samacharsecretary.com

महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्रेशन सस्ता, फैसले का स्वागत

महिलाओं के नाम जमीन रजिस्ट्रेशन सस्ता, फैसले का स्वागत मनेन्द्रगढ़/एमसीबी महिलाओं के नाम पर भूमि रजिस्ट्रेशन शुल्क में 50% की कमी के राज्य सरकार के फैसले का जिले सहित पूरे प्रदेश में स्वागत हो रहा है। इसे महिलाओं को संपत्ति स्वामित्व और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। मनेन्द्रगढ़ की निवासी जयंती शुक्ला ने इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और समाज में उनकी भागीदारी बढ़ेगी। सरकार के अनुसार इस फैसले से राजस्व में कमी के बावजूद महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी गई है, वहीं विशेषज्ञों का मानना है कि इससे महिलाओं में संपत्ति के प्रति स्वामित्व की भावना मजबूत होगी।

जल गुणवत्ता निगरानी पर जल वाहिनियों का प्रशिक्षण सफल

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन के तहत जल वाहिनियों का चौथा रिफ्रेशर प्रशिक्षण सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। खड़गवा विकासखंड के विभिन्न ग्राम पंचायतों में आयोजित इस प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण में फील्ड टेस्ट किट (FTK) के माध्यम से जल गुणवत्ता जांच, रासायनिक-भौतिक तत्वों की पहचान और परिणामों के विश्लेषण की जानकारी दी गई। साथ ही जल जनित बीमारियों से बचाव और स्वच्छ जल के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा हुई। व्यवहारिक सत्र में प्रतिभागियों को स्वयं जल परीक्षण कराकर उनकी दक्षता बढ़ाई गई तथा WQMIS पोर्टल पर डेटा एंट्री और रजिस्टर संधारण की प्रक्रिया सिखाई गई। विभाग ने जल स्रोतों की नियमित जांच और जनजागरूकता पर विशेष जोर दिया। अधिकारियों ने बताया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जल वाहिनियों की क्षमता में वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण स्तर पर जल गुणवत्ता निगरानी और स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूती मिल रही है।

उत्तर भारत में डबल मार: 40°C के करीब तापमान, हवा भी जहरीली

लखनऊ  उत्तर भारत में गर्मी अब सिर्फ तापमान तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह लोगों के लिए दोहरी चुनौती बनकर सामने आ रही है। एक ओर आसमान से बरसती आग और पछुआ हवाओं की तपिश है, तो दूसरी ओर गिरती हवा की गुणवत्ता ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। लखनऊ में जहां पारा 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है, वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में प्रदूषण ‘बहुत खराब’ स्तर पर पहुंचकर लोगों की सेहत के लिए खतरा बन गया है। आने वाले दिनों में गर्मी और प्रदूषण दोनों के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। लखनऊ में चटक धूप और पछुआ हवाओं ने बढ़ाई तपिश शहर में बीते दो दिनों से अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। गुरुवार को यह 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.3 डिग्री अधिक रहा। सुबह से ही तेज धूप निकलने और दिनभर गर्म पछुआ हवाएं चलने के कारण गर्मी की चुभन लोगों को बेहाल कर रही है। दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है, जबकि लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। रात का तापमान भी 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे राहत कम ही मिल रही है। 2-3 दिन तक शुष्क रहेगा मौसम भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार प्रदेश में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा। कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच चुका है और आने वाले 2–3 दिनों तक पछुआ हवाएं जारी रहेंगी। इससे तापमान में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एनसीआर में गर्मी के साथ प्रदूषण का कहर गर्मी के साथ-साथ एनसीआर के शहरों में प्रदूषण ने भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में तापमान 38–39 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच गया है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के कारण प्रदूषण के कण वातावरण में जमा हो रहे हैं, जिससे स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। AQI ‘बहुत खराब’ स्तर पर, गाजियाबाद सबसे ज्यादा प्रभावित केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, नोएडा का AQI 255 (खराब), ग्रेटर नोएडा का 318 और गाजियाबाद का AQI 308 दर्ज किया गया है। गाजियाबाद की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक है, जहां यह देश का दूसरा सबसे प्रदूषित शहर बन गया है। बीते कुछ दिनों में यहां AQI 170 से बढ़कर 308 तक पहुंच गया है, जो तेजी से बिगड़ती हवा की गुणवत्ता को दर्शाता है। धूल और हवाओं से बन रहे स्मॉग जैसे हालात विशेषज्ञों का मानना है कि हवा की रफ्तार कम होने और धूल भरी हवाओं के चलते प्रदूषण के कण वातावरण में स्थिर हो रहे हैं। इससे स्मॉग जैसी स्थिति बन रही है, जो सांस संबंधी बीमारियों के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक है। अगर हवा की गति नहीं बढ़ी, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं। 40 डिग्री पार जाने का अनुमान, लू चलने की चेतावनी मौसम विभाग के मुताबिक, 21 से 24 अप्रैल के बीच तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इसके साथ ही लू चलने की भी संभावना जताई गई है। ऐसे में दिन के समय बाहर निकलना और भी मुश्किल हो सकता है। स्वास्थ्य पर बढ़ा खतरा, विशेषज्ञों की सलाह विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और प्रदूषण का यह दोहरा असर शरीर पर गंभीर प्रभाव डाल सकता है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, मास्क का उपयोग करने और पर्याप्त मात्रा में पानी व तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है

ग्वालियर-इंदौर संभाग में जनगणना के राष्ट्रीय महत्व के कार्य में नागरिकों की स्वेच्छिक भागीदारी

ग्वालियर  जनगणना जैसे कार्य में शासकीय सेवकों को महत्वपूर्ण दायित्व निभाने के लिए शासन द्वारा सभी सुविधाएं और मानदेय दिया जाता है। वहां ऐसे भी भारतीय नागरिक हैं जो बिना किसी शासकीय सुविधा के स्वप्रेरणा से जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपना समय और पैसा खर्च करके प्रत्येक नागरिक को जागरूक करने के लिए दूर-दूराज के ग्रामीण इलाकों में भ्रमण कर रहे हैं। 5-4-26 से ग्वालियर क्षेत्र में यह कार्य प्रख्यात पुस्तक लेखक डॉ अजित बाबू जैन के नेतृत्व में उनकी पूरी टीम द्वारा संचालित किया जा रहा है। उनकी टीम में श्री अक्षय कुमार दानी, श्री अमित कुमार, श्रीमती सुधा जैन , प्रख्यात समाजसेवी श्री महेन्द्र कुमार जैन, एवं पुष्पराज के नाम विशेष रूप से उल्लेखनीय है जिन्होंने 11 दिनों में सोशल मीडिया, व्हाट्सएप, फेसबुक आदि संचार माध्यमों और स्वयं सभी स्थानों पर दौरा करते हुए सभी क्षेत्रों तक अपनी पहुंच बनाकर लोगों को जागरूक किया है। इंदौर क्षेत्र में यही कार्य भारत सरकार से राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षाविद डॉ मनोरमा जैन के मार्गदर्शन में उनकी टीम कर रही है। उनकी टीम में मुख्य रूप से श्री योगेश कुमार जागीचा देपालपुर, श्रीमती मनीषा मंडोवरा गौतमपुरा, श्रीमती नयन जैन बेटमा, श्रीमती मधु नाहर इंदौर और श्री अमिष जैन बेटमा द्वारा उल्लेखनीय कार्य किया जा कर संपूर्ण इंदौर क्षेत्रों में पहुंच बनाई गई है। ग्वालियर और इंदौर दोनों ही टीमों में बहुत लोग स्वेच्छा से जुड़ते जा रहे हैं जिससे कार्य अधिक आसान हो रहा है।

स्वर्णिम उपलब्धि: बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने रचा सफलता का नया इतिहास

स्वर्णिम उपलब्धि: बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने रचा सफलता का नया इतिहास CBSE कक्षा 10वीं में शत-प्रतिशत परिणाम, अनुष्का मंडल बनी टॉपर (98.8%) सीपत, बिलासपुर एनटीपीसी सीपत स्थित बाल भारती पब्लिक स्कूल ने सीबीएसई कक्षा दसवीं परीक्षा सत्र (2025–26) में शत-प्रतिशत परिणाम प्राप्त कर उत्कृष्टता की नई मिसाल पेश की है। विद्यालय के विद्यार्थियों ने न केवल बेहतरीन अंक हासिल किए, बल्कि समग्र प्रदर्शन से संस्था की शैक्षणिक गुणवत्ता को भी सिद्ध किया। विद्यालय की प्रतिभाशाली छात्रा अनुष्का मंडल ने 98.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं शौर्य साहू एवं सस्मित राज ने 98.6% अंकों के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि अयमान तनवीर ने 98% अंक अर्जित कर तृतीय स्थान हासिल किया। परिणाम में उत्कृष्टता का प्रमाण कुल 66 विद्यार्थियों में से— 23 विद्यार्थियों ने 90% से अधिक अंक प्राप्त किए 47 विद्यार्थियों ने 80% से अधिक अंक अर्जित किए 61 विद्यार्थियों ने 70% से अधिक अंक हासिल किए यह आँकड़े विद्यालय की उच्चस्तरीय शिक्षा प्रणाली और अनुशासित वातावरण को दर्शाते हैं। विषयवार शत-प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले छात्र विभिन्न विषयों में विद्यार्थियों ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की— शौर्य साहू – गणित, संस्कृत एवं एआई सस्मित राज – गणित, सोशल साइंस एवं संस्कृत अनुष्का मंडल – संस्कृत एवं एआई अयमान तनवीर – सोशल साइंस एवं एआई गौरव बनर्जी – संस्कृत एवं एआई साईप्रदा साहू – सोशल साइंस एवं संस्कृत इसके अतिरिक्त— दर्शिल सुब्रत (गणित) पान्या सना कुजूर, साग्निक डे सरकार (संस्कृत) यामिनी भार्गव, अवनी जैन, सोहम शर्मा (एआई) ने 100 में से 100 अंक प्राप्त कर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया।   विद्यालय के प्राचार्य शलभ निगम ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि— “यह सफलता विद्यार्थियों के कठिन परिश्रम, शिक्षकों की समर्पित मेहनत एवं अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। हमारा उद्देश्य केवल परीक्षा परिणाम नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास—चरित्र, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता—को विकसित करना है।” इस शानदार सफलता के साथ बाल भारती पब्लिक स्कूल, सीपत ने जिले में अपनी विशिष्ट पहचान को और अधिक मजबूत किया है तथा आने वाले वर्षों के लिए नई प्रेरणा स्थापित की है।

इंडोनेशिया में हेलीकॉप्टर हादसा, लापता विमान का मलबा बरामद, 8 की मौत

 कालीमंतन  इंडोनेशिया के पश्चिम कालीमंतन प्रांत से एक बेहद दुखद खबर आई है। पिछले कुछ समय से लापता एक निजी हेलीकॉप्टर का मलबा वीरवार यानि कि बीते दिन सुदूर और घने वन क्षेत्र में बरामद कर लिया गया है। इस दुर्घटना में सवार सभी 8 लोगों की मौत हो गई है। दुर्गम इलाका होने के कारण बचाव दल को शवों को निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। वहीं बचाव दल के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल नूर्रचमन गिंधा द्राधिज़्या ने बताया कि फिलहाल चार लोगों के शवों को सफलतापूर्वक निकाल लिया गया है और उन्हें बॉडी बैग में रखा गया है जबकि तीन अन्य अभी भी हेलीकॉप्टर के मलबे के अंदर हैं।" शिन्हुआ के अनुसार, अंतिम पीड़ित की तलाश जारी है। इंडोनेशियाई राष्ट्रीय पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार हेलीकॉप्टर की पहचान पीटी मैथ्यू एयर एयरबस एच-130 (पीके-सीएफएक्स) के रूप में हुई है। शिन्हुआ ने उड़ान विवरण के हवाले से बताया कि हेलीकॉप्टर में आठ लोग सवार थे। शिन्हुआ के अनुसार अधिकारियों ने बताया कि अंधेरा और दुर्गम भूभाग के कारण बचाव कार्य अस्थायी रूप से रोक दिया गया है और आज फिर से शुरू किया जाएगा।   द्राधिज़्या ने आगे कहा, "हम कल सुबह भी बचाव कार्य जारी रखेंगे, जिसमें हेलिकॉप्टर के मलबे को काटकर अंदर फंसे शवों को निकालने के प्रयास भी शामिल हैं।" इससे पहले, इंडोनेशियाई राष्ट्रीय पुलिस ने कहा था कि सेकाडाऊ के घने जंगलों में मलबा मिलने के बाद संयुक्त बचाव दल सक्रिय रूप से निकासी अभियान में जुट गए हैं। इंडोनेशियाई वायु सेना के एक सुपर प्यूमा हेलिकॉप्टर ने वीरवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर लगभग 3:25 बजे अंतिम ज्ञात संपर्क बिंदु से लगभग तीन किलोमीटर दूर मलबे (जिसे विमान की पूंछ का हिस्सा माना जा रहा है) को सबसे पहले देखा। राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी (बासारनास) के संचालन एवं तैयारी उप प्रमुख एडी प्राकोसो ने कहा, "हवाई निगरानी से संभावित स्थान का पता चल गया है। हमने बचाव अभियान में सहायता के लिए ये निर्देशांक जमीनी इकाइयों को भेज दिए हैं।"  वहीं स्थानीय निवासियों के सहयोग से जमीनी दल दुर्घटनास्थल तक पहुंचने के लिए कठिन भूभाग और अप्रत्याशित मौसम की स्थिति का सामना कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने इससे पहले बुकिट पुंतक क्षेत्र में एक विस्फोट की आवाज सुनने की सूचना दी थी। बचाव अभियान जारी रहने के दौरान अधिकारियों ने बचाव कार्य में सहयोग के लिए पास के हुलु पेनीती गांव में एम्बुलेंस भी तैनात कर दी थीं।

डोनाल्ड ट्रंप का यूरेनियम देने वाला दावा झूठा, ईरान ने किया खंडन

तेहरान  इजरायल और लेबनान के बीच घोषित 10 दिन का युद्धविराम शुरू होते ही लड़खड़ा गया है. जैसे ही सीजफायर लागू हुआ, बेरूत के दक्षिणी इलाकों से गोलियों और रॉकेट दागे जाने की आवाजें आने लगीं, जिसने इस समझौते की स्थिरता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीजफायर लागू होने के कुछ ही देर बाद करीब आधे घंटे तक भारी गोलीबारी और रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड (RPG) दागे जाने की आवाजें सुनी गईं. आसमान में लाल ट्रेसर बुलेट्स दिखाई दीं, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।  यह युद्धविराम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की पहल पर घोषित किया गया था, जो इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच हफ्तों से चल रही भीषण लड़ाई को रोकने के लिए किया गया था. हालांकि, सीजफायर लागू होते ही हालात फिर बिगड़ते नजर आए. लेबनानी मीडिया के अनुसार, दक्षिणी लेबनान के कई इलाकों में इजरायल की ओर से गोलाबारी जारी रही, जबकि कुछ जगहों पर मशीनगनों से फायरिंग भी सुनाई दी. इससे साफ संकेत मिलता है कि जमीन पर हालात अब भी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं।  सीजफायर से पहले भी हुई लड़ाई सीजफायर से ठीक पहले भी दोनों पक्षों के बीच हमले जारी थे. उत्तरी इजरायल में रॉकेट हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई में इजरायली सेना ने हिजबुल्लाह के लॉन्चर ठिकानों को निशाना बनाया था. इस बीच, सीजफायर लागू होते ही बड़ी संख्या में लोग बेरूत के दक्षिणी इलाकों में लौटने लगे. सड़कों पर भीड़, गाड़ियों की कतारें और हिजबुल्लाह के झंडे व पोस्टर दिखाई दिए. हालांकि, हिजबुल्लाह और लेबनानी प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी थी कि वे जल्दबाजी में वापस न लौटें, क्योंकि इलाके में अनफटे बम और अन्य खतरे मौजूद हो सकते हैं।  डोनाल्ड ट्रंप ने इस युद्धविराम को शांति प्रक्रिया की दिशा में पहला कदम बताया था और उम्मीद जताई थी कि यह आगे स्थायी समझौते का रास्ता खोलेगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि इजरायल और लेबनान के नेताओं के बीच ऐतिहासिक बातचीत हो सकती है. लेकिन सीजफायर के पहले ही घंटे में हुई हिंसा ने यह साफ कर दिया है कि जमीन पर हालात बेहद नाजुक हैं और यह समझौता कभी भी टूट सकता है. वहीं ट्रंप ने कहा है कि ईरान यूरेनियम एनरिचमेंट करने से पीछे हटने को तैयार है।  ईरान क्या कह रहा है? वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका के साथ संभावित बातचीत को लेकर अपना रुख और सख्त कर लिया है, जिससे पाकिस्तान की मध्यस्थता की कोशिशों को बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के तेहरान दौरे के बाद ईरान ने साफ संकेत दिया है कि अब बिना ठोस फ्रेमवर्क के कोई भी नई बातचीत बेकार होगी. ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, तेहरान ने कहा कि अमेरिका को पहले अपने वादे पूरे करने होंगे और अपनी ‘अत्यधिक मांगों’ को वापस लेना होगा. यह बयान साफ करता है कि दोनों देशों के बीच मतभेद अभी भी गहरे हैं और बातचीत की राह आसान नहीं है। 

CM मान ने कहा- बेअदबी बिल गवर्नर को भेजा, कैबिनेट बैठक की शुरुआत

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आज पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बता दें कि, इस बैठक को उद्योग जगत और सामाजिक योजनाओं के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। बैठक को लेकर मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से अधिसूचना जारी की है वहीं विस्तृत एजेंडा बाद में सार्वजनिक किया गया है। उद्योगपतियों को मिली राहत जानकारी के अनुसार, पंजाब सरकार ने उद्योगपतियों को राहत देने के लिए कुछ महत्वपूर्ण फैसले लिए। इससे पहले सरकार नई औद्योगिक नीति लागू कर चुकी है, जिसका उद्देश्य राज्य में निवेश को बढ़ावा देना और विभिन्न क्षेत्रों के उद्योगों को सहूलियत प्रदान करना है। माना जा रहा है कि आज की बैठक में इन प्रयासों को और मजबूती देने के लिए नई घोषणाएं हो सकती हैं।  इससे पहले कल पठानकोट में राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा था कि बिल अभी तक उनके पास नहीं पहुंचा है और जैसे ही बिल आएगा, उस पर विचार किया जाएगा। आज की बैठक में बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में चल रही भर्तियों और अन्य प्रशासनिक मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा। दोपहर 12 बजे वित्तमंत्री हरपाल सिंह चीमा प्रेस कांफ्रंस करेंगे। एक महीने में यह दूसरी बैठक इससे पहले बड़ी कैबिनेट बैठक 11 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें ग्रामीण विकास और धार्मिक संरक्षण से जुड़े अहम फैसले लिए गए थे। इसमें 11,500 से अधिक गांवों में करीब 3 लाख स्ट्रीट लाइट्स लगाने को मंजूरी दी गई थी, जिसकी लागत ₹550 करोड़ तय की गई थी। साथ ही ‘जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार बिल-2026’ को मंजूरी मिली थी, जिसमें बेअदबी मामलों में उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान है। इससे पहले मार्च 2026 में हुई बैठकों में बजट से जुड़े फैसले, खिलाड़ियों के लिए 3% आरक्षण, स्वास्थ्य विभाग में भर्ती से जुड़ी अनुमति और शहीद होम गार्ड के परिवार को ₹1 करोड़ मुआवजा देने जैसे निर्णय शामिल रहे थे। सामाजिक योजनाओं पर भी फोकस बैठक में मावां-धीयां सत्कार योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा भी की। इसके अलावा मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना की प्रगति पर चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य पंजाब के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

महिला आरक्षण पर कांग्रेस का वादा अधूरा, मायावती ने सपा को भी घेरा

लखनऊ  बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने एक बार फिर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर बड़ा हमला बोला है. मायावती का कहना है कि महिला आरक्षण के मुद्दे पर कांग्रेस अब जो बड़ी-बड़ी बातें कर रही है, वो महज एक दिखावा है. उन्होंने कांग्रेस को गिरगिट की तरह रंग बदलने वाली पार्टी करार देते हुए साफ कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, तब उसने कभी SC, ST और OBC के आरक्षण का कोटा पूरा करने की कोशिश नहीं की. मायावती का यह वार सीधे तौर पर कांग्रेस के उस दावे पर है जिसमें वो अब इन वर्गों के हक की बात कर रही है।  मायावती ने पुरानी बातों को याद दिलाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा इन वर्गों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जब केंद्र की सरकार चला रही थी, तब उसने कभी भी पिछड़ों या दलितों के कोटे को भरने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया. आज वही पार्टी महिला आरक्षण के बहाने वोट बैंक की राजनीति कर रही है।  यही नहीं, मायावती ने इतिहास के पन्नों को पलटते हुए मंडल कमीशन का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि ओबीसी समाज को जो 27 प्रतिशत आरक्षण मिला, उसे भी कांग्रेस ने लागू नहीं किया था. यह बीएसपी की मेहनत और लगातार किए गए प्रयासों का ही नतीजा था कि उस समय की वी.पी. सिंह सरकार ने इसे आखिरकार लागू किया. मायावती ने साफ संदेश दिया कि जो काम कांग्रेस दशकों में नहीं कर पाई, उसे BSP ने लड़कर करवाया।  जब सरकार में होती है सपा, तो भूल जाती है पिछड़ों का हक मायावती के निशाने पर सिर्फ कांग्रेस ही नहीं थी, उन्होंने समाजवादी पार्टी को भी जमकर घेरा. उन्होंने यूपी का एक पुराना किस्सा याद दिलाते हुए कहा कि 1994 में जब पिछड़े मुस्लिमों को ओबीसी का फायदा देने की रिपोर्ट आई थी, तो उस वक्त की सपा सरकार ने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था. लेकिन जब 1995 में बीएसपी की सरकार बनी, तो इस फैसले को तुरंत लागू कर दिया गया. मायावती ने तंज कसते हुए कहा कि सपा जब सत्ता से बाहर होती है, तो बड़ी-बड़ी बातें करती है, लेकिन सरकार में आते ही इनका रवैया पूरी तरह बदल जाता है।  मायावती ने जनता को सावधान करते हुए कहा कि कांग्रेस और सपा जैसी पार्टियां केवल अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए रंग बदलती हैं. सत्ता में रहते हुए इनका रवैया जातिवादी और तिरस्कार से भरा होता है, लेकिन चुनाव आते ही ये लोग छलावा करने लगते हैं. उन्होंने लोगों से अपील की कि इन दोहरे चरित्र वाली पार्टियों से हमेशा बचकर रहना चाहिए, क्योंकि ये कभी भी दलितों, पिछड़ों और मुस्लिमों का भला नहीं चाहतीं।  महिला आरक्षण को लेकर चल रही देरी पर भी मायावती ने अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि अगर सरकार इसे 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करना चाहती है, तो उसे जल्दी करना चाहिए. साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अगर आज कांग्रेस सत्ता में होती, तो वह भी बीजेपी की तरह ही कदम उठाती. यानी घुमा-फिराकर बात वही है कि बड़ी पार्टियों के लिए इन वर्गों का कल्याण कभी प्राथमिकता नहीं रहा।  आखिर में मायावती ने एक बड़ी सलाह देते हुए कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी और मुस्लिम समाज को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए. उन्होंने कहा कि फिलहाल जो कुछ भी मिल रहा है उसे स्वीकार करें, लेकिन असली मजबूती तभी आएगी जब यह समाज खुद अपने पैरों पर खड़ा होगा. मायावती ने साफ शब्दों में कहा कि अपने समाज को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना ही इस समस्या का एकमात्र समाधान है। 

पुतिन BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे, भारत और रूस के रिश्तों को मिलेगी नई ताकत

नई दिल्ली रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए एक बार फिर से भारत का दौरा करेंगे। बता दें कि इससे पहले उन्होंने दिसंबर 2025 में भारत का दौरा किया था। ब्रिक्स देशों (ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका और नए सदस्य देशों) के नेताओं की यह वार्षिक बैठक आर्थिक सहयोग, व्यापार, वैश्विक शासन और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा करने के लिए आयोजित की जाती है। यह बैठक सितंबर के महीने में हो सकती है। रूस की समाचार एजेंसी टास ने बुधवार को क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के हवाले से बताया कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस साल के अंत में भारत में होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में निश्चित रूप से भाग लेंगे। अभी तक शिखर सम्मेलन की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन TASS ने पहले भारतीय सरकार के एक सूत्र के हवाले से बताया था कि यह 12-13 सितंबर को होने वाला है। ब्रिक्स में अब 11 देश हो गए शामिल ब्रिक्स वर्तमान में 11 सदस्य देशों का एक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय संगठन है। इसकी शुरुआत 2006 में चार देशों (ब्राजील, रूस, भारत और चीन) के साथ हुई थी, जिसे तब 'ब्रिक' (BRIC) कहा जाता था। लेकिन 2010 में इसमें दक्षिण अफ्रीका शामिल हो गया जिसके बाद इसे ब्रिक्स कहा जाने लगा। लेकिन अब कुछ और देशों को इससे जोड़ा गया है जिनमें मिश्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, यूएई और इंडोनेशिया शामिल हैं। चौथी बार भारत कर रहा ब्रिक्स की मेजबानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह सम्मेलन सितंबर में (संभावित रूप से 12-13 सितंबर) आयोजित होगा। भारत BRICS की चौथी बार मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2012, 2016 और 2021 में भी मेजबानी कर चुका है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन "निश्चित रूप से" सम्मेलन में शामिल होंगे। रूसी समाचार एजेंसी TASS ने भी इस खबर की पुष्टि की है। भारत ने पुतिन को आधिकारिक निमंत्रण भेजा है और दोनों देशों के बीच कोई बाधा नहीं है। ब्रिक्स में शामिल हैं ये देश BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे प्रमुख उभरते अर्थव्यवस्थाओं वाले देश शामिल हैं। हाल के वर्षों में इस समूह का विस्तार हुआ है और नए सदस्य भी जुड़े हैं। यह मंच वैश्विक आर्थिक सहयोग, व्यापार वृद्धि, बहुपक्षीय सुधारों, ग्लोबल गवर्नेंस और भू-राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है। वर्तमान समय में विश्व स्तर पर अनिश्चितता, ऊर्जा संकट, व्यापार युद्ध और क्षेत्रीय तनाव के बीच यह सम्मेलन विशेष महत्व रखता है। भारत की अध्यक्षता का थीम “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” है, जो लोगों-केंद्रित और मानवता-प्रथम दृष्टिकोण पर आधारित है।  भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी होगी और मजबूत पुतिन की यह यात्रा भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करेगी। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग पहले से ही मजबूत है। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी पुतिन भारत यात्रा की थी। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के साथ उन्होंने वार्षिक शिखर सम्मेलन में शिरकत की थी। अब BRICS सम्मेलन में पुतिन की उपस्थिति से ग्लोबल साउथ की आवाज और मजबूती मिलेगी। यह बैठक उभरती अर्थव्यवस्थाओं को वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका बढ़ाने का अवसर देगी। इससे पहले दिसंबर में भारत आए थे पुतिन इससे पहले, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर, 2025 को 23वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए नई दिल्ली आए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनका जोरदार स्वागत किया था। इस यात्रा के दौरान आर्थिक संबंधों, ऊर्जा सहयोग और रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने पर चर्चा की गई थी। नेताओं ने भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के प्रति अपने समर्थन की पुष्टि की थी।