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टॉम क्रूज की ‘टॉप गन’ 40 साल बाद फिर रिलीज, फैंस में जबरदस्त उत्साह

  हॉलीवुड स्टार टॉम क्रूज की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘टॉप गन’ को रिलीज हुए इस साल 40 साल पूरे हो जाएंगे। अब इस मौके पर भारत में ‘टॉप गन’ फिर से रिलीज होगी। खुद मेकर्स न इसकी घोषणा की है। 15 मई को होगी री-रिलीज पैरामाउंट पिक्चर्स ने आज यह घोषणा की कि वह 1986 की ब्लॉकबस्टर फिल्म और इसके 2022 के सीक्वल ‘टॉप गन: मैवरिक’ को एक विशेष एक सप्ताह के लिए सिनेमाघरों में फिर से रिलीज करने के लिए पूरी तरह तैयार है। टॉम क्रूज के पीट 'मैवरिक' मिशेल को 15 मई से एक बार फिर बड़े पर्दे पर देखा जा सकेगा। 1986 में रिलीज हुई ‘टॉप गन’ की ऐसी है कहानी 1986 में रिलीज हुई ‘टॉप गन’ सुपरहिट थी। फिल्म में कई जबरदस्त एक्शन सीन, एयरिय बैटल्स व डॉगफाइट्स और अमेरिकी वायु सेना के पायलटों की ग्लैमरस जिंदगी को दिखाया है। यह फिल्म टॉप गन के नाम से मशहूर फाइटर वेपन्स स्कूल में नौसेना के प्रतिभाशाली पायलटों के एक ग्रुप की कहानी है, जो बेस्ट बनने की होड़ में अपने विमानों और एक-दूसरे की क्षमताओं की चरम सीमा तक पहुंच जाते हैं। दिवंगत टोनी स्कॉट द्वारा निर्देशित इस फिल्म में वैल किल्मर, एंथनी एडवर्ड्स, केली मैकगिलिस, मेग रयान और टॉम स्केरिट ने सहायक भूमिकाएं निभाईं। इस फिल्म ने टॉम क्रूज को सुपरस्टार बनाने में अहम भूमिका निभाई। 36 साल बाद आया सीक्वल, अब आएगा पार्ट 3 टॉम क्रूज 36 साल बाद ‘टॉप गन: मैवरिक’ के रूप में कॉकपिट में लौटे। सीक्वल में तीस से अधिक साल की सेवा के बाद मैवरिक टॉप गन में लौटते हैं और नए ग्रेजुएट्स की एक टुकड़ी को एक खास मिशन के लिए ट्रेनिंग देते हैं। ‘टॉप गन: मैवरिक’ ने दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस पर 1.5 बिलियन डॉलर से अधिक की कमाई की और 2022 की नंबर 1 फिल्म और पैरामाउंट पिक्चर्स के इतिहास में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी। ‘टॉप गन: मैवरिक’ का निर्देशन जोसेफ कोसिनस्की ने किया था और इसमें टॉम क्रूज के अलावा टेलर, जेनिफर कोनेली, जॉन हैम, ग्लेन पॉवेल, मोनिका बारबारो, लुईस पुलमैन, एड हैरिस और वैल किल्मर जैसे कलाकार नजर आए हैं। हाल ही में इस फ्रैंचाइजी की तीसरे पार्ट की घोषणा की गई है, जिसमें टॉम क्रूज की वापसी तय है।  

फर्जी लिंक पर क्लिक करते ही खाली हुआ बैंक अकाउंट, चार ट्रांजैक्शन में उड़े पैसे

अजमेर डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने के चक्कर में अजमेर के एक शख्स ने 3.50 लाख रुपए से भी ज्यादा की रकम गंवा दी. एक अज्ञात नंबर से आए फोन कॉल के चक्कर में यह शख्स ठगी का शिकार हो गया. साइबर ठगी का यह मामला वाकई चौंकाने वाला है. जानकारी के अनुसार, पुष्कर रोड निवासी मुकेश के पास एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को मेडिकल सेवा से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए किसी नामी डॉक्टर से जल्द अपॉइंटमेंट दिलाने का भरोसा दिलाया. आरोपी ने बातों में फंसाकर मुकेश से कुल 3.66 लाख रुपए ठग लिए. एक लिंक पर क्लिक और अकाउंट खाली ठग ने पीड़ित को एक लिंक भेजा और उसे ओपन करने को कहा. उसके बताए अनुसार मुकेश ने निजी और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी भर दी. जैसे ही मुकेश ने लिंक पर क्लिक कर मांगी गई डिटेल्स दर्ज की, कुछ ही समय में उसके बैंक खाते से चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 3 लाख 66 हजार रुपए निकाल लिए गए. उसके खाते से अमाउंट कटने का मैसेज आया, जिसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ. साइबर पुलिस ने शुरू की जांच पीड़ित ने तुरंत साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई. मामले में साइबर थाना प्रभारी शमशेर खान के नेतृत्व में जांच शुरू कर दी गई है. पुलिस उन खातों की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ठगों ने फर्जी लिंक के जरिए मोबाइल और बैंकिंग डिटेल्स तक पहुंच बनाई. पुलिस ने आमजन से अपील की, "किसी भी अनजान कॉल, लिंक या ऑफर पर भरोसा न करें. अपनी बैंकिंग जानकारी किसी के साथ साझा करने से बचें."

PSL 2026 में मुस्तफिजुर रहमान की गैरमौजूदगी, बांग्लादेश ने वापस लिया NOC

ढाका  बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को केकेआआर की स्क्वाड से रिलीज किए जाने के बाद बीसीबी ने खूब नखरे दिखाए थे। बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप के लिए भारत में अपनी टीम भेजने से इनकार किया था, नतीजतन आईसीसी ने उसे विश्व कप से बाहर करके उसकी जगह स्कॉटलैंड को जगह दी थी। आईपीएल में मौका नहीं मिलने के बाद मुस्तफिजुर को पाकिस्तान सुपर लीग की फ्रेंचाइजी लाहौर कलंदर्स ने साइन किया था लेकिन अब ये तेज गेंदबाज पीएसएल 2026 के बाकी हिस्से में नहीं खेलेगा। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने पीएसएल में उनके खेलने को लेकर जारी किए गए अपने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट को वापस ले लिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीबी) ने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को मेडिकल ग्राउंड पर पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल) 2026 में खेलने के लिए जारी किए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) को वापस लेने का ऐलान किया है। यह फैसला न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे के बाद उनकी चिकित्सकीय समीक्षा के आधार पर लिया गया। बीसीबी के बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा गया, 'न्यूजीलैंड के खिलाफ तीसरे वनडे के समापन के बाद टीम के चिकित्सा स्टाफ ने राष्ट्रीय टीम के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान की स्थिति की समीक्षा की है। आगे की जांच के लिए उनका तत्काल स्कैन कराया जाएगा, जिसके बाद वे बीसीबी मेडिकल टीम की देखरेख में पुनर्वास कार्यक्रम शुरू करेंगे।' बोर्ड ने कहा, 'मुस्तफिजुर को पूर्व में जारी एनओसी वापस ले लिया गया है। इसलिए वे पीएसएल 2026 के शेष मुकाबलों में भाग नहीं ले पाएंगे।' आईपीएल से हटे थे मुस्ताफ‍िजुर रहमान  मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स ने खरीदा था, लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने उनको  रिलीज करने का निर्देश द‍िया था. इसकी वजह बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार की खबरे थीं, इस पर भारत में मुस्ताफिजुर रहमान के खेलने को लेकर काफी विरोध और सार्वजनिक नाराजगी थी. 9.20 करोड़ रुपये में खरीदे जाने के बावजूद, KKR ने उन्हें स्क्वाड से रिलीज कर दिया था. इस घटना के बाद, बांग्लादेश ने इस फैसले पर कड़ा विरोध जताया और वहां आईपीएल के प्रसारण पर रोक लगा दी थी।  मुस्तफिजुर रहमान को भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड के निर्देश के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स ने आईपीएल 2026 के दौरान अपनी टीम से रिलीज कर दिया था। इसके बाद वे लाहौर कलंदर्स के लिए खेल रहे थे और इस सत्र में पांच मैचों में छह विकेट ले चुके थे। बीसीबी ने एक अन्य फैसले में यह भी पुष्टि की कि युवा तेज गेंदबाज नाहिद राणा को भी पीएसएल 2026 के लिए रिलीज नहीं किया जाएगा। यह कदम अगले महीने पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली टेस्ट श्रृंखला की तैयारी के लिए उन्हें पर्याप्त समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है। इस बीच बांग्लादेश ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 27 अप्रैल से शुरू हो रही टी20 सीरीज में शुरुआती दो मैचों के लिए स्क्वाड का ऐलान कर दिया है। सीरीज के लिए मुस्तफिजुर रहमान, तस्किन अहमद और नाहिद राणा जैसे सीनियर तेज गेंदबाजों को आराम दिया गया है और उनकी जगह नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया है। ऑलराउंडर अब्दुल गफ्फार सकलैन को पहली बार राष्ट्रीय टी20 टीम में शामिल किया गया है। वह तेज गेंदबाजी करते हैं और उनमें बल्लेबाजी की भी क्षमता है। सकलैन के अलावा युवा तेज गेंदबाज रिपोन मंडल को भी स्क्वाड में शामिल किया गया है।

बालोद : मई के पहले सप्ताह से शुरू होगा तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य

बालोद     जिले में वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। जिसके लिए जिला यूनियन वनमंडल बालोद द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। वनमण्डलाधिकारी एवं जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित बालोद के प्रबंध संचालक श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले के लगभग 25 हजार संग्राहकों के द्वारा तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य किया जाना है। जिन्हंें 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से ऑनलाइन भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। जिसके लिए 252 फड़ खोले जाएंगे। कलेक्टर द्वारा अन्य विभागों से 151 फड़ एवं वनमंडलाधिकारी द्वारा 101 विभागीय और अभिरक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा निगरानी के लिए जोनल अधिकारी और पोषक अधिकारियों की नियुक्तियां भी पूर्ण हो चुकी हैं।     प्रबंध संचालक ने बताया कि संग्रहण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ’शाखकर्तन कार्यशाला’ का आयोजन पूर्व में किया जा चुका है। फड़मुंशियों का अनुमोदन भी हो गया है। जब तक अच्छी गुणवत्ता के पत्ते प्राप्त होंगे, तब तक संग्रहण केंद्र खुले रहेंगे ताकि संग्राहकों को अधिकतम लाभ मिल सके। संग्रहण और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अलावा 21 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत की वन स्थायी समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। समिति के सदस्य स्वयं फड़ों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि संग्रहण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए इसी सप्ताह क्रेता, प्रबंधक और पोषक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पूरी व्यवस्था चाक-चौबंद है। संग्राहकों को सही समय पर उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और संग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी संपन्न कराना हमारा लक्ष्य है। 

वट सावित्री व्रत 2026: जानें तिथि, मुहूर्त और पूजा विधि

हिंदू धर्म में वट सावित्री व्रत बेहद शुभ माना जाता है। यह व्रत ज्येष्ठ माह की अमावस्या को रखा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और सतीत्व के बल पर यमराज से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस छीन लिए थे। हर साल की तरह इस बार भी महिलाओं के मन में इस व्रत की तारीख को लेकर थोड़ी कन्फ्यूजन है। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में इस दिन से जुड़ी प्रमुख बातों को जानते हैं। वट सावित्री व्रत 2026 तिथि और समय हिंदू पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि की शुरुआत 16 मई को सुबह 05 बजकर 11 मिनट पर होगी। वहीं, इसका समापन 17 मई को रात 01 बजकर 30 मिनट पर होगा। पंचांग को देखते हुए वट सावित्री व्रत 16 मई को रखा जाएगा। इसी दिन महिलाएं बरगद के पेड़ की पूजा कर अपने अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। पूजा का शुभ मुहूर्त 16 मई को सुबह से ही पूजा के लिए कई शुभ योग बन रहे हैं। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04 बजकर 07 मिनट से 04 बजकर 48 मिनट तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 4 मिनट से 03 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। गोधूलि मुहूर्त शाम 07 बजकर 04 मिनट से 07 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस दौरान आप वट वृक्ष की पूजा और परिक्रमा कर सकते हैं। वट वृक्ष की पूजा का महत्व शास्त्रों में बरगद के पेड़ को पूजनीय माना गया है, क्योंकि इसमें ब्रह्मा, विष्णु और महेश तीनों देवों का वास होता है। इस वृक्ष की पूजा कर महिलाएं अपने पति के लिए लंबी उम्र और परिवार की समृद्धि मांगती हैं। पूजा के दौरान वट वृक्ष पर सूत का धागा लपेटना और 7 या 108 बार परिक्रमा करना विशेष फलदायी होता है। पूजन विधि इस दिन महिलाएं सुबह स्नान के बाद नए वस्त्र पहनकर शृंगार करती हैं। पूजा की थाली में धूप, दीप, रोली, अक्षत, कच्चा सूत, फल और भीगे हुए चने रखे जाते हैं। सावित्री और सत्यवान की कथा सुनी जाती है और अंत में बड़ों का आशीर्वाद लेकर व्रत पूर्ण किया जाता है। कई स्थानों पर इस दिन आटे के गुलगुले व कई तरह के पकवान बनाने की भी परंपरा है।  

आईपीएल 2026,राजस्थान और हैदराबाद के बीच कड़ा मुकाबला आज

जयपुर राजस्थान रॉयल्स की टीम इंडियन प्रीमियर लीग मुकाबले में शनिवार को जयपुर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। उसकी कोशिश अपने घरेलू मैदान पर दबदबा कायम रखने के साथ-साथ दोनों टीमों के बीच हुए पिछले मुकाबले का हिसाब बराबर करने की भी होगी। यह मुकाबला आईपीएल के इस चरण में बेहद अहम माना जा रहा है, जहां दोनों टीमें जरूरी अंक हासिल करने की कोशिश में होंगी। सनराइजर्स ने प्रफुल्ल हिंगे और साकिब हुसैन की शानदार गेंदबाजी के बूते दोनों टीमों के बीच 13 अप्रैल को खेले गए पहले चरण के मुकाबले को 57 रन से जीता था। रॉयल्स ने हालांकि उस हार से उबरते हुए लखनऊ सुपर जॉइंट्स के खिलाफ 40 रन की जीत से अच्छी वापसी की है। टीम अंक तालिका में दूसरे स्थान पर है। सनराइजर्स हैदराबाद इस सत्र में उतार-चढ़ाव से गुजरते हुए चौथे स्थान पर है, लेकिन उनकी आक्रामक बल्लेबाजी किसी भी टीम के लिए खतरा बनी हुई है। रॉयल्स को दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले मुकाबले में हर विभाग (पावरप्ले, मध्य ओवर और आखिरी ओवर) में संघर्ष करना पड़ा था, और टीम इस बार माकूल जवाब देने के इरादे से उतरेगी। सनराइजर्स की बल्लेबाजी सबसे बड़ी मजबूती सनराइजर्स की बल्लेबाजी की ताकत उनके शीर्ष क्रम में है, जहां ईशान किशन और हेनरिक क्लासेन पहले ही कई मौकों पर आक्रामक प्रदर्शन कर चुके हैं। हाल ही में दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ शतक लगाने वाले अभिषेक शर्मा और ट्रैविस हेड भी तेज शुरुआत देने की कोशिश करेंगे। हिंगे और साकिब दोनों ने रॉयल्स के खिलाफ अपने आईपीएल पदार्पण में चार-चार विकेट लिए, लेकिन सनराइजर्स की गेंदबाजी अपेक्षाकृत अनुभवहीन है। टीम कप्तान पैट कमिंस की अनुपस्थिति में संघर्ष कर रही है, हालांकि हाल के मैचों में कुछ सुधार देखने को मिला है। राजस्थान को वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी से उम्मीदें रॉयल्स की टीम मध्यक्रम की बल्लेबाजी को छोड़कर लगभग हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन कर रही है। टीम के नाम सात मैचों में पांच जीत हैं। उनकी बल्लेबाजी की रीढ़ युवा खिलाड़ियों पर टिकी है। यशस्वी जायसवाल ने 245 रन बनाकर स्थिरता और आक्रामकता दोनों दिखाई है। पंद्रह वर्षीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी 254 रनों के साथ टीम के शीर्ष स्कोरर हैं और उनका स्ट्राइक रेट 220 से ऊपर है। विकेटकीपर-बल्लेबाज ध्रुव जुरेल ने भी उपयोगी योगदान दिया है, हालांकि कप्तान रियान पराग और अनुभवी शिमरोन हेटमायर का बल्ले से प्रदर्शन अब तक उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर ने 11 विकेट लेकर टीम की अगुवाई की है और वे इस मैच में भी अहम भूमिका निभा सकते हैं। वहीं अनुभवी हरफनमौला रविंद्र जडेजा ने पिछले मैच में नाबाद 43 रन और एक महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को जीत दिलाई थी और वे इस मुकाबले में भी आत्मविश्वास के साथ उतरेंगे। टीमें: सनराइजर्स हैदराबाद: इशान किशन (कप्तान और विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, अमित कुमार, सलिल अरोड़ा, ब्रायडन कार्स, हर्ष दुबे, क्रेन्स फुलेट्रा, ट्रैविस हेड, प्रफुल्ल हिंगे, हेनरिक क्लासेन, लियाम लिविंगस्टोन, ईशान मलिंगा, कामिंदु मेंडिस, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षल पटेल, डेविड पायने, साकिब हुसैन, शिवम मावी, शिवांग कुमार, रविचंद्रन स्मरण, ओंकार तरमाले, जयदेव उनादकट, अनिकेत वर्मा, जीशान अंसारी। राजस्थान रॉयल्स: रियान पराग (कप्तान), ध्रुव जुरेल, डोनोवन फरेरा, लुआन-ड्रे प्रिटोरियस, रवि सिंह, अमन पेराला, शिम्रोन हेटमायर, शुभम दुबे, वैभव सूर्यवंशी, यशस्वी जयसवाल, रविंद्र जड़ेजा, सैम कुरेन, एडम मिल्ने, बृजेश शर्मा, जोफ्रा आर्चर, कुलदीप सेन, क्वेना मफाका, नंद्रे बर्गर, रवि बिश्नोई, संदीप शर्मा। समय: मैच शाम 07:30 बजे शुरू होगा।

पुलिस ने लूट को झपटमारी में बदलकर सजा कम करने की कोशिश की, हाई कोर्ट ने DSP और जांच अधिकारी को किया तलब

चंडीगढ़   पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। एक मामले में सजा कम करने के उद्देश्य से पुलिस ने लूटमार की घटना को झपटमारी में बदल दिया। अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया लूटमार का मामला होने के बावजूद इसे झपटमारी में परिवर्तित करना न्याय प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है। यह मामला जालंधर में दर्ज एक एफआईआर से संबंधित है, जिसमें शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि तीन अज्ञात हमलावरों ने बेसबाल बैट और ‘दातर’ जैसे हथियारों से हमला कर उसे और उसके साथी को घायल किया और मोबाइल फोन, नकदी तथा मोटरसाइकिल छीनकर फरार हो गए। इन तथ्यों के बावजूद पुलिस ने लूटमार की गंभीर धाराओं के बजाय झपटमारी से संबंधित प्रविधानों में मामला दर्ज किया। सुनवाई के दौरान जस्टिस सूर्य प्रताप सिंह ने टिप्पणी की कि एफआईआर में वर्णित घटनाक्रम स्पष्ट रूप से लूटमार की श्रेणी में आता है। अदालत ने जांच अधिकारी और संबंधित डीएसपी को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह स्पष्ट करने का निर्देश दिया कि लूटमार के मामले को झपटमारी में क्यों बदला गया। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि आपराधिक मामलों में लापरवाही या जानबूझकर की गई त्रुटियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। हमलावरों ने हथियारों से हमला कर जालंधर में की थी लूट आरोपित को दी जमानत कोर्ट ने कहा कि इस तरह की त्रुटियां तकनीकी नहीं होतीं, बल्कि इससे पूरे मामले की गंभीरता, सजा की प्रकृति और न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित होती है। आरोपित को नियमित जमानत भी प्रदान की, यह कहते हुए कि आरोपित सात महीने से हिरासत में है और जांच पूरी हो चुकी है। सह-आरोपितों को पहले ही मिल चुकी है।  

प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार, मुख्यमंत्री डॉ. यादव का बयान

प्रदेश में सहकार से हो रहा है डेयरी गतिविधियों का विस्तार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव डेयरी गतिविधियों में 26 हजार गांवों को जोड़ने और प्रतिदिन 52 लाख कि.ग्रा. दुग्ध संकलन का लक्ष्य दुग्ध क्षेत्र में पारदर्शिता और ब्रांड सुदृढ़ीकरण पर होगा विशेष फोकस दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को किया जाए प्रोत्साहित मोबाइल ऐप से होगा दुग्ध संकलन जिला स्तर पर कार्यक्रमों में होगा आदर्श पशुपालकों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई म.प्र. स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दुग्ध उत्पादन से जुड़ी गतिविधियां किसानों की आय बढ़ाने में प्रभावी रूप से सहायक है। किसानों की आय दोगुना करने के लिए किसान कल्याण वर्ष में राज्य सरकार डेयरी गतिविधियों को विशेष रूप से प्रोत्साहित कर रही है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा प्रदेश के दुग्ध संघों को दिए जा रहे सहयोग से दुग्ध संकलन में वृद्धि हुई है और किसानों को भी दूध के बेहतर दाम मिल रहे हैं। सहकार के भाव से डेयरी गतिविधियों का विस्तार किया जा रहा है। दुग्ध समितियों में महिला सदस्यता को प्रोत्साहित किया जा रहा है। डेयरी सहकारी कवरेज के विस्तार और सुदृढ़ीकरण, नई डेयरी प्रसंस्करण, उत्पाद निर्माण और पशु चारा संयंत्र के आधुनिकीकरण, डेयरी वैल्यू चैन के डिजीट्लाइजेशन, पारदर्शिता और दुग्ध उत्पादों की बिक्री को बढ़ाने के लिए समय-सीमा निर्धारित करते हुए कार्ययोजना बनाई जाए। डेयरी विकास योजना के अंतर्गत 26 हजार गांवो को जोड़ने, प्रतिदिन दुग्ध संकलन 52 लाख किलोग्राम तक करने का लक्ष्य रख, गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ये निर्देश मध्यप्रदेश स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन की राज्य स्तरीय संचालन समिति की द्वितीय बैठक में दिए। मुख्यमंत्री निवास के समत्व भवन में हुई बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग, पशुपालन एवं डेयरी विकास मंत्री लखन पटेल, वरिष्ठ विधायक तथा वरिष्ठ विधायक एवं अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन तथा अध्यक्ष नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड मीनेष शाह उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के दुग्ध क्षेत्र में अनुभव का लाभ राजधानी से लेकर ग्राम स्तर तक सुनिश्चित किया जाए। दूध और दुग्ध उत्पादों के बिक्री में सुधार के लिए ब्राण्ड सुदृढ़ीकरण और नई पैकेजिंग डिजाइन कर उत्पादों की पहुंच का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दुग्ध उत्पादन में वद्धि और विभिन्न दुग्ध उत्पादों के निर्माण के लिए किसानों को नवाचार करने के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने कहा कि किसानों तथा प्रदेश के युवाओं को डेयरी टेक्नोलॉजी की नई तकनीकों से परिचित कराने की भी आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदर्श पशुपालकों को सम्मानित करने, दूधारू पशुओं की प्रदर्शनी आयोजित करने और डेयरी के संबंध में सूचना सम्प्रेषण के लिए जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड द्वारा एमपी स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन और दुग्ध संघों का कार्यअनुबंध करने के बाद वर्ष 2025-26 में 1752 नई दुग्ध सहकारी समितियों का गठन किया गया तथा 701 निष्क्रिय दुग्ध समितियों को क्रियाशील किया गया। प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार कि.ग्रा. दुग्ध संकलन किया जा रहा है, साथ ही 153 नवीन बल्क मिल्क कूलर की स्थापना की गई है। दूध और दूध उत्पादों का क्रेडिट पर विक्रय बन्द कर दिया गया है। प्रदेश में दुग्ध संकलन मोबाइल ऐप से प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके माध्यम से दुग्ध प्रदायकों को दूध की मात्रा, गुणवत्ता और मूल्य की जानकारी तत्काल प्राप्त हो सकेगी। क्षेत्र संचालन तथा विपणन कार्य में लगे मैदानी अमले की मॉनीटरिंग के लिए फील्ड फोर्स मॉनीटरिंग ऐप आरंभ किया गया है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में दूध की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन में हानि को कम करने और एक समान उत्पादन सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया लागू की गई है। इंदौर में स्थापित 30 मीट्रिक टन क्षमता का दुग्ध चूर्ण संयंत्र आरंभ किया जा चुका है। शिवपुरी में 20 हजार लीटर क्षमता के डेयरी संयंत्र और ग्वालियर डेयरी संयंत्र के सुदृढ़ीकरण का कार्य प्रगति पर है। पशु आहार संयंत्रों की क्षमता का अधिकतम उपयोग करने के लिए विशेष व्यवस्था लागू की गई है। पीपीपी मोड पर भी प्रसंस्करण संयंत्रों की स्थापना को प्रोत्साहित किया जाएगा। बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव पशुपालन एवं डेयरी विकास उमाकांत उमराव, प्रमुख सचिव सहकारिता डी. पी. आहूजा, सहित राज्य सरकार और एनडीडीबी के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

राघव चड्ढा समेत चार नेताओं ने बीजेपी जॉइन की, मिठाई खिलाकर स्वागत किया नितिन नवीन और अशोक मित्तल ने

नई दिल्ली  राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करके आम आदमी पार्टी (AAP) से अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया है. राघव ने भारी मन से कहा कि आम आदमी पार्टी अपने उन आदर्शों और बुनियादी मूल्यों से पूरी तरह भटक गई है, जिनके लिए इसे बनाया गया था. उन्होंने अपनी स्थिति तय करते हुए कहा, "मैं आम आदमी पार्टी से दूर जा रहा हूं और जनता की ओर बढ़ रहा हूं।  राघव चड्ढा ने एक बेहद चुटीली और सीधी टिप्पणी करते हुए खुद को 'गलत पार्टी में सही आदमी' बताया. उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर अब वे घुटन महसूस कर रहे थे क्योंकि पार्टी का मौजूदा स्वरूप उसके शुरुआती सिद्धांतों से मेल नहीं खाता।  राघव चड्ढा ने बताया कि हमारे साथ दो तिहाई ज्यादा AAP के राज्यसभा सांसद हमारे साथ हैं. उन्होंने साइन भी कर दिया है. इसमें हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेताओं राघव चड्ढा के साथ शामिल हैं।  राघव चड्ढा के आम आदमी पार्टी छोड़ने पर अरविंद केजरीवाल का पहला रिएक्शन आ गया है. पूरी ख़बर को आप यहां क्लिक कर पढ़ सकते हैं. राघव चड्ढा, संदीप सिंह और अशोक मित्तल बीजेपी दफ्तर पहुंच चुके हैं. वे पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करके औपचारिक रूप से भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता लेंगे।  राज्यसभा में AAP के पास राज्यसभा में 10 सांसद हैं. 7 पंजाब से और 3 दिल्ली से हैं. ताजा इस्तीफा होने के बाद अब AAP के पास राज्यसभा में सिर्फ तीन सांसद बचे हैं. इनमें संजय सिंह (दिल्ली), एनडी गुप्ता (दिल्ली) और जल कार्यकर्ता बलबीर सिंह सिच्चेवाल (पंजाब) हैं।  संदीप पाठक ने भी छोड़ी पार्टी AAP नेता संदीप पाठक ने कहा कि मैंने अपने जीवन में नहीं सोचा था कि ये स्थिति आएगी पर ये आई। 10 साल से इस पार्टी से मैं जुड़ा रहा और आज मैं AAP से अपने रास्ते अलग कर रहा हूं। संदीप पाठक भी बीजेपी में शामिल हो गए हैं। स्वाति मालीवाल भी हुई बीजेपी में शामिल राज्यसभा सांसद स्वाति मालीवाल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। वह भी बीजेपी का दामन थाम चुकी है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह भी भाजपा में शामिल हो गए हैं। अशोक मित्तल ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया है। राजेंद्र गुप्ता भी बीजेपी में शामिल हुए। 2 अप्रैल को उपनेता पद से हटाए गए थे आम आदमी पार्टी ने बीते 2 अप्रैल को उन्हें राज्यसभा में पार्टी के उप नेता के पद से हटा दिया था। इस बारे में राज्यसभा सचिवालय को पार्टी की तरफ से पत्र लिखा गया था। इसमें कहा गया था कि चड्ढा को पार्टी के कोटे से बोलने का टाइम न दिया जाए। पार्टी ने उनकी जगह लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के अशोक मित्तल को उप नेता बनाया था। हालांकि, मित्तल ने भी आज पार्टी का दाम छोड़ दिया।  आम आदमी पार्टी पर लगाया गंभीर आरोप दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, कि उन्होंने और राज्यसभा में आप के दो-तिहाई सदस्यों ने फैसला किया है कि वे संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी, जिसे उन्होंने अपने खून-पसीने से खड़ा किया और अपनी जिंदगी के 15 साल दिए, अब अपने सिद्धांतों और मूल्यों से भटक चुकी है। उनके मुताबिक, पार्टी अब देश के हित के बजाय निजी फायदे के लिए काम कर रही है। राघव चड्ढा ने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय से उन्हें लग रहा था कि वह गलत पार्टी में सही व्यक्ति हैं। इसी वजह से उन्होंने पार्टी से अलग होने का फैसला लिया है और अब वह जनता के और करीब जाने की बात कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देने से पहले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि, राजनीति में आने से पहले वह एक प्रैक्टिस करने वाले चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) थे। उन्होंने बताया कि जब यह मंच बना था, तब इसमें अलग-अलग क्षेत्रों के लोग जुड़े थे—कुछ वैज्ञानिक थे, तो कुछ शिक्षाविद। उन्होंने कहा कि आज आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ने वालों में एक विश्व स्तर का क्रिकेटर, एक पद्म श्री सम्मान पाने वाला व्यक्ति और एक सामाजिक कार्यकर्ता भी शामिल हैं। इन सभी लोगों ने भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने के लक्ष्य के साथ अपना सब कुछ छोड़कर इस पार्टी को बनाया था। राघव चड्ढा ने बताया कि वह इस पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं और पार्टी को अच्छी तरह समझते हैं। उनके अनुसार, उन्होंने और उनके साथियों ने पूरी मेहनत और ईमानदारी से दिल्ली में पार्टी को खड़ा किया, पंजाब में उसे मजबूत बनाया और दूसरे राज्यों में भी फैलाने की कोशिश की। लेकिन अब उन्होंने दुख जताते हुए कहा कि जिस पार्टी की शुरुआत भ्रष्टाचार खत्म करने के मकसद से हुई थी, वही आज भ्रष्ट और समझौता करने वाले लोगों के हाथों में फंस गई है। उनका कहना है कि इसी वजह से जो लोग देश सेवा के इरादे से पार्टी में आए थे, वे अब या तो पार्टी छोड़ चुके हैं या धीरे-धीरे छोड़ रहे हैं। राघव चड्ढा के मुताबिक, सभी सांसदों ने इस संबंध में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर दिए हैं और इन्हें राज्यसभा के सभापति को सौंप दिया गया है. उन्होंने कहा कि तीन सांसद उनके साथ मौजूद हैं, जबकि अन्य में हरभजन सिंह, राजिंदर गुप्ता, विक्रम साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल हैं।  1. स्वाति मालीवाल: जनवरी 2024 में निर्वाचित. 2. अशोक कुमार मित्तल: पंजाब. 3. संजीव अरोड़ा: पंजाब 4. संदीप पाठक: पंजाब 5. हरभजन सिंह: पंजाब 6. बलबीर सिंह सीचेवाल: पंजाब 7. विक्रमजीत सिंह साहनी: पंजाब

AAP के 50 विधायकों में टूट का डर, कांग्रेस ने किया बड़ा अलर्ट

चंडीगढ़   आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने शुक्रवार को अरविंद केजरीवाल को बड़ा झटका दिया है। चड्ढा आम आदमी पार्टी के दो तिहाई राज्यसभा सांसदों को साथ लेकर भाजपा में शामिल होने वाले हैं। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर पंजाब से लेकर नई दिल्ली तक उथल-पुथल मची हुई है। इसी बीच पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने आम आदमी पार्टी को सलाह दी है कि वह सचेत रहे, क्योंकि हो सकता है कि उसके 50 विधायक भी जल्दी ही भाजपा में शामिल हो जाएं। एएनआई से बात करते हुए पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पैसा देखकर लोगों को राज्यसभा सीट दे दी। ऐसे में इन लोगों की कोई विचारधारा नहीं थी। ऐसे में ऐसा संभव था कि वह अलग होंगे, यह तो होना ही था। उन्होंने कहा, "पार्टी ने पैसा देखकर लोगों को राज्यसभा सांसद बना दिया। इनकी कोई विचारधारा तो थी नहीं। ऐसे में वह जैसे आए थे, वह वैसे ही चले गए। मुझे तो डर है कि ऐसे ही आम आदमी पार्टी के 50 विधायक भी न चले जाएं। यह तो केवल सांसद गए हैं। जब विचारधारा नहीं है, आप को लोग पैसा देखकर, इंडस्ट्री देखकर राज्यसभा सदस्य बनाओगे। और उनसे कई तरीके की मदद लोगे, तो यह होना ही था।" कार्यकर्ताओं को बनाना चाहिए था राज्यसभा सांसद: वारिंग कांग्रेस पंजाब सांसद ने कहा कि आम आदमी पार्टी को ऐसे लोगों को राज्यसभा भेजना चाहिए था, जिनकी विचारधारा पता थी। उन्हें कार्यकर्ताओं को यह सीट देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा, "जब भी पार्टी विचारधारा का व्यक्ति नहीं चुनती हैं, तो ऐसा ही होता है। वैसे भी इन राज्यसभा सांसदों की पंजाब में कोई कीमत नहीं है। ऐसा माल चाहें आम आदमी पार्टी के पास रहे, चाहें वह भाजपा के पास चला जाए। हमें इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है।" यह अन्य पार्टियों के लिए सबक: वारिंग कांग्रेस पंजाब अध्यक्ष वारिंग ने कहा कि इस घटनाक्रम से अन्य पार्टियों को भी सबक लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब भी लोगों को बड़े पदों की जिम्मेदारियां दें, उसके पहले उनकी विचारधारा की जांच कर लें। अगर केवल पैसे वाले लोगों को ऐसे पद दिए जाएंगे, तो वह लोग छोड़कर भागेंगे ही। उन्होंने कहा, "कांग्रेस ने कभी भी ऐसे लोगों को राज्यसभा नहीं भेजा। कांग्रेस ने कार्यकर्ता को और विचारधारा से मेल खाने वाले व्यक्तियों को ही राज्यसभा भेजा है। इन राज्यसभा सांसदों को शामिल करके भाजपा यह न सोचे कि उन्होंने पंजाब फतह कर लिया है, क्योंकि इन सांसदों से वैसे भी पंजाब में नफरत ही थी।"