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सात IAS अधिकारियों के तबादले के साथ पंजाब में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, अर्शदीप थिंद को नई जिम्मेदारी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार ने  प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए सात आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। कार्मिक विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई जिम्मेदारियां संभालने के निर्देश दिए गए हैं।  2003 बैच के आईएएस कमल किशोर यादव को वन एवं वन्यजीव संरक्षण विभाग के सचिव का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। आईएएस अर्शदीप सिंह थिंद को जल आपूर्ति एवं स्वच्छता विभाग के सचिव का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है। आईएएस अमित तलवार को ड्रग्स मामलों और जनगणना से संबंधित नोडल अधिकारी, आईएएस परमिंदर पाल सिंह को रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग में विशेष सचिव, आईएएस गौतम जैन को पंजाब हेल्थ सिस्टम कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक, आईएएस जसबीर सिंह पंजाब स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और आईएएस पल्लवी मिश्रा को कलानौर में एसडीएम नियुक्त किया गया है। 

लोक अदालत में मिल रहा त्वरित न्याय: राजीनामे के जरिए मामलों का हो रहा निराकरण

रायपुर. रायपुर. आपसी सुलह (राजीनामा) के जरिए मामलों का निपटारा करने के लिए राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) नई दिल्ली के तत्वावधान में आज देशव्यापी नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (सालसा) बिलासपुर द्वारा प्रदेश के सभी जिला न्यायालयों एवं व्यवहार न्यायालयों में भी लोक अदालत आयोजित की जा रही है। यह कैलेण्डर वर्ष 2026 की दूसरी लोक अदालत है। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरणों के निराकरण किया जाएगा। इसी प्रकार बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा से संबंधित प्रक्ररणों को निराकृत किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। लोक अदालत के दिन जिला न्यायालय एवं तालुका न्यायालय (व्यवहार न्यायालय) में लंबित शमनीय अपराध के प्रकरण मोटर दुर्घटना दावा से संबंधित प्रकरण, 138 एनआई एक्ट, के अंतर्गत चेक बाउंस का प्रकरण धारा 125 दण्ड प्रक्रिया संहिता तथा मेट्रोमोनियल डिस्प्युट के अलावा जल कर, संपत्ति कर, राजस्व संबंधी प्रकरण ट्रैफिक चालान, भाड़ा नियंत्रण आबकारी से संबंधित प्रकरणों के निराकरण किया जाएगा। इसी प्रकार बैंक विद्युत संबंधी प्री-लिटिगेशन प्रकरण, राजस्व न्यायालय खंडपीठ में खातेदारों के मध्य आपसी बंटवारे, वारिसों के मध्य बटवारे का निराकरण किया जाएगा। न्यायालयों में बड़ी संख्या में लंबित प्रकरणों में कमी लाने के उद्देश्य से तथा प्रभावित पक्षकारों को त्वरित एवं सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में नेशनल लोक अदालत एक प्रभावशाली कदम है। नेशनल लोक अदालत के लिए खण्डपीठों का गठन कर विभिन्न प्रकरणों तथा प्री.लिटिगेशन का निराकरण किया जाएगा। लोक अदालत के माध्यम से न्यायालय में राजीनामा योग्य आपराधिक प्रकरणों धारा. 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों, बैंक रिकवरी प्रकरण, सिविल प्रकरण, निष्पादन प्रकरण, विद्युत संबंधी मामलों तथा पारिवारिक विवाद के मामलों का निराकरण किया जाता हैं। इसके अतिरिक्त राजस्व, बैंक, विद्युत विभाग दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद, नगर पंचायत में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री.लिटिगेशन प्रकरण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रस्तुत किए जाएंगे। विधिवत पंजीयन उपरांत संबंधित पक्षकारों के प्रकरण लोक अदालत खण्ड पीठ में निराकृत किए जाएंगे। इस तरह पक्षकार अपने न्यायालयीन प्रकरणों का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करा सकते हैं। इसके अलावा लोक अदालत में दूरसंचार विभाग, नगर निगम, नगर पालिका परिषद् में वसूली संबंधी लंबित प्रकरण प्री-लिटिगेशन प्रकरण, याददाश्त के आधार पर बंटवारा, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, बैंक रिकवरी प्रकरण, कब्जे के आधार पर बंटवारा से संबंधित प्रक्ररणों को निराकृत किया जाएगा। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस-2023) के अंतर्गत कार्यवाही के मामले, रेन्ट कंट्रोल एक्ट, सूखाधिकार से संबंधित मामलों के साथ-साथ विक्रय पत्र, दानपत्र और वसीयतनामा के आधार पर नामांतरण के मामले तथा अन्य प्रकृति के सभी मामले सम्मिलित और चिन्हांकित कर आपसी राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत के माध्यम से निराकृत किया जाएगा।

पंजाब की राजनीति गरमाई: भगवंत मान बोले- ED के जरिए डराकर सत्ता हथियाना चाहती है बीजेपी

संगरूर. ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स, चुनाव आयोग को भाजपा द्वारा हथियारों के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि इन हथियारों को भाजपा राजनीति के लिए अन्य राज्यों के बाद अब पंजाब भाजपा के निशाने पर है। पूरे देश में भाजपा का काम करने का यही तरीका है, जिसका सामना अब पंजाब को करना पड़ रहा है। पहले अशोक मित्तल के कारोबार घरानों पर ईडी की रेड हुई थी, जिसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे व रेड खत्म हो गए। आज कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा पर यह तीसरी बार ईडी की रेड करवाई गई है, पहले भी दो बार रेड हुई कुछ नहीं निकला व अब तीसरा बार रेड हुई है। इससे साफ है कि भाजपा ईडी को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। सीएम ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी साधा निशाना मान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का नाम लेते हुए सीधे तौर पर भाजपा को सख्त चेतावनी देते कहा कि यह अन्य राज्यों में यह हथियार चला सकते हैं, लेकिन पंजाब में भाजपा अपने इन मसूबों में कामयाब नहीं होगी। चार दिन से वह शुक्राना यात्रा पर निकले हैं व इन चार दिनों में ही कभी धमाके व कभी ईडी की छापामारी करवाई जा रही है। शुक्राना यात्रा को असफल करने का प्रयास भी है। मान ने कहा कि पंजाब को निशाना बनाने में भाजपा कोई कसर बाकी नहीं छोड़ रही। पिछले दिनों में एक कारोबारी के ठिकाने पर ईडी की रेड हुई व इसे आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा के साथ जोड़ा जा रहा है। यह डराने का प्रयास है, लेकिन इसे सफल नहीं होने दिया जाएगा। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ पर टिप्पणी करते मान ने कहा कि क्या अब भाजपा उन्हें देशभक्ति से सर्टिफिकेट बांटेगी। भाजपा ने बंगाल, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, उड़ीसा में अराजक्ता फैलाई व उसके बाद वहां वोट मांगी। यह पहले आग लगाते हैं व फिर वोट हासिल करके सरकार बनाते हैं। बंगाल में भाजपा ने नारा लगाया कि बंगाल में सरकार हमारी है व अब पंजाब में बारी है। इसी नारे तले अब भाजपा पंजाब में आग लगाने की कोशिश कर रही है। भाजपा (भारत जलाओ पार्टी) बन चुकी है। बेअदबी कानून पर क्या बोले सीएम? जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन कानून 2026 पर मान ने स्पष्ट किया कि कानून बन चुका है व किसी कीमत पर यह कानून वापस नहीं होगा। गवर्नर द्वारा हस्ताक्षर किए जा चुके हैं। पूरी सिख संगत, दुनिया भर की सिख संगत को यह कानून पसंद आया है, लेकिन एक परिवार को यह कानून पसंद नहीं आ रहा है, क्योंकि वह बेअदबी करवाने वाला परिवार है, इसलिए यह परिवार इस कानून को वापस करवाने पर तुला है। यह पंथ हितैषी बनने का ढोग करते हैं, जबकि पंजाब की सड़कों पर शुक्राना करने के लिए निकली संगत कानून के हक में असल गवाही भरती है। गत दिवस श्री अकाल तख्त साहिब जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज द्वारा दिए गए 15 दिन के नोटिस पर मान ने कहा कि वह कितनी मर्जी बैठकें कर लें, लेकिन कानून वापस नहीं होगा यह पत्थर की लकीर है।

CGBSE D.P.Ed. Result 2026 आउट: फर्स्ट ईयर में 51% और सेकंड ईयर में छात्रों ने मारी बाजी

रायपुर. छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से आयोजित D.P.Ed. परीक्षा 2026 का रिजल्ट गुरुवार 8 मई को घोषित कर दिया गया। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा डीपीएड परीक्षा के परिणाम जारी किए गए है। परीक्षार्थी सीजीबीएसई की वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते है। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा आयोजित डी.पी.एड. (DPEd-) परीक्षा वर्ष 2026 का परीक्षा परिणाम आज 08 मई 2026 को घोषित कर दिया गया है। उक्त परीक्षा में प्रथम वर्ष के 51 तथा द्वितीय वर्ष के 52 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे। सभी परीक्षार्थी मण्डल की आधिकारिक वेबसाइट https://www.cgbse.nic.in/ पर अपना अनुक्रमांक प्रविष्ट कर परीक्षा परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

विजय के शपथ समारोह में अटपटे हालात, तमिलनाडु की राजनीति में नए मोड़

चेन्नई  तमिनलाडु की सियासत में सस्पेंस ही सस्पेंस है. ऐसा लग रहा जैसे सांप-सीढ़ी का खेल चल रहा हो. कभी थलापति विजय की टीवीके की सरकार बनती दिखती है तो कभी डीएमके-एआईडीएमके के बीच गठबंधन की हवा चलती है. कभी सरकार बनने की बात आती हो तो कभी फिर इंतजार बढ़ जाता है. थलापति विजय कभी सरकार बनाने के लिए बहुमत होने की बात करते हैं तो कभी उनके नंबर कम पड़ जाते हैं. पहले खबर आई कि थलापति विजय आज सरकार बनाएंगे और शपथग्रहण होगा. मगर अब तमिलनाडु में फिर ट्विस्ट आ गया है. ऐसा लग रहा है कि थलापति विजय के शपथग्रहण पर फिर से ग्रहण लग गया है. कारण कि आधिकारिक तौर पर अब तक गवर्नर ने सरकार बनाने के लिए थलापति विजय को न्योता नहीं दिया है।  जी हां, टीवीके के संस्थापक एक्टर विजय के 118 विधायकों के बहुमत के आंकड़े को पार करने और सरकार बनाने का दावा पेश करने के कुछ घंटे बाद ही शुक्रवार देर रात उनकी बहुमत की स्थिति को लेकर नया संशय पैदा हो गया. आईयूएमएल ने थलापति विजय को समर्थन देने से इनकार कर दिया. वहीं वीसीके ने अपना फैसला लंबित रखा है और समर्थन के बदले कड़ी शर्तें रखीं. इससे तमिलनाडु की राजनीतिक स्थिति अस्थिर हो गई और बहुमत के आंकड़े फिर से अनिश्चित हो गए।  116, 117, 118: विजय अब भी बहुमत से दूर इन सबके बीच सरकार बनाने को लेकर थलापति विजय की टीवीके के लिए असमंजस और अनिश्चितता और बढ़ गई है. कारम कि थलापति विजय अब भी बहुमत के जादुई आंकड़े तक नहीं पहुंच पाए हैं. राज्यपाल से तीसरी बार मुलाकात के बाद भी टीवीके विधानसभा में बहुमत से कुछ कदम दूर है. यही कारण है कि राज्यपाल ने सरकार बनाने के लिए न्योता नहीं दिया है. थलापति विजय की टीवीके के पास 108 सीटें हैं. असल में देखें तो 107 क्योंकि विजय ने दो सीटों से जीत दर्ज की है. ऐसे में एक सीट उन्हें छोड़नी होगी. तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत है।  कैसे थलापति विजय को लगा झटका थलापति विजय के दो सीटों से जीतने के बाद प्रभावी बहुमत घटकर 117 रह गया. डीएमके गठबंधन से अलग हुई कांग्रेस ने अपने पांच विधायकों के साथ विजय को समर्थन दिया है. सीपीआई और सीपीआई(एम) के दो-दो विधायकों ने भी बिना शर्त बाहर से समर्थन देने का ऐलान किया है. लेकिन आईयूएमएल ने डीएमके गठबंधन के साथ रहने का फैसला किया, जिससे विजय की पक्की संख्या घट गई और बहुमत के आंकड़े कड़े हो गए. ऐसे में विजय के बहुमत का आंकड़ा कभी 116 पर अटक जाता है तो कभी 118 पूरा हो जाता है. मगर आईयूएमएल के पीछे हटने से टीवीके अभी 116 पर है और उसे अब भी दो सीटों की जरूरत है।  आईयूएमएल ने बिगाड़ा विजय का खेल इधर डीएमके की पुरानी सहयोगी आईयूएमएल के पास दो विधायक हैं. उसने कहा कि वह राज्यपाल आरएन रवि की ओर से आमंत्रित किसी भी पार्टी को ‘स्थिर और धर्मनिरपेक्ष सरकार’ बनाने के लिए समर्थन देगी और भाजपा को ‘पीछे के रास्ते’ से राज्य में घुसने से रोकेगी. चूंकि न तो डीएमके और न ही एआईएडीएमके के पास सरकार बनाने के लिए पर्याप्त संख्या है. इसलिए माना जा रहा था कि राज्यपाल विजय को सरकार बनाने का न्योता देंगे. टीवीके सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है।  हालांकि, बाद में खबर आई कि डीएमके की एक और सहयोगी वीसीके ने अपने विधायकों के साथ थलापति विजय को समर्थन देने का फैसला किया है. एक उच्चस्तरीय बैठक के बाद पार्टी सूत्रों ने बताया कि वीसीके ने समर्थन देने पर सहमति जताई है और शनिवार सुबह टीवीके को समर्थन पत्र सौंपेगी. पार्टी प्रवक्ता ने भी यूएनआई से इस कदम की पुष्टि की।  शपथग्रहण पर ग्रहण वहीं, वाम दलों के समर्थन और वीसीके के संभावित समर्थन के साथ थलापति विजय ने राज्यपाल से मुलाकात की. इससेक पहले वो दो बार राज्यपाल से मिल चुके थे और दोनों बार निराशा हाथ लगी थी. अबकी बार थलापति विजय ने सरकार बनाने का दावा पेश किया और समर्थन पत्र सौंपे. इससे राज्यभर में टीवीके कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल बन गया. खबरें यह भी थीं कि विजय का शपथ ग्रहण शनिवार को हो सकता है।  रात में अचानक हुआ खेल हालांकि, रात में हालात अचानक बदल गए. थलापति विजय ने सीपीआई और सीपीआई(एम) नेताओं से मिलकर समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और आईयूएमएल और वीसीके नेताओं से मिलने की योजना बनाई, लेकिन दोनों दलों ने अपने रुख पर पुनर्विचार के संकेत दिए. इससे थलापति विजय को तगड़ा झटका लगा. अब सबसे बड़ा यूटर्न है कि आईयूएमएल ने स्पष्ट रूप से टीवीके को समर्थन देने से इनकार कर दिया है. उसने कहा कि वह डीएमके गठबंधन के साथ ही रहेगी. आईयूएमएल ने कहा कि हम पहले भी डीएमके के साथ थे, अब भी हैं और आगे भी रहेंगे।  थलापति विजय को एक बार फिर झटका लगा है. वीसीके ने भी लिया यूटर्न वहीं, वीसीके ने कहा कि बातचीत जारी है और विजय को समर्थन देने पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. खबरें यह भी थीं कि पार्टी समर्थन के बदले कड़ी शर्तें रख रही है. यह बात तब और मजबूत हो गई जब वीसीके के उप महासचिव और नवनिर्वाचित विधायक वन्नियारासु ने सोशल मीडिया पर सत्ता और शासन में हिस्सेदारी की मांग की. इस अनिश्चितता के बीच TVK के सदस्य जो विजय के शपथ ग्रहण की उम्मीद में बड़ी संख्या में जुटे थे, उन्हें निराशा हाथ लगी क्योंकि बहुमत का आंकड़ा पूरा नहीं हो पाया. अब आगे जब तक बहुमत वाला नंबर नहीं दिखा देते एक्टर विजय, तब तक टीवीके सरकार का सपना… सपना ही रहेगा। 

ईंधन के दाम में इजाफा संभव, सरकार को हर दिन उठाना पड़ रहा 1000 करोड़ का भार

 नई दिल्‍ली ईरान अमेरिका तनाव और होर्मुज के बंद होने से ग्‍लोबल स्‍तर पर कच्चे तेल के दाम में भारी उछाल देखने को मिली है. कुछ ही समय में कच्‍चे तेल के दाम 70 डॉलर प्रति बैरल से 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए हैं, जिसके बाद भी देश में पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहे हैं, लेकिन अब संभावना जताई जा रही है कि ईंधन की कीमतें जल्‍द बढ़ सकती हैं।  क्‍यों सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को हर दिन भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसका पूरा भार या तो कंपनी के ऊपर या सरकार के खजाने पर पड़ रहा है. इस कारण, पेट्रोल-डीजल के दाम में हफ्ते भर के दौरान बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।  सूत्रों ने बिजनेस टुडे को बताया कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 15 मई से पहले बढ़ोतरी की जा सकती है, क्योंकि सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों  को प्रति माह लगभग 30,000 करोड़ रुपये के भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।  स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज ने बढ़ाई टेंशन  स्‍ट्रेट ऑफ होर्मुज, जिससे होकर दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति गुजरती है, पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के कारण हफ्तों से बुरी तरह प्रभावित है, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट पैदा हो गया है. कई देशों में ईंधन की समस्‍या आई है और कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है।  हांगकांग में पेट्रोल की कीमत लगभग 295 रुपये प्रति लीटर है, सिंगापुर में लगभग 240 रुपये, नीदरलैंड में 225 रुपये, इटली में 210 रुपये और ब्रिटेन में लगभग 195 रुपये प्रति लीटर है. वहीं, भारत में कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें बिना किसी बड़े संशोधन के लगभग 95 रुपये प्रति लीटर के आसपास बनी हुई हैं।  कई देशों में इमरजेंसी लागू  कई देशों ने एनर्जी संकट से निपटने के लिए पहले ही आपातकालीन उपाय लागू कर दिए हैं. बांग्लादेश ने ईंधन की राशनिंग लागू की गई है, श्रीलंका ने चार दिन का कार्य सप्ताह शुरू किया, पाकिस्तान ने सरकारी कार्यालयों के कार्य दिवस कम किए, जबकि दक्षिण कोरिया ने दशकों में पहली बार ईंधन की कीमतों पर सीमा लागू की. हालांकि, भारत में ईंधन की कमी, लंबी कतारें या राशनिंग जैसी समस्याएं नहीं हुईं।  भारत ने उठाए सख्‍त कदम  सरकारी और उद्योग जगत के सूत्रों के अनुसार, संकट शुरू होते ही भारत ने तेजी से कदम उठाए. घरेलू एलपीजी उत्पादन को कुछ ही दिनों में 36,000 टन प्रतिदिन से बढ़ाकर 54,000 टन प्रतिदिन कर दिया गया है. सरकार ने वैश्विक स्तर पर बढ़ती कीमतों से लोगों को राहत देने के लिए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में भी भारी कमी की।  सरकार और तेल कंपनियां उठा रहीं भार  उद्योग जगत के अनुमानों के अनुसार, कच्चे तेल की कीमतों के चरम पर, सरकार और तेल उत्पादक कंपनियां मिलकर पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 30 रुपये प्रति लीटर का भार प्रभावी रूप से वहन कर रही थीं।  उत्पाद शुल्क में कटौती के बाद भी, इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम को मिलाकर हर महीने लगभग ₹30,000 करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है।  100 फीसदी अधिक क्षमता पर काम  भारत ने रूस, अमेरिका, पश्चिम अफ्रीका और अन्य क्षेत्रों से कच्चे तेल का आयात बढ़ाकर आपूर्ति को स्थिर करने में भी कामयाबी हासिल की है. खबरों के मुताबिक, ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए रिफाइनरियां 100% से अधिक क्षमता पर काम कर रही हैं. हालांकि, वेस्‍ट एशिया में जारी संघर्ष और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण पब्लिक सेक्‍टर की तेल कंपनियों पर दबाव बढ़ता जा रहा है। 

ASI ने बताया: नेटवर्क पर सख्त निगरानी, प्रोडक्शन वारंट से होगी पूछताछ

फरीदकोट  फरीदकोट की केंद्रीय जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक करमजीत सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर जेल कर्मचारियों की टीम ने शुक्रवार रात विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। तलाशी अभियान के दौरान जेल में बंद हवालाती बठिंडा निवासी दलेर सिंह, फाजिल्का निवासी जशनप्रीत सिंह, मोगा निवासी अमरजीत सिंह, दिलबाग सिंह और हरजीत सिंह के पास से चार मोबाइल फोन बरामद हुए। थाना सिटी पुलिस ने उक्त पांचों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी-जांच अधिकारी इस संबंध में जांच अधिकारी और जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। यह भी जांच की जाएगी कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।  

Al-Nassr के लिए जाओ फेलिक्स का धमाका, हैट्रिक से अल शबाब पस्त

नई दिल्ली क्रिस्टि‍यानो रोनाल्डो (Cristiano Ronaldo) ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. सऊदी प्रो लीग  (Saudi Pro League) में खेलते हुए रोनाल्डो ने अपना 100वां गोल दाग दिया. उनकी टीम अल नसर (Al-Nassr) ने गुरुवार को Al-Shabab को 4-2 से हराकर खिताब की रेस को और रोमांचक बना दिया. 41 साल के रोनाल्डो ने मुकाबले के 75वें मिनट में गोल किया. यह गोल साद‍ियो माने ( Sadio Mané) के शानदार क्रॉस पर आया, जिसे रोनाल्डो ने नजदीकी पोस्ट पर शानदार तरीके से नेट में पहुंचाया. सऊदी प्रो लीग  में यह उनका 100वां गोल रहा, जबकि प्रोफेशनल करियर का कुल 971वां गोल भी इसी मैच में आया. इस सीजन में रोनाल्डो अब तक 26 लीग गोल कर चुके हैं और लगातार शानदार फॉर्म में नजर आ रहे हैं. हालांकि, दिसंबर 2022 में अल नसर से जुड़ने के बाद से वह अब तक सऊदी अरब में कोई बड़ा खिताब नहीं जीत पाए हैं. मैच में अल नसर के लिए सबसे बड़ा आकर्षण जाओ फेल‍िक्स  (João Félix) भी रहे. जुलाई में चेल्स‍िया से क्लब से जुड़े फेल‍िक्स ने शानदार हैट्रिक लगाकर टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई. उनकी आक्रामक खेल शैली ने अल शादाब के डिफेंस को पूरी तरह दबाव में रखा. मैच के बाद अल नसर के कोच जॉर्जी जीसस (Jorge Jesus) ने रोनाल्डो की तारीफ करते हुए कहा, रोनाल्डो हमेशा अटैक में खतरनाक रहते हैं और आज हमने फिर वही देखा. इस जीत के साथ अल नसर ने 32 मैचों में 82 अंक हासिल कर लिए हैं और टीम तालिका में टॉप पर पहुंच गई है. टीम अब दूसरे स्थान पर मौजूद अल ह‍िलाल से पांच अंक आगे है. हालांकि अल ह‍िलाल के पास अभी तीन मैच बाकी हैं, जो खिताबी मुकाबले को और दिलचस्प बना रहे हैं. अब सभी की नजर मंगलवार को होने वाले र‍ियाद डर्बी पर रहेगी, जहां  अल नसर और अल आमने-सामने होंगे. यह मुकाबला लीग टाइटल की दिशा तय कर सकता है. कोच ने इस बड़े मैच को लेकर कहा- हम जानते हैं कि यह मुकाबला कितना महत्वपूर्ण है. छोटी-छोटी चीजें मैच का नतीजा तय कर सकती हैं और हमारी पूरी टीम पूरी फोकस के साथ तैयारी कर रही है.

गोबर और दूषित पानी बहाने वाले डेयरी संचालक पर लुधियाना में कानूनी कार्रवाई

लुधियाना लुधियाना की लाइफलाइन माने जाने वाले बुड्ढा दरिया (नाला) को प्रदूषित करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। जल संसाधन विभाग (ड्रेनेज-कम-माइनिंग और जियोलॉजी मंडल) की शिकायत पर थाना नंबर 7 की पुलिस ने एक डेयरी संचालक के खिलाफ की करवाई।  कार्यकारी इंजीनियर लुधियाना ड्रेनेज-कम-माइनिंग मंडल को सूचना मिली थी कि गुरु नानक नगर गांव भामियां कलां स्थित एक डेयरी द्वारा सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। जांच में पाया गया कि आरोपी डेयरी संचालक सुरिंदर कुमार उर्फ रोमी अपनी डेयरी का गोबर, गंदगी और दूषित पानी सीधे बुड्ढा दरिया में बहा रहा था। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई 10 फरवरी 2026 को प्राप्त हुई लिखित शिकायत के आधार पर अमल में लाई गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि डेयरी वेस्ट के कारण नाले का पानी न केवल जहरीला हो रहा है, बल्कि इससे जल शोधन परियोजनाओं में भी बाधा आ रही है। इन धाराओं में फंसा आरोपी पुलिस ने आरोपी सुरिंदर कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और ड्रेनेज एक्ट U/S 70 NIC & Drainage Act 1873 सरकारी जलमार्गों में कचरा फेंकने और नियमों के उल्लंघन में धारा 271, 272, 279 BNS के तहत केस दर्ज किया है। जन स्वास्थ्य को खतरे में डालने लापरवाही से प्रदूषण फैलाने और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के मामले में। प्रशासन की चेतावनी: अब नरमी नहीं ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि बुड्ढा नाला का कायाकल्प मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में से एक है। इसके बावजूद कई डेयरी संचालक और फैक्ट्रियां चोरी-छिपे वेस्ट पाइपों के जरिए नाले में कचरा डाल रहे हैं। थाना 7 के जांच अधिकारी ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है। आरोपी की डेयरी पर भी विभाग द्वारा आगामी कार्रवाई की जा सकती है, ताकि भविष्य में कोई अन्य व्यक्ति ऐसी हिम्मत न करे।  

RR vs GT शुभमन गिल और वैभव सूर्यवंशी पर रहेंगी सबकी नजरें

जयपुर राजस्थान रॉयल्स वर्सेस गुजरात टाइटंस आईपीएल 2026 का 52वां मैच आज यानी शनिवार, 9 मई को जयपुर के सवाई मान सिंह स्टेडियम में खेला जाना है। राजस्थान वर्सेस गुजरात मैच भारतीय समयानुसार शाम 7 बजकर 30 मिनट पर शुरू होगा, जबकि टॉस के लिए दोनों कप्तान -रियान पराग और शुभमन गिल- आधा घंटा पहले यानी 7 बजे मैदान पर उतरेंगे। प्लेऑफ के क्वालिफिकेशन के नजदीक पहुंचने पर राजस्थान और गुजरात दोनों टीमों की नजरें होंगी। राजस्थान रॉयल्स आईपीएल 2026 पॉइंट्स टेबल में 10 मैचों में 6 जीत के साथ चौथे नंबर पर है, वहीं 10 मैचों में इतनी ही जीत के साथ गुजरात पांचवें पायदान पर है। अगर आज गुजरात जीतती है तो वह टॉप-4 में जगह बना सकती है। शुभमन गिल के सामने आज वैभव सूर्यवंशी की बड़ी चुनौती होगी। RR vs GT पिच रिपोर्ट RR vs GT मैच के लिए पिच नंबर 6 का इस्तेमाल किया जाएगा, इस सीजन में यह पहली बार होगा जब यह सरफेस इस्तेमाल में आएगी। जयपुर इस साल हाई-स्कोरिंग वेन्यू रहा है। RR ने सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 228 और DC के खिलाफ 225 रन बनाए और दोनों बार टारगेट डिफेंड नहीं कर पाई। जयपुर में एक और हाई-स्कोरिंग गेम होने की उम्मीद है। ओस भी आ सकती है, और टॉस जीतने वाली टीमें शायद पहले बॉलिंग करेंगी। जयपुर में बहुत ज़्यादा गर्मी की चेतावनी है, दिन में टेम्परेचर 40 डिग्री के करीब पहुंच सकता है। शाम को टेम्परेचर कम होगा, लेकिन गर्मी एक फैक्टर बनी रहेगी। सवाई मान सिंह स्टेडियम IPL रिकॉर्ड मैच- 66 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 23 (34.85%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 43 (65.15%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 37 (56.06%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 29 (43.94%) हाईएस्ट स्कोर- 229/5 लोएस्ट स्कोर- 59 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 226/3 हर विकेट पर औसत रन- 29.95 हर ओवर पर औसत रन- 8.44 पहले बैटिंग करते हुए  औसत स्कोर- 167.38 RR vs GT हेड टू हेड राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस का आमना सामना आईपीएल के इतिहास में कुल 9 बार हुआ है जिसमें जीटी ने 6 मैच जीतकर बढ़त बनाई हुई है। वहीं राजस्थान ने इस दौरान 3 जीत दर्ज की है। आरआर हालांकि पिछले 5 मुकाबलों में 3-2 से आगे रही है। RR vs GT स्क्वॉड गुजरात टाइटन्स स्क्वॉड: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेट कीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, अरशद खान, राशिद खान, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, मानव सुथार, राहुल तेवतिया, ग्लेन फिलिप्स, अनुज रावत, कुलवंत खेजरोलिया, कुमार कुशाग्र, इशांत शर्मा, शाहरुख खान, जयंत यादव, ल्यूक वुड, प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बराड़, अशोक शर्मा, कॉनर एस्टरहुइज़न, रविश्रीनिवासन साई किशोर राजस्थान रॉयल्स स्क्वॉड: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेट कीपर), रियान पराग (कप्तान), रवींद्र जडेजा, डोनोवन फरेरा, शुभम दुबे, जोफ्रा आर्चर, रवि बिश्नोई, नंद्रे बर्गर, बृजेश शर्मा, एडम मिल्ने, दासुन शनाका, रवि सिंह, यशराज पुंजा, तुषार देशपांडे, संदीप शर्मा, शिमरोन हेटमायर, कुलदीप सेन, सुशांत मिश्रा, युद्धवीर सिंह चरक, क्वेना मफाका, लुआन-ड्रे प्रीटोरियस, विग्नेश पुथुर, अमन राव पेराला