samacharsecretary.com

‘धुरंधर’ का विदेशों में भी जलवा, रिकॉर्डतोड़ कमाई के बाद 10 जुलाई को जापान में होगी रिलीज़

मुंबई  बॉलीवुड अभिनेता रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म धुरंधर रिकॉर्डतोड़ सफलता और दुनियाभर में शानदार कमाई के बाद 10 जुलाई को जापान के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।फिल्म के जापान में रिलीज़ होने के अवसर पर रणवीर सिंह ने वहां के दर्शकों के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर बड़े पर्दे पर फिल्म देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि 'धुरंधर' ड्रामा, रोमांच, भव्यता और भावनाओं से भरपूर फिल्म है, जिसकी दमदार कहानी दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखती है। Sacnilk के अनुसार,  5 दिसंबर, 2025 को रिलीज होने के बाद धुरंधर ने  वैश्विक स्तर पर ₹1,307.35 करोड़ की भारी कमाई की। फिल्म निर्माताओं के बयान के अनुसार, फिल्म ने "अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ऐतिहासिक प्रदर्शन किया, उत्तरी अमेरिका में अब तक की नंबर 1 हिंदी फिल्म बनकर उभरी, साथ ही कनाडा और ऑस्ट्रेलिया में अब तक की सबसे अधिक कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई और यूके में शीर्ष प्रदर्शन करने वाली भारतीय फिल्मों में शुमार हो गई।" आदित्य धर द्वारा निर्देशित इस फिल्म में रणवीर सिंह, संजय दत्त, आर. माधवन और अर्जुन रामपाल जैसे दिग्गज कलाकार शामिल हैं। फिल्म का पहला भाग एक भारतीय गुप्तचर एजेंट की पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर नेटवर्क में घुसपैठ की कहानी है, जो विश्व भर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देता है। 1307 करोड़ की कमाई, बना बड़ा रिकॉर्ड ‘धुरंधर’ पहले ही दुनियाभर में 1307 करोड़ रुपए की जबरदस्त कमाई कर चुकी है। यह आंकड़ा इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल करता है। सिनेमाघरों में फिल्म को जिस तरह का रिस्पॉन्स मिला, उसने मेकर्स की उम्मीदों को भी पार कर दिया। क्या है फिल्म की खास बात? फिल्म एक एक्शन-ड्रामा है, जिसमें देशभक्ति, मिशन और इमोशन का मजबूत मिश्रण देखने को मिलता है। दमदार कहानी, शानदार विजुअल्स और कलाकारों की परफॉर्मेंस ने इसे दर्शकों के बीच खास बना दिया। यही वजह है कि फिल्म का क्रेज अभी भी बना हुआ है। Japan में क्यों बढ़ रही है उम्मीद? पिछले कुछ समय में Japan में भारतीय फिल्मों की लोकप्रियता बढ़ी है। खासकर ऐसी फिल्में, जिनमें एक्शन और इमोशनल एलिमेंट हो, वहां के दर्शकों को पसंद आती हैं। ‘Operation Dhurandhar’ भी उसी ट्रेंड को आगे बढ़ा सकती है। क्या Japan में भी बनेगा नया रिकॉर्ड? अब नजर इस बात पर टिकी है कि क्या यह फिल्म Japan में भी वही जादू चला पाएगी। अगर दर्शकों का प्यार यहां भी मिला, तो ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा के लिए एक और बड़ी ग्लोबल सफलता साबित हो सकती है। आप के लिए अनुशंसित धुरंधर: द रिवेंज नाम की दूसरी फिल्म  पिछले महीने रिलीज हुई थी। धुरंधर के लाइफटाइम कलेक्शन को  धुरंधर 2 ने  11 दिनों में ही  पार कर लिया  । धुरंधर 2  3,000 करोड़ रुपये की कमाई के साथ भारत की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी बन गई है, जिसने अपने सबसे मजबूत दावेदारों  बाहुबली  और  पुष्पा को पीछे छोड़ दिया है । Sacnilk के अनुसार, 41 दिनों के बाद, घरेलू कुल कमाई अब चौंका देने वाले ₹1,132.94 करोड़ तक पहुंच गई है, जबकि भारत की कुल कमाई ₹1,356.01 करोड़ है। धुरंधर 2  सिनेमाघरों में चल रही है और इसने भारतीय फिल्म इतिहास में एक नया अध्याय लिख दिया है।फिल्म की कहानी, निर्देशन और निर्माण की जिम्मेदारी आदित्य धर ने संभाली है। इसके निर्माता ज्योति देशपांडे और लोकेश धर हैं।

T20I Sixes Record: 100+ छक्के जड़ने वाले भारत के 5 खिलाड़ी, पाकिस्तान अब भी खाली हाथ

नईदिल्ली  टीम इंडिया के स्टार ओपनर अभिषेक शर्मा ने इंग्लैंड के खिलाफ T20I में सबसे तेज 100 छक्के जड़ने का वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम किया। पहले टी20 में 59 रनों की पारी के दौरान बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 4 छक्के जड़े। अभिषेक शर्मा भारत के लिए इस फॉर्मेट में 100 या उससे ज्यादा छक्के जड़ने वाले 5वें खिलाड़ी बन गए हैं। अगर एक नजर ऐसे टीमों पर डाली जाएं जिनके सबसे ज्यादा खिलाड़ियों ने 100 या उससे ज्यादा छक्के जड़े हैं तो भारत संयुक्त रूप से इस लिस्ट में पहले पायदान पर है। भारत के अलावा वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के 5-5 खिलाड़ियों ने ये कमाल किया है। वहीं पाकिस्तान का एक भी खिलाड़ी अभी तक T20I क्रिकेट में 100 छक्के नहीं जड़ पाया है। रोहित शर्मा के नाम T20I में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के नाम टी20 इंटरनेशनल में भारत के लिए सबसे ज्यादा छक्के जड़ने का रिकॉर्ड है। हिटमैन सिर्फ भारत के लिए नहीं बल्कि इस फॉर्मेट में वर्ल्ड क्रिकेट (फुल मेंबर) में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 205 छक्के लगाए हैं। वहीं इस लिस्ट में सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, विराट कोहली जैसे खिलाड़ी भी शामिल हैं। दिग्गजों की इस लिस्ट में अब अभिषेक शर्मा का नाम भी जुड़ गया है। 205 – रोहित शर्मा 179 – सूर्यकुमार यादव 126 – हार्दिक पांड्या 124 – विराट कोहली 100 – अभिषेक शर्मा* T20I में हर टीम के लिए 100 छक्के T20I में हर टीम के लिए 100 छक्के लगाने वाले खिलाड़ियों की लिस्ट पर नजर डालें तो भारत के अलावा वेस्टइंडीज और न्यूजीलैंड के 5-5 प्लेयर्स ने ये कारनामा किया है। वहीं ऑस्ट्रेलिया के चार, इंग्लैंड, साउथ अफ्रीका, श्रीलंका और अफगानिस्तान के 2-2 व जिम्बाब्वे आयरलैंड के 1-1 प्लेयर्स ने T20I में 100 या उससे अधिक छक्के लगाए हुए हैं। हैरानी की बात यह है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश का एक भी खिलाड़ी इस लिस्ट में नहीं है। पाकिस्तान के लिए T20I में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड फखर जमन के नाम है, जिन्होंने इस फॉर्मेट में 99 छक्के लगाए हैं। वह इस लिस्ट में शामिल होने से महज एक शॉट दूर हैं। भारत- रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, विराट कोहली, अभिषेक शर्मा* वेस्टइंडीज- रॉवमैन पॉवेल, निकोलस पूरन, क्रिस गेल, एविन लुईस, शिमरन हेटमायर न्यूजीलैंड- मार्टिन गप्टिल, ग्लेन फिलिप्स, टिम साइफर्ट, कॉलिन मुनरो, फिन एलन ऑस्ट्रेलिया- ग्लेन मैक्सवेल, एरोन फिंच, डेविड वॉर्नर, मिचेल मार्श इंग्लैंड- जोस बटलर, इयोन मॉर्गन साउथ अफ्रीका- क्विंटन डी कॉक, डेविड मिलर श्रीलंका- के मेंडिस, दासुन शनाका अफगानिस्तान- मोहम्मद नबी, रहमानुल्लाह गुरबाज़ जिम्बाब्वे – सिकंदर रजा आयरलैंड- पॉल स्टर्लिंग बांग्लादेश- 0 पाकिस्तान- 0

USA Birthright Citizenship: ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अमेरिका में जन्मे पंजाबी बच्चों की नागरिकता बरकरार

जालंधर अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले को रद्द कर जन्मजात नागरिकता को बहाल कर दिया है। इससे अवैध रूप से रहे पंजाबी समुदाय के साथ प्रवासियों को बड़ी राहत मिली है। कोर्ट के इस फैसले से अवैध रूप से या अस्थायी वीजा पर रह रहे पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में जन्मे बच्चों को अब पूर्ण नागरिकता का अधिकार मिल गया है। हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है।  रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं, न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता पिता को बड़ी राहत है जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उनको स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने लिखा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है।  पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगा पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।  हर साल पंजाबी माता-पिता के अमेरिका में करीब 8 हजार बच्चे जन्म लेते हैं। अमेरिका की रिपोर्ट के अनुसार, 2016 से 2024 तक एशियन मूल की माता-पिता की संख्या 66 हजार के करीब है। यहां सालाना 8 हजार के करीब भारतीय मूल के बच्चे जन्म लेते हैं, जिनमें ज्यादा संख्या पंजाबी समुदाय के बच्चों की है। अमेरिका की अलग-अलग जगहों पर इस वक्त शरणार्थी वीजा पर या अवैध रूप से लगभग 7 लाख भारतीय रह रहे हैं। न्यूयार्क में रहने वालों में ज्यादातर पंजाबी हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पंजाबी समुदाय के उन माता-पिता को बड़ी राहत है, जिनके बच्चे अमेरिका में पैदा हुए हैं, लेकिन ट्रंप के जन्मजात नागरिकता खत्म करने से उन्हें स्थायी वीजा नहीं मिल पा रहा था। न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा- अमेरिका की धरती पर जन्म लेने वाला हर बच्चा संविधान के 14वें संशोधन के तहत नागरिक है। फैसले से पंजाबी समुदाय में खुशी इस फैसले से अमेरिका में बसे पंजाबी परिवारों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पंजाबी समुदाय के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क और अन्य राज्यों में रह रहे पंजाबी परिवारों में कई ऐसे हैं जिनके बच्चे इस आदेश से प्रभावित होने वाले थे। समुदाय के लोग इसे संवैधानिक जीत मान रहे हैं। पंजाब से आने वाले प्रवासियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और इस फैसले से उनकी अगली पीढ़ी को कानूनी सुरक्षा मिलने की उम्मीद जगी है। पंजाबी संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। सरकारी नौकरी, स्कूल में एडमिशन का फायदा मिलेगा पंजाब से अमेरिका जाने वाले युवाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और बेहतर भविष्य की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे, लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। पंजाब में खेती संकट, बेरोजगारी और फ्यूचर की तलाश में कई परिवार यहां बस रहे हैं। ऐसे में जन्म सिद्ध नागरिकता का अधिकार उनके बच्चों को अमेरिकी समाज में पूर्ण रूप से शामिल होने का मौका देगा। वे स्कूल, कॉलेज, नौकरी और अन्य सुविधाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के ले सकेंगे। समुदाय के बुजुर्गों का कहना है कि यह फैसला पंजाबी संस्कृति को अमेरिका में मजबूत करने में मदद करेगा। बच्चे अब अमेरिकी नागरिक के रूप में बड़े होंगे लेकिन अपनी जड़ों से भी जुड़े रहेंगे। 150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक आर्डर से खत्म कर दिया था।  सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे यूएसए के अधिकार क्षेत्र के अधीन नहीं हैं, इसलिए उन्हें जन्म सिद्ध नागरिकता नहीं मिलनी चाहिए।  150 साल पुराना था जन्मजात नागरिका का कानून अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया कि अमेरिका में जन्मे बच्चों को संवैधानिक रूप से नागरिकता का अधिकार है। डोनाल्ड ट्रंप ने 150 साल पुराने इस कानून को प्रशासनिक ऑर्डर से खत्म कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट में 6-3 के फैसले में मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने कहा कि अमेरिका में जन्मे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध रूप से या अस्थायी रूप से वहां मौजूद हैं, वे 14वें संशोधन के तहत जन्म से ही नागरिक हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कार्यकारी आदेश में तर्क दिया था कि अवैध प्रवासियों और कुछ अस्थायी रूप से रह रहे लोगों के बच्चे … Read more

‘पाकिस्तान से आए लोग शरणार्थी नहीं थे’, मोहन भागवत ने बंटवारे पर दिया बड़ा बयान

नागपुर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा है कि 1947 के बंटवारे के बाद भारत आए लोग शरणार्थी नहीं थे, बल्कि संघर्ष करने वाले योद्धा थे, जिन्होंने अपनी मातृभूमि और धर्म के प्रति प्रेम के कारण भारी कठिनाइयों और दर्द का सामना किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने नए बने पाकिस्तान में कई पीढ़ियों से बनाई और बढ़ाई गई अपनी संपत्ति, जमीन और कारोबार को पीछे छोड़ दिया और भारत आना चुना।  भागवत  नागपुर में सिंधी समुदाय द्वारा चलाए जा रहे संगठन 'सिंधु एजुकेशन सोसाइटी' के 75वें स्थापना दिवस कार्यक्रम में लोगों को संबोधित किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख ने कहा कि बंटवारे के बाद, लोगों ने सोच-समझकर दूसरी तरफ से भारत आने का फैसला किया, क्योंकि वे उस जमीन पर रहना चाहते थे जो भारत है, जहां वे बिना किसी डर के अपने धर्म का पालन कर सकें।  आरएसएस प्रमुख ने कहा कि विभाजन के बाद लोगों ने सोच-समझकर सीमा पार से भारत आने का फैसला किया, क्योंकि वे भारत भूमि में रहना चाहते थे, जहां वे बिना भय के अपने धर्म का पालन कर सकें। उन्होंने कहा कि यद्यपि वे विस्थापित हुए थे, लेकिन वे शरणार्थी नहीं थे, उस समय उनके लिए ‘शरणार्थी’ शब्द का इस्तेमाल करना गलत था। वे मातृभूमि और अपने धर्म के प्रति प्रेम के कारण संघर्ष करने वाले योद्धा थे। वे उस लड़ाई में केवल अपनी गलतियों के कारण नहीं हारे थे। 'उन्होंने करियर चुना, न ही संपत्ति' मोहन भागवत ने कहा कि हम सभी भारत को एकजुट बनाए रखने की वह लड़ाई हार गए थे, लेकिन उन्होंने क्या चुना? उन्होंने न तो करियर चुना और न ही संपत्ति। उन्होंने देश और अपने धर्म को चुना। आरएसएस प्रमुख ने सिंधु एजुकेशन सोसाइटी की 75 वर्ष की यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे पड़ाव किसी भी संस्था को अपने कार्यों की समीक्षा करने और अपने उद्देश्यों को याद करने का अवसर प्रदान करते हैं। जीवन की कठिनाइयों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रतिकूल परिस्थितियों के सामने हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि दोबारा उठ खड़े होने का प्रयास करना चाहिए। मोहन भागवत ने कहा कि परिस्थितियों या भाग्य के सामने स्वयं को असहाय नहीं समझना चाहिए। कठिन समय से निकलने का प्रयास करने वाला व्यक्ति ही अंततः सफल होता है, जबकि कठिनाइयों से भागने वाला पहले ही अपनी हार स्वीकार कर चुका होता है। उन्होंने कहा कि रोजगार के लिए शिक्षा प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन यही शिक्षा का अंतिम उद्देश्य नहीं होना चाहिए। भागवत ने कहा कि सही और गलत में अंतर करने की क्षमता विकसित करने के लिए मूल्य आधारित शिक्षा आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिक्षा केवल पुस्तकों से नहीं, बल्कि शिक्षकों के आचरण और विद्यार्थियों में उनके द्वारा विकसित किए जाने वाले मूल्यों से भी मिलती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य अच्छे इंसानों का निर्माण करना और ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो समाज के कल्याण के प्रति सजग हो। उन्होंने बताया कि वे शरणार्थी नहीं थे, हालांकि वे विस्थापित हुए थे, लेकिन उस समय उनके लिए यह शब्द गलत इस्तेमाल किया गया था. वे संघर्षरत योद्धा थे जिन्होंने अपनी मातृभूमि और अपने धर्म के प्रति प्रेम के कारण संघर्ष किय।  भागवत ने कहा कि हम सभी, भारत को एकजुट रखने की वह लड़ाई हार गए. लेकिन उन्होंने क्या चुना? उन्होंने करियर नहीं चुना, उन्होंने धन नहीं चुना. उन्होंने देश को चुना, उन्होंने अपने धर्म को चुना।  RSS प्रमुख ने सिंधु एजुकेशन सोसाइटी की 75 साल की यात्रा का जिक्र किया और कहा कि ऐसे पड़ाव किसी संस्था द्वारा किए गए कामों की समीक्षा करने और उसके लक्ष्यों को याद करने का मौका देते हैं।  वहीं, जीवन की कठिनाइयों के बारे में बात करते हुए, उन्होंने जोर दिया कि विपरीत परिस्थितियों में हार नहीं माननी चाहिए, बल्कि फिर से उठने की कोशिश करनी चाहिए। 

अब जानवरों के और करीब होंगे विजिटर्स, दिल्ली जू में ग्लास वॉल एनक्लोजर और आधुनिक सुविधाएं

नई दिल्ली  दिल्ली के चिड़ियाघर में आने वाले लोगों का अनुभव जल्द ही पूरी तरह बदलने वाला है। अब कई वन्यजीवों को दूर से देखने की बजाय विजिटर्स और जानवरों के बीच सिर्फ मजबूत ग्लास की दीवार जितनी दूरी होगी। इसके लिए एरिना (जहां दर्शकों के लिए वन्यजीव लाए जाते हैं) की डिजाइन बदली जाएगी, ताकि लोग उन्हें पहले से ज्यादा करीब और सुरक्षित तरीके से देख सकें। इसी बदलाव के साथ चिड़ियाघर के बड़े हिस्से के कायाकल्प का काम शुरू हो गया है। योजना को लेकर केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) की 400 करोड़ रुपये की मंजूरी दे चुका है। रेप्टाइल हाउस का होगा निर्माण     केंद्र सरकार के डेलीगेटेड इन्वेस्टमेंट बोर्ड (DIB) से मंजूरी मिलने के बाद परियोजना अब जमीन पर पर काम शुरू हो गया है।     सेंट्रल जू अथॉरिटी (CZA) के अधिकारियों के मुताबिक, डिजाइन की डीपीआर और प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग कंसल्टेंट (PMC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वन्यजीवों के बाड़ों का निर्माण नए सिरे से शुरू होगा।     अभी एरिना (जहां विजिटर्स के देखने के लिए वन्य जीव लाए जाते हैं) में विजिटर्स वन्यजीवों को काफी दूर से देख पाते हैं। एरिना की बनावट को ठीक किया जाएगा।     इसके तहत कई बाड़ों में वन्य जीव और लोगों के बीच सिर्फ ग्लास की दीवार होगी।     वहीं नाइट शेल्टर भी आधुनिक मानकों के अनुसार बनाए जाएंगे। इसके अलावा नए रेप्टाइल हाउस का भी निर्माण होगा। फिलहाल चिड़ियाघर में 72 बाड़ों में वन्यजीव रखे गए हैं। अत्याधुनिक अस्पताल और रेस्क्यू सेंटर भी बनेंगे वन्यजीवों के इलाज की व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया जाएगा। मौजूदा अस्पताल का विस्तार कर करीब दो एकड़ में अत्याधुनिक हॉस्पिटल बनाया जाएगा, जिसमें ऑपरेशन थियेटर, पोस्टमार्टम रूम, लैब और जच्चा-बच्चा वार्ड जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा चार एकड़ में रेस्क्यू सेंटर और एक एजुकेशन सेंटर भी डिवेलप किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस चरण का काम पूरा होने के बाद 'वेलकम जू गेट' परिसर को भी नए रूप में डिवेलप किया जाएगा। यहां पिक-एंड-ड्रॉप ज़ोन, सरफेस पार्किंग और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं तैयार की जाएंगी।

पटनावासियों को बड़ी सौगात, मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन का उद्घाटन आज; जानें समय और किराया

पटना  पटना में मेट्रो ट्रेन से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन गुरुवार से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। सुबह 11:45 बजे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उद्घाटन एवं मेट्रो सेवा विस्तार का लोकार्पण करेंगे। जनता की सेवा में समर्पित होने वाला पटना मेट्रो रेल के प्राथमिक कॉरिडोर का ये चौथा एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन यात्रियों के स्वागत के लिए सजधज कर तैयार है। इसकी शुरुआत के साथ ही मेट्रो रेल अब भूतनाथ से बढ़कर कंकड़बाग और राजेन्द्रनगर जैसे महत्वपूर्ण इलाके तक पहुंच बनाएगी। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से बैरिया आईएसबीटी तक कुल 6.2 किमी की दूरी को तय करने में 16 मिनट लगेंगे। यही मेट्रो फिर वापस मलाही पकड़ी तक आएगी। सुबह 8 बजे से लेकर रात 8 बजे के बीच प्रत्येक 35 मिनट के अंतराल पर मलाही पकड़ी से आईएसबीटी के लिए मेट्रो सेवा उपलब्ध रहेगी। इस मार्ग पर एक ही मेट्रो का परिचालन किया जा रहा है। मलाही पकड़ी से आईएसबीटी तक 30 रुपये किराया लगेगा, जो इस समय अधिकतम भाड़ा है। मलाही पकड़ी के शुरु होने के बाद इस मार्ग पर भूतनाथ, जीरो माइल और बैरिया आईएसबीटी समेत कुल चार मेट्रो स्टेशन कार्यरत हो जाएंगे। भूतनाथ और जीरो माइल के मध्य खेमनीचक मेट्रो स्टेशन अभी बनकर तैयार नहीं हुआ है। मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन के उद्घाटन एवं विस्तार पर गुरुवार को मेट्रो सेवाएं स्थगित रहेंगी। इसके बाद नियमित मेट्रो सेवाओं का संचालन मलाही पकड़ी मेट्रो स्टेशन से शुरू होगा।यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे यात्रा की योजना इसी अनुसार बनाएं तथा सहयोग प्रदान करें। सहायता के लिए स्टेशन नियंत्रण कक्ष के मोबाइल नं.- 9217080421 और पटना मेट्रो हेल्पलाइन नं. 155370 पर संपर्क किया जा सकता है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की थी समीक्षा बैठक बता दें कि कुछ ही दिनों पहले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना मेट्रो रेल परियोजना की प्रगति की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। उन्होंने कहा था कि पटना मेट्रो शहर की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया था कि पटना मेट्रो रेल परियोजना के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा था कि मेट्रो निर्माण कार्य के दौरान आम नागरिकों को न्यूनतम असुविधा हो, इसके लिए प्रभावी और वैज्ञानिक यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिया था कि परियोजना के विभिन्न स्थलों पर एक साथ तेजी से कार्य किए जाएं, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण पूरा किया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा था कि पटना मेट्रो के संचालन से राजधानीवासियों को सुरक्षित, तेज, आधुनिक और विश्वस्तरीय सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम होगा, प्रदूषण में कमी आएगी व लोगों का आवागमन अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनेगा।

Punjab Scheme: मावां-धीयां सत्कार योजना की शुरुआत, महिलाओं को मिली सम्मान राशि; ₹1100 करोड़ जारी

चंडीगढ़  पंजाब सरकार की मावां-धीयां सत्कार योजना के तहत पंजीकरण करा चुकी करीब 50 लाख महिलाओं के बैंक खातों में आज से पहली किस्त आ गई। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने धुरी में मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' की शुरुआत की।  मुख्यमंत्री ने योजना का वेब लिंक लॉन्च कर इसका औपचारिक शुभारंभ किया। महिलाओं के खातों में 1100 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। योजना के तहत बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगा। तीन महीने की सम्मान राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई।  मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लाभार्थियों के मोबाइल पर बैंक की ओर से राशि जमा होने का संदेश आया और तीन महीनों की राशि एक साथ सीधे खातों में ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री का दावा है कि राज्य की 97 प्रतिशत महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। योजना के तहत सामान्य और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं को 1000 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से तीन महीने के 3000 रुपये दिए जाएंगे। अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं के खातों में 1500 रुपये प्रतिमाह के हिसाब से 4500 रुपये ट्रांसफर होंगे। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाली पात्र महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।  सरकार के अनुसार योजना का लाभ 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की उन महिलाओं को मिलेगा जो पंजाब की स्थायी निवासी और पंजीकृत मतदाता हैं। लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना अनिवार्य है। कई जिलों में अभी भी बैंक खाते खुलवाने और आधार लिंक कराने की प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने पात्र महिलाओं से जल्द रजिस्ट्रेशन और बैंक संबंधी सभी औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की है ताकि उन्हें योजना का लाभ समय पर मिल सके। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सरकारी कर्मचारी, सरकारी पेंशनभोगी और आयकरदाता परिवारों की महिलाओं को योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। 

हरियाणा में मानसून पहुंचा, कई जिलों में झमाझम बारिश; पूरे प्रदेश में जल्द छाने के आसार

हिसार हरियाणा में मानसून की एंट्री हो गई है। इस बार मानसून यमुनानगर, अंबाला और पंचकूला की तरफ से आया है। मौसम विज्ञानियों ने पहले ही 48 घंटे में मानसून के आने का अलर्ट जारी किया था। अब मानसून के पूरे प्रदेश में जल्द से जल्द छाने की संभावना व्यक्त की जा रही है। मौसम में बदलाव के साथ ही प्रदेश के तीन जिलों को छोड़ कर बाकी जगह पर प्री-मानूसन की वर्षा हुई। प्रदेश के 10 जिलों में वर्षा के साथ ही वीरवार को 20 जिलों में वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मानसून के 48 घंटे में एंट्री की संभावना व्यक्त की गई थी। मानसून की गति तेज होने के साथ ही इसकी हरियाणा में एंट्री यमुनानगर की तरफ से हुई। मानसून के साथ ही पहले दिन 23 एमएम यमुनानगर में वर्षा हुई। आइएमडी के विज्ञानियों की तरफ से इस साल वर्षा सामान्य से कम जताई जा रही है। अभी तक भी हरियाणा में सामान्य से 47 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। विज्ञानियों के अनुसार मानसून आने वाले दिनों में जल्द ही पूरे हरियाणा में छा जाएगा। मानसून के दौरान 2025 में 134 प्रतिशत हुई थी वर्षा 2025 में मानसून के दौरान 134 प्रतिशत वर्षा हुई थी। यह सामान्य से अधिक थी। जुलाई 2025 में ही यह वर्षा 173.7 एमएम थी। यह सामान्य से 17 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई थी। वर्षा का यलो अलर्ट पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत, हिसार, भिवानी, सोनीपत, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात व पलवल।  

TMC Symbol Row: क्या ममता बनर्जी से छिन जाएगा पार्टी का चुनाव चिह्न? आज EC पहुंचेगा ऋतब्रत गुट

कोलकत्ता  तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी सियासी संघर्ष अब चुनाव आयोग की चौखट तक पहुंच गया है. पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न 'जोड़ा घासफूल' को लेकर चल रहे विवाद के बीच पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आज दोपहर 12 बजे नई दिल्ली में चुनाव आयोग से मुलाकात करेगा।  ऋतब्रत बनर्जी ने कहा है कि उनका प्रतिनिधिमंडल आयोग के सामने अपना पक्ष रखेगा और यह बताएगा कि असली तृणमूल कांग्रेस उनका गुट है. उन्होंने बताया कि 22 जून को विधानसभा के विशेष सत्र के बाद आयोग को पूरी घटना की जानकारी और सभी जरूरी दस्तावेज भेज दिए गए थे. अब आयोग ने उनकी बात सुनने के लिए समय दिया है।  यह बैठक इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पार्टी के भीतर ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी गुट के बीच संगठन और राजनीतिक पहचान को लेकर संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है. दोनों गुट खुद को असली तृणमूल कांग्रेस बता रहे हैं और पार्टी के चुनाव चिह्न पर अपना अधिकार जता रहे हैं।  58 विधायकों के साथ टीएमसी के बागी हैं ऋतब्रत बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के बाद TMC में बड़ा राजनीतिक संकट खड़ा हो गया. दावा किया जा रहा है कि पार्टी के 80 में से कमोबेश 58 विधायकों ने ममता बनर्जी के नेतृत्व से दूरी बना ली और ऋतब्रत बनर्जी के समर्थन में आ गए. इसके बाद बागी गुट ने उन्हें विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष चुना और 30 सदस्यीय नई राष्ट्रीय कार्यसमिति का भी ऐलान किया।  तब से दोनों गुट पार्टी संगठन, विधायी दल और चुनावी पहचान पर अपना-अपना दावा पेश कर रहे हैं. इसी विवाद के चलते चुनाव आयोग की भूमिका अब बेहद अहम हो गई है. माना जा रहा है कि आयोग दोनों पक्षों के दस्तावेज और दलीलें सुनने के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगा।  ऋतब्रत बनर्जी का टीएमसी के चुनाव चिन्ह पर दावा इस सप्ताह की शुरुआत में ऋतब्रत बनर्जी ने कहा था कि उनके गुट को चुनाव चिह्न पर अलग से दावा करने की जरूरत ही नहीं है, क्योंकि असली तृणमूल कांग्रेस वही हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पार्टी के ज्यादातर निर्वाचित जनप्रतिनिधि उनके साथ हैं।  अब सभी की नजर चुनाव आयोग की इस बैठक पर टिकी है. अगर विवाद गहराता है तो आयोग को यह तय करना पड़ सकता है कि तृणमूल कांग्रेस का आधिकारिक चुनाव चिह्न 'जोड़ा घासफूल' किस गुट के पास रहेगा. ऐसे में आज की बैठक पश्चिम बंगाल की राजनीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। 

Punjab Weather Update: 18 जिलों में बारिश की चेतावनी, चंडीगढ़ में गिरा तापमान; लुधियाना मेयर ने देर रात संभाला मोर्चा

लुधियाना /चंडीगढ़ पंजाब और चंडीगढ़ में मानसून की एंट्री होते ही गर्मी से राहत मिली है। कई जिलों में भारी बारिश हुई। चंडीगढ़ मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज (2 जुलाई) से अगले 6 दिन पूरे राज्य में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने का अलर्ट है। मानसून के असर से गुरुवार को पंजाब के 18 जिलों में बारिश का पूर्वानुमान है। जबकि 14 जिलों के लिए तेज हवाओं और बिजली गिरने का अलर्ट है। इनमें से 5 जिलों में भारी बारिश की भी चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली में भारी बारिश के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, लुधियाना, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में भी गरज-चमक के साथ तेज हवाओं की संभावना है। लुधियाना में मानसून ने बुधवार रात 1 बजे दस्तक दी। इसके साथ ही तेज बारिश हुई। इसी बीच शहर की मेयर इंद्रजीत कौर रात 2 बजे वाटर लॉगिंग का जायज लेने निकलीं। उन्होंने दो पंपिंग स्टेशन और जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। उन्होंने कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी है कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं, ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो। बुधवार को अधिकतम तापमान में 3.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, यह सामान्य से 3.6 डिग्री अधिक था। सबसे अधिक तापमान 41.5 डिग्री बठिंडा में दर्ज किया गया है। जबकि, चंडीगढ़ का तापमान 5.8 डिग्री की गिरावट के बाद 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश-मेयर रात 2 बजे पंपिंग स्टेशन पहुंची लुधियाना शहर में मानसून ने रात करीब एक बजे दस्तक की। एक बजे से पूरे शहर में झमाझम बारिश शुरु हुई तो शहर में वाटर लॉगिंग का खतरा मंडराने लगा। उधर, मेयर इंद्रजीत कौर ने मानसून की दस्तक के एक घंटे बाद यानि मिड नाइट 2 बजे पंपिंग स्टेशन पर रेड की। मेयर रात को पहले टिब्बा रोड स्थित पंपिंग स्टेशन पर पहुंची। जब मेयर वहां पहुंची तो वहां स्टाफ मौजूद था और पंपिंग स्टेशन वर्किंग था। मेयर ने उसके बाद जीटी रोड पुली पर बुड्‌ढा दरिया का फ्लो चेक किया। मेयर फिर वहां से माधोपुरी के पास बने पंपिंग स्टेशन का जायजा लेने पहुंची। वहां भी पंपिंग स्टेशन वर्किंग कंडीशन में था। मेयर ने ताजपुर रोड पर एसटीपी की भी जांच की। मेयर ने पंपिंग स्टेशन के कर्मचारियों को सख्त हिदायतें दी हैं कि पंपिंग स्टेशन 24 घंटे चलाए जाएं ताकि शहर में वाटर लॉगिंग न हो। आधी रात में मेयर को देख घबराए कर्मचारी मेयर आधी रात में जब पंपिंग स्टेशन पर पहुंची तो नाइट शिफ्ट में काम कर रहे कर्मचारी घबरा गए। मेयर ने जाते ही पंपिंग स्टेशन चेक किया और कर्मचारियों से जानकारी ली। कर्मचारियों ने मेयर को बताया कि पंपिंग स्टेशन लगातार चल रहा है और सीवरेज के पानी को यहां से एसटीपी तक पंपिंग सेट के जरिए ही पहुंचाया जा रहा है। हर पंपिंग स्टेशन पर जनरेटर की व्यवस्था है। बिजली बंद हो जाती है तो जनरेटर के जरिए पंपिंग सेट चलाए जाते हैं। वाटर लॉगिंग से बचना है तो फील्ड में उतरना होगा मेयर इंद्रजीत कौर ने आधी रात को बरसात में फील्ड में उतरकर अफसरों को भी साफ संदेश दे दिया है कि मानसून सीजन में सिर्फ दफ्तरों में बैठकर आदेश जारी करने से शहर को वाटर लॉगिंग से नहीं बचाया जा सकेगा। इसके लिए फील्ड में उतरना होगा। मेयर ने अफसरों को कहा है कि बारिश शुरू होते ही सभी अलर्ट मोड पर रहें ताकि पानी की निकासी के लिए जो संसाधन हैं उनको यूटेलाइज किया जा सके। 25 साल में मानसून 2008 में जल्दी आया साल 2026 में मानसून ने 1 जुलाई को पंजाब और चंडीगढ़, दोनों में दस्तक दी। यह पिछले साल के मुकाबले पंजाब में 9 दिन और चंडीगढ़ में 7 दिन देरी से पहुंचा। पिछले 25 वर्षों के रिकॉर्ड के अनुसार, पंजाब में सबसे जल्दी मानसून 13 जून 2008 को पहुंचा था। जबकि सबसे ज्यादा देरी 2002 में हुई, जब पूरे राज्य में मानसून 15 अगस्त तक फैल पाया। आमतौर पर 2001 से 2026 के बीच मानसून ने पंजाब में जून के आखिरी सप्ताह से जुलाई के पहले सप्ताह के बीच दस्तक दी है। हालांकि, 2020 और 2025 में मानसून जून में ही पूरे पंजाब और चंडीगढ़ को कवर कर चुका था। जबकि, 2021 और 2023 में पूरे पंजाब तक पहुंचने में करीब 1 महीना लग गया। कई बार चंडीगढ़ में मानसून पहले पूरी तरह पहुंच गया। जबकि, पंजाब के बाकी हिस्सों में कुछ दिन बाद फैला। वहीं, मानसून की विदाई ज्यादातर सितंबर के आखिर या अक्टूबर की शुरुआत में हुई, जिससे राज्य में इसका असर करीब 3 महीने तक बना रहा।