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मुख्यमंत्री ने कहा – न चौक का नाम बदल रहे हैं, न उसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ की जा रही है

तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा, किसी तरह का भ्रम न रखें : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश के 38 स्थानों पर विकसित होंगे ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’, तेलीबांधा चौक भी इनमें शामिल मुख्यमंत्री ने कहा – न चौक का नाम बदल रहे हैं, न उसके मूल स्वरूप से कोई छेड़छाड़ की जा रही है महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त होगी जारी, दुर्ग जिले को मिलेंगी विकास कार्यों की सौगात रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर के तेलीबांधा चौक के नाम परिवर्तन को लेकर उत्पन्न भ्रम को स्पष्ट करते हुए कहा है कि तेलीबांधा चौक का नाम नहीं बदला जा रहा है। न तो चौक के नाम में कोई परिवर्तन किया जा रहा है और न ही उसके मूल स्वरूप के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की जा रही है। मुख्यमंत्री साय ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में 38 स्थानों पर ‘सेवा ज्योति संकल्प चौक’ के तहत विकसित किए जाने की घोषणा की गई है। इनमें रायपुर का तेलीबांधा चौक भी शामिल है। उन्होंने कहा कि इसे लेकर किसी को भी भ्रम में नहीं रहना चाहिए। तेलीबांधा चौक का नाम यथावत रहेगा, इसे केवल ‘सेवा ज्योति संकल्प’ की भावना के अनुरूप विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में जनसेवा के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर पूरे देश में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। छत्तीसगढ़ में भी इसे ‘सेवा संकल्प अभियान’ के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आज दुर्ग में आयोजित ‘सेवा सेतु’ कार्यक्रम में वे शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान प्रदेश की माताओं-बहनों के लिए संचालित महतारी वंदन योजना की 32वीं किस्त जारी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेश की सभी माताओं-बहनों को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि दुर्ग जिले को इस अवसर पर विभिन्न विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यों की सौगात भी मिलेगी। उन्होंने कहा कि सेवा, सुशासन और जनकल्याण की भावना के साथ राज्य सरकार छत्तीसगढ़ के प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

PM मोदी बोले- DBT से करीब ₹5 लाख करोड़ की बचत, ‘जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हुई वो मुझसे प्यार करेंगे क्या?’

  नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस के 10वें संस्करण में डिजिटल तकनीक और सरकारी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आज मोबाइल फोन सिर्फ बातचीत का जरिया नहीं रह गया है. यह सुशासन का बड़ा माध्यम बन चुका है. इसी दौरान उन्होंने डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT का भी जिक्र किया।  पीएम ने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के बैंक खातों तक पहुंचे हैं. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है. इसी संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस वजह से जिनकी मुफ्त की कमाई बंद हो चुकी है, वो मोदी से प्यार करेंगे क्या?  '5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचे' पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की डिजिटल व्यवस्था से सरकारी मदद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच रही है. उन्होंने कहा कि मोबाइल से जुड़े बैंक खातों के जरिए लोगों तक सरकारी सहायता पहुंची है. इससे व्यवस्था में होने वाली लीकेज को रोकने में मदद मिली है।  उन्होंने कहा कि DBT के जरिए 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के खातों में पहुंचे. इससे करीब 5 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई. पीएम ने कहा कि यह कोई छोटी रकम नहीं है. उनके मुताबिक, यह पैसा गलत हाथों में जाने से बचा है।  पीएम मोदी ने इसी बात को लेकर सवालिया अंदाज में कहा कि जिन लोगों की बिना मेहनत की कमाई बंद हो गई है, वे मोदी से प्यार करेंगे क्या? उन्होंने पूछा कि क्या उन्होंने सही काम किया या नहीं. पीएम ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ियों को रोका जाना चाहिए या नहीं. उन्होंने कहा कि विरोध और आलोचना के बावजूद वह इस काम को जारी रखेंगे. उन्होंने कहा कि वह इसे पूरा करके रहेंगे।  पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10 से 12 साल में मोबाइल फोन की भूमिका काफी बदल गई है. अब यह सिर्फ बातचीत करने का साधन नहीं है. मोबाइल के जरिए सरकारी सेवाएं भी लोगों तक पहुंच रही हैं. उन्होंने कहा कि आज सैकड़ों सरकारी सेवाएं मोबाइल फोन पर उपलब्ध हैं. लोगों को कई कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते. डिजिटल व्यवस्था ने सरकारी सेवाओं को लोगों तक पहुंचाने का तरीका बदला है।   डीपफेक और साइबर सुरक्षा पर भी की बात प्रधानमंत्री ने डिजिटल सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने डेटा की सुरक्षा और साइबर धोखाधड़ी का मुद्दा उठाया. उन्होंने डीपफेक जैसी तकनीक से पैदा होने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया. पीएम ने कहा कि डिजिटल दुनिया में बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक स्तर पर एक मजबूत ढांचे की जरूरत है. उन्होंने डेटा और डिजिटल सुरक्षा को लेकर देशों के बीच सहयोग की जरूरत बताई।  पीएम मोदी ने भारत के गेमिंग इकोसिस्टम का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि देश में 50 करोड़ से ज्यादा लोग गेमिंग इकोसिस्टम का हिस्सा हैं. इसमें छोटे शहरों और कस्बों के युवाओं की भी बड़ी भूमिका है।  इंडिया मोबाइल कांग्रेस के इस कार्यक्रम में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के अलावा देश और विदेश के कई उद्योगपति और टेक्नोलॉजी से जुड़े लोग शामिल हुए।   

अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – अरुण साव

उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने की विकास कार्यों की प्रगति और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कार्यों में तेजी लाने और योजनाओं के प्रभावी व समयबद्ध क्रियान्वयन पर दिया जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के दिए निर्देश अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरता और सक्रियता से दायित्वों का करें निर्वहन – अरुण साव त्योहारों के पहले सड़कों की मरम्मत पूर्ण कर व्यवस्था सुधारने के निर्देश रायपुर.  उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में सरगुजा और सूरजपुर जिले के अधिकारियों की संयुक्त बैठक लेकर लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने बैठक में विकास कार्यों की प्रगति, योजनाओं के क्रियान्वयन तथा विभागीय स्तर पर किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। सरगुजा के कलेक्टर अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और सूरजपुर की कलेक्टर श्रीमती रेना जमील भी बैठक में मौजूद थीं। योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर विशेष जोर, जनहित के कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने चारों विभागों के अधिकारियों से योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की नियमित समीक्षा करने को कहा। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने तथा कार्यों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को गति देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए अधिकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता, गुणवत्ता और समयबद्धता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अधिकारियों को अपने कार्यालय की व्यवस्था सुधारने तथा अच्छी साफ-सफाई रखने को कहा। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की योजनाओं और विकास कार्यों का सीधा लाभ आम नागरिकों तक पहुंचे। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी समझें, गम्भीरतापूर्ण ढंग से दायित्वों का निर्वहन करें।  निर्माणाधीन पीएम आवासों को अक्टूबर तक पूर्ण करने कहा उप मुख्यमंत्री साव ने नगरीय क्षेत्रों में संचालित विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को नगरीय निकायों द्वारा संचालित योजनाओं की प्रभावी मॉनिटरिंग तथा जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारे शहर, हमारे प्रदेश की छवि और जिले की प्रतिष्ठा बनाते हैं। इसलिए नगरों की व्यवस्था दुरुस्त करें, स्वच्छता पर विशेष ध्यान दें।  उन्होंने अधिकारियों से कहा कि टेण्डर प्रकिया होने के बाद तुरंत कार्य शुरू हो जाएं, प्रगतिरत कार्यों को जल्द पूरा करें, गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें और अपने दायित्वों का गम्भीरता से निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) प्राथमिकता का कार्य है, इसलिए सभी सीएमओ अक्टूबर माह तक प्रगतिरत निर्माण कार्यों को पूरा करें। उन्होंने राजस्व संग्रहण कार्य की हर माह समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, अधोसंरचना मद के कार्यों, स्वच्छ भारत मिशन (शहरी), प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), 15वें वित्त आयोग, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सहित विभिन्न कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  ’सड़कों की मरम्मत में लाएं तेजी’ उप मुख्यमंत्री साव ने बैठक में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने तथा कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने बरसात के बाद सड़कों की मरम्मत के कार्यों में तेजी लाने को कहा।  साव ने भवनों, सड़कों, पुल-पुलियों तथा अन्य निर्माण कार्यों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सड़क एवं अधोसंरचना से जुड़े कार्यों का सीधा प्रभाव आम लोगों के आवागमन पर पड़ता है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी कार्ययोजना बनाकर कार्य करें। आने वाला समय त्यौहारों का समय है, इसलिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य हो, लोगों को असुविधा न हो।  पेयजल अधोसंरचनाओं के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी के निर्देश साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पेयजल एवं अन्य योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल व्यवस्था, जलापूर्ति से संबंधित कार्यों तथा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने पेयजल व्यवस्था सुचारू बनाए रखने, जल स्रोतों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा पेयजल से जुड़ी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने तथा शासन की योजनाओं का लाभ आम नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने को कहा। उन्होंने पेयजल से संबंधित अधोसंरचना के रखरखाव एवं योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। ’प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं’ उप मुख्यमंत्री ने बैठक में खेल गतिविधियों, खेल अधोसंरचना तथा युवाओं को खेलों से जोड़ने के लिए संचालित कार्यक्रमों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेलों को बढ़ावा देने प्राथमिक शालाओं में खेल गतिविधियां बढ़ाएं। खेल अधिकारी जिला पंचायत सीईओ एवं शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कार्ययोजना बनाएं। उन्होंने स्कूलों के संकुलवार एक-एक पीटीआई को खेल गतिविधियां संचालित करने के लिए चिन्हांकित करने को कहा। उन्होंने सरगुजा ओलंपिक के लिए किए जा रहे पंजीयन की भी जानकारी ली। उन्होंने इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने, खेल संघों, खेल से जुड़े लोगों को शामिल करने तथा अधिक से अधिक लोगों को हिस्सा लेने के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खेल स्वास्थ्य, अनुशासन, आत्मविश्वास, मिलकर चलने का स्वभाव, रचनात्मकता की प्रेरणा देता है। इसलिए युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रयास करें। सरगुजा जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरोमा श्रीवास्तव, सूरजपुर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले और अंबिकापुर नगर निगम के आयुक्त विनय कुमार अग्रवाल भी बैठक में उपस्थित थे।

धनास को मिलेंगी दो बड़ी सौगात, अस्पताल और नया पुलिस स्टेशन बनाने की तैयारी; प्रशासन ने शुरू की जमीन तलाश

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के धनास इलाके में लोगों को बेहतर पुलिस और स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए प्रशासन ने दो अहम परियोजनाओं पर काम शुरू किया है। धनास में नया पुलिस थाना बनाने के साथ 80 बेड का अस्पताल तैयार करने का प्रस्ताव है। दोनों परियोजनाओं के लिए प्रशासन ने जमीन की तलाश शुरू कर दी है और बुधवार शाम अधिकारियों ने प्रस्तावित साइट का निरीक्षण किया। होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ बुधवार शाम धनास पहुंचे। उन्होंने पुलिस थाने और अस्पताल के लिए संभावित जमीन का मौके पर निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ दोनों परियोजनाओं के लिए जरूरी जमीन को लेकर चर्चा की। प्रशासन का फोकस फिलहाल ऐसी जगह तय करने पर है, जहां दोनों परियोजनाओं के लिए पर्याप्त जमीन उपलब्ध हो और भविष्य में लोगों की जरूरत के मुताबिक सुविधाएं विकसित की जा सकें। साइट तय होने के बाद आगे की योजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। आबादी बढ़ने के साथ इलाके में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत भी महसूस की जा रही है। नया थाना बनने से धनास और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में पुलिस की पहुंच पहले के मुकाबले आसान हो सकती है। इलाके के लोगों के लिए इसका सीधा फायदा पुलिस सेवाओं तक पहुंच के रूप में होगा। शिकायत दर्ज कराने, पुलिस सहायता लेने या किसी घटना की सूचना देने के लिए लोगों को दूर स्थित थाने तक जाने की जरूरत कम हो सकती है। नया थाना बनने से किसी घटना की सूचना मिलने पर पुलिस की प्रतिक्रिया का समय कम करने में भी मदद मिल सकती है। इसके अलावा क्षेत्र में नियमित गश्त और पुलिस की मौजूदगी बढ़ने से स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। धनास में नया थाना बनाने की तैयारी…     पुलिस थाने की जरूरत पर विशेष फोकस: धनास में पिछले कुछ समय में आबादी बढ़ी है। इसके साथ ही इलाके में पुलिस व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत महसूस की जा रही है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने यहां नया पुलिस थाना बनाने के लिए जगह का निरीक्षण किया है। नया थाना बनने के बाद धनास और आसपास के इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ेगी।     पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा: इससे लोगों को पुलिस से जुड़ी शिकायत दर्ज कराने, मदद लेने और अन्य पुलिस सेवाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी घटना पर पुलिस के जल्दी पहुंचने में भी मदद मिलेगी।     चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट भी साथ रहे: निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को प्रस्तावित दोनों प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी दी।     आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई: उन्होंने बताया कि पुलिस थाने और 80 बेड के अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी और किस तरह यहां निर्माण किया जा सकता है। मौके पर दोनों प्रोजेक्ट के लिए जमीन तय करने और आगे की योजना बनाने को लेकर भी चर्चा हुई। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों जगहों का नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। वेंडिंग जोन भी देखा, दुकानदारों से की बातचीत होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे वेंडर्स से बातचीत की। वेंडर्स से उन्होंने पूछा कि उन्हें रोजाना काम करने के दौरान किसी तरह की परेशानी तो नहीं आ रही है। उन्होंने वेंडर्स की समस्याओं और वहां की सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। अधिकारियों से वेंडिंग जोन की मौजूदा व्यवस्था और उसे बेहतर बनाने को लेकर भी चर्चा की।   अर्बन प्लानिंग विभाग तैयार करेगा प्लान धनास में पुलिस थाने के साथ 80 बेड का अस्पताल बनाने का प्रस्ताव भी प्रशासन की योजना में शामिल है। बुधवार को साइट निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल के लिए जरूरी जमीन और वहां निर्माण की संभावनाओं को लेकर भी चर्चा की। अस्पताल के लिए जमीन तय करते समय भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने पर जोर दिया गया। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण पूरा होने के बाद अब संबंधित विभाग प्रस्तावित जमीन की उपलब्धता और परियोजना के लिए जरूरी क्षेत्र का आकलन करेगा। निरीक्षण के दौरान चीफ इंजीनियर सीबी ओजा, चीफ आर्किटेक्ट राजीव मेहता और असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर पवितर सिंह समेत प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी को दोनों परियोजनाओं से जुड़ी जानकारी दी और मौके पर जमीन की स्थिति को समझाया। अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा हुई कि पुलिस थाने और अस्पताल के लिए कितनी जमीन की जरूरत होगी। इसके अलावा दोनों परिसरों का लेआउट किस तरह तैयार किया जा सकता है और आसपास के क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए निर्माण की योजना कैसी होनी चाहिए, इस पर भी विचार किया गया। जमीन तय होने के बाद अर्बन प्लानिंग विभाग दोनों परियोजनाओं के लिए नक्शा और पूरा प्लान तैयार करेगा। इसके बाद परियोजनाओं को अगले चरण में ले जाने की प्रक्रिया शुरू होगी। धनास जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में 80 बेड के अस्पताल का प्रस्ताव स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से भी अहम है। अस्पताल बनने से आसपास रहने वाले लोगों को इलाज के लिए दूसरे क्षेत्रों में जाने की जरूरत कम हो सकती है। हालांकि फिलहाल यह परियोजना प्रस्ताव और जमीन चिह्नित करने के चरण में है। प्रशासन की ओर से साइट का निरीक्षण किए जाने के बाद दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अब जमीन के चयन और प्लान तैयार होने के बाद इनके निर्माण से जुड़े अगले फैसले लिए जाएंगे।   वेंडिंग जोन पहुंचे होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी साइट निरीक्षण के बाद होम-कम-हेल्थ सेक्रेटरी मंडीप सिंह बराड़ ने धनास के अधिकृत वेंडिंग जोन का भी दौरा किया। उन्होंने मौके पर वेंडिंग जोन की व्यवस्था देखी और वहां सामान बेच रहे … Read more

परगट सिंह ने संभाली पंजाब कांग्रेस की कमान, गोल्डन टेंपल में माथा टेक किया शक्ति प्रदर्शन

चंडीगढ़ कांग्रेस के नए प्रदेश प्रधान बनने के बाद परगट सिंह ने पंजाब पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन किया। 3 अक्टूबर को राजा वड़िंग की जगह पंजाब कांग्रेस की जिम्मेदारी मिलने के बाद यह उनका पहला पंजाब दौरा है।परगट सिंह कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के साथ दिल्ली से सुबह करीब 9 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं ने ढोल बजाकर उनका स्वागत किया। इसके बाद एयरपोर्ट से परगट सिंह सीधे गोल्डन टेंपल में माथा टेकने पहुंचे। इस दौरान कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट खुद उनकी कार ड्राइव करते नजर आए। परगट सिंह ने कहा कि आज वह श्री दरबार साहिब में शुकराना करने के लिए आए हैं। आज राजनीति का दिन नहीं है, मैं राजनीति जरूर करूंगा, लेकिन एक-दो दिन बाद करूंगा। परगट सिंह अमृतसर में सभी धर्मों के धर्मस्थलों पर माथा टेकेंगे। इसके बाद वे मोहाली में कांग्रेस लीडरशिप की बैठक ले सकते हैं। इसके अगले दिन हिमाचल प्रदेश के मां चिंतपूर्णी दरबार में भी माथा टेकने का कार्यक्रम है। पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान परगट सिंह की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार, सचिन पायलट के दौरे का आगे का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा। पंजाब लौटने से पहले परगट सिंह ने दिल्ली में पूर्व प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग से मुलाकात की। मुलाकात के बाद परगट सिंह ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में एकजुट है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी राय हो सकती है, लेकिन यही लोकतंत्र की खूबसूरती है। पंजाब में कांग्रेस एकजुट होकर 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेगी।  पंजाब कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की ताजपोशी के बाद पार्टी में नई सियासी कवायद तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने दिल्ली में परगट सिंह से उनके आवास पर मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष पद से हटने के बाद दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर संगठन को एकजुट करने में जुटी है। जानकारी के अनुसार, राजा वड़िंग परगट सिंह को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने पर बधाई देने उनके आवास पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक बातचीत हुई। इस दौरान पंजाब कांग्रेस की मौजूदा राजनीतिक स्थिति और आने वाले विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है। परगट ने दिया अमृतसर साथ चलने का न्योता मुलाकात के दौरान नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह ने राजा वड़िंग को गुरुवार को अमृतसर आने का न्योता दिया। परगट सिंह 8 अक्टूबर को पंजाब दौरे की शुरुआत अमृतसर से करने जा रहे हैं। वह श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेकने के बाद पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस कार्यक्रम में पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी शामिल होंगे। पार्टी की कोशिश है कि नए अध्यक्ष की पहली ही गतिविधि में पंजाब कांग्रेस के सभी प्रमुख नेताओं को साथ लाकर एकजुटता का संदेश दिया जाए। वड़िंग की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी संदेश परगट सिंह के अमृतसर कार्यक्रम में राजा वड़िंग की संभावित मौजूदगी को कांग्रेस के भीतर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश अध्यक्ष पद में बदलाव के बाद यह पहला बड़ा मौका होगा, जब पूर्व और नए अध्यक्ष एक मंच पर नजर आ सकते हैं। ऐसे में 2027 से पहले कांग्रेस की नई टीम और सामूहिक नेतृत्व की रणनीति का संदेश पंजाब की राजनीति में साफ तौर पर जाने की कोशिश होगी।  

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानी और जांच

विष्णु के सुशासन में जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सर्वाेपरि, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सख्त मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के लिए सतत निगरानी और जांच फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल रोक, गौरेला में पनीर का नमूना जांच में पाया गया असुरक्षित विष्णु भैया की सरकार में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों को प्राथमिकता, खाद्य प्रतिष्ठानों में निरीक्षण और नमूना संकलन की कार्रवाई जारी रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आम नागरिकों के स्वास्थ्य की सुरक्षा तथा शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की सघन निगरानी की जा रही है। खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य सामग्री के नमूनों का संकलन और प्रयोगशाला जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य हितों की रक्षा के प्रयास किए जा रहे हैं। विष्णु के सुशासन में जिले में खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा जांच में निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच की बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। प्रशासन ने खाद्य कारोबारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन सुनिश्चित करें तथा प्रतिबंधित बैच के उत्पाद का विक्रय एवं वितरण नहीं करें। पनीर की जांच में मिली अनियमितता, जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए कार्रवाई खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा गौरेला में खाद्य सुरक्षा अधिकारी के माध्यम से पनीर का विधिवत नमूना लेकर प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया था। प्राप्त जांच प्रतिवेदन में वेजिटेबल फैट की मात्रा निर्धारित सीमा से 77 प्रतिशत अधिक पाए जाने के आधार पर खाद्य विश्लेषक द्वारा संबंधित पनीर को असुरक्षित घोषित किया गया है। जांच में सामने आई इस अनियमितता को गंभीरता से लेते हुए विभाग द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही द्वारा फॉर्च्यून मैदा के संबंधित बैच क्रमांक FAMD50059A की जिले में बिक्री एवं वितरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है। विभाग ने संबंधित खाद्य कारोबारियों को आदेश का कड़ाई से पालन करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप ही खाद्य सामग्री का विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच का दायरा बढ़ा, विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने संकलित जिले में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर नमूना संकलन की कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में गृहस्थी सुपर बाजार से मैगी एवं साबूदाना तथा 786 बिरयानी सेंटर और हरी कन्फेक्शनरी से विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए संकलित किए गए हैं। संकलित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार परीक्षण के लिए भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं सुरक्षा मानकों के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग द्वारा यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि बाजार में उपलब्ध खाद्य सामग्री निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप हो और उपभोक्ताओं को असुरक्षित खाद्य पदार्थों से बचाया जा सके। खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर जोर, कारोबारियों को दिए आवश्यक निर्देश राज्य सरकार की जनस्वास्थ्य संरक्षण संबंधी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जिले के सभी खाद्य कारोबारियों से खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का गंभीरता से पालन करने की अपील की है। खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं विक्रय के दौरान स्वच्छता तथा गुणवत्ता संबंधी निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से संबंधित अनियमितताओं को गंभीरता से लिया जाएगा। जांच में अमानक अथवा असुरक्षित खाद्य सामग्री पाए जाने पर संबंधित प्रावधानों के अंतर्गत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण एवं नमूना परीक्षण की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। नागरिकों से सतर्कता बरतने की अपील विष्णु भैया की सरकार की जनहितकारी प्राथमिकताओं के अनुरूप खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी पैकेजिंग, निर्माण तिथि, अवसान तिथि, गुणवत्ता तथा लेबल पर अंकित आवश्यक विवरणों की सावधानीपूर्वक जांच करें। नागरिकों को संदिग्ध गुणवत्ता वाले, खराब पैकेजिंग वाले अथवा निर्धारित अवधि समाप्त हो चुके खाद्य पदार्थों की खरीद और सेवन से बचने की सलाह दी गई है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर किसी प्रकार की आशंका होने पर संबंधित विभाग को जानकारी देने की भी अपील की गई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में खाद्य सुरक्षा संबंधी निगरानी, निरीक्षण और जांच की कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा मानकों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करते हुए नागरिकों को शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने की व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना है।

‘हमारे जीवन में सौभाग्य का सूर्योदय हुआ’, शिवराज सिंह चौहान के घर आया नन्हा मेहमान; पोते का नाम रखा अहान

भोपाल  केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के घर में किलकारियां गूंजी हैं। वह एक बार फिर से दादा बने हैं। छोटी बहू ऋद्धि ने बेटे को जन्म दिया है। उसका नाम अभी अहान रखा गया है। अस्पताल से शिवराज सिंह चौहान ने खुशनुमा पल के इस वीडियो को एक्स पर शेयर किया है। इस दौरान परिवार के सभी सदस्य मौजूद थे। सौभाग्य का सूर्योदय हुआ शिवराज सिंह चौहान ने एक्स पर वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा कि आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है। बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है। कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने है, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है। इला को भाई मिल गया उन्होंने आगे लिखा कि कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाडली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है। बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है। वहीं, संदीप जैन और स्वाति जैन को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई। अहान के जन्म के साथ कार्तिकेय और अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं, जबकि परिवार की लाड़ली इला को छोटा भाई मिला है। शिवराज ने लिखा कि अहान की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है। यह उनके लिए ईश्वर का अनमोल आशीर्वाद है।उन्होंने अहान के नाना-नानी संदीप जैन और स्वाति जैन को भी बधाई दी है। पोते के जन्म से बेहद खुश हैं शिवराज सिंह चौहान शिवराज सिंह चौहान ने पोते के जन्म की खुशखबरी साझा करने के लिए एक वीडियो शेयर की है. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, ' आज हमारे जीवन में फिर एक बार सौभाग्य का सूर्योदय हुआ है. बेटे के रूप में ‘अहान’ हमारे घर अपार खुशियां लेकर आया है. कुणाल और रिद्धि माता-पिता बने हैं, मुझे और साधना को फिर से दादा-दादी बनने का सौभाग्य मिला है।  उन्होंने आगे लिखा, 'कार्तिकेय-अमानत बड़े पापा-बड़ी मम्मी बन गए हैं और हमारी लाड़ली इला का भाई हमारे घर खुशियां लेकर आया है. बेटे 'अहान' की नन्ही-सी किलकारी ने पूरे घर को आनंद और प्रेम से भर दिया है. यs हमारे लिए ईश्वर का अनमोल आशीष है. संदीप जैन जी और स्वाति जैन जी को भी नाना-नानी बनने की बहुत-बहुत बधाई।  पोते को प्यार से गोद में लेते दिखे शिवराज सिंह चौहान वीडियो में शिवराज सिंह चौहान नर्स से अपने नवजात पोते को अपने हाथों में लेते हुए दिखाई दे रहे हैं. उनके बगल में उनकी पत्नी भी खड़ी हैं, जो अपने पोते को प्यार से निहार रही हैं. वीडियो में पोते का चेहरा दिल के इमोजी से छिपाया हुआ है।  ‘अहान’ नाम में छिपा है खास मतलब शिवराज सिंह चौहान ने अपने पोते का नाम ‘अहान’ रखा है, जो सुनने में जितना प्यारा है, इसका मतलब भी उतना ही खास है. ‘अहान’ एक मशहूर भारतीय और हिंदू नाम है. संस्कृत में इसका संबंध ‘अहन’ या ‘अह’ शब्द से माना जाता है, जिसका अर्थ ‘दिन’ होता है. आमतौर पर ‘अहान’ का अर्थ भोर, सूर्योदय, सुबह की पहली किरण या नई शुरुआत माना जाता है. ये नाम नई सुबह, रोशनी और जीवन में एक नई शुरुआत का प्रतीक भी माना जाता है।  पोती के नाम का मतलब भी है खास शिवराज सिंह चौहान के 21 जनवरी 2026 को पोती का जन्म हुआ था. उन्होंने अपनी पोती का नाम ‘इला’ रखा था. ये नाम संस्कृत से लिया गया है और इसका संबंध धरती, वाणी और उर्वरता की देवी से माना जाता है. वैदिक ग्रंथों में इला को ‘इदा’ नाम से भी जाना जाता है. उन्हें सरस्वती और भारती के साथ भी पूजा जाता है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इला वैवस्वत मनु की बेटी और बुध देव की पत्नी थीं. उनके पुत्र का नाम पुरूरवा था।  जनवरी में पोती इला के दादा बने थे शिवराज सिंह चौहान के बड़े बेटे कार्तिकेय सिंह चौहान और अमानत के घर 21 जनवरी 2026 को बेटी का जन्म हुआ था। दिल्ली के एम्स में जन्मी इस बच्ची का नाम इला रखा गया। पोती के जन्म पर शिवराज ने सोशल मीडिया पर लिखा था- आज हमारे घर लाड़ली लक्ष्मी आई है। कार्तिकेय पिता और अमानत मां बनी हैं, जबकि वे खुद दादा और साधना दादी बनी हैं। छोटे बेटे हैं कुणाल दरअसल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के दो बेटे हैं। कुणाल उनके छोटे बेटे हैं। हालांकि उनकी शादी पहले हुई थी। कुणाल की शादी ऋद्धि से हुई है। ऋद्धि पहली बार मां बनी हैं। इसके बाद परिवार में खुशी की लहर हैं। शिवराज सिंह चौहान उनकी पत्नी साधना सिंह के चेहरे पर दादा-दादी बनने की खुशी देखी जा सकती है। पोती के साथ भी बिताते हैं समय गौरतलब है कि शिवराज सिंह चौहान को अपने कार्यों के बाद जब भी खाली समय मिलता है तो वह अपनी पोती के साथ व्यतीत करते हैं। सोशल मीडिया पर कई बार वह पोती को खेलाते हुए वीडियो पोस्ट करते रहते हैं। उन्हें फिर से दादा-दादी बनने पर लोग बधाई भी दे रहे हैं।  

IMC 2026 का PM मोदी ने किया उद्घाटन, 5G-6G से आगे स्मार्ट मोबिलिटी और रोबोटिक्स का दिखा दम

 नई दिल्ली इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 का आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया. IMC 2026 देश का बड़ा टेक और टेलीकॉम इवेंट है. इसका आयोजन 7 से 10 अक्टूबर तक नई दिल्ली के यशोभूमि में हो रहा है. इस बार IMC का 10वां एडिशन है।  नरेंद्र मोदी ने IMC 2026 का उद्घाटन करते समय सबसे पहले लोगों का धन्यवाद किया. उन्होंने बताया कि आज भारत के लिए एक विशेष दिन है.  साथ ही उन्होंने बताया कि कल ही उन्हें देश की सेवा करते हुए 25 साल पूरे हुए हैं. उद्घाटन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अभिनेता नाना पाटेकर को श्रद्धांजलि दी।  नरेंद्र मोदी ने बताया है कि बीते 10-12 सालों में मोबाइल फोन गर्वनेंस का टूल बनकर सामने आया है. यह हमारे डिजिटल इंडिया का को रहा है. आज दूर सुदूर गांव और गरीब के बच्चे भी मोबाइल की वजब से बेहतर एजुकेशन पा रहे हैं।  कोरोना माहामारी के दौरान भी मिला फायदा – मोदी मोबाइल से कोरोना महामारी के दौरान भी काम और पढ़ाई जारी रही, जो नई टेक्नोलॉजी की वजह से संभव हुआ. दूर-दराज के गांवों के बच्चे भी डिजिटल लर्निंग का फायदा उठा पा रहे हैं. उन्होंने ऑनलाइन एजुकेशन के लिए ‘दीक्षा’ प्लेटफॉर्म के बारे में भी बात की।  प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अब सरकारी योजना और सब्सिडी का लाभ आम लोगों तक आसानी से पहुंच रहा है. साथ ही उन्होंने बताया है कि भारत में टेलिकॉम सेक्टर का विस्तार हुआ है. रिमोट एरिया में भी टेलिकॉम का विस्तार हुआ और डेटा भी अफोर्डेबल हुआ है।  इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘Scale Without Boundaries’ है. यहां 5G, 6G, AI, IoT, सैटेलाइट कम्युनिकेशन और दूसरी नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल रही हैं. दुनियाभर की बड़ी टेक और टेलीकॉम कंपनियां, स्टार्टअप और इंडस्ट्री के बड़े नाम इस इवेंट में हिस्सा ले रहे हैं. आइए जानते हैं क्या होगा इस इवेंट में।  फ्यूचर टेक्नोलॉजी की झलक IMC 2026 एशिया का बड़ा टेक्नोलॉजी शोकेस होने वाला इवेंट है. इस इवेंट में देश और दुनिया की बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों से लेकर नए-नए स्टार्टअप अपने प्रोडक्ट्स और भविष्य में इस्तेमाल होने वाली टेक्नोलॉजी की झलक दिखा रहे है. इस इवेंट में टेलीकॉम को 5G से 6G तक कैसे लेकर जाया जाए, इस पर भी बात होगी।  आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को देश में ही कैसे बनाया जा सके और लोगों के भले के लिए इसका इस्तेमाल कैसे हो, इस पर भी चर्चा होगी. स्टार्टअप्स अपने AI प्रोडक्ट्स की झलक दिखा सकते हैं. इसके अलावा, इस साल कुछ नई चीजें भी जोड़ी गई हैं, जैसे स्मार्ट मोबिलिटी और इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स. आने वाले समय में बड़े स्तर पर इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.इनका डेमोंस्ट्रेशन और एग्जिबिशन भी लगाया गया है।  कैसे हिस्सा लें इस इवेंट में IMC 2026 के इवेंट में जाकर नई टेक्नोलॉजी को समझने और डेमोंस्ट्रेशन देखने के लिए आप रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. स्टूडेंट्स और विजिटर्स के लिए फ्री एंट्री दी गई है. रजिस्ट्रेशन करने के लिए IMC के ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन पोर्टल से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। 

शारदीय नवरात्रि 2026 की तारीख हुई तय, 11 अक्टूबर को घटस्थापना; जानें शुभ मुहूर्त

Shardiya Navratri 2026  मां दुर्गा की आराधना का सबसे पवित्र पर्व शारदीय नवरात्र इस वर्ष 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होने जा रहा है. नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर, मंगलवार को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. इस बार नवरात्र को लेकर एक विशेष धार्मिक मान्यता सामने आ रही है. ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस वर्ष जगत जननी मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. धार्मिक परंपराओं में मां दुर्गा का हाथी पर आगमन बेहद शुभ माना जाता है. मान्यता है कि हाथी पर देवी का आगमन अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि, शांति और स्थिरता का संकेत देता है. हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि देवी की सवारी से जुड़े ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत ज्योतिषीय गणनाओं पर आधारित होते हैं. तो आइए पंडित श्रीपति त्रिपाठी जी से जानते हैं, इस वर्ष शारदीय नवरात्र कब से शुरू होगी? कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त क्या है? नवरात्र के प्रमुख दिन कौन-कौन से हैं? और इस बार देवी का आगमन और गमन किस वाहन पर होगा? 11 अक्टूबर से शुरू होगी नवरात्र 11 अक्टूबर, रविवार से शारदीय नवरात्र का शुभारंभ होगा. इस दिन आश्विन शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि रहेगी. विधि-विधान से कलश स्थापना की जाएगी और मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा होगी. नवरात्र के पहले दिन घर में कलश स्थापना करके मां भगवती की आराधना शुरू की जाती है. श्रद्धालु नौ दिनों तक माता के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. इस दौरान अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार व्रत, जप, पाठ और साधना की जाती है. कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त पंचांग के अनुसार, 11 अक्टूबर को चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग रहेगा. कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त को विशेष महत्व दिया जाता है. इस दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 बजे से दोपहर 12:24 बजे तक रहेगा. इसी दौरान कलश स्थापना करना शुभ माना जाता है. हालांकि, अलग-अलग शहरों में सूर्योदय और स्थानीय समय के अंतर के कारण मुहूर्त में थोड़ा बदलाव हो सकता है. इसलिए श्रद्धालुओं को अपने स्थानीय पंचांग के अनुसार मुहूर्त की पुष्टि जरूर कर लेनी चाहिए. नवरात्र में करें दुर्गा सप्तशती का पाठ नवरात्र केवल व्रत रखने का पर्व नहीं है, बल्कि यह शक्ति की उपासना और आत्मिक साधना का भी समय माना जाता है. आश्विन शुक्ल पक्ष की नवरात्र को आदि शक्ति मां दुर्गा की आराधना के साथ भगवान श्रीराम की रावण पर विजय से भी जोड़ा जाता है. नवरात्र के दौरान दुर्गा सप्तशती का पाठ करना या योग्य ब्राह्मण और पुरोहित से संकल्प लेकर इसका पाठ करवाना धार्मिक रूप से पुण्यकारी माना जाता है. मान्यता है कि मां भगवती की आराधना से घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. अब जानते हैं नवरात्र के प्रमुख दिनों और उनसे जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों के बारे में. 16 अक्टूबर, शुक्रवार को बेलवरण पूजा होगी. बेलवरण दुर्गा पूजा की महत्वपूर्ण परंपराओं में से एक है. खासतौर पर बंगाल और पूर्वी भारत की दुर्गा पूजा परंपराओं में इसका विशेष महत्व माना जाता है. 17 अक्टूबर को महा सप्तमी 17 अक्टूबर, शनिवार को महा सप्तमी से जुड़ी पूजा होगी. पंचांग के अनुसार, सुबह 8:58 बजे के बाद सप्तमी से संबंधित पूजा की जाएगी. इसी दिन नवरात्र की कई महत्वपूर्ण परंपराएं पूरी की जाएंगी. नौपत्रिका प्रवेश, निशा पूजा और मूल नक्षत्र में पूजा पंडालों में देवी की स्थापना की जाएगी. इसी दिन श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मां दुर्गा के पट भी खोल दिए जाएंगे. यानी 17 अक्टूबर से दुर्गा पूजा का उत्साह और भी बढ़ जाएगा और भक्त मां के दर्शन कर सकेंगे. 18 अक्टूबर को दुर्गा अष्टमी 18 अक्टूबर, रविवार को श्री दुर्गा अष्टमी का व्रत रखा जाएगा. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप मां महागौरी की पूजा की जाती है. अष्टमी का दिन नवरात्र साधना में बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, मां दुर्गा की पूजा करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार कन्या पूजन सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं. इसी दिन विशेष पूजा और महानिशा पूजा का भी विधान रहेगा. 19 अक्टूबर को संधि पूजा और महानवमी 19 अक्टूबर, सोमवार को अष्टमी और नवमी तिथि की संधि बेला में संधि पूजा की जाएगी. पंचांग के अनुसार, संधि पूजा का विशेष समय सुबह 6:53 बजे रहेगा. अष्टमी और नवमी के मिलन का यह समय धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसलिए संधि पूजा को विशेष विधि-विधान और श्रद्धा के साथ संपन्न किया जाता है. इसी दिन महानवमी का पर्व भी मनाया जाएगा. 20 अक्टूबर को विजयादशमी और विसर्जन 20 अक्टूबर, मंगलवार को उदया तिथि के अनुसार नवमी रहेगी और नवमी तिथि सुबह 9:35 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवरात्र व्रत का पारण किया जाएगा. इसी दिन विजयादशमी यानी दशहरा भी मनाया जाएगा. मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भी इसी दिन किया जाएगा. हाथी पर होगा मां दुर्गा का आगमन धार्मिक मान्यता और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष मां दुर्गा का आगमन हाथी पर होगा. देवी का हाथी पर आगमन धार्मिक परंपराओं में बेहद शुभ माना जाता है. हाथी को समृद्धि, स्थिरता और ऐश्वर्य का प्रतीक माना जाता है. इसलिए मान्यता है कि देवी के हाथी पर आगमन से अच्छी वर्षा, कृषि में उन्नति, सुख-समृद्धि और खुशहाली का वातावरण बन सकता है. विशेष रूप से कृषि प्रधान समाज में अच्छी वर्षा का विशेष महत्व होता है. हालांकि, यहां एक बात स्पष्ट करना जरूरी है कि देवी की सवारी से संबंधित ये फलादेश धार्मिक मान्यताओं और परंपरागत पंचांग गणनाओं पर आधारित हैं. मां दुर्गा की आराधना में रखें श्रद्धा और संयम इस प्रकार 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शुरू होने वाला शारदीय नवरात्र का यह पावन पर्व 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ संपन्न होगा. नवरात्र केवल बाहरी उत्सव का पर्व नहीं है. यह अपने भीतर की शक्ति को पहचानने, मन को शुद्ध करने और मां भगवती के प्रति अपनी श्रद्धा को मजबूत करने का अवसर भी है. इन नौ दिनों में हम मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. मां शैलपुत्री से लेकर मां सिद्धिदात्री तक देवी के प्रत्येक स्वरूप में शक्ति, भक्ति और जीवन से जुड़े अलग-अलग संदेश छिपे हुए हैं. इस नवरात्र अपने घर … Read more

सिद्धांता अस्पताल पर बड़ा एक्शन, मंजूरी से ज्यादा बनाई 4 मंजिलें; लाइसेंस रद्द, तोड़ने का नोटिस

भोपाल   राजधानी में नियमों को ताक पर रखकर भवन खड़े करने और उनका मनमाना उपयोग करने वालों पर नगर निगम की कार्रवाई लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। एक दिन पहले दो केमिकल फैक्ट्रियों को सील करने के बाद बुधवार को भवन अनुज्ञा शाखा ने रेडक्रास सोसायटी स्थित सिद्धांता सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को सील कर दिया। निगम के अनुसार, भवन अनुज्ञा शाखा द्वारा इस भवन के लिए जी प्लस वन की अनुमति कामकाजी महिला छात्रावास के प्रयोजन से दी थी, लेकिन मौके पर निर्माण चार मंजिला मिला। यानी स्वीकृति से तीन मंजिल अधिक निर्माण कर दिया गया। ऊपर से उसी भवन में अस्पताल संचालित हो रहा था। नियमों का उल्लंघन निगम ने इसे स्वीकृत अधिभोग का उल्लंघन मानते हुए 21 अगस्त को नोटिस जारी किया था और 12 सितंबर को 24 घंटे का अंतिम नोटिस भी किया। इसके बाद अस्पताल प्रबंधन उच्च न्यायालय चला गया था। हालांकि, बाद में अस्पताल प्रबंधन ने न्यायालय से अपना आवेदन वापस ले लिया, जिसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए अस्पताल को सील कर दिया। स्वीकृत नक्शे के विपरीत निर्माण के चलते अब निगम प्रशासन अस्पताल की इमारत को तोड़ने की कार्रवाई भी कर सकता है। अतिरिक्त निर्माण को लेकर निगम ने नोटिस जारी कर दिया है। स्वास्थ्य विभाग निरस्त कर चुका है रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस वहीं इससे पूर्व स्वास्थ्य विभाग की जांच में भी अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर 19 गंभीर कमियां सामने आ चुकी हैं। इसके बाद सीएमएचओ कार्यालय ने अस्पताल का नर्सिंग होम रजिस्ट्रेशन और लाइसेंस निरस्त कर दिया था। निगम के अनुसार, भवन में फायर सेफ्टी नार्म्स के अनुरूप आवश्यक व्यवस्थाएं भी पूर्व में नहीं पाई गई थीं।     सिद्धांता अस्पताल के भवन को स्वीकृत उपयोग के विपरीत संचालित किए जाने पर सील किया गया है। साथ ही अतिरिक्त निर्माण को लेकर भवन स्वामी को नोटिस जारी किया गया है। नियमों के अनुसार आगे कार्रवाई की जाएगी। – भुवन गुप्ता, उपायुक्त, नगर निगम