलाइन और एसओपी (SOP) तैयार की जानी चाहिए। इसके तहत विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पुलिस सहायता, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मध्यप्रदेश सरकार को संबोधित करते हुए सौंपा गया है। जैन समाज ने इस मामले में कई सख्त मांगें रखी हैं प्रमुख मांगें     पूरे प्रकरण की SIT या न्यायिक आयोग से जांच।     CCTV और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित करने की व्यवस्था।     आरोपी और साजिशकर्ताओं पर हत्या (धारा 302) के तहत कार्रवाई।     देशभर में “संत सुरक्षा प्रोटोकॉल” लागू करना।     ‘राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति’ बनाना।     संतों के खिलाफ अपराधों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के दायरे में लाना।     संत भी सुरक्षित नहीं, तो व्यवस्था पर सवाल     ज्ञापन में कहा गया है कि जैन साधु-संत पूरी तरह निहत्थे और पैदल जीवन जीते हैं।     ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। बार-बार हो रही घटनाओं से समाज खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है।मौन रैली निकालते जैन समाज के लोग। उग्र आंदोलन की चेतावनी जैन समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरेंगे। ज्ञापन में ‘जेल भरो आंदोलन’, ‘चक्का जाम’ और ‘भारत बंद’ जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी गई है।

छत्तीसगढ़ तप रहा आग की तरह, नौतपा शुरू होते ही रायपुर में पारा 45°C

रायपुर नौतपा की शुरुआत के साथ ही छत्तीसगढ़ में गर्मी और ज्यादा बढ़ने वाली है। मौसम विभाग ने मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में अगले 4 दिनों तक हीटवेव चलने की संभावना जताई है। राजधानी रायपुर में पारा 45 डिग्री तक पहुंच गया है। यहां रात में हवा भी हल्की गर्म चल रही है। फिलहाल प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क है और तापमान में कोई बड़ी गिरावट नहीं हुई है। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में अधिकतम तापमान में खास बदलाव नहीं हुआ।सबसे ज्यादा तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। राजनांदगांव सबसे गर्म, अंबिकापुर सबसे ठंडा बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक तापमान राजनांदगांव में 45.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान अंबिकापुर में 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार नौतपा के शुरुआती दिनों में रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बलौदाबाजार और महासमुंद जैसे जिलों में तेज धूप और लू का असर अधिक रहेगा। अगले 4 दिन तक राहत के आसार नहीं मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 4 दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट संभव है। हालांकि फिलहाल प्रदेश में सूखा और बेहद गर्म मौसम बना रहेगा। रायपुर के लिए जारी पूर्वानुमान में आसमान साफ रहने और दिनभर गर्म हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। भीषण गर्मी से चमगादड़ों की मौत कोरबा जिले में भीषण गर्मी और हीटस्ट्रोक के कारण करीब 200 चमगादड़ों की मौत हो गई। पाली विकासखंड के नौकोनिया तालाब क्षेत्र में सैकड़ों चमगादड़ पेड़ों से गिरकर मर गए। वन विभाग ने लू के कारण उनकी मौत की पुष्टि की है। इलाके में तापमान 42 से 43 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी जारी बिलासपुर में तापमान 44 डिग्री पहुंचने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है। लोगों को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक धूप में बाहर निकलने से बचने, ज्यादा पानी पीने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।